जालौर के भीनमाल में राज्य सरकार द्वारा भीनमाल नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी पद पर नियुक्त रविकुमार खन्ना ने सोमवार को शुभ मुहूर्त में विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार ग्रहण करने पर नगरपालिका अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। रविकुमार खन्ना इससे पहले भी भीनमाल में अधिशाषी अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था और नगर की आवश्यकताओं को लेकर उनका पुराना अनुभव क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगरपालिका प्रशासक एवं आईएएस अधिकारी मोहित कासनियां के नेतृत्व में अब भीनमाल शहर में लंबित पड़े विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था, सड़क, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों ने भी इस नई नियुक्ति का स्वागत किया है। उनका मानना है कि स्थायी अधिशाषी अधिकारी के आने से प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता आएगी और नगरपालिका की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी।
जालौर के भीनमाल में राज्य सरकार द्वारा भीनमाल नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी पद पर नियुक्त रविकुमार खन्ना ने सोमवार को शुभ मुहूर्त में विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार ग्रहण करने पर नगरपालिका अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। रविकुमार खन्ना इससे पहले भी भीनमाल में अधिशाषी अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था और नगर की आवश्यकताओं को लेकर उनका पुराना अनुभव क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगरपालिका प्रशासक एवं आईएएस अधिकारी मोहित कासनियां के नेतृत्व में अब भीनमाल शहर में लंबित पड़े विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था, सड़क, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों ने भी इस नई नियुक्ति का स्वागत किया है। उनका मानना है कि स्थायी अधिशाषी अधिकारी के आने से प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता आएगी और नगरपालिका की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी।
- जालोर में अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और सहयोगिनियों (साथिनों) ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारी महिलाओं ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए उन्होंने नियमितीकरण, सम्मानजनक मानदेय, न्यूनतम वेतन, समय पर वेतन का भुगतान, पेंशन, ग्रेच्युटी और सेवा सुरक्षा सहित अपनी विभिन्न मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की पुरजोर मांग उठाई है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन और राज्य सरकार को सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि यदि उनकी वर्षों पुरानी मांगों का जल्द ही समाधान नहीं किया गया, तो वे इस आंदोलन को और भी तेज करेंगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि यदि भविष्य में आंदोलन उग्र होता है, तो उसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी।1
- मास शिवरात्रि और आर्द्रा नक्षत्र एक ही दिन पड़ने से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। श्रीशैलम ज्योतिर्लिंग में तड़के से ही श्रद्धालु पातालगंगा में पवित्र स्नान कर रहे हैं और भ्रामरांबा समेत मल्लिकार्जुन स्वामी के दर्शन कर रहे हैं। यहाँ भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने वीआईपी ब्रेक दर्शन को अस्थायी रूप से रोक दिया है। वहीं वेमुलवाड़ा राजराजेश्वर मंदिर में भी भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं ताकि यहाँ आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इस शुभ संयोग के अवसर पर सभी शिवालयों में घंटों की गूंज और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है।1
- आबूरोड के सांतपुर स्थित एक स्कूल के सामने बने गैरेज में रविवार को अचानक शॉर्ट सर्किट होने के कारण वहाँ खड़ी एक बाइक में आग लग गई। आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद तुरंत इसकी सूचना नगर पालिका के दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही नगर पालिका की दमकल टीम मौके पर पहुंची और तत्परता से कार्रवाई करते हुए समय रहते आग पर काबू पा लिया। दमकल कर्मियों की सतर्कता से आग को अन्य वाहनों और आसपास के क्षेत्र में फैलने से रोक लिया गया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। इस दमकल अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने में फायर कर्मी जितेन्द्र खराड़िया, नवीन कुमार, गौतम बंजारा एवं कमलेश मारू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।4
