Shuru
Apke Nagar Ki App…
सुनील बिट्टू ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा है कि पंचायत चुनाव सत्ता का सेमीफाइनल नहीं होते। उन्होंने भाजपा सरकार पर गांवों के विकास का रास्ता रोकने का आरोप लगाया। बिट्टू ने यह भी सवाल उठाया कि जब रूस से सस्ता तेल मिल रहा है, तो फिर प्रधानमंत्री मोदी महंगा तेल क्यों खरीद रहे हैं।
हमीरपुरी पत्रकार
सुनील बिट्टू ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा है कि पंचायत चुनाव सत्ता का सेमीफाइनल नहीं होते। उन्होंने भाजपा सरकार पर गांवों के विकास का रास्ता रोकने का आरोप लगाया। बिट्टू ने यह भी सवाल उठाया कि जब रूस से सस्ता तेल मिल रहा है, तो फिर प्रधानमंत्री मोदी महंगा तेल क्यों खरीद रहे हैं।
More news from Mandi and nearby areas
- माता मुरारी देवी का ऐतिहासिक तीन दिवसीय मेला मुरारी धार में शुरू हो गया है। इस अवसर पर मुख्य अभियंता एन.पी. सिंह मुरारी धार पहुंचे।1
- जिला ऊना के स्वारि टकोली इलाके में दो गुटों के बीच आपस में झड़प की घटना सामने आई है।1
- बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल की 15 पंचायतों में मतदान प्रक्रिया का आरंभ हो गया है। इन पंचायतों में सुबह से ही मतदाताओं की भारी भीड़ देखी जा रही है, जो अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान केंद्रों पर उमड़ पड़ी है।1
- ऊना के सदर थाना क्षेत्र में हमीरपुर रोड स्थित लोए-लोए कैफे के मालिक पर अपने ही कामगार दीपांशु को अगवा कर बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले को लेकर सोमवार देर शाम पीड़ित युवक के परिजनों और गांव के लोगों ने कैफे के बाहर और मुख्य सड़क पर प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की, जिसके कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ। लोअर अरनियाला गांव निवासी पीड़ित युवक दीपांशु ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि कैफे मालिक इशान ठाकुर ने कुछ दिन पहले कैफे में लगी आग के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया था। दीपांशु के अनुसार, आरोपी उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गया, रास्ते में उसके साथ मारपीट की और फिर एक फार्म हाउस में ले जाकर बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसे बिजली का करंट लगाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई, साथ ही उस पर ऐसे कई आरोप लगाए गए जिनसे उसका कोई लेना-देना नहीं था। इस घटना से वह मानसिक रूप से काफी डरा हुआ है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस शुरुआती स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं ले रही थी, और वे लगातार नारेबाजी करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। स्थिति तनावपूर्ण होते देख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार भाटिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों और पीड़ित परिवार से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन के आश्वासन के बाद देर रात लोगों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, पीड़ित युवक का मेडिकल भी करवाया गया है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि सामने आए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा सके।2
- ऊना जिले के हरोली क्षेत्र की बीटन पंचायत में मतदान प्रक्रिया के दौरान एक मामूली झड़प हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले को नियंत्रित किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद क्षेत्र में माहौल शांत हो गया है और मतदान प्रक्रिया बिना किसी बाधा के जारी है।1
- ऊना में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सड़क पर जाम लगा रखा था, जिससे यातायात अवरुद्ध हो गया था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एएसपी ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। एएसपी ने उन्हें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम लगा रहे लोगों ने रास्ता खाली कर दिया। इस पहल से बंद पड़ी सड़क को फिर से खोल दिया गया और यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से बहाल हो गई।1
- पंचायत चुनावों के बीच एक स्कूल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अनुभव किया गया, जहाँ बच्चों ने उत्साहपूर्वक वोट डाले और अपने प्रतिनिधियों का चुनाव किया। इस पहल से स्कूल परिसर में लोकतंत्र की गूँज सुनाई दी, जहाँ युवा पीढ़ी को मतदान और नेतृत्व चयन का व्यावहारिक ज्ञान मिला।1
- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर ज़िले के भड़ोली खुर्द में मतदाताओं ने 35 साल से कच्ची सड़क की समस्या को लेकर चुनाव का बहिष्कार किया। गाँव में सड़क के अभाव के विरोध में केवल 6 लोगों ने मतदान किया। इस विरोध प्रदर्शन का नारा था 'सड़क नहीं तो वोट नहीं', जिसके तहत लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की और मतदान से दूर रहे।1
- बसोली पंचायत में आगामी चुनावों के मद्देनजर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं, जिससे यह क्षेत्र एक रणभूमि का रूप ले चुका है। प्रधान और उपप्रधान पद के प्रत्याशियों ने मतदाताओं के समक्ष अपना शक्ति प्रदर्शन किया। इस चुनावी गहमागहमी के बीच, सतनाम सिंह मट्टू नामक एक प्रत्याशी ने अपना संकल्प पत्र जारी किया। उन्होंने यह दावा किया कि चुनाव में जीत हासिल करते ही वे अपने सभी वादों पर तुरंत काम शुरू कर देंगे।1