किशनगढ़ के सिटी रोड स्थित राज. यज्ञनारायण अस्पताल क्षेत्र में बिना किसी औपचारिक स्थापना के एक 'चौपाटी' ने आकार ले लिया है, जहाँ लोग शाम को सैर करने और गन्ना जूस व नारियल पानी पीने के लिए इकट्ठा होते हैं। इस अनियोजित विकास के कारण, अस्पताल के इर्द-गिर्द करीब बीसों गन्ने का जूस निकालने वाली गाड़ियाँ, चाय की थड़ियाँ और नारियल पानी के ठेले जमा हो गए हैं, जिससे यहाँ का नज़ारा काफी भीड़भाड़ वाला बन गया है। यह स्थिति अस्पताल और मरीजों के लिए कई गंभीर समस्याएँ खड़ी कर रही है। गन्ना जूस की गाड़ियों से दिन भर निकलने वाला धुआँ अस्पताल के वातावरण को प्रदूषित कर रहा है, जिसे अस्पताल के लिए घातक बताया गया है। अस्पताल से सटे इस छोटे से क्षेत्र में ग्राहकों से भी अधिक संख्या में विक्रेताओं के जमावड़े के कारण भारी भीड़ रहती है। साथ ही, मुख्य सड़क होने के नाते यातायात का दबाव भी बढ़ गया है, जिससे मरीजों को अस्पताल के अंदर-बाहर आने-जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। आपातकालीन वाहनों, विशेषकर एम्बुलेंस, को भी अस्पताल में प्रवेश के लिए अक्सर लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। इन सबके बावजूद, तमाम प्रशासनिक अधिकारी और नगर परिषद के ओहदेदार इस स्थिति को देखकर भी मौन साधे हुए हैं। विडंबना यह है कि जहाँ एक ओर विधायक और अन्य जन सेवक अस्पताल के विकास के नाम पर प्रतिस्पर्धा करते रहते हैं, वहीं दूसरी ओर इन बिगड़ते हालातों को लेकर सभी चुप हैं। यह 'चौपाटी' फिलहाल शहर की शान बन रही है, जबकि इसकी वजह से मरीजों और अस्पताल को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किशनगढ़ के सिटी रोड स्थित राज. यज्ञनारायण अस्पताल क्षेत्र में बिना किसी औपचारिक स्थापना के एक 'चौपाटी' ने आकार ले लिया है, जहाँ लोग शाम को सैर करने और गन्ना जूस व नारियल पानी पीने के लिए इकट्ठा होते हैं। इस अनियोजित विकास के कारण, अस्पताल के इर्द-गिर्द करीब बीसों गन्ने का जूस निकालने वाली गाड़ियाँ, चाय की थड़ियाँ और नारियल पानी के ठेले जमा हो गए हैं, जिससे यहाँ का नज़ारा काफी भीड़भाड़ वाला बन गया है। यह स्थिति अस्पताल और मरीजों के लिए कई गंभीर समस्याएँ खड़ी कर रही है। गन्ना जूस की गाड़ियों से दिन भर निकलने वाला धुआँ अस्पताल के वातावरण को प्रदूषित कर रहा है, जिसे अस्पताल के लिए घातक बताया गया है। अस्पताल से सटे इस छोटे से क्षेत्र में ग्राहकों से भी अधिक संख्या में विक्रेताओं के जमावड़े के कारण भारी भीड़ रहती है। साथ ही, मुख्य सड़क होने के नाते यातायात का दबाव भी बढ़ गया है, जिससे मरीजों को अस्पताल के अंदर-बाहर आने-जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। आपातकालीन वाहनों, विशेषकर एम्बुलेंस, को भी अस्पताल में प्रवेश के लिए अक्सर लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। इन सबके बावजूद, तमाम प्रशासनिक अधिकारी और नगर परिषद के ओहदेदार इस स्थिति को देखकर भी मौन साधे हुए हैं। विडंबना यह है कि जहाँ एक ओर विधायक और अन्य जन सेवक अस्पताल के विकास के नाम पर प्रतिस्पर्धा करते रहते हैं, वहीं दूसरी ओर इन बिगड़ते हालातों को लेकर सभी चुप हैं। यह 'चौपाटी' फिलहाल शहर की शान बन रही है, जबकि इसकी वजह से मरीजों और अस्पताल को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- राजस्थान में एक तहसीलदार का रातोंरात बांसवाड़ा तबादला कर दिया गया है, जिसने राज्यभर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। यह तबादला उन तहसीलदार का किया गया है, जिन्होंने हाल ही में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ताओं को जमानत दी थी। इस अचानक हुए आदेश के बाद से ही इस मामले को लेकर तरह-तरह की बातें की जा रही हैं।1