- पाली के सुमेरपुर उपखंड के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल बलाना में '1 करोड़ 1 सीड बॉल क्रांति शंखनाद' और 'एक व्यक्ति-एक पौधा मिशन राजस्थान' के तहत सीड बॉल महाअभियान का आयोजन किया गया। इस महाअभियान के दौरान स्कूल परिवार द्वारा तैयार की गई 3,600 सीड बॉल की जमकर सराहना की गई और स्कूल को 'सीड बॉल वीर प्रशस्ति-पत्र' देकर सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य पूरण कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में ग्रीन आर्मी मैन और पर्यावरण प्रेमी ओमप्रकाश कुमावत, हार्टफुलनेस संस्था के जिला समन्वयक सीए चेतन अरोड़ा, सेवानिवृत्त वनपाल पन्नालाल वेराजेतपुरा और समाजसेवी रावाराम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान सीए चेतन अरोड़ा ने विद्यार्थियों को ध्यान और योग का अभ्यास कराया। ग्रीन आर्मी मैन ओमप्रकाश कुमावत ने 'घर का बीज, जंगल पहुंचाओ' महाअभियान के तहत राजस्थान और देशभर में कार्यशालाओं के जरिए लोगों को सीड बॉल बनाने के लिए प्रेरित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि आगामी पांच वर्षों में 1 करोड़ 1 सीड बॉल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। सीए चेतन अरोड़ा ने पाली, सिरोही और जालोर जिलों के सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को इसका प्रशिक्षण देकर पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने की बात कही। मिशन के तहत अब तक 8 हजार से अधिक बीज सीड बॉल के माध्यम से जंगलों तक पहुंचाए जा चुके हैं, और बलाना स्कूल परिवार ने भी 21 हजार सीड बॉल तैयार कर मिशन को समर्पित करने का संकल्प लिया है। इस कार्यक्रम में मुकेश कुमार, अरविंद कुमार, अनिल कुमार, पूरण सिंह, राजेंद्र सिंह, रेखा सुथार, जीवाराम, राकेश कुमार, रणधीर सिंह, मांगीलाल, ईश्वर सिंह, हरिराम, विरधाराम, हरिकमल, मोटाराम, सुरेंद्र सिंह, गणपत कुमार, सुरेश कुमार, अरुणा, पिंटू कुमार, गौरव सहित स्कूल परिवार के कार्मिक उपस्थित रहे।3
- सिरोही में स्कूलों में ताले लटकने का सिलसिला जारी है, जिससे शिक्षा के मंदिर में बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। पहले वासा और अब नागानी के स्कूलों में ताले लटके होने के कारण गंभीर स्थिति बनी हुई है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा जी के अनुसार, यह लापरवाही बेहद गंभीर है। अब प्रशासन पर तीखे सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि आखिर कब तक स्कूलों में इसी तरह ताले लटकते रहेंगे और प्रशासन कब जागेगा?1
- तेलंगाना में देर रात सफर करने वाली एक महिला यात्री द्वारा रापिडो राइडर को किराया देने से इंकार करने और उसके साथ गाली-गलौज करने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। महिला ने देर रात राइड ली थी, लेकिन सफर पूरा होने के बाद महज ₹100 का किराया देने से बचने के लिए वह तरह-तरह के बहाने बनाने लगी। जब रापिडो राइडर ने अपने पैसे मांगे, तो महिला भड़क गई और उसने न केवल राइडर को अपशब्द कहे, बल्कि "पुलिस केस डाल दूंगी" कहकर उसे डराने-धमकाने की कोशिश भी की। इस पर राइडर ने सूझबूझ दिखाते हुए पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड कर लिया और महिला से सीधे पूछा कि वह बिना पैसे दिए उसका अपमान क्यों कर रही है। जब महिला वहां से भागने लगी, तो राइडर ने उसका पीछा किया और उससे पुलिस स्टेशन चलने की मांग की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नेटिजन्स महिला के इस खराब व्यवहार पर तीखी नाराजगी जता रहे हैं। यह घटना न केवल राइड शेयरिंग प्लेटफॉर्म्स की चुनौतियों को उजागर करती है, बल्कि यात्रियों और ड्राइवरों के बीच भरोसे की भारी कमी को भी सामने लाती है।1
- सिरोही के रावण दशहरा मैदान के मुख्य मार्ग पर सड़क के बीचोंबीच एक मरा हुआ कुत्ता दिनभर पड़ा रहा, जिससे नगर परिषद की शिथिल और लचर कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सोमवार को आयोजित सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के कारण इस मार्ग से सैकड़ों परीक्षार्थी, उनके अभिभावक, अधिकारी और राहगीर दिनभर आते-जाते रहे। सड़क पर पड़े मृत कुत्ते से उठ रही तेज दुर्गंध के कारण इन सभी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसे लेकर स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद की गंभीर लापरवाही पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। समाजसेवी गोपाल सिंह राव पोसालिया ने आरोप लगाया कि पूरे शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। सड़कों पर बेसहारा गौवंश घूमता रहता है, सांडों की आपस में होने वाली लड़ाई से कई राहगीर घायल हो चुके हैं और आवारा कुत्तों के आतंक से नागरिक डरे हुए हैं। इसके बावजूद नगर परिषद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। गोपाल सिंह राव ने बताया कि इस समस्या की जानकारी देने के लिए उन्होंने नगर परिषद आयुक्त को दो बार फोन किया, लेकिन दोनों ही बार फोन रिसीव नहीं किया गया, जिससे जनता की शिकायतों के प्रति प्रशासन की उदासीनता साफ उजागर होती है। समाजसेवी ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने मांग उठाई है कि शहर की सफाई व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाए, मृत पशुओं को तुरंत हटाने की कोई ठोस और प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए तथा आवारा पशुओं व कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान कर सिरोही के निवासियों को राहत दी जाए।1