पटना जिले के बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब तेज हो गया है। इस सिलसिले में शुक्रवार की शाम 'Let's Inspire Bihar' के बैनर तले एक पैदल यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने तुर्क-अफगान सेनापति बख्तियार खिलजी के नाम पर शहर के नामकरण का कड़ा विरोध जताया और इसे बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग दोहराई। आयोजकों का कहना है कि यह मांग काफी समय से उठाई जा रही है और अब इसे एक जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी इस पैदल यात्रा में नगर परिषद के चेयरमैन पवन सिंह, संजय यादवेंदु, टुली सिंह, पप्पू डॉन, विद्या विनोद प्रेमी, मोहित सिंह, उपेंद्र सिंह, दीपक कुमार, हैप्पी राणा, अभय और सौरव समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुँचाना है। उन्होंने भविष्य में भी इस विषय पर जनजागरण अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है। फिलहाल बख्तियारपुर का नाम बदलने को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय घोषित नहीं किया गया है।
पटना जिले के बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब तेज हो गया है। इस सिलसिले में शुक्रवार की शाम 'Let's Inspire Bihar' के बैनर तले एक पैदल यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने तुर्क-अफगान सेनापति बख्तियार खिलजी के नाम पर शहर के नामकरण का कड़ा विरोध जताया और इसे बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग दोहराई। आयोजकों का कहना है कि यह मांग काफी समय से उठाई जा रही है और अब इसे एक जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी इस पैदल यात्रा में नगर परिषद के चेयरमैन पवन सिंह, संजय यादवेंदु, टुली सिंह, पप्पू डॉन, विद्या विनोद प्रेमी, मोहित सिंह, उपेंद्र सिंह, दीपक कुमार, हैप्पी राणा, अभय और सौरव समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुँचाना है। उन्होंने भविष्य में भी इस विषय पर जनजागरण अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है। फिलहाल बख्तियारपुर का नाम बदलने को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय घोषित नहीं किया गया है।
- पटना के बख्तियारपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-31) पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज कर दिया गया है। पटना में 23 जून से 29 जून तक चले अभियान के बाद, अब 9 जुलाई से बख्तियारपुर प्रखंड के सालिमपुर और बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है, जो 13 जुलाई तक जारी रहेगी। इसी कड़ी में शनिवार को जगदंबा मंदिर से मोगलपुरा पेट्रोल पंप तक सड़क के उत्तरी हिस्से में बने अस्थायी और अवैध कब्जों को प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में हटा दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान बीसीपीएल के राजीव कुमार, प्रशासनिक मजिस्ट्रेट राजीव रंजन, कृषि समन्वयक, बख्तियारपुर थाना के एसआई शत्रुघ्न कुमार और जिला पुलिस बल के जवान तैनात रहे। बीसीपीएल के राजीव कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय राजमार्ग की दोनों ओर मिलाकर कुल 200 फीट राइट ऑफ वे (ROW) के दायरे में किसी भी तरह का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 13 अप्रैल 2026 के आदेश और बिहार के मुख्य सचिव की 26 मई 2026 की समीक्षा बैठक के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। इसके तहत NHAI ने 10 जून 2026 को पटना के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर प्रशासनिक और पुलिस सहयोग की मांग की थी, जिसके बाद अब पूरे पटना-बख्तियारपुर NH-31 कॉरिडोर में चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाया जा रहा है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत दशहरा पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय दशहरा का परिसर बारिश के पानी के कारण पूरी तरह से झील में तब्दील हो गया है। इस जलजमाव के कारण स्कूल में पढ़ाई करना एक बड़ी समस्या बन गया है और सबसे बड़ा संकट यह