रमजान मुबारक : आज चांद दिखा तो कल पहला रोजा, इबादतों में मशगूल रहेंगे अकीदतमंद छीपाबड़ौद - हरनावदाशाहजी में इबादत, रहमत, मगफिरत और सब्र से लबरेज मुकद्दस नौंवा पाक माह रमजान का आगाज चांद के दीदार के साथ शुरू होने वाला है। अगर आज चांद दिखा तो कल गुरुवार को पहला रोजा रखा जाएगा। इस मुबारक माह रमजान को लेकर मुस्लिम समुदाय के अकीदतमंद तैयारियों में जुट गए हैं। खिदमतगार कमेटी के मेंबर आशु मंसूरी ने बताया की रमजान माह का चांद दिखने के साथ ही खास नमाज़ तरावीह भी शुरू होगी। वहीं मुस्लिमजन रमजान माह में एक महीने तक रोजा, नमाज, इबादत, कुरान की तिलावत कर खास इबादतों में मशगूल रहेंगे। कस्बे की मस्जिदों व मुस्लिम घरों में रमजान माह की खास इबादतों का दौर एक माह तक चलेगा। इस मौके पर मुस्लिम घरों में पुरुष व महिलाएं भी अल्लाह की इबादतों में मशगूल होकर रोजा, नमाज़ व कुरान की तिलावत में जुटेंगी। इस रमजान माह में बड़ो के साथ छोटे बच्चे भी भूख प्यास की शिद्दत से रोजा रख कर अल्लाह की इबादतों में मशगूल होंगे। इस मुबारक रमजान महीने में मस्जिदों एवं मुस्लिम घरों में अकीदतमंदों के द्वारा रोजा रखने के लिए अल सुबह सेहरी कर देर शाम को सामूहिक रोजा इफ्तार करेंगे। इस मौके पर मुस्लिम अकीदतमंद मुल्क में अमन चैन कायम रखने, आपसी भाईचारा, मोहब्बत, मुल्क की तरक्की, खुशहाली की दुआएं करेंगे। माहे रमजान के पूरे एक महीने तक घरों से लेकर बाजारों तक रोजेदारों से रौनक नजर आएगी। पूरे माह इबादतों में जुटे रहेंगे अकीदतमंद मोहम्मदिया मस्जिद इमाम हाफिज इकरार अहमद ने बताया माहे रमजान की आमद होने को है, हर मुसलमान को साल भर रमजान के महीना का शिद्दत से इंतेज़ार रहता है। इस महीने की बेहिसाब फ़ज़ीलते हैं। अल्लाह अपने बंदों को खास तौर पर रहमत से नवाजता है। यह महीना खुदा को राजी करने वाला है। इबादत में रम जाने वाला है। मदद के लिए उठ खड़े होने वाला है। खुदा अपने बंदों के द्वारा की गई किसी एक नेकी का सवाब सत्तर गुना बढ़ाकर देता है इसलिए यह महीना नेकी कमाने वाला है। रमजान का मतलब इबादत और मदद में रम जाना ही तो होता है रमजान देता है भाईचारे का पैगाम खिदमतगार कमेटी के मेंबर आशु मंसूरी ने कहा की रमजान में एक खूबसूरत संदेश दूसरों की मदद करने का भी है। जकात और सदके की हिदायत उन लोगों की मदद का जरिया है जो आर्थिक तंगी से खस्ताहाल जीवन गुजार रहे हैं। उन यतीमों के कांधे का मजबूत सहारा है जिनके सिर से मां बाप की नेमत को हटा लिया गया हो। जिस तरह हर मुसलमान के लिए रोजों को फर्ज किया गया है उसी तरह हर सम्पन्न मुस्लिम पर सदका और जकात लाजिमी है ताकि रमजान की रौनक से गरीबों की मदद हो सके। रमजान की बरकत है कि ईद आने पर मुरझाए हुए चेहरों पर खुशियों की रौनक फैल जाती है। पड़ोसियों, रिश्तेदारों और समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद करना इस महीने में उन तमाम लोगों पर फर्ज है जो संपन्न हैं और दूसरों की मदद करने में सक्षम हैं। पहली रमजान से ही बाजारों में बढ़ती रंगत इस बात की तस्दीक करती है। रमजान से नेकी, सवाब, मदद मिलती हैं मौलाना अल्तमश शेख ने कहा इस महीना में अल्लाह हर नेकी और इबादत के बदले सत्तर गुना सबाव देता है। मोमिनों के द्वारा रोजा रखने से बरकत मिलने के साथ -साथ लोगों को नेकी के रास्ते में चलने में मदद मिलती है। नेकी और इबादत का यह पाक माह अब आने वाला है। यह माह हर मुसलमानों के लिए काफी खास है। इसमें रमजान के पूरे माह पाक कुरान-ए-शरीफ का जिक्र होता है। रमजान के इस मुबारक महीने में जकात की भी अपनी अहमियत बताई गई है। जकात का अर्थ है अपनी बचत के हिस्से में से कुछ हिस्सा जरूरतमंदों, दीनों को बांटना। रोजों रखने से शरीर को फायदा रोजे के कई सामाजिक और वैज्ञानिक फायदे हैं। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। रोजा रखने से शरीर डिटॉक्स होता है और पाचन तंत्र को आराम भी मिलता है। दिन भर भूखा- प्यासा रहना अन्न और पानी की अहमियत बताते हैं जिससे हम उन लोगों की तकलीफ को समझ सकें, जो जीवन जीने के लिए सीमित साधन बमुश्किल जुटा पाते हैं। रमजान अमीर और गरीब के बीच की दूरी को कम करता है, क्योंकि सभी लोग एक साथ रोजा रखते हैं और एक साथ इफ्तार करते हैं। Jitendra Kushwah Mob. 8969999627
