भागलपुर के सुलतानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम में 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारी और बेहतर सुविधाओं का दावा किया गया है। जिलाधिकारी ने कुछ दिन पहले सुलतानगंज में नमामि गंगा घाट, सीढ़ी घाट और कांवरिया पथ का निरीक्षण भी किया था और सुविधाओं को लेकर आश्वस्त किया था। हालांकि, सुलतानगंज का नमामि गंगा घाट श्रद्धालुओं का मुख्य घाट है, जहाँ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु खास तौर पर जल भरकर पूजा अर्चना के लिए देवघर जाते हैं। इस घाट के हालात दावों के विपरीत हैं; यहाँ न तो बैरिकेडिंग है और न ही समुचित साफ-सफाई दिख रही है। घाट के नीचे गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जबकि सुलतानगंज नगर परिषद लगातार साफ-सफाई का दावा करती रहती है। यह स्थिति तब है जब मेले के प्रारंभ होने में अभी 27 दिन शेष हैं। इस संदर्भ में सुलतानगंज सीढ़ी घाट के पंडा राजेश बाबा और समस्तीपुर के श्रद्धालु शंकर झा ने भी अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं।
भागलपुर के सुलतानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम में 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारी और बेहतर सुविधाओं का दावा किया गया है। जिलाधिकारी ने कुछ दिन पहले सुलतानगंज में नमामि
गंगा घाट, सीढ़ी घाट और कांवरिया पथ का निरीक्षण भी किया था और सुविधाओं को लेकर आश्वस्त किया था। हालांकि, सुलतानगंज का नमामि गंगा घाट श्रद्धालुओं का मुख्य घाट है, जहाँ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु खास तौर पर जल भरकर पूजा अर्चना
के लिए देवघर जाते हैं। इस घाट के हालात दावों के विपरीत हैं; यहाँ न तो बैरिकेडिंग है और न ही समुचित साफ-सफाई दिख रही है। घाट के नीचे गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जबकि सुलतानगंज नगर परिषद लगातार साफ-सफाई का
दावा करती रहती है। यह स्थिति तब है जब मेले के प्रारंभ होने में अभी 27 दिन शेष हैं। इस संदर्भ में सुलतानगंज सीढ़ी घाट के पंडा राजेश बाबा और समस्तीपुर के श्रद्धालु शंकर झा ने भी अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं।
- भागलपुर के सुलतानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम में 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारी और बेहतर सुविधाओं का दावा किया गया है। जिलाधिकारी ने कुछ दिन पहले सुलतानगंज में नमामि गंगा घाट, सीढ़ी घाट और कांवरिया पथ का निरीक्षण भी किया था और सुविधाओं को लेकर आश्वस्त किया था। हालांकि, सुलतानगंज का नमामि गंगा घाट श्रद्धालुओं का मुख्य घाट है, जहाँ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु खास तौर पर जल भरकर पूजा अर्चना के लिए देवघर जाते हैं। इस घाट के हालात दावों के विपरीत हैं; यहाँ न तो बैरिकेडिंग है और न ही समुचित साफ-सफाई दिख रही है। घाट के नीचे गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जबकि सुलतानगंज नगर परिषद लगातार साफ-सफाई का दावा करती रहती है। यह स्थिति तब है जब मेले के प्रारंभ होने में अभी 27 दिन शेष हैं। इस संदर्भ में सुलतानगंज सीढ़ी घाट के पंडा राजेश बाबा और समस्तीपुर के श्रद्धालु शंकर झा ने भी अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं।4
- खगड़िया में जिला प्रशासन एक ओर बाढ़ की स्थिति से निपटने और दूसरी ओर श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने परबत्ता के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, जहाँ उन्होंने राहत कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुँचाई जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद, जिलाधिकारी अगुवानी गंगा घाट पहुँचे और श्रावणी मेले की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांवड़ियों के लिए पीने के पानी, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, पार्किंग और अन्य सभी आवश्यक सुविधाओं को समय पर सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और मेला शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।1
- सम्राट चौधरी के क्षेत्र हवेली खड़गपुर में गरीबों के लिए 'पैरघा परिहार फाउंडेशन' नामक एक नई संस्था का उद्घाटन किया गया है। यह फाउंडेशन विशेष रूप से गरीब लोगों की मदद के उद्देश्य से खोला गया है, और इसने इतने बड़े पैमाने पर जरूरतमंदों को सहायता पहुंचाई है कि इसकी जानकारी मिलने पर लोग हैरान रह जाएंगे।1
- विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू होने में अब केवल 28 दिन बचे हैं, लेकिन कांवरिया पथ पर पेयजल व्यवस्था बदहाल बनी हुई है। तारापुर प्रखंड क्षेत्र के कांवरिया पथ पर स्थापित 45 चापानलों में से एक भी पूरी तरह संतोषजनक स्थिति में नहीं मिला है, जबकि छिटपुट कांवरियों का आवागमन पहले ही शुरू हो चुका है। निरीक्षण के दौरान, 26, 27, 28, 29, 30, 31, 34, 35 और 37 नंबर के चापानलों से आयरनयुक्त पानी निकलता पाया गया। वहीं, 25, 39, 40, 44, 54, 55, 62 और 68 नंबर के चापानल पूरी तरह बंद मिले। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कई चापानल महीनों से खराब पड़े हैं और उनकी मरम्मत नहीं कराई गई है। इस बदहाल स्थिति के कारण, श्रावणी मेला के दौरान लाखों कांवरियों को स्वच्छ पेयजल के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, पीएचईडी के जूनियर इंजीनियर मो. सफी ने जानकारी दी है कि विभागीय टीम मरम्मत कार्य में लगी हुई है और मेला शुरू होने से पहले सभी चापानलों को चालू कर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।1
- खगड़िया जिलाधिकारी ने जिले में बाढ़ से पूर्व की तैयारियों का जायजा लिया।1
- आज 03 जुलाई 2026 को बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के अवसर पर खगड़िया जिला में बिहार सतर्कता दिवस मनाया गया। इस मौके पर, खगड़िया के पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जिला के सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को कर्तव्य निष्ठा के साथ कार्य करने की शपथ दिलाई गई।1
- भागलपुर के सुलतानगंज में 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की व्यापक तैयारियों और बेहतर सुविधा मुहैया कराने के दावे जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले जिलाधिकारी ने सुलतानगंज में नमामि गंगा घाट, सीढ़ी घाट और कांवरिया पथ का निरीक्षण कर सुविधाओं में सुधार का दावा किया था। हालांकि, श्रद्धालुओं के मुख्य घाट माने जाने वाले सुलतानगंज के नमामि गंगा घाट की जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट है। इस घाट पर न तो बैरिकेडिंग की व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई का कोई इंतजाम। घाट के नीचे गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जबकि सुलतानगंज नगर परिषद लगातार साफ-सफाई के दावे करती रहती है। मेले के प्रारंभ होने में अभी भी 27 दिन शेष हैं। इस स्थिति पर सुलतानगंज सीढ़ी घाट के पंडा राजेश बाबा और समस्तीपुर के श्रद्धालु शंकर झा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।2
- पूरे देश में मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है, जिसके मद्देनजर भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक महत्वपूर्ण मौसम चेतावनी जारी की है। IMD के अनुसार, अगले 48 घंटों के लिए देश के कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान, कुछ इलाकों में तेज़ हवाएं 50 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने की संभावना है।1