बरकी सराय की आंगनबाड़ी पर मंडरा रहा हादसे का खतरा, डीपी के पास तारों का जाल, जिम्मेदार मौन भांडेर नगर के वार्ड नं. 14 बरकी सराय मोहल्ले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र के आसपास बिजली के तारों का जाल बिछा हुआ है। डीपी के ठीक पास बने इस केंद्र में 50 बच्चे दर्ज हैं, जहां रोजाना 30 से 50 बच्चे पढ़ने आते हैं। लेकिन जिम्मेदार विभाग की अनदेखी से यहां हमेशा हादसे का भय बना रहता है। डीपी के आसपास लोगों ने बुन रखा है तारों का जाल जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र के ठीक पास बिजली का डीपी लगा है। स्थानीय लोगों ने डीपी से अवैध रूप से कई तार खींच रखे हैं। ये तार आंगनबाड़ी की छत के ऊपर से और गेट के सामने से होकर गुजर रहे हैं। कई तार इतने नीचे हैं कि बच्चे के हाथ से छू जाएं। आपके ही बच्चे पढ़ते हैं, तार मत डालो" - कार्यकर्ता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि उन्होंने कई बार मोहल्ले के लोगों से मना किया है। "मैंने कहा कि यहां तार मत डालो, आप सभी के ही बच्चे यहां पढ़ते हैं। कभी भी कोई बड़ा खतरा हो सकता है।" लेकिन लोगों पर कोई असर नहीं हुआ। कार्यकर्ता का कहना है कि बिजली विभाग में शिकायत के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 50 में से रोज 30-40 बच्चे आते हैं केंद्र इस आंगनबाड़ी में कुल 50 बच्चे दर्ज हैं। इनमें से रोज 30, कभी 40 तो कभी पूरे 50 बच्चे भी पढ़ने आते हैं। 3 से 6 साल के ये मासूम अनजाने में ही इन लटकते तारों के पास खेलते रहते हैं। बारिश में करंट का खतरा और बढ़ जाता है। विभाग बना मूकदर्शक स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग सब कुछ जानते हुए भी मौन है। डीपी के पास से अवैध कनेक्शन और तारों का जाल साफ दिखता है, फिर भी कोई जांच या कार्रवाई नहीं की जा रही। लोगों ने सवाल उठाया कि क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? प्रशासन से हटवाने की मांग मोहल्लेवासियों ने एसडीएम भांडेर और बिजली विभाग के एक्सईएन से मांग की है कि आंगनबाड़ी के आसपास से सभी अवैध तार तुरंत हटवाए जाएं और डीपी को सुरक्षित किया जाए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले लोगों पर जुर्माने की कार्रवाई हो, ताकि मासूमों की जान से खिलवाड़ बंद हो।।
बरकी सराय की आंगनबाड़ी पर मंडरा रहा हादसे का खतरा, डीपी के पास तारों का जाल, जिम्मेदार मौन भांडेर नगर के वार्ड नं. 14 बरकी सराय मोहल्ले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र के आसपास बिजली के तारों का जाल बिछा हुआ है। डीपी के ठीक पास बने इस केंद्र में 50 बच्चे दर्ज हैं, जहां रोजाना 30 से 50 बच्चे पढ़ने आते हैं। लेकिन जिम्मेदार विभाग की अनदेखी से यहां हमेशा हादसे का भय बना रहता है। डीपी के आसपास लोगों ने बुन रखा है तारों का जाल जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र के ठीक पास बिजली का डीपी लगा है। स्थानीय लोगों ने डीपी से अवैध रूप से कई तार खींच रखे हैं। ये तार आंगनबाड़ी की छत के ऊपर से और गेट के सामने से होकर गुजर रहे हैं। कई तार इतने नीचे हैं कि बच्चे के हाथ से छू जाएं। आपके ही बच्चे पढ़ते हैं, तार मत डालो" - कार्यकर्ता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि उन्होंने कई बार मोहल्ले के लोगों से मना किया है। "मैंने कहा कि यहां तार मत डालो, आप सभी के ही बच्चे यहां पढ़ते हैं। कभी भी कोई बड़ा खतरा हो सकता है।" लेकिन लोगों पर कोई असर नहीं हुआ। कार्यकर्ता का कहना है कि बिजली विभाग में शिकायत के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 50 में से रोज 30-40 बच्चे आते हैं केंद्र इस आंगनबाड़ी में कुल 50 बच्चे दर्ज हैं। इनमें से रोज 30, कभी 40 तो कभी पूरे 50 बच्चे भी पढ़ने आते हैं। 3 से 6 साल के ये मासूम अनजाने में ही इन लटकते तारों के पास खेलते रहते हैं। बारिश में करंट का खतरा और बढ़ जाता है। विभाग बना मूकदर्शक स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग सब कुछ जानते हुए भी मौन है। डीपी के पास से अवैध कनेक्शन और तारों का जाल साफ दिखता है, फिर भी कोई जांच या कार्रवाई नहीं की जा रही। लोगों ने सवाल उठाया कि क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? प्रशासन से हटवाने की मांग मोहल्लेवासियों ने एसडीएम भांडेर और बिजली विभाग के एक्सईएन से मांग की है कि आंगनबाड़ी के आसपास से सभी अवैध तार तुरंत हटवाए जाएं और डीपी को सुरक्षित किया जाए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले लोगों पर जुर्माने की कार्रवाई हो, ताकि मासूमों की जान से खिलवाड़ बंद हो।।