रमजान मुबारक : आज चांद दिखा तो कल पहला रोजा, इबादतों में मशगूल रहेंगे अकीदतमंद छीपाबड़ौद - हरनावदाशाहजी में इबादत, रहमत, मगफिरत और सब्र से लबरेज मुकद्दस नौंवा पाक माह रमजान का आगाज चांद के दीदार के साथ शुरू होने वाला है। अगर आज चांद दिखा तो कल गुरुवार को पहला रोजा रखा जाएगा। इस मुबारक माह रमजान को लेकर मुस्लिम समुदाय के अकीदतमंद तैयारियों में जुट गए हैं। खिदमतगार कमेटी के मेंबर आशु मंसूरी ने बताया की रमजान माह का चांद दिखने के साथ ही खास नमाज़ तरावीह भी शुरू होगी। वहीं मुस्लिमजन रमजान माह में एक महीने तक रोजा, नमाज, इबादत, कुरान की तिलावत कर खास इबादतों में मशगूल रहेंगे। कस्बे की मस्जिदों व मुस्लिम घरों में रमजान माह की खास इबादतों का दौर एक माह तक चलेगा। इस मौके पर मुस्लिम घरों में पुरुष व महिलाएं भी अल्लाह की इबादतों में मशगूल होकर रोजा, नमाज़ व कुरान की तिलावत में जुटेंगी। इस रमजान माह में बड़ो के साथ छोटे बच्चे भी भूख प्यास की शिद्दत से रोजा रख कर अल्लाह की इबादतों में मशगूल होंगे। इस मुबारक रमजान महीने में मस्जिदों एवं मुस्लिम घरों में अकीदतमंदों के द्वारा रोजा रखने के लिए अल सुबह सेहरी कर देर शाम को सामूहिक रोजा इफ्तार करेंगे। इस मौके पर मुस्लिम अकीदतमंद मुल्क में अमन चैन कायम रखने, आपसी भाईचारा, मोहब्बत, मुल्क की तरक्की, खुशहाली की दुआएं करेंगे। माहे रमजान के पूरे एक महीने तक घरों से लेकर बाजारों तक रोजेदारों से रौनक नजर आएगी। पूरे माह इबादतों में जुटे रहेंगे अकीदतमंद मोहम्मदिया मस्जिद इमाम हाफिज इकरार अहमद ने बताया माहे रमजान की आमद होने को है, हर मुसलमान को साल भर रमजान के महीना का शिद्दत से इंतेज़ार रहता है। इस महीने की बेहिसाब फ़ज़ीलते हैं। अल्लाह अपने बंदों को खास तौर पर रहमत से नवाजता है। यह महीना खुदा को राजी करने वाला है। इबादत में रम जाने वाला है। मदद के लिए उठ खड़े होने वाला है। खुदा अपने बंदों के द्वारा की गई किसी एक नेकी का सवाब सत्तर गुना बढ़ाकर देता है इसलिए यह महीना नेकी कमाने वाला है। रमजान का मतलब इबादत और मदद में रम जाना ही तो होता है रमजान देता है भाईचारे का पैगाम खिदमतगार कमेटी के मेंबर आशु मंसूरी ने कहा की रमजान में एक खूबसूरत संदेश दूसरों की मदद करने का भी है। जकात और सदके की हिदायत उन लोगों की मदद का जरिया है जो आर्थिक तंगी से खस्ताहाल जीवन गुजार रहे हैं। उन यतीमों के कांधे का मजबूत सहारा है जिनके सिर से मां बाप की नेमत को हटा लिया गया हो। जिस तरह हर मुसलमान के लिए रोजों को फर्ज किया गया है उसी तरह हर सम्पन्न मुस्लिम पर सदका और जकात लाजिमी है ताकि रमजान की रौनक से गरीबों की मदद हो सके। रमजान की बरकत है कि ईद आने पर मुरझाए हुए चेहरों पर खुशियों की रौनक फैल जाती है। पड़ोसियों, रिश्तेदारों और समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद करना इस महीने में उन तमाम लोगों पर फर्ज है जो संपन्न हैं और दूसरों की मदद करने में सक्षम हैं। पहली रमजान से ही बाजारों में बढ़ती रंगत इस बात की तस्दीक करती है। रमजान से नेकी, सवाब, मदद मिलती हैं मौलाना अल्तमश शेख ने कहा इस महीना में अल्लाह हर नेकी और इबादत के बदले सत्तर गुना सबाव देता है। मोमिनों के द्वारा रोजा रखने से बरकत मिलने के साथ -साथ लोगों को नेकी के रास्ते में चलने में मदद मिलती है। नेकी और इबादत का यह पाक माह अब आने वाला है। यह माह हर मुसलमानों के लिए काफी खास है। इसमें रमजान के पूरे माह पाक कुरान-ए-शरीफ का जिक्र होता है। रमजान के इस मुबारक महीने में जकात की भी अपनी अहमियत बताई गई है। जकात का अर्थ है अपनी बचत के हिस्से में से कुछ हिस्सा जरूरतमंदों, दीनों को बांटना। रोजों रखने से शरीर को फायदा रोजे के कई सामाजिक और वैज्ञानिक फायदे हैं। