लावालौंग थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा सस्पेंड, अफीम मामले में संलिप्तता का आरोप चतरा: एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने अनुशासनहीनता और संदिग्ध गतिविधियों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए लावालौंग थाना प्रभारी प्रशांत कुमार मिश्रा को सस्पेंड कर दिया है. थाना प्रभारी पर अफीम के अवैध कारोबार में कथित रूप से संलिप्त होने और अपने पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगे थे. इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने सिमरिया एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल को विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा था. एसडीपीओ द्वारा सौंपी गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में थाना प्रभारी के विरुद्ध लगे आरोपों को सत्य पाया गया, जिसके उपरांत एसपी ने अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर पुलिस लाइन क्लोज कर दिया है. 11 महीनों के भीतर दूसरी बार हुई निलंबन की कार्रवाई प्रशांत कुमार मिश्रा का पिछला कार्यकाल भी विवादों से घिरा रहा है. जानकारी के अनुसार, पिछले 11 महीनों के भीतर वे दूसरी बार निलंबन की मार झेल रहे हैं. इससे पूर्व 23 मई 2025 को जब वे पिपरवार थाना के प्रभारी थे, तब उन पर अवैध बालू कारोबार को संरक्षण देने के आरोप लगे थे, जिसके कारण उन्हें निलंबित किया गया था. इसके बाद 8 सितंबर 2025 को उन्हें लावालौंग थाना की कमान सौंपी गई थी, लेकिन महज सात महीने के कार्यकाल के भीतर ही वे पुनः अफीम जैसे संगीन मामले में संलिप्त पाए गए. बार-बार लग रहे इन दागों ने उनकी कार्यशैली और निष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार केवल निलंबन ही अंतिम कार्रवाई नहीं है; विभाग अब इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध सिंडिकेट में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं. दोषी पुलिस पदाधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच (Departmental Enquiry) भी शुरू कर दी गई है. पुलिस अधीक्षक ने संकेत दिए हैं कि कर्तव्यहीनता और भ्रष्टाचार के विरुद्ध उनकी मुहिम जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा. नशा मुक्ति अभियान और ‘दागदार’ खाकी चतरा पुलिस इन दिनों जिले में अफीम और अन्य मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सघन अभियान चला रही है. ऐसे में एक थाना प्रभारी का ही अफीम से जुड़े मामलों में नाम आना जिला प्रशासन के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा था, यही वजह थी कि ये कार्रवाई हुई है. एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराध और नशाखोरी के विरुद्ध लड़ाई में यदि कोई पुलिसकर्मी या पदाधिकारी बाधक बनता है, तो उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस विभा
लावालौंग थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा सस्पेंड, अफीम मामले में संलिप्तता का आरोप चतरा: एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने अनुशासनहीनता और संदिग्ध गतिविधियों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए लावालौंग थाना प्रभारी प्रशांत कुमार मिश्रा को सस्पेंड कर दिया है. थाना प्रभारी पर अफीम के अवैध कारोबार में कथित रूप से संलिप्त होने और अपने पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगे थे. इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने सिमरिया एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल को विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा था. एसडीपीओ द्वारा सौंपी गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में थाना प्रभारी के विरुद्ध लगे आरोपों को सत्य पाया गया, जिसके उपरांत एसपी ने अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर पुलिस लाइन क्लोज कर दिया है. 11 महीनों के भीतर दूसरी बार हुई निलंबन की कार्रवाई प्रशांत कुमार मिश्रा का पिछला कार्यकाल भी विवादों से घिरा रहा है. जानकारी के अनुसार, पिछले 11 महीनों के भीतर वे दूसरी बार निलंबन की मार झेल रहे हैं. इससे पूर्व 23 मई 2025 को जब वे पिपरवार थाना के प्रभारी थे, तब उन पर अवैध बालू कारोबार को संरक्षण देने के आरोप लगे थे, जिसके कारण उन्हें निलंबित किया गया था. इसके बाद 8 सितंबर 2025 को उन्हें लावालौंग थाना की कमान सौंपी गई थी, लेकिन महज सात महीने के कार्यकाल के भीतर ही वे पुनः अफीम जैसे संगीन मामले में संलिप्त पाए गए. बार-बार लग रहे इन दागों ने उनकी कार्यशैली और निष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार केवल निलंबन ही अंतिम कार्रवाई नहीं है; विभाग अब इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध सिंडिकेट में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं. दोषी पुलिस पदाधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच (Departmental Enquiry) भी शुरू कर दी गई है. पुलिस अधीक्षक ने संकेत दिए हैं कि कर्तव्यहीनता और भ्रष्टाचार के विरुद्ध उनकी मुहिम जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा. नशा मुक्ति अभियान और ‘दागदार’ खाकी चतरा पुलिस इन दिनों जिले में अफीम और अन्य मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सघन अभियान चला रही है. ऐसे में एक थाना प्रभारी का ही अफीम से जुड़े मामलों में नाम आना जिला प्रशासन के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा था, यही वजह थी कि ये कार्रवाई हुई है. एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराध और नशाखोरी के विरुद्ध लड़ाई में यदि कोई पुलिसकर्मी या पदाधिकारी बाधक बनता है, तो उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस विभा
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- जो रोड आपको दिख रहा है ये तुरुकबाद मैं रोड का सड़क है जो की 13/06/2025 मे बना है और जिस दिन से बना है उस दिन1
- यूपी में पोते के गलती से दादी thar गाड़ी से कुचली गई।1
- *13 अप्रैल को हजारीबाग यूथ विंग का रक्तदान शिविर, सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग वासियों से की अपील* *रक्तदान महादान है, अधिक से अधिक लोग आगे आकर इस अभियान को सफल बनाएं : — मनीष जायसवाल* *युवा आगे आएं, रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं : चंद्र प्रकाश जैन* *आपका एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान बन सकता है, जरूर रक्तदान करें : करण जायसवाल* हजारीबाग हजारीबाग यूथ विंग द्वारा 13 अप्रैल को शहर के लक्ष्मी सिनेमा हॉल केंपस में आयोजित होने वाले भव्य रक्तदान शिविर को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लगातार तीसरी बार आयोजित हो रहे इस शिविर को सफल बनाने के लिए संस्था द्वारा व्यापक स्तर पर जनसंपर्क एवं निमंत्रण अभियान चलाया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। इस सामाजिक पहल को लेकर हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है, जो सीधे किसी जरूरतमंद की जान बचाने में सहायक होता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर रक्तदान करें और इस पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि रक्तदान करने से शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। हर स्वस्थ व्यक्ति को प्रत्येक तीन महीने में रक्तदान अवश्य करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा सड़क सुरक्षा की दृष्टिकोण से हर रक्तदाताओं को हेलमेट भेंट किया जाएगा। शिविर को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं, जिसमें चिकित्सकों की टीम, आवश्यक उपकरण एवं सुरक्षित रक्त संग्रहण की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। शिविर में आने वाले प्रत्येक रक्तदाता के लिए विशेष सुविधा और देखभाल का भी प्रबंध किया गया है। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग हमेशा से सामाजिक कार्यों में अग्रणी रहा है। रक्तदान शिविर हमारे प्रमुख अभियानों में से एक है और हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग लेकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि रक्तदान किसी भी जरूरतमंद के लिए जीवनदान के समान है। हम सभी से आग्रह करते हैं कि 13 अप्रैल को शिविर में पहुंचकर रक्तदान करें और इस पुनीत कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।हजारीबाग यूथ विंग की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि रक्तदान करने वाले सभी लोगों को प्रोत्साहन स्वरूप हेलमेट भेंट किया जाएगा, ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता का संदेश समाज में प्रसारित किया जा सके। इसके साथ ही सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। संस्था ने जिले के सभी युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील करते हुए कहा कि आपका एक छोटा सा प्रयास किसी के जीवन के लिए अमूल्य साबित हो सकता है।4
- कोडरमा में धूमधाम से मनाई गई वीर शिरोमणि बाबा चौहरमल जयंती1
- -- -- भाजपा विधायक अधिकारियों का कर रहे चापलूसी, प्रदीप प्रसाद का मेरे कपड़ों पर बयान बाजी करना तुच्छ राजनीति का परिचायक -- हजारीबाग। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सदर विधायक प्रदीप प्रसाद पर कड़ा निशाना साधा है। अंबा प्रसाद ने सदर विधायक प्रदीप प्रसाद पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि वर्तमान सदर विधायक प्रदीप प्रसाद को मेरे कपड़ों पर विशेष ध्यान है जबकि उन्हें आम लोगों का कल्याण कैसे हो इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। एक महिला के कपड़ों पर बयान बाजी करना काफी निंदनीय है। आगे अंबा प्रसाद ने कहा कि जमीन हड़पने का मुकदमा उन पर दर्ज है ना की मुझ पर और मेरे परिवार वालों पर, मैं एवं मेरे परिवार ने अपने विधानसभा क्षेत्र वासियों के जमीन बचाने के लिए कार्य किया है जितने केस दर्ज हुए हैं वह कंपनी प्रबंधन द्वारा दर्ज कराए गए हैं, हमने कभी किसी की जमीन नहीं हड़पा, क्या यह बात सदर विधायक प्रदीप प्रसाद खुले मंच पर कह सकते हैं कि उन्होंने किन्ही का जमीन नहीं हड़पा। प्रदीप प्रसाद के बयान की सत्ता से दूर है पे अंबा प्रसाद ने कहा है कि मैं भले ही चुनाव हार गई हूं लेकिन जनता के बीच जनसेवा के दम पर पार्टी में मेरा कद बढ़ा है और मैं राष्ट्रीय सचिव भी हूँ मेरा मान सम्मान भी बढ़ा है लेकिन आप तो जीते हुए विधायक हैं फिर भी आप क्या कर रहे हैं हजारीबाग के विकास के लिए क्या किए हैं इस पर बयान देना चाहिए। पूरे बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के वासियों ने भी यह जान लिया है कि अंबा प्रसाद जनता के हित के लिए किस हद तक जा सकती है भाजपा को वोट देकर पूरा बड़कागांव ठगा हुआ महसूस कर रहा है। भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद और BJP अधिकारियों की चापलूसी इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनका काम है जमीन हड़पना है। पुलिस पदाधिकारी की चापलूसी नहीं करने पर उनका गोरख धंधा कैसे चलेगा और कुसुम्बा विष्णुगढ़ का सच सामने आ जाएगा तो उनकी परेशानी बढ़ सकती है इसलिए गलत तरीके से नियुक्त हुए डीजीपी के भी समर्थन में बयान बाजी करना पड़ रहा है।जहाँ माननीय सर्वोच न्यायालय भी उनके न्युक्ति को ग़लत ठहराया । सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह पर पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए अंबा ने कहा कि मैं उनके बात का जवाब नहीं दूँगी । बस इतना ही बोलूँगी कि पार्टी में वरीयता का अनुशासन का ध्यान रखे, मुन्ना सिंह जी क्या अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव और प्रदेश प्रभारी के राजू जी से ऊपर बोलने का हैसियत रखते है क्या ? अगर चाहेंगे तो पार्टी से उनके ख़िलाफ़ अनुशासनहीनता का कार्यवाही भी करवा सकते है । एक ही पार्टी मे रहिएगा और पार्टी के वरीय लीडर के खिलाफ बेबुनियाद बयान बाजी करिएगा तो उसका जवाब भी दिया जाएगा। मुन्ना सिंह जी ना तो पार्टी के जिला अध्यक्ष है ना तो प्रदेश अध्यक्ष है और ना विधायक फिर वह किस हैसियत से पार्टी के वरीय पदाधिकारी पर इस प्रकार की बयान बाजी कर रहे हैं। *डीजीपी के खिलाफ बोलना मेरा अधिकार, 10 दिनों तक बीजेपी ने विष्णुगढ़ मामले को इधर-उधर लटका कर रखा* आगे अंबा प्रसाद ने कहा कि डीजीपी के खिलाफ हमने किसी प्रकार का गलत बात नहीं बोला है, डीजीपी ने हताशा से भरा कार्य किया है जिसका मैंने वजह भी बताया था । उनको ओपनली प्रेस कांफ्रेंस मे चैलेंज भी किया चंदा मामा वाली कहानी पर । जब तक मैं चन्दा मामा कहानी पर चैलेंज नहीं किया था तब तक भाजपा को मिर्ची नहीं लगा, डीजीपी मैडम ने ख़ुद जवाब नहीं दिया। अब तो न्यायालय ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है कि डीजीपी की नियुक्ति गलत तरीके से हुई है अब जिस डीजीपी को सरकार ने बैठाया जिसका विरोध विपक्ष को करना चाहिए और विपक्ष विरोध करने के जगह उल्टे गलत तरीके से नियुक्त डीजीपी के पक्ष में खड़ा होकर उनका गुणगान कर रहे है एक ऐसे कांड को लेके जिस कांड मे भाजपा का ही आदमी शामिल है । ऐसा इस लिए हो रहा है की केस का केस डायरी हल्का हो जाये,अनुसंधान भद्दा हो और अभियुक्तों का रिहाई हो जाये । अंबा प्रसाद ने कहा कि पूरे हजारीबाग मे भाजपा का ही सांसद और विधायक है तो डीजीपी मैडम के पक्ष मे बोलेंगे तो हजारीबाग पुलिस भाजपा के बी टीम के रूप मे काम करेगी । अंबा प्रसाद ने कहा कि कुछ दिन का इंतजार कीजिए कुसुंभा कांड की सच्चाई हम सब के सामने लाने का कार्य करेंगे । हजारीबाग को लूटने मे भाजपा के सांसद और विधायकों को पुलिस सहायता मिला हुआ है वो सब इनके बयानों से पर्दाफाश है। व्यंग्यबाण के रूप में अंबा प्रसाद ने प्रदीप प्रसाद पर निशाना साधते हुए कहा कि मैंने आम के गाछ पे ढेला मारा तो ताड़ के पेड़ पर बैठा मधुमक्खी का छत्ता मे से मधुमक्खी भनभनाने लगा और हमको काटने को दौड़ा, प्रदीप प्रसाद जी का डीजीपी के समर्थन में दिया गया बयान और मुझे हताशा प्रसाद कहना ये साफ़ जाहिर करता है की डीजीपी मैडम का चाटुकारिता एक भाजपा के विधायक सहित पूरी पार्टी कर रही है।1
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