- *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!* भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है। यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। अब सवाल यह उठ रहा है कि — ➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया? ➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया? ➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी? क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है। *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!* भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है। यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। अब सवाल यह उठ रहा है कि — ➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया? ➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया? ➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी? क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।1
- *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!* भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है। यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। अब सवाल यह उठ रहा है कि — ➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया? ➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया? ➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी? क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।1
- दतिया : थाना धीरपुरा पुलिस की बड़ी सफलता, 24 घंटे के भीतर नाबालिग बालिका को किया दस्तयाब दतिया जिले की थाना धीरपुरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गुम हुई नाबालिग बालिका को महज 24 घंटे के भीतर दस्तयाब कर लिया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन मुस्कान के तहत बालिका की तलाश शुरू की और सफलता हासिल की। जानकारी के अनुसार, 7 मई 2026 को फरियादी ने अपनी नाबालिग पुत्री के गुम होने की रिपोर्ट थाना धीरपुरा में दर्ज कराई थी। मामले में थाना धीरपुरा पुलिस ने अपराध क्रमांक 28/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस अधीक्षक दतिया मयूर खंडेलवाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील शिवहरे एवं एसडीओपी आकांक्षा जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कार्यवाहक उप निरीक्षक भूपेन्द्र सिंह जाट एवं उनकी टीम ने लगातार तलाश अभियान चलाया। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने 8 मई को नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया। इस कार्रवाई में आरक्षक संतोष यादव, दशरथ बघेल एवं चन्द्रप्रकाश की सराहनीय भूमिका रही।1
- लोक अदालत में फिर जुड़ा रिश्ता: मनमुटाव भुलाकर पिंकी-रामू ने साथ निभाने की ली शपथ दतिया। जिला कुटुंब न्यायालय दतिया में आयोजित लोक अदालत में एक बिखरता परिवार फिर से जुड़ गया। पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद का सुखद अंत उस समय हुआ, जब दोनों ने आपसी मनमुटाव भुलाकर दोबारा साथ रहने का फैसला किया। जानकारी के अनुसार पिंकी का विवाह रामू के साथ 14 फरवरी 2025 को हुआ था। विवाह के बाद दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद शुरू हो गया। समय के साथ यह मनमुटाव बढ़ता गया और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पिंकी ने घर खर्च नहीं मिलने की बात कहते हुए जिला कुटुंब न्यायालय दतिया में भरण-पोषण की याचिका प्रस्तुत कर दी। प्रकरण में अनावेदक के रूप में रामू न्यायालय में उपस्थित हुआ। लोक अदालत के दौरान अधिवक्ता श्री अजय सिंह गुर्जर ने दोनों पक्षों को समझाइश दी। वहीं प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री अशोक गुप्ता ने भी मध्यस्थता करते हुए पति-पत्नी को रिश्ते की अहमियत समझाई। समझाइश के बाद दोनों ने आपसी सहमति से राजीनामा करने का निर्णय लिया। इसके बाद पिंकी और रामू ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और प्रधान न्यायाधीश जिला न्यायालय श्री विजय चंद्र जी के समक्ष साथ मिलकर खुशहाल जीवन बिताने की शपथ ली। लोक अदालत में हुए इस भावुक पल को देखकर मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। अंत में दोनों पति-पत्नी मुस्कुराते हुए एक-दूसरे का हाथ थामकर न्यायालय से साथ रवाना हुए।1
- सुवेन्दु अधिकारी...बंगाल के इतिहास में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने। कोलकाता के परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में सुवेन्दु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की ली शपथ।1
- दतिया तहसील कार्यालय में एक व्यक्ति अपना काम न होने से बेहद परेशान है। उनकी शिकायत है कि बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी उनका काम पूरा नहीं हो रहा।1
- मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सैनिकों के सम्मान में अपने सहज विचार व्यक्त किए। उनके इस भावपूर्ण संबोधन की पूरे राज्य में चर्चा है।1