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। रोजा रखने से शरीर डिटॉक्स होता है और पाचन तंत्र को आराम भी मिलता है। दिन भर भूखा- प्यासा रहना अन्न और पानी की अहमियत बताते हैं जिससे हम उन लोगों की तकलीफ को समझ सकें, जो जीवन जीने के लिए सीमित साधन बमुश्किल जुटा पाते हैं। रमजान अमीर और गरीब के बीच की दूरी को कम करता है, क्योंकि सभी लोग एक साथ रोजा रखते हैं और एक साथ इफ्तार करते हैं। Jitendra Kushwah Mob. 8969999627
- Bhastrika Pranayam at home1
- स्वच्छता अभियान पखवाड़े को लेकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई छीपाबडौद प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान अंतर्गत स्वच्छता को लेकर पंचायत समिति छीपाबड़ौद की सभी ग्राम पंचायत में सभी गांव को प्लास्टिक मुक्त एवं स्वच्छ बनाए जाने हेतु आमजन को जागरूक करने प्रेरित करने के लिए विद्यालय स्तर पर सभी ग्राम पंचायत में छात्र-छात्राओं द्वारा स्वच्छता संबंधित रैलियां निकाली गई। साथ ही पंचायत समिति द्वारा प्लास्टिक कचरा मुक्त स्वच्छता संबंधित संदेश को लेकर स्वच्छता रथ का पंचायत समिति कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर संचालन किया गया। उक्त रथ क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायत में स्वच्छता से संबंधित संदेश देगा एवं आमजन को जागरूक करेगा साथ ही सभी ग्राम पंचायत में आमजन को स्वच्छता हेतु जागरूक करने के लिए चौपाल का भी आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से भी लोगों को प्लास्टिक कचरा मुक्त करना एवं सभी गांव को स्वच्छ बनाए रखने हेतु व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। स्वच्छता रथ को हरी झंडी प्रधान नरेश मीणा, विकास अधिकारी राधेश्याम भील, अधीक्षण अभियंता सूर्य प्रकाश जारवाल द्वारा रवाना किया गया। इस अवसर पर सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। छीपाबडौद विकास अधिकारी राधेश्याम भील द्वारा स्वयं ग्राम पंचायत पछाड़, ढोलम एवं अन्य ग्राम पंचायत में उपस्थित रहकर चौपाल का निरीक्षण कर उपस्थित आम जन को सभी गांव को प्लास्टिक कचरा मुक्त करने एवं स्वच्छता रखने का संदेश दिया गया। चौपाल में सहायक विकास अधिकारी हरीश यादव ग्राम, विकास अधिकारी ललित शर्मा, प्रदुम्न नागर, मूलचंद शर्मा, ब्रजराज मीणा, प्रशासक रामकवरी बाई सरिता शर्मा आदि उपस्थित रहे। Jitendra Kushwah Mob. 89699996272
- Post by Raees Khan2
- Post by Chauthmal Verma1
- स्वच्छता गतिविधियो का हुआ आयोजन । शाहाबाद ब्लॉक के पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कछियाथाना में "संपूर्ण स्वच्छ-बेहतरीन बारां" के अंतर्गत गतिविधियां करवाई गईं। संस्थाप्रधान विपिन कुमार जैन ने बताया कि प्रार्थना सत्र के पश्चात विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर और विद्यालय के आसपास पड़े हुए प्लास्टिक कचरे को एकत्रित किया उसके बाद अध्यापिका कामिनी खटीक और मंजू चौधरी के निर्देशन में बालक-बालिकाओं ने उस एकत्रित कचरे के निस्तारण के लिए कबाड़ से जुगाड़ की भांति कुछ नई-नई सामग्री बनाई। संस्थाप्रधान जैन ने बताया कि आगामी 28 फरवरी तक बारां जिले को संपूर्ण स्वच्छ बनाने के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक ग्राम भी स्वच्छ हो इस हेतु ग्राम कछियाथाना में भी विभिन्न गतिविधियां की जाएंगीं। 28 फरवरी को विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित कर सभी गतिविधियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार दिया जाएगा।।4
