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पंचायत चुनावों के बीच एक स्कूल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अनुभव किया गया, जहाँ बच्चों ने उत्साहपूर्वक वोट डाले और अपने प्रतिनिधियों का चुनाव किया। इस पहल से स्कूल परिसर में लोकतंत्र की गूँज सुनाई दी, जहाँ युवा पीढ़ी को मतदान और नेतृत्व चयन का व्यावहारिक ज्ञान मिला।
BHK News Himachal
पंचायत चुनावों के बीच एक स्कूल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अनुभव किया गया, जहाँ बच्चों ने उत्साहपूर्वक वोट डाले और अपने प्रतिनिधियों का चुनाव किया। इस पहल से स्कूल परिसर में लोकतंत्र की गूँज सुनाई दी, जहाँ युवा पीढ़ी को मतदान और नेतृत्व चयन का व्यावहारिक ज्ञान मिला।
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- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में पंचायतीराज संस्थाओं के पहले चरण के चुनाव संपन्न हो गए हैं। इन चुनावों में जिला बिलासपुर की कुल 62 ग्राम पंचायतों में 75.61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।1
- देवगढ़ गोही पंचायत में हुए चुनाव में शिव राम को उप प्रधान चुना गया है। उन्होंने इस चुनाव में 179 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है।1
- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर निशाना साधा है, उनकी कथनी और करनी में बड़े अंतर का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह पंचायत चुनाव के दौरान कैबिनेट की बैठक बुलाने को लेकर अनावश्यक रूप से मुद्दा बना रही है, जबकि भाजपा की अपनी सरकार के समय भी ऐसा हो चुका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले वीरभद्र सिंह और प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल की सरकारों में भी यह परिपाटी रही है कि चुनाव के दौरान भी सरकार का काम चलता रहता है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री सुक्खू ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने बताया कि भाजपा ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा में अनाथ एवं विधवा सेस विधेयक का विरोध करते हुए वॉकआउट किया था, और तब यह तर्क दिया था कि इससे तेल के दाम बढ़ेंगे। अब जब केंद्र सरकार ने स्वयं तेल के दाम बढ़ा दिए हैं, तो मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को अब इन्हीं की 'हाय' लग रही है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंचायत चुनाव के पहले चरण में 78 प्रतिशत मतदान दर्ज होने पर जनता का आभार व्यक्त किया, और कहा कि जनता पूरे उत्साह के साथ चुनाव में भाग ले रही है। उन्होंने राज्य में आने वाले पर्यटकों का भी स्वागत किया और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनकी सुविधा के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। साथ ही, छोटे दुकानदारों का ध्यान रखते हुए सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि सभी दुकानें 24 घंटे तक खुली रह सकती हैं, जिसे दुकानदार अपनी क्षमतानुसार लागू कर सकते हैं।4
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के उपमंडल बंगाणा के तहत ककराना में स्थित हिम ईरा शॉप आग की चपेट में आने से जल गई।1
- ऊना में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सड़क पर जाम लगा रखा था, जिससे यातायात अवरुद्ध हो गया था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एएसपी ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। एएसपी ने उन्हें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम लगा रहे लोगों ने रास्ता खाली कर दिया। इस पहल से बंद पड़ी सड़क को फिर से खोल दिया गया और यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से बहाल हो गई।1
- समाज में आस्था और धर्म को लेकर अक्सर बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई देती है। एक तरफ लोग मंदिरों में पत्थर की मूर्तियों के सामने सिर झुकाते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं, वहीं दूसरी ओर सड़कों व गलियों में बेसहारा घूमते नंदीगण भूख और प्यास से तड़पते रहते हैं। यह सोचने वाली बात है कि जिस नंदी को भगवान शिव का प्रिय वाहन माना जाता है, उन्हीं के जीवित रूप पशुओं को लोग बेसहारा छोड़ देते हैं। कई जगहों पर छोटे बछड़े और नंदीगण कूड़े के ढेर में भोजन तलाशते नजर आते हैं, जिनके लिए न तो चारे का कोई इंतजाम होता है और न ही कोई उनकी जिम्मेदारी उठाने को तैयार दिखता है। 'जागृत हिमाचल' का कहना है कि धर्म सिर्फ मंदिरों में माथा टेकने से पूरा नहीं होता, बल्कि जीवों पर दया और उनकी सेवा करने से भी पूर्ण होता है। अगर लोग सच में भगवान शिव के भक्त हैं, तो उन्हें सबसे पहले उनके प्रिय नंदीगणों की सेवा और रक्षा करनी चाहिए। भूखे पशुओं को भोजन देना, उनकी देखभाल करना और उन्हें बेसहारा न छोड़ना ही सच्ची आस्था और मानवता है। 'जागृत हिमाचल' समाज से अपील करता है कि धर्म के नाम पर केवल दिखावा न करें, बल्कि जीवों के प्रति संवेदनशील बनें, क्योंकि ईश्वर पत्थरों में कम और जीवों की सेवा में अधिक बसते हैं।1
- बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल की 15 पंचायतों में मतदान प्रक्रिया का आरंभ हो गया है। इन पंचायतों में सुबह से ही मतदाताओं की भारी भीड़ देखी जा रही है, जो अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान केंद्रों पर उमड़ पड़ी है।1
- ऊना जिले की 85 पंचायतों में मंगलवार, 26 मई को मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। जिला मुख्यालय पर सायं 5 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में कुल 1,34,805 मतदाताओं में से 1,05,485 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसके परिणामस्वरूप औसत मतदान प्रतिशतता 78.25 रही। इनमें 55,249 महिला और 50,236 पुरुष मतदाता शामिल थे। जिला निर्वाचन अधिकारी ऊना जतिन लाल ने बताया कि सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं और युवाओं, बुजुर्गों तथा महिलाओं सहित सभी वर्गों में लोकतंत्र के इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। इस चरण में अंब उपमंडल की 19 पंचायतों के 111 वार्डों में सबसे अधिक 79.99% मतदान दर्ज किया गया, जहाँ 10,533 महिला और 9,882 पुरुष मतदाताओं सहित कुल 20,415 मतदाताओं ने वोट डाले। बंगाणा में 79.03% मतदान हुआ, जिसमें 10,441 महिला और 9,505 पुरुष मतदाताओं सहित 19,946 लोग शामिल थे। इसी प्रकार, ऊना में 77.38% मतदान रहा, जिसमें 10,973 महिला और 9,836 पुरुष मतदाताओं ने वोट किया। गगरेट में 76.63% मतदान दर्ज किया गया, जहाँ 9,686 महिला और 8,843 पुरुष मतदाताओं सहित 18,529 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। हरोली उपमंडल में 78.2% मतदान हुआ, जिसमें 13,616 महिला और 12,170 पुरुष मतदाताओं सहित कुल 25,786 मतदाताओं ने वोट डाले। अब जिले में पंचायती राज संस्थाओं के लिए दूसरे चरण का चुनाव 28 मई को निर्धारित किया गया है, जिसमें सभी उपमंडलों की कुल 83 ग्राम पंचायतें शामिल होंगी। इनमें विकास खंड अंब की 19, बंगाणा की 16, गगरेट की 14, ऊना की 18 और हरोली की 16 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। 28 मई को होने वाले मतदान में उपमंडल अंब के तहत धर्मशाला महंता खास, बधमाणा, नारी चिंतपूर्णी, डूहल बंगवाला, भगड़ा, अम्ब टिल्ला, चुरूडू, पोलियां पुरोहितां, घेवट बेहड़, कुठियाड़ी, दिलवां, राजपुर जस्वां, त्याई, कलरूही, बेहड़ जस्वां, मुबारिकपुर, भैरा, टकारला और कुठेड़ा खैरला में वोट डाले जाएंगे। बंगाणा में ग्राम पंचायत धुंदला, मलांगड़, अरलूखास, करमाली, ढियुंगली, थानाकलां, घुघन ककराना, दोबड़, प्रोइयां कलां, बुधान, बैरियां, बोहरू, मोमन्यार, बौल, रायपुर और सोहारी में मतदान होगा। उपमंडल गगरेट में ब्रहम्पुर, बढे़ड़ा राजपूतां, रामनगर, गणु मंदवाड़ा, डंगोह खुर्द, लोहरली, टटेहड़ा, गगरेट अप्पर, मवा कोहलां, चतेहड़, रायुपर, संघनेई, डंगोह खास और नकडोह पंचायतों में मतदान होगा। ऊना उपमंडल में देहलां लोअर, भटोली, नारी, मजारा, बहडाला लोअर, झुडोवाल, बसोली, बदोली, बडसाला, धमांदरी, मदनपुर, कुरियाला, मैहतपुर, भडोलियां कलां, मलूकपुर, अप्पर बहडाला, बडैहर और डठवाड़ा पंचायतों में मतदान करवाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, हरोली उपमंडल में ग्राम पंचायत लोअर पंजावर, खड्ड, ईसुपर टांडा, भदसाली, भदसाली हार, धर्मपुर, बालीवाल, हरोली, लोअर ललड़ी, नंगल खुर्द, सिंगा, गोंदपुर जयचंद, दुलैहड़, मल्लूवाल, कुठारबीत और हलेड़ा बिलना में मतदान प्रक्रिया होगी।1
- पंचायती चुनाव में मतदान केंद्रों पर अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए वोट डालने हेतु वृद्ध व्यक्तियों में भी विशेष उत्साह देखा गया। इस दौरान बुजुर्ग मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया, जो लोकतांत्रिक भागीदारी के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाता है।1