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सृष्टि सेवा समिति धरियावद ने आज धरियावद के आंगनवाड़ी केंद्र बेड़ा बट्टा, मांडकला पटेल फला, जांबूवेला, भूतिया और अनुपपुरा में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए एक विशेष 'घर ले जाने वाले राशन से रेसिपी डेमोंस्ट्रेशन, प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता कार्यक्रम' आयोजित किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घर ले जाने के लिए मिलने वाले राशन से ही पौष्टिक और संतुलित व्यंजन तैयार करने का व्यवहारिक प्रशिक्षण देना, उन्हें कुपोषण के प्रति जागरूक करना और स्थानीय खाद्य सामग्री के माध्यम से पोषणयुक्त आहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान, कुल 72 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें 28 गर्भवती महिलाएं, 24 धात्री महिलाएं और 20 अन्य महिलाएं शामिल थीं। उन्हें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संतुलित आहार, एनीमिया की रोकथाम, स्तनपान तथा पूरक पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। महिलाओं को विशेष रूप से बताया गया कि गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान पोषणयुक्त भोजन मां और शिशु दोनों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रतिभागी महिलाओं ने घर ले जाने वाली (THR) सामग्री का उपयोग कर विभिन्न पौष्टिक और आकर्षक व्यंजन बनाए, जिनमें THR लड्डू, पोषाहार खिचड़ी, मल्टीग्रेन शीरा, पोषण पंजीरी, बाजरा और मूंग दाल आधारित व्यंजन, साथ ही आयरन एवं प्रोटीन युक्त रेसिपियां प्रमुख थीं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का उपयोग कर कम लागत में पौष्टिक भोजन तैयार करने की अपनी रचनात्मकता और नवाचार का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में व्यंजनों का मूल्यांकन पोषण गुणवत्ता, THR सामग्री के सही उपयोग, स्वाद, प्रस्तुति, स्वच्छता, नवाचार और गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए उपयोगिता जैसे मापदंडों पर किया गया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को प्रोत्साहन के रूप में 'पोषण पोटली' भेंट की गई, जिसमें भुने हुए चने, मूंगफली और गुड़ शामिल थे, ताकि उन्हें स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों के महत्व के प्रति प्रेरित किया जा सके। सृष्टि सेवा समिति धरियावद के प्रोग्राम मैनेजर जितेंद्र कुमार यादव ने इस अवसर पर कहा कि महिलाओं में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का सही उपयोग करके परिवार को कुपोषण से मुक्त किया जा सकता है। उन्होंने सभी महिलाओं से अपने घरों में भी पौष्टिक भोजन और संतुलित आहार को बढ़ावा देने की अपील की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशासहयोगिनियों और सृष्टि सेवा समिति टीम के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर रोशन सिंह, रवि नाथ, फील्ड मोबिलाइजर बाल किशन मीणा, गोपाल मीणा, जीवनलाल मीणा एवं नारायण मेघवाल का विशेष सहयोग रहा। यह आयोजन महिलाओं में पोषण जागरूकता बढ़ाने, कुपोषण की रोकथाम और स्वस्थ परिवार निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

19 hrs ago
user_जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
धरियावद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
19 hrs ago