- निमाज कस्बे की भंडारी कॉलोनी स्थित श्री आई जी हॉस्पिटल में एक प्रसूता की मौत का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस घटना के विरोध में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गई हैं, जो न्याय की मांग कर रही हैं। मृतका के परिजन और ग्रामीण अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जैतारण थाना अधिकारी धोलाराम परिहार पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद हैं, वहीं आरएसी/पुलिस बल भी तैनात किया गया है। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- आज हैदराबाद फिल्म सिटी में साउथ के सुपरस्टार नागा अर्जुन और "धूलकोट के शेर", बीजेपी फायरब्रांड कृष्णा वीर गुर्जर जी के बीच एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। इस मिलन को राजनीति, सिनेमा और संगीत का "संस्कृति महासंगम" बताया गया, जहाँ ब्यावर से हैदराबाद तक विकास, हिंदुत्व और कठोर निर्णय जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। यह भी उल्लेख किया गया कि कृष्णा वीर गुर्जर का नाम भारत से लेकर इटली तक प्रसिद्ध है और मेलोनी भी उनकी तारीफ करती हैं। इस मुलाकात के साथ "सबका साथ, सबका विकास" का नारा भी गुंजायमान रहा।1
- गुजरात के जामनगर (हाउसिंग बोर्ड, कारगील सोसायटी) निवासी युवा रामभक्त परसोत्तमभाई बावरी अपनी द्वारका से अयोध्या धाम तक की बेहद कठिन पदयात्रा के दौरान आज ब्यावर शहर पहुंचे हैं। जनकल्याण की भावना से प्रेरित होकर, परसोत्तमभाई ने अपनी यह पावन यात्रा बीते 26 अप्रैल 2026, सोमवार को शुरू की थी। तपती धूप, रास्तों की थकान और पैरों में पड़े छालों की परवाह किए बिना, यह युवा सिर्फ प्रभु श्री राम और द्वारकाधीश के नाम के सहारे लगातार पैदल चल रहा है। सनातन धर्म और प्रभु श्री राम के प्रति उनकी अटूट आस्था और इस अद्भुत जज्बे को देखकर हर कोई श्रद्धा से नतमस्तक हो रहा है। उनकी यह तपस्या कलयुग में त्रेतायुग जैसी भक्ति का अहसास कराती है, जिसके लिए हर कोई उन्हें सलाम कर रहा है।1
- भैराणा धाम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संत समुदाय और समाज के लोग एक साथ आए हैं। इस पहल में, बेनीवाल ने भी इस मामले पर अपनी आवाज़ बुलंद की है, जो धाम की रक्षा के लिए व्यापक एकजुटता को दर्शाता है।1
- मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ घंटों के लिए एक चेतावनी जारी की गई है। यह चेतावनी लोगों को उनके मोबाइल फोन पर अचानक अलर्ट के रूप में प्राप्त हुई है।1
