रायगढ़ के आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन और उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) श्रीमती उन्नति ठाकुर के कुशल नेतृत्व में साइबर सुरक्षा, यातायात नियमों तथा महिला व बाल सुरक्षा पर एक विस्तृत जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल चुनौतियों, सड़क सुरक्षा के नियमों और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यशाला में महिला प्रधान आरक्षक रेनु मंडावी सिंह ने विद्यार्थियों को फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से सावधान रहने, अज्ञात व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट न स्वीकारने, निजी डेटा गोपनीय रखने और सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के टिप्स दिए। इसके साथ ही सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे ने 'गुड टच' और 'बैड टच' का अंतर समझाते हुए अनुचित व्यवहार पर तुरंत शिकायत करने का आह्वान किया। उन्होंने पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की जानकारी दी और छत्तीसगढ़ पुलिस के 'अभिव्यक्ति ऐप', आपातकालीन सेवा डायल-112, पुलिस कंट्रोल रूम नंबर (94791-93299) तथा रायगढ़ पुलिस की 'हेलो सिस्टर' हेल्पलाइन (9479270533) के बारे में विस्तार से बताया। यातायात सुरक्षा सत्र के दौरान प्रभारी निरीक्षक रोहित बंजारे और उप निरीक्षक संध्या कोका ने बताया कि 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के वाहन चलाने पर प्रतिबंध है, जबकि 16 से 18 वर्ष के किशोर वैध लाइसेंस के साथ बिना गियर वाले वाहन चला सकते हैं। डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर ने स्पष्ट किया कि 'हेलो सिस्टर' हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को गुप्त रखा जाता है और नए आपराधिक कानूनों के तहत न्याय प्रक्रिया त्वरित बनाई गई है। एसएससी श्री शशि मोहन सिंह ने अपने संदेश में कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम में प्राचार्य श्री राजेश डेनियल, शिक्षक और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
रायगढ़ के आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन और उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) श्रीमती उन्नति ठाकुर के कुशल नेतृत्व में साइबर सुरक्षा, यातायात नियमों तथा महिला व बाल सुरक्षा पर एक विस्तृत जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल चुनौतियों, सड़क सुरक्षा के नियमों और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यशाला में महिला प्रधान आरक्षक रेनु मंडावी सिंह ने विद्यार्थियों को फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से सावधान रहने, अज्ञात व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट न स्वीकारने, निजी डेटा गोपनीय रखने और सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के टिप्स दिए। इसके साथ ही सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे ने 'गुड टच' और 'बैड टच' का अंतर समझाते हुए अनुचित व्यवहार पर तुरंत शिकायत करने का आह्वान किया। उन्होंने पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की जानकारी
दी और छत्तीसगढ़ पुलिस के 'अभिव्यक्ति ऐप', आपातकालीन सेवा डायल-112, पुलिस कंट्रोल रूम नंबर (94791-93299) तथा रायगढ़ पुलिस की 'हेलो सिस्टर' हेल्पलाइन (9479270533) के बारे में विस्तार से बताया। यातायात सुरक्षा सत्र के दौरान प्रभारी निरीक्षक रोहित बंजारे और उप निरीक्षक संध्या कोका ने बताया कि 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के वाहन चलाने पर प्रतिबंध है, जबकि 16 से 18 वर्ष के किशोर वैध लाइसेंस के साथ बिना गियर वाले वाहन चला सकते हैं। डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर ने स्पष्ट किया कि 'हेलो सिस्टर' हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को गुप्त रखा जाता है और नए आपराधिक कानूनों के तहत न्याय प्रक्रिया त्वरित बनाई गई है। एसएससी श्री शशि मोहन सिंह ने अपने संदेश में कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम में प्राचार्य श्री राजेश डेनियल, शिक्षक और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
- राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में रायगढ़ में कांग्रेस द्वारा प्रदर्शन किया गया। इस दौरान विरोध दर्ज कराते हुए प्रधानमंत्री मोदी का पुतला दहन किया गया।1
- रायगढ़ के आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन और उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) श्रीमती उन्नति ठाकुर के कुशल नेतृत्व में साइबर सुरक्षा, यातायात नियमों तथा महिला व बाल सुरक्षा पर एक विस्तृत जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल चुनौतियों, सड़क सुरक्षा के नियमों और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यशाला में महिला प्रधान आरक्षक रेनु मंडावी सिंह ने विद्यार्थियों को फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से सावधान रहने, अज्ञात व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट न स्वीकारने, निजी डेटा गोपनीय रखने और सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के टिप्स दिए। इसके