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ऊना जिले के हरोली क्षेत्र की बीटन पंचायत में मतदान प्रक्रिया के दौरान एक मामूली झड़प हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले को नियंत्रित किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद क्षेत्र में माहौल शांत हो गया है और मतदान प्रक्रिया बिना किसी बाधा के जारी है।
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ऊना जिले के हरोली क्षेत्र की बीटन पंचायत में मतदान प्रक्रिया के दौरान एक मामूली झड़प हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले को नियंत्रित किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद क्षेत्र में माहौल शांत हो गया है और मतदान प्रक्रिया बिना किसी बाधा के जारी है।
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- ऊना जिले की 85 पंचायतों में मंगलवार, 26 मई को मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। जिला मुख्यालय पर सायं 5 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में कुल 1,34,805 मतदाताओं में से 1,05,485 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसके परिणामस्वरूप औसत मतदान प्रतिशतता 78.25 रही। इनमें 55,249 महिला और 50,236 पुरुष मतदाता शामिल थे। जिला निर्वाचन अधिकारी ऊना जतिन लाल ने बताया कि सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं और युवाओं, बुजुर्गों तथा महिलाओं सहित सभी वर्गों में लोकतंत्र के इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। इस चरण में अंब उपमंडल की 19 पंचायतों के 111 वार्डों में सबसे अधिक 79.99% मतदान दर्ज किया गया, जहाँ 10,533 महिला और 9,882 पुरुष मतदाताओं सहित कुल 20,415 मतदाताओं ने वोट डाले। बंगाणा में 79.03% मतदान हुआ, जिसमें 10,441 महिला और 9,505 पुरुष मतदाताओं सहित 19,946 लोग शामिल थे। इसी प्रकार, ऊना में 77.38% मतदान रहा, जिसमें 10,973 महिला और 9,836 पुरुष मतदाताओं ने वोट किया। गगरेट में 76.63% मतदान दर्ज किया गया, जहाँ 9,686 महिला और 8,843 पुरुष मतदाताओं सहित 18,529 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। हरोली उपमंडल में 78.2% मतदान हुआ, जिसमें 13,616 महिला और 12,170 पुरुष मतदाताओं सहित कुल 25,786 मतदाताओं ने वोट डाले। अब जिले में पंचायती राज संस्थाओं के लिए दूसरे चरण का चुनाव 28 मई को निर्धारित किया गया है, जिसमें सभी उपमंडलों की कुल 83 ग्राम पंचायतें शामिल होंगी। इनमें विकास खंड अंब की 19, बंगाणा की 16, गगरेट की 14, ऊना की 18 और हरोली की 16 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। 28 मई को होने वाले मतदान में उपमंडल अंब के तहत धर्मशाला महंता खास, बधमाणा, नारी चिंतपूर्णी, डूहल बंगवाला, भगड़ा, अम्ब टिल्ला, चुरूडू, पोलियां पुरोहितां, घेवट बेहड़, कुठियाड़ी, दिलवां, राजपुर जस्वां, त्याई, कलरूही, बेहड़ जस्वां, मुबारिकपुर, भैरा, टकारला और कुठेड़ा खैरला में वोट डाले जाएंगे। बंगाणा में ग्राम पंचायत धुंदला, मलांगड़, अरलूखास, करमाली, ढियुंगली, थानाकलां, घुघन ककराना, दोबड़, प्रोइयां कलां, बुधान, बैरियां, बोहरू, मोमन्यार, बौल, रायपुर और सोहारी में मतदान होगा। उपमंडल गगरेट में ब्रहम्पुर, बढे़ड़ा राजपूतां, रामनगर, गणु मंदवाड़ा, डंगोह खुर्द, लोहरली, टटेहड़ा, गगरेट अप्पर, मवा कोहलां, चतेहड़, रायुपर, संघनेई, डंगोह खास और नकडोह पंचायतों में मतदान होगा। ऊना उपमंडल में देहलां लोअर, भटोली, नारी, मजारा, बहडाला लोअर, झुडोवाल, बसोली, बदोली, बडसाला, धमांदरी, मदनपुर, कुरियाला, मैहतपुर, भडोलियां कलां, मलूकपुर, अप्पर बहडाला, बडैहर और डठवाड़ा पंचायतों में मतदान करवाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, हरोली उपमंडल में ग्राम पंचायत लोअर पंजावर, खड्ड, ईसुपर टांडा, भदसाली, भदसाली हार, धर्मपुर, बालीवाल, हरोली, लोअर ललड़ी, नंगल खुर्द, सिंगा, गोंदपुर जयचंद, दुलैहड़, मल्लूवाल, कुठारबीत और हलेड़ा बिलना में मतदान प्रक्रिया होगी।1
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली स्वारी पंचायत में आज दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद खूनी झड़प में बदल गया।1