- रिया बड़ी उपखंड के लाडपुरा गांव स्थित श्री देवनारायण मंदिर परिसर में पंच दिवसीय भगतमाल कथा एवं गोपीचंद भरथरी कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन 27 मई को शुरू हुआ था और इसका समापन कल होगा। इसके चौथे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे, जिसमें क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी लोग शामिल थे। कथा स्थल पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखी गई। कथा का वाचन भजन सम्राट संत श्री सुंदरदास महाराज (दरियाव आश्रम कुचेरा) द्वारा प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जा रहा है। वहीं, रात्रिकालीन सत्र में संत श्री भगवानगिरी महाराज (गुलाब सागर जोधपुर) गोपीचंद भरथरी कथा सुना रहे हैं। आज शाम को सत्संग का भी आयोजन किया जाएगा। कथा के चौथे दिन सुखदेव महाराज ने श्रद्धालुओं को राम नाम की महिमा बताते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन के अंतिम समय में भी सच्चे मन से राम नाम का जाप कर ले, तो उसे भगवान की प्राप्ति अवश्य होती है। उन्होंने यह भी कहा कि मनुष्य की वाणी सदैव कोमल और मधुर होनी चाहिए तथा प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन भगवान का स्मरण और राम नाम का जाप अवश्य करना चाहिए। सुखदेव महाराज ने आगे बताया कि भगवान केवल पूजा-पाठ से ही नहीं, बल्कि सेवा भाव, अच्छे संस्कार और श्रेष्ठ कर्मों से भी प्राप्त होते हैं। उन्होंने माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया और इसे ही सच्ची भक्ति का मार्ग कहा। गांव के युवा देवेंद्र बढ़ियासर और दिनेश जाट ने बताया कि कथा में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। आयोजन स्थल पर बैठने, पेयजल और प्रसादी की समुचित व्यवस्था की गई है। इस धार्मिक आयोजन के निवेदक समस्त ग्रामवासी लाडपुरा एवं साध्वी पप्पू बाई (रामभजनी बाई जी) हैं, जिन्होंने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर धर्म लाभ लेने की अपील की है।1
- नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र में शनिवार शाम मौसम विभाग का इमरजेंसी अलर्ट लोगों के लिए बेहद प्रभावी साबित हुआ। मोबाइल फोन पर तेज आंधी और खराब मौसम की चेतावनी के साथ एक सायरन जैसी आवाज़ वाला विशेष संदेश प्राप्त हुआ, जिसे शुरुआत में कुछ लोगों ने तकनीकी खराबी समझा। हालाँकि, जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि यह सरकार की आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली का हिस्सा था। इस अलर्ट के तुरंत बाद किसानों और पशुपालकों ने सक्रिय रूप से सतर्कता बरती। उन्होंने अपने खेतों में रखे कृषि उपकरण, चारा और अन्य सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिए। इसी प्रकार, पशुपालकों ने भी अपने मवेशियों को पेड़ों और खुले स्थानों से हटाकर सुरक्षित जगहों पर बाँध दिया, जिससे संभावित नुकसान से बचा जा सके। शाम होते-होते क्षेत्र में तेज हवाओं और धूलभरी आंधी का असर दिखने लगा। आंधी के कुछ देर बाद आसमान में घने बादल छा गए, मौसम का मिज़ाज बदला और फिर तेज गर्जना के साथ बादलों की आवाज़ गूंजने लगी तथा लगातार आकाशीय बिजली चमकती रही। लोगों ने एहतियात बरतते हुए घरों के भीतर रहना उचित समझा। कई हिस्सों में हल्की बारिश भी हुई, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली, और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। इस इमरजेंसी अलर्ट के कारण लोग पहले से तैयार थे, जिसकी वजह से संभावित नुकसान को काफी हद तक टाला जा सका। स्थानीय लोगों ने सरकार की इस चेतावनी व्यवस्था की सराहना की और कहा कि मोबाइल पर सीधे प्राप्त होने वाले ऐसे अलर्ट प्राकृतिक आपदाओं और खराब मौसम के दौरान जन-धन की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।1