साथ ही सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे ने 'गुड टच' और 'बैड टच' का अंतर समझाते हुए अनुचित व्यवहार पर तुरंत शिकायत करने का आह्वान किया। उन्होंने पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की जानकारी दी और छत्तीसगढ़ पुलिस के 'अभिव्यक्ति ऐप', आपातकालीन सेवा डायल-112, पुलिस कंट्रोल रूम नंबर (94791-93299) तथा रायगढ़ पुलिस की 'हेलो सिस्टर' हेल्पलाइन (9479270533) के बारे में विस्तार से बताया। यातायात सुरक्षा सत्र के दौरान प्रभारी निरीक्षक रोहित बंजारे और उप निरीक्षक संध्या कोका ने बताया कि 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के वाहन चलाने पर प्रतिबंध है, जबकि 16 से 18 वर्ष के किशोर वैध लाइसेंस के साथ बिना गियर वाले वाहन चला सकते हैं। डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर ने स्पष्ट किया कि 'हेलो सिस्टर' हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को गुप्त रखा जाता है और नए आपराधिक कानूनों के तहत न्याय प्रक्रिया त्वरित बनाई गई है। एसएससी श्री शशि मोहन सिंह ने अपने संदेश में कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम में प्राचार्य श्री राजेश डेनियल, शिक्षक और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।2
- सक्ति जिले के सक्ति ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंगनसरा में भारी बारिश के कारण बोराई नदी उफान पर आ गई है। नदी में उफान आने की वजह से सिंगनसरा डैम के ऊपर से पानी बह रहा है।1
- सक्ती जिले के आबकारी वृत्त डभरा की टीम ने ग्राम कुसमूल में छापेमार कार्रवाई कर 26 लीटर महुआ शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। कलेक्टर के निर्देश और जिला आबकारी अधिकारी के मार्गदर्शन में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ लगातार की जा रही कार्रवाई के तहत यह कदम उठाया गया। आबकारी विभाग की टीम ने 35 वर्षीय सारनाथ कुर्रे के मकान की तलाशी ली। जांच के दौरान मकान के आंगन और बाड़ी में बनाए गए एक चेंबर में छिपाकर रखी गई 13 प्लास्टिक की बोतलों से कुल 26 लीटर महुआ शराब बरामद की गई, जिसमें प्रत्येक बोतल में 2-2 लीटर महुआ मदिरा भरी हुई थी। बरामद अवैध शराब के आधार पर आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में वृत्त प्रभारी कोमल प्रसाद सिदार और आबकारी स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।1
- छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। पूरे प्रदेश में बारिश की स्थिति को देखते हुए जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ के सभी जिलों की तुलना में सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में सबसे ज्यादा बारिश हुई है।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कोतबा में कारगिल चौक से बागबहार तक बन रही 40 करोड़ रुपये की सड़क पर घुटने भर पानी और जानलेवा गड्ढों के कारण स्थिति बदतर हो गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और ठेकेदार पर घटिया निर्माण व कथित भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। अपनी नाकामी और फजीहत छुपाने के लिए विभाग ने भारी बरसात के बीच कारगिल चौक से बस्ती क्षेत्र में सड़क के मध्य से दोनों ओर 10-10 मीटर अतिक्रमण हटाने का मौखिक अल्टीमेटम जारी कर दिया है, जिससे स्थानीय रहवासियों में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विभाग पिछले 10 महीनों के सूखे मौसम में सोया रहा और अब मूसलाधार बारिश में आशियाने उजाड़ने की धमकी देकर ठेकेदार को बचाने व ध्यान भटकाने की साजिश रच रहा है। इस मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष सुमित शर्मा और युवा नेता आकाश मित्तल ने अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत के खिलाफ मुख्यमंत्री निवास 'बगिया' तक पैदल सत्याग्रह करने की चेतावनी दी है। वहीं, नगर पंचायत उपाध्यक्ष व भाजपा नेत्री श्रीमती सुमन सुनील शर्मा ने भी मोर्चा खोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और भाजपा के सुशासन में जनता के 40 करोड़ रुपयों का दुरुपयोग और ऐसा भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों ने कारगिल चौक से पटेल बस्ती तक तत्काल पैचवर्क व मरम्मत कराने, मानसून में बेदखली का खौफ बंद करने और 40 करोड़ की परियोजना में देरी व गुणवत्ताहीन कार्य के लिए जिम्मेदार PWD अधिकारियों और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस पूरी लापरवाही की लिखित शिकायत जिला कलेक्टर और मुख्यमंत्री से करने का फैसला लिया गया है।1
- रायगढ़ में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग के निजीकरण, ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग पर तत्काल रोक लगाने की मुख्य मांग उठाई है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर से शिक्षा के लिए चल रहे ऐतिहासिक जन आंदोलन का एक दृश्य सामने आया है, जो तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस प्रदर्शन को देखकर साफ़ समझा जा सकता है कि देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कितनी अराजकता फैली हुई है। हालात यह हैं कि लोगों को अपने अधिकार और शिक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।1