- जिला ऊना के स्वारि टकोली इलाके में दो गुटों के बीच आपस में झड़प की घटना सामने आई है।1
- ऊना के सदर थाना क्षेत्र में हमीरपुर रोड स्थित लोए-लोए कैफे के मालिक पर अपने ही कामगार दीपांशु को अगवा कर बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले को लेकर सोमवार देर शाम पीड़ित युवक के परिजनों और गांव के लोगों ने कैफे के बाहर और मुख्य सड़क पर प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की, जिसके कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ। लोअर अरनियाला गांव निवासी पीड़ित युवक दीपांशु ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि कैफे मालिक इशान ठाकुर ने कुछ दिन पहले कैफे में लगी आग के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया था। दीपांशु के अनुसार, आरोपी उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गया, रास्ते में उसके साथ मारपीट की और फिर एक फार्म हाउस में ले जाकर बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसे बिजली का करंट लगाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई, साथ ही उस पर ऐसे कई आरोप लगाए गए जिनसे उसका कोई लेना-देना नहीं था। इस घटना से वह मानसिक रूप से काफी डरा हुआ है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस शुरुआती स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं ले रही थी, और वे लगातार नारेबाजी करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। स्थिति तनावपूर्ण होते देख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार भाटिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों और पीड़ित परिवार से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन के आश्वासन के बाद देर रात लोगों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, पीड़ित युवक का मेडिकल भी करवाया गया है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि सामने आए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा सके।2
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के उपमंडल बंगाणा के तहत ककराना में स्थित हिम ईरा शॉप आग की चपेट में आने से जल गई।1
- ऊना में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सड़क पर जाम लगा रखा था, जिससे यातायात अवरुद्ध हो गया था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एएसपी ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। एएसपी ने उन्हें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम लगा रहे लोगों ने रास्ता खाली कर दिया। इस पहल से बंद पड़ी सड़क को फिर से खोल दिया गया और यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से बहाल हो गई।1
- सुनील बिट्टू ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा है कि पंचायत चुनाव सत्ता का सेमीफाइनल नहीं होते। उन्होंने भाजपा सरकार पर गांवों के विकास का रास्ता रोकने का आरोप लगाया। बिट्टू ने यह भी सवाल उठाया कि जब रूस से सस्ता तेल मिल रहा है, तो फिर प्रधानमंत्री मोदी महंगा तेल क्यों खरीद रहे हैं।1
- ऊना शहर को जोड़ने वाला रामपुर बेली ब्रिज एक बार फिर क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पुल बंद होने के कारण अब लोगों को शहर जाने के लिए दो किलोमीटर अतिरिक्त घूमकर जाना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा ऊना-संतोषगढ़ मार्ग पर निर्मित यह बेली पुल ओवरलोडिंग टीपरों की भेंट चढ़ा है। प्रशासन द्वारा इस पुल की अधिकतम भार क्षमता 16 टन निर्धारित की गई थी, लेकिन रात के अंधेरे में इससे 40 से 50 टन वजनी टीपरों का गुजरना आज लोगों के लिए 'गले की फांस' बन गया है। इंडिया न्यूज़ टीम (जो 247सुपर फास्ट न्यूज़ टीम के रूप में भी संदर्भित है) ने इस पुल की स्थिति को लेकर कई बार प्रशासन को जगाने का प्रयास किया था, लेकिन प्रशासन ने समय रहते कोई समाधान नहीं किया। नतीजा यह रहा कि प्रशासन ने पुल को बंद करने में जरा भी देर नहीं लगाई, और आज पुल बंद करके ही अपनी 'सक्रिय भूमिका' दिखाई है। इस घटना से लोग परेशान दिखाई दे रहे हैं।1