सृष्टि सेवा समिति धरियावद ने आज धरियावद के आंगनवाड़ी केंद्र बेड़ा बट्टा, मांडकला पटेल फला, जांबूवेला, भूतिया और अनुपपुरा में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए एक विशेष 'घर ले जाने वाले राशन से रेसिपी डेमोंस्ट्रेशन, प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता कार्यक्रम' आयोजित किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घर ले जाने के लिए मिलने वाले राशन से ही पौष्टिक और संतुलित व्यंजन तैयार करने का व्यवहारिक प्रशिक्षण देना, उन्हें कुपोषण के प्रति जागरूक करना और स्थानीय खाद्य सामग्री के माध्यम से पोषणयुक्त आहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान, कुल 72 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें 28 गर्भवती महिलाएं, 24 धात्री महिलाएं और 20 अन्य महिलाएं शामिल थीं। उन्हें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संतुलित आहार, एनीमिया की रोकथाम, स्तनपान तथा पूरक पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। महिलाओं को विशेष रूप से बताया गया कि गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान पोषणयुक्त भोजन मां और शिशु दोनों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रतिभागी महिलाओं ने घर ले जाने वाली (THR) सामग्री का उपयोग कर विभिन्न पौष्टिक और आकर्षक व्यंजन बनाए, जिनमें THR लड्डू, पोषाहार खिचड़ी, मल्टीग्रेन शीरा, पोषण पंजीरी, बाजरा और मूंग दाल आधारित व्यंजन, साथ ही आयरन एवं प्रोटीन युक्त रेसिपियां प्रमुख थीं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का उपयोग कर कम लागत में पौष्टिक भोजन तैयार करने की अपनी रचनात्मकता और नवाचार का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में व्यंजनों का मूल्यांकन पोषण गुणवत्ता, THR सामग्री के सही उपयोग, स्वाद, प्रस्तुति, स्वच्छता, नवाचार और गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए उपयोगिता जैसे मापदंडों पर किया गया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को प्रोत्साहन के रूप में 'पोषण पोटली' भेंट की गई, जिसमें भुने हुए चने, मूंगफली और गुड़ शामिल थे, ताकि उन्हें स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों के महत्व के प्रति प्रेरित किया जा सके। सृष्टि सेवा समिति धरियावद के प्रोग्राम मैनेजर जितेंद्र कुमार यादव ने इस अवसर पर कहा कि महिलाओं में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का सही उपयोग करके परिवार को कुपोषण से मुक्त किया जा सकता है। उन्होंने सभी महिलाओं से अपने घरों में भी पौष्टिक भोजन और संतुलित आहार को बढ़ावा देने की अपील की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशासहयोगिनियों और सृष्टि सेवा समिति टीम के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर रोशन सिंह, रवि नाथ, फील्ड मोबिलाइजर बाल किशन मीणा, गोपाल मीणा, जीवनलाल मीणा एवं नारायण मेघवाल का विशेष सहयोग रहा। यह आयोजन महिलाओं में पोषण जागरूकता बढ़ाने, कुपोषण की रोकथाम और स्वस्थ परिवार निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • यह बताया गया है कि जिन व्यक्तियों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करना है, उन्हें 6 और 7 जून को विशेष जांच करवानी चाहिए।
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    यह बताया गया है कि जिन व्यक्तियों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करना है, उन्हें 6 और 7 जून को विशेष जांच करवानी चाहिए।
    user_दीपक प्रजापति
    दीपक प्रजापति
    मल्हारगढ़, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • नीमच की सिंगोली थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 620 ग्राम अफीम जब्त की और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत की गई। जब्त की गई अफीम की कीमत लगभग 3.10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस टीम ने प्रेमपुरा फंटे के पास नाकाबंदी की थी, तभी एक संदिग्ध मोटरसाइकिल चालक पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। तलाशी के दौरान, मोटरसाइकिल के पैनल के अंदर छिपाकर रखी गई 620 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया, जिसकी कीमत 50 हजार रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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    नीमच की सिंगोली थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 620 ग्राम अफीम जब्त की और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत की गई। जब्त की गई अफीम की कीमत लगभग 3.10 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस टीम ने प्रेमपुरा फंटे के पास नाकाबंदी की थी, तभी एक संदिग्ध मोटरसाइकिल चालक पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। तलाशी के दौरान, मोटरसाइकिल के पैनल के अंदर छिपाकर रखी गई 620 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया, जिसकी कीमत 50 हजार रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
    user_मुकेश शर्मा पत्रकार नीमच
    मुकेश शर्मा पत्रकार नीमच
    Carpenter Neemuch Nagar, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • पावन अधिक मास के अवसर पर नीलकंठ महिला मंडल द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा में कथावाचक डॉ. महेंद्र त्रिवेदी ने भगवान श्रीराम, भगवान शिव और माता सती के मार्मिक प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने इस दौरान बताया कि किस प्रकार माता सीता की खोज में व्याकुल श्रीराम की परीक्षा लेने हेतु माता सती ने सीता का रूप धारण किया था, किंतु सर्वज्ञ भगवान श्रीराम ने उन्हें तुरंत पहचान लिया। इस प्रसंग के माध्यम से डॉ. महेंद्र त्रिवेदी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास का महत्वपूर्ण संदेश दिया। संगीतमय भजनों और मधुर प्रस्तुति से पूरा कथा पांडाल भक्तिमय माहौल में डूब गया, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज की गई। शिव-सती प्रसंग को सुनकर अनेक श्रद्धालु भावुक हो उठे, और पूरा वातावरण "जय श्रीराम" एवं "हर-हर महादेव" के जयघोषों से गूंज उठा। नीलकंठ महादेव महिला मंडल द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को नगर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अनूठा संदेश फैलाने वाला बताया गया है।
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    पावन अधिक मास के अवसर पर नीलकंठ महिला मंडल द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा में कथावाचक डॉ. महेंद्र त्रिवेदी ने भगवान श्रीराम, भगवान शिव और माता सती के मार्मिक प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने इस दौरान बताया कि किस प्रकार माता सीता की खोज में व्याकुल श्रीराम की परीक्षा लेने हेतु माता सती ने सीता का रूप धारण किया था, किंतु सर्वज्ञ भगवान श्रीराम ने उन्हें तुरंत पहचान लिया।