- थाना अतरेटा, जिला दतिया दिनांक : 09 मई 2026 *दतिया पुलिस की अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्यवाही* *स्कॉर्पियो वाहन से शराब की तस्करी कर रहे आरोपियों को थाना अतरेटा पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा* *करीबन ₹4,61,160/- कीमती अवैध शराब एवं वाहन जब्त, आरोपी जेल भेजे गए* दतिया पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शिवहरे तथा एसडीओपी सेवड़ा श्री अजय चानना के मार्गदर्शन में जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना अतरेटा पुलिस को अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। *घटना का विवरण* आज दिनांक 09 मई 2026 को थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन में अवैध शराब परिवहन की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा तत्काल खमरोली तिराहा स्थित चिताई मोड़ के पास घेराबंदी कर वाहन की चेकिंग की गई। पुलिस द्वारा संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोककर तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई। *जब्त मशरूका* - 05 पेटी लाल प्लेन मदिरा, 07 पेटी सफेद मदिरा, 04 पेटी बीयर, कुल मात्रा : 146 लीटर, कीमत : लगभग ₹61,160/- कीमती इसके अतिरिक्त परिवहन में प्रयुक्त सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹4,00,000/- है, को भी जब्त किया गया। इस प्रकार कुल जब्त मशरूका की कीमत ₹4,61,160/- आंकी गई है। मौके से दोनों आरोपी 1. विकास पुत्र जसवंत सिंह लोधी, 2. सतेंद्र पुत्र अजब सिंह लोधी निवासीगण – ग्राम रावपुरा, थाना गोरमी, जिला भिंड को विधिवत गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से आदेशानुसार उन्हें जिला उप जेल सेवड़ा भेज दिया गया। *सराहनीय भूमिका* उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक रामकुमार यादव, प्रधान आरक्षक अशोक कौरव, आरक्षक देवेंद्र गुर्जर, आरक्षक संजय सोलंकी, आरक्षक जितेंद्र यादव एवं आरक्षक प्रदीप की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। थाना अतरेटा, जिला दतिया दिनांक : 09 मई 2026 *दतिया पुलिस की अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्यवाही* *स्कॉर्पियो वाहन से शराब की तस्करी कर रहे आरोपियों को थाना अतरेटा पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा* *करीबन ₹4,61,160/- कीमती अवैध शराब एवं वाहन जब्त, आरोपी जेल भेजे गए* दतिया पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शिवहरे तथा एसडीओपी सेवड़ा श्री अजय चानना के मार्गदर्शन में जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना अतरेटा पुलिस को अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। *घटना का विवरण* आज दिनांक 09 मई 2026 को थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन में अवैध शराब परिवहन की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा तत्काल खमरोली तिराहा स्थित चिताई मोड़ के पास घेराबंदी कर वाहन की चेकिंग की गई। पुलिस द्वारा संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोककर तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई। *जब्त मशरूका* - 05 पेटी लाल प्लेन मदिरा, 07 पेटी सफेद मदिरा, 04 पेटी बीयर, कुल मात्रा : 146 लीटर, कीमत : लगभग ₹61,160/- कीमती इसके अतिरिक्त परिवहन में प्रयुक्त सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹4,00,000/- है, को भी जब्त किया गया। इस प्रकार कुल जब्त मशरूका की कीमत ₹4,61,160/- आंकी गई है। मौके से दोनों आरोपी 1. विकास पुत्र जसवंत सिंह लोधी, 2. सतेंद्र पुत्र अजब सिंह लोधी निवासीगण – ग्राम रावपुरा, थाना गोरमी, जिला भिंड को विधिवत गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से आदेशानुसार उन्हें जिला उप जेल सेवड़ा भेज दिया गया। *सराहनीय भूमिका* उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी अतरेटा उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक रामकुमार यादव, प्रधान आरक्षक अशोक कौरव, आरक्षक देवेंद्र गुर्जर, आरक्षक संजय सोलंकी, आरक्षक जितेंद्र यादव एवं आरक्षक प्रदीप की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।1
- भाण्डेर नगर में वृद्धावस्था पेंशन बंद होने का मामला सामने आया है। यहां पर सिकंदरपुर मोहल्ला निवासी मनोहर लाल वर्मा ने तहसील कार्यालय पर भांडेर एसडीएम सोनाली राजपूत को शिकायत देकर बताया कि उन्हें शासन की वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ मिल रहा था, लेकिन नवंबर 2025 से उनकी पेंशन बंद हो गई है। शनिवार दोपहर 02 बजे उन्होंने नव बताया कि वृद्ध होने के कारण वह मजदूरी करने की स्थिति में नहीं हैं और पेंशन बंद होने से जीवनयापन में भारी परेशानी आ रही है। मनोहर लाल वर्मा ने एसडीएम से मांग की है कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन शीघ्र चालू कराई जाए तथा नवंबर 2025 से अब तक की रुकी हुई पेंशन राशि भी दिलाई जाए।1