- झालावाड़ जिले की ग्राम पंचायत गुराड़खेड़ा के हरिपुरा गांव में पिछले दो से तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र सरकार की हर घर नल योजना के तहत गांव में नल कनेक्शन तो दिए गए हैं, लेकिन नियमित जल सप्लाई नहीं होने से योजना का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।ग्रामीणों के अनुसार कभी नल में मात्र 5 मिनट तो कभी 10 मिनट के लिए पानी आता है, जबकि पिछले दो दिनों से बिल्कुल भी जल आपूर्ति नहीं हुई। पानी की समस्या के कारण महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। घरों में पीने के पानी तक की किल्लत पैदा हो गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जल संकट को लेकर शिकायत करने पर गांव और पंचायत के कुछ दबंग लोगों द्वारा मारपीट की जाती है। यहां तक कि शिकायत करने वालों से यह तक पूछा जाता है कि उन्होंने शिकायत करने की हिम्मत कैसे की। सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि कुछ जिम्मेदार जनप्रतिनिधि भी गरीबों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे लोग खुलकर अपनी समस्या नहीं रख पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति बोलने से रोका जा रहा है और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रखा जा रहा है। भय के माहौल के कारण अधिकांश लोग खुलकर सामने नहीं आ रहे, लेकिन गुप्त रूप से कुछ लोगों ने उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाने की बात कही है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में नियमित और पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा शिकायत करने वाले लोगों को सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही मारपीट और दबाव बनाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता बिना डर के अपने अधिकारों की बात रख सके।1
- देर रात करीब 3 बजे हुए इस दर्दनाक हादसे में कार सड़क से नीचे उतरकर दो बार पलट गई। कार में कुल 7 लोग सवार थे, जो एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। 1 व्यक्ति की मौके पर मौत घटना में दिलीप दिवाकर (34) निवासी खिदरपुरा, जिला भिंड को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। 6 घायल, कोटा रैफर छबिराम, कल्पना, जीतू, 7 वर्षीय कार्तिक, अनुष्का और नीरज घायल हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को कोटा रैफर किया गया। एएसआई घनश्याम नागर व हरवीर सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अंता उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया1
- तूमडा विद्यालय में कक्षा 8 के विद्यार्थियों को दी भावभीनी विदाई छीपाबड़ौद - छीपाबड़ौद कस्बे के निकटवर्ती ग्राम तूमडा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को कक्षा 8 के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपेंद्र मीणा रहे। वहीं अध्यक्षता शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राजेश मीणा द्वारा की गई। समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक राजेंद्र कुमार योगी ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा का सफर निरंतर जारी रहना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक ओम प्रकाश सिंह, चेतन प्रकाश मेघवाल, हरीश मीना, प्रमिला शर्मा और पुष्पलता मालव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के गुर सिखाए और जीवन में नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने की सीख दी। विदाई ले रहे विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे माहौल भावुक हो गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न भेंट किए गए। विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई।2