इस प्रसंग के माध्यम से डॉ. महेंद्र त्रिवेदी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास का महत्वपूर्ण संदेश दिया। संगीतमय भजनों और मधुर प्रस्तुति से पूरा कथा पांडाल भक्तिमय माहौल में डूब गया, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज की गई। शिव-सती प्रसंग को सुनकर अनेक श्रद्धालु भावुक हो उठे, और पूरा वातावरण "जय श्रीराम" एवं "हर-हर महादेव" के जयघोषों से गूंज उठा।

नीलकंठ महादेव महिला मंडल द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को नगर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अनूठा संदेश फैलाने वाला बताया गया है।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • सिंगोली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए राजस्थान के एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से 620 ग्राम अफीम और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
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    सिंगोली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए राजस्थान के एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से 620 ग्राम अफीम और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
    user_Mahesh Suthar
    Mahesh Suthar
    Carpenter नीमच नगर, नीमच, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • प्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने गुरुवार, 4 जून 2026 को नीमच जिले की रामपुरा तहसील के ग्राम खिमला पहुंचकर निर्माणाधीन ग्रीनको पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को गुणवत्ता, सुरक्षा तथा समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री शुक्ला ने पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से परियोजना की प्रगति, तकनीकी पहलुओं और निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों के साथ आगामी कार्ययोजना और संभावित चुनौतियों पर चर्चा करते हुए परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया। मंत्री शुक्ला ने कहा कि खिमला में विकसित हो रहा यह पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगा। उन्होंने बताया कि ऊर्जा भंडारण की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए यह परियोजना प्रदेश की बिजली व्यवस्था को अधिक मजबूत, स्थिर और विश्वसनीय बनाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि परियोजना के पूर्ण होने पर ऊर्जा उत्पादन और भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने के साथ-साथ क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को मजबूती मिलेगी। मंत्री ने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने परियोजना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर एसडीएम किरण आजना, अक्षय ऊर्जा विभाग के अधिकारी राठौर, लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारी तथा ग्रीनको परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि खिमला में निर्माणाधीन ग्रीनको पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट प्रदेश की महत्वाकांक्षी ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल है। इसके पूर्ण होने के बाद नीमच जिला हरित ऊर्जा के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर सकता है, जिससे प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी नया बल मिलेगा।
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    प्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने गुरुवार, 4 जून 2026 को नीमच जिले की रामपुरा तहसील के ग्राम खिमला पहुंचकर निर्माणाधीन ग्रीनको पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को गुणवत्ता, सुरक्षा तथा समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री शुक्ला ने पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से परियोजना की प्रगति, तकनीकी पहलुओं और निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों के साथ आगामी कार्ययोजना और संभावित चुनौतियों पर चर्चा करते हुए परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया।

मंत्री शुक्ला ने कहा कि खिमला में विकसित हो रहा यह पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगा। उन्होंने बताया कि ऊर्जा भंडारण की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए यह परियोजना प्रदेश की बिजली व्यवस्था को अधिक मजबूत, स्थिर और विश्वसनीय बनाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि परियोजना के पूर्ण होने पर ऊर्जा उत्पादन और भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने के साथ-साथ क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को मजबूती मिलेगी।

मंत्री ने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने परियोजना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर एसडीएम किरण आजना, अक्षय ऊर्जा विभाग के अधिकारी राठौर, लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारी तथा ग्रीनको परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि खिमला में निर्माणाधीन ग्रीनको पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट प्रदेश की महत्वाकांक्षी ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल है। इसके पूर्ण होने के बाद नीमच जिला हरित ऊर्जा के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर सकता है, जिससे प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी नया बल मिलेगा।
    user_Mukesh rathor
    Mukesh rathor
    Bangle Shop नीमच, नीमच, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मंदसौर जिले के भावगढ़ थाना क्षेत्र के भंडारिया गांव में बीती रात लगभग 25 लोगों ने हरीश धनगर के घर में घुसकर लठ से बेरहमी से मारपीट की और फिर उसे जहर पिला दिया। परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल में उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। इस अमानवीय घटना के विरोध में, मृतक के परिजनों ने शव को हाईवे पर रखकर प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मामले में त्वरित गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है, लेकिन इस घटना और युवक की मौत पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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    मंदसौर जिले के भावगढ़ थाना क्षेत्र के भंडारिया गांव में बीती रात लगभग 25 लोगों ने हरीश धनगर के घर में घुसकर लठ से बेरहमी से मारपीट की और फिर उसे जहर पिला दिया। परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल में उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। इस अमानवीय घटना के विरोध में, मृतक के परिजनों ने शव को हाईवे पर रखकर प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मामले में त्वरित गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है, लेकिन इस घटना और युवक की मौत पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
    user_Prakash sharma
    Prakash sharma
    Teacher मंदसौर नगर, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • प्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने गुरुवार को नीमच जिले की रामपुरा तहसील के ग्राम खिमला में निर्माणाधीन ग्रीनको पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान हुई समीक्षा बैठक में परियोजना की तकनीकी जानकारी और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री शुक्ला ने इस परियोजना को मध्यप्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह प्रदेश को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रोजेक्ट राज्य की बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत तथा विश्वसनीय बनाएगा। इसके अतिरिक्त, मंत्री ने बताया कि परियोजना से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। इस अवसर पर एसडीएम किरण आजना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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    प्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने गुरुवार को नीमच जिले की रामपुरा तहसील के ग्राम खिमला में निर्माणाधीन ग्रीनको पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान हुई समीक्षा बैठक में परियोजना की तकनीकी जानकारी और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।

मंत्री शुक्ला ने इस परियोजना को मध्यप्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह प्रदेश को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रोजेक्ट राज्य की बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत तथा विश्वसनीय बनाएगा। इसके अतिरिक्त, मंत्री ने बताया कि परियोजना से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। इस अवसर पर एसडीएम किरण आजना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
    user_मुकेश शर्मा पत्रकार नीमच
    मुकेश शर्मा पत्रकार नीमच
    Carpenter Neemuch Nagar, Madhya Pradesh•
    5 hrs ago
  • अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर सीकर जिले में पेयजल की स्थायी समस्या के समाधान की मांग को लेकर जलदाय विभाग कार्यालय, सांवली रोड पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन की उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया। किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद अमरा राम ने स्पष्ट किया कि शेखावाटी क्षेत्र की पेयजल समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान यमुना जल परियोजना ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने कई बार सीकर आकर यमुना का पानी लाने की घोषणा तो की है, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक इस योजना में अपने हिस्से की राशि जमा नहीं करवाई है। इसी कड़ी में, किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व विधायक पेमाराम ने कहा कि राज्य सरकार और प्रशासन की घोर उदासीनता तथा भीषण गर्मी के कारण जिले की जनता गंभीर पेयजल संकट से जूझ रही है, जिससे लोगों को अपनी मेहनत की कमाई टैंकरों से पानी खरीदने में खर्च करनी पड़ रही है। धरने को किशन पारीक, हरफूल सिंह बाजिया, बृज सुंदर जांगिड़, झाबर राड़, मंगल सिंह यादव, राकेश मुवाल, तारा धायल और अब्दुल कयूम कुरेशी सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान भगवान सहाय ढाका, सागर