उत्पन्न हो गया है कि आखिर बच्चे और शिक्षक क्लासरूम तक जाएं तो जाएं कैसे। इस विकट परिस्थिति का सामना करते हुए स्कूल के शिक्षकों और बच्चों को मजबूरन इसी पानी को पार कर क्लासरूम में प्रवेश करना पड़ रहा है। गंदे पानी के बीच से होकर गुजरने के कारण हर समय बड़े हादसे का डर बना रहता है। ऐसी स्थिति में यदि कोई शिक्षक या छात्र फिसल कर गिर जाता है, तो हाथ-पैर टूटना बिल्कुल निश्चित है और इससे भी आगे कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। इतनी बड़ी समस्या होने के बावजूद अब तक इस मामले में न तो विभागीय पदाधिकारियों ने कोई संज्ञान लिया है और न ही स्थानीय प्रशासन जागा है। प्रशासन और विभाग इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं और परिसर में इकट्ठे हो चुके पानी की निकासी के लिए अब तक कोई प्रयास नहीं किया गया है।1
- पटना के बाढ़ में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में गवाही देने पहुंचे माता-पिता और वकील का बयान दर्ज कर लिया गया है।1
- पटना में मानसून की पहली हल्की बारिश के साथ ही शहर की बदहाल स्थिति सामने आ गई है। बारिश की शुरुआत होते ही सड़कों पर जगह-जगह जलजमाव की समस्या पैदा हो गई है, जिसके कारण आम लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।1
- नालंदा के बिहार शरीफ में गाँव के जीवन की शांति और सुकून को सबसे अनमोल बताया गया है। यहाँ व्यक्त भावनाओं के अनुसार, जीवन का असली सुकून सिर्फ गाँव में ही मिलता है, जबकि रोजी-रोटी या अन्य कारणों से शहर जाना तो महज़ एक मजबूरी बनकर रह गया है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत दशहरा पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय दशहरा का पूरा परिसर बारिश के पानी के कारण झील में तब्दील हो गया है। इस जलजमाव के बाद अब सबसे बड़ी समस्या यह खड़ी हो गई है कि आखिर क्लासरूम में जाया कैसे जाए। इस कठिन परिस्थिति का सामना करते हुए विद्यालय के शिक्षक और बच्चे मजबूरन इस झील रूपी पानी को पार करके ही अपनी क्लासों में जाने को विवश हैं। इस तरह पानी के बीच से गुजरने के कारण हर वक्त हादसे का डर बना रहता है, जिससे शिक्षकों या बच्चों के हाथ-पैर टूटने या फिर कोई और गंभीर अनहोनी होने की पूरी आशंका बनी हुई है। इस संवेदनशील मामले को लेकर अब तक विभागीय पदाधिकारियों या प्रशासन की नींद नहीं खुली है और वे पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। परिसर में जमा हुए इस पानी की निकासी के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई भी कदम नहीं उठाया गया है और न ही इस समस्या से उबरने का कोई प्रयास किया जा रहा है।1
- पटना जिले के बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब तेज हो गया है। इस सिलसिले में शुक्रवार की शाम 'Let's Inspire Bihar' के बैनर तले एक पैदल यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने तुर्क-अफगान सेनापति बख्तियार खिलजी के नाम पर शहर के नामकरण का कड़ा विरोध जताया और इसे बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग दोहराई। आयोजकों का कहना है कि यह मांग काफी समय से उठाई जा रही है और अब इसे एक जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी इस पैदल यात्रा में नगर परिषद के चेयरमैन पवन सिंह, संजय यादवेंदु, टुली सिंह, पप्पू डॉन, विद्या विनोद प्रेमी, मोहित सिंह, उपेंद्र सिंह, दीपक कुमार, हैप्पी राणा, अभय और सौरव समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुँचाना है। उन्होंने भविष्य में भी इस विषय पर जनजागरण अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है। फिलहाल बख्तियारपुर का नाम बदलने को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय घोषित नहीं किया गया है।1
- नालंदा के बिहार शरीफ में भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस ने एक बड़ा प्रदर्शन किया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने सरकार को पूरी तरह से घेरा। प्रदर्शन में विवेक सिन्हा ने सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला।1