मुकद्दस सफर-ए-हज मुकम्मल कर सोमवार को सकुशल अपने वतन बरेली लौटे हाजी कफील उर रहमान का यहाँ गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता इंजीनियर अनीस अहमद खां ने उन्हें फूलों का हार पहनाकर मुबारकबाद दी और उनकी खुशहाली की दुआ की। इस मौके पर हाजी कफील उर रहमान ने अपने रूहानी सफर के अनुभवों को साझा करते हुए हज को जिंदगी का सबसे हसीन और पाकीजा सफर बताया। उन्होंने कहा कि मक्का मुअज्जमा और मदीना मुनव्वरा की सरजमीं पर जो दिली सुकून मिलता है, उसे लफ्जों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुल्क में अमन-ओ-अमान, तरक्की और भाईचारे के लिए खास दुआएं मांगीं, साथ ही अल्लाह से हर मोमिन को मक्का-मदीना का दीदार नसीब फरमाने की इल्तजा की। हाजी कफील उर रहमान की वतन वापसी पर मुबारकबाद देने वालों में कदीर अहमद, बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक समाजसेवी पम्मी ख़ाँ वारसी और हक़ीम अनीस उर रजमान सहित तमाम गणमान्य लोग शामिल थे, जिन्होंने उन्हें गुलपोशी कर मुबारकबाद दी और उनके हज की कबूलियत के लिए दुआएं कीं।
मुकद्दस सफर-ए-हज मुकम्मल कर सोमवार को सकुशल अपने वतन बरेली लौटे हाजी कफील उर रहमान का यहाँ गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता इंजीनियर अनीस अहमद खां ने उन्हें फूलों का हार पहनाकर मुबारकबाद दी और उनकी खुशहाली की दुआ की। इस मौके पर हाजी कफील उर रहमान ने अपने रूहानी सफर के अनुभवों को साझा करते हुए हज को जिंदगी का सबसे हसीन और पाकीजा सफर बताया। उन्होंने कहा कि मक्का मुअज्जमा और मदीना मुनव्वरा की सरजमीं पर जो दिली सुकून मिलता है, उसे लफ्जों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुल्क में अमन-ओ-अमान, तरक्की और भाईचारे के लिए खास दुआएं मांगीं, साथ ही अल्लाह से हर मोमिन को मक्का-मदीना का दीदार नसीब फरमाने की इल्तजा की। हाजी कफील उर रहमान की वतन वापसी पर मुबारकबाद देने वालों में कदीर अहमद, बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक समाजसेवी पम्मी ख़ाँ वारसी और हक़ीम अनीस उर रजमान सहित तमाम गणमान्य लोग शामिल थे, जिन्होंने उन्हें गुलपोशी कर मुबारकबाद दी और उनके हज की कबूलियत के लिए दुआएं कीं।
- शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम शहरवासी बेहद परेशान हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग करते हुए AIMM ने जिलाधिकारी को एक स्मरण पत्र सौंपा है।1
- सनातन धर्म के प्रमुख संत शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने बरेली दौरे के दौरान गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की जोरदार मांग उठाई है। उनके इस बयान के बाद सियासी, सामाजिक और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। बरेली-नैनीताल हाईवे स्थित अटा मांडा कॉलेज पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए धर्म, संस्कृति और गौ संरक्षण पर अपने विचार रखे। मीडिया से बातचीत के बाद वे भोजीपुरा के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने एक बार फिर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अपनी मांग दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ माता भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक होने के साथ-साथ सनातन परंपरा का भी आधार है, और सरकार को इस संबंध में ठोस निर्णय लेना चाहिए। शंकराचार्य ने मीडिया से बातचीत के दौरान राम मंदिर चढ़ावा के लिए जुटाए गए चंदे से जुड़े सवालों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। इस कार्यक्रम में भोजीपुरा से समाजवादी पार्टी के विधायक सहजिल इस्लाम भी मौजूद रहे, और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों ने भाग लिया। अब देखना होगा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की शंकराचार्य की इस मांग पर सरकार और विभिन्न संगठनों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।1
- मुकद्दस सफर-ए-हज मुकम्मल कर सोमवार को सकुशल अपने वतन बरेली लौटे हाजी कफील उर रहमान का यहाँ गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता इंजीनियर अनीस अहमद खां ने उन्हें फूलों का हार पहनाकर मुबारकबाद दी और उनकी खुशहाली की दुआ की। इस मौके पर हाजी कफील उर रहमान ने अपने रूहानी सफर के अनुभवों को साझा करते हुए हज को जिंदगी का सबसे हसीन और पाकीजा सफर बताया। उन्होंने कहा कि मक्का मुअज्जमा और मदीना मुनव्वरा की सरजमीं पर जो दिली सुकून मिलता है, उसे लफ्जों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुल्क में अमन-ओ-अमान, तरक्की और भाईचारे के लिए खास दुआएं मांगीं, साथ ही अल्लाह से हर मोमिन को मक्का-मदीना का दीदार नसीब फरमाने की इल्तजा की। हाजी कफील उर रहमान की वतन वापसी पर मुबारकबाद देने वालों में कदीर अहमद, बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक समाजसेवी पम्मी ख़ाँ वारसी और हक़ीम अनीस उर रजमान सहित तमाम गणमान्य लोग शामिल थे, जिन्होंने उन्हें गुलपोशी कर मुबारकबाद दी और उनके हज की कबूलियत के लिए दुआएं कीं।1
- बरेली के सिरौली थाना पुलिस ने एक युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में वांछित चल रहे आरोपी को 29 जून 2026 को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि आरोपी युवती से मिलने पिपरिया तिराहा क्षेत्र में आया है, जिसके बाद सुबह लगभग 10:30 बजे घेराबंदी करके उसे पकड़ा गया। यह मामला 13 मई 2026 को तब सामने आया था, जब वादी की तहरीर पर सिरौली थाने में मु0अ0सं0 143/2026 धारा 87 BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप था कि रवि पुत्र छोटा उर्फ छोटे युवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। विवेचना के दौरान युवती को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और मामले में धारा 137(2) BNS की बढ़ोतरी की गई थी। आरोपी रवि, जो मूल रूप से जलालाबाद, शामली के लौहारी दरवाजा का निवासी है और वर्तमान में लुधियाना, पंजाब में रह रहा था, घटना के बाद से ही फरार था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी रवि ने बताया कि युवती के साथ उसके प्रेम संबंध थे और परिवार द्वारा शादी से इनकार करने पर वह उसे अपने साथ ले गया था। सिरौली पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपी को अब कोर्ट में पेश कर दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के फतेहगंज पूर्वी इलाके में एक खौफनाक आपराधिक वारदात सामने आई है, जहाँ एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया है। पीड़ित परिजन ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनकी बेटी अंशिका कोचिंग जाने के बाद घर नहीं लौटी, जिसके बाद से वे अत्यधिक परेशान हैं। इस घटना को लेकर पीड़ित ने प्रार्थना पत्र के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस से इंसाफ की गुहार लगाई है और सवाल किया है कि उनकी नाबालिग बेटी अंशिका को कब आज़ादी मिलेगी।1
- बरेली के थाना नवाबगंज से जुड़े एक मामले में, एक महिला ने अपने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पूरे प्रकरण में महिला ने प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है।1
- बरेली जिले में केसरपुर से मुख्य रोड तक जाने वाले मार्ग की हालत बहुत खस्ता है। यह सड़क ऐसी स्थिति में है कि स्कूली बच्चों का भी इस पर आना-जाना होता है।1
- थाना सिरौली पुलिस ने 29 जून 2026 को बुजिया महाराज मंदिर से चोरी हुए पीली धातु के तीन घंटे बरामद करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह चोरी 22 जून को ग्राम बरसेर सिकन्दरपुर स्थित बुजिया महाराज मंदिर से हुई थी, जिसकी शिकायत वादी संतराम आर्य ने दर्ज कराई थी और इसी आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस को 28 जून की रात मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी चोरी का सामान बेचने की फिराक में बालरपुर चौराहे पर है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी की और चिरंजी लाल पुत्र नन्दराम, निवासी बराथानपुर, को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास एक सफेद कट्टे में रखे तीन पीली धातु के घंटे बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने छह दिन पहले मंदिर से घंटे चुराए थे और अपने खर्च चलाने के लिए उन्हें बेचने जा रहा था। आरोपी को एक शातिर अपराधी बताया गया है, जिसके खिलाफ कासगंज, आंवला और अलीगढ़ सहित कई थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट और NDPS के कुल 10 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया है।1