समाज में आस्था और धर्म को लेकर अक्सर बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई देती है। एक तरफ लोग मंदिरों में पत्थर की मूर्तियों के सामने सिर झुकाते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं, वहीं दूसरी ओर सड़कों व गलियों में बेसहारा घूमते नंदीगण भूख और प्यास से तड़पते रहते हैं। यह सोचने वाली बात है कि जिस नंदी को भगवान शिव का प्रिय वाहन माना जाता है, उन्हीं के जीवित रूप पशुओं को लोग बेसहारा छोड़ देते हैं। कई जगहों पर छोटे बछड़े और नंदीगण कूड़े के ढेर में भोजन तलाशते नजर आते हैं, जिनके लिए न तो चारे का कोई इंतजाम होता है और न ही कोई उनकी जिम्मेदारी उठाने को तैयार दिखता है। 'जागृत हिमाचल' का कहना है कि धर्म सिर्फ मंदिरों में माथा टेकने से पूरा नहीं होता, बल्कि जीवों पर दया और उनकी सेवा करने से भी पूर्ण होता है। अगर लोग सच में भगवान शिव के भक्त हैं, तो उन्हें सबसे पहले उनके प्रिय नंदीगणों की सेवा और रक्षा करनी चाहिए। भूखे पशुओं को भोजन देना, उनकी देखभाल करना और उन्हें बेसहारा न छोड़ना ही सच्ची आस्था और मानवता है। 'जागृत हिमाचल' समाज से अपील करता है कि धर्म के नाम पर केवल दिखावा न करें, बल्कि जीवों के प्रति संवेदनशील बनें, क्योंकि ईश्वर पत्थरों में कम और जीवों की सेवा में अधिक बसते हैं।
समाज में आस्था और धर्म को लेकर अक्सर बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई देती है। एक तरफ लोग मंदिरों में पत्थर की मूर्तियों के सामने सिर झुकाते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं, वहीं दूसरी ओर सड़कों व गलियों में बेसहारा घूमते नंदीगण भूख और प्यास से तड़पते रहते हैं। यह सोचने वाली बात है कि जिस नंदी को भगवान शिव का प्रिय वाहन माना जाता है, उन्हीं के जीवित रूप पशुओं को लोग बेसहारा छोड़ देते हैं। कई जगहों पर छोटे बछड़े और नंदीगण कूड़े के ढेर में भोजन तलाशते नजर आते हैं, जिनके लिए न तो चारे का कोई इंतजाम होता है और न ही कोई उनकी जिम्मेदारी उठाने को तैयार दिखता है। 'जागृत हिमाचल' का कहना है कि धर्म सिर्फ मंदिरों में माथा टेकने से पूरा नहीं होता, बल्कि जीवों पर दया और उनकी सेवा करने से भी पूर्ण होता है। अगर लोग सच में भगवान शिव के भक्त हैं, तो उन्हें सबसे पहले उनके प्रिय नंदीगणों की सेवा और रक्षा करनी चाहिए। भूखे पशुओं को भोजन देना, उनकी देखभाल करना और उन्हें बेसहारा न छोड़ना ही सच्ची आस्था और मानवता है। 'जागृत हिमाचल' समाज से अपील करता है कि धर्म के नाम पर केवल दिखावा न करें, बल्कि जीवों के प्रति संवेदनशील बनें, क्योंकि ईश्वर पत्थरों में कम और जीवों की सेवा में अधिक बसते हैं।
- देवगढ गोही पंचायत में दीवान नेगी को प्रधान नियुक्त किया गया है। उनके प्रधान बनने की घोषणा के बाद, समर्थकों ने दीवान नेगी का गर्मजोशी से स्वागत किया और इस अवसर पर अपनी खुशी जाहिर की।1
- माता मुरारी देवी का ऐतिहासिक तीन दिवसीय मेला मुरारी धार में शुरू हो गया है। इस अवसर पर मुख्य अभियंता एन.पी. सिंह मुरारी धार पहुंचे।1
- सुनील बिट्टू ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा है कि पंचायत चुनाव सत्ता का सेमीफाइनल नहीं होते। उन्होंने भाजपा सरकार पर गांवों के विकास का रास्ता रोकने का आरोप लगाया। बिट्टू ने यह भी सवाल उठाया कि जब रूस से सस्ता तेल मिल रहा है, तो फिर प्रधानमंत्री मोदी महंगा तेल क्यों खरीद रहे हैं।1
- सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के भलेठ में स्थित सीहोर पुल के नीचे एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। जानकारी के अनुसार, यह शव पानी में तैरता हुआ आया और पुल के नीचे एक टापू में फंस गया था। शव मिलने की सूचना मिलते ही गोताखोरों ने उसे निकालने का काम शुरू कर दिया है। पुलिस टीम भी मौके पर पहुँच गई है। फिलहाल शव की पहचान नहीं हो पाई है, और यह पानी में फूल गया है। सुजानपुर पुलिस प्रशासन शव की शिनाख्त करने में जुटा है और यह भी पता लगा रही है कि क्या आसपास के किसी थाने में किसी गुमशुदा व्यक्ति की कोई रिपोर्ट दर्ज हुई है।1
- यह संदेश बालाजी महाराज की 'जय हो' का उद्घोष करता है, साथ ही बजरंगबली की 'जय जयकार' करते हुए उनके प्रति असीम श्रद्धा और भक्ति को दर्शाता है।1
- पंचायती चुनाव में मतदान केंद्रों पर अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए वोट डालने हेतु वृद्ध व्यक्तियों में भी विशेष उत्साह देखा गया। इस दौरान बुजुर्ग मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया, जो लोकतांत्रिक भागीदारी के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाता है।1
- मलारी में संचालित कैप्टन राजेश मैहता की निःशुल्क अकादमी से प्रशिक्षित 10 युवाओं को भारतीय सेना में शामिल किया गया है। यह अकादमी पिछले सात वर्षों से युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए तैयार कर रही है और इस नई सफलता के साथ, अब तक कुल 35 युवा देश सेवा के लिए सेना का हिस्सा बन चुके हैं। यह एक गर्व का विषय है कि कैप्टन मैहता ने पहले स्वयं भारतीय सीमाओं की रक्षा की, और अब उनके शिष्य भी इसी कर्तव्य का निर्वहन करेंगे।1
- देवगढ़ गोही पंचायत में हुए चुनाव में शिव राम को उप प्रधान चुना गया है। उन्होंने इस चुनाव में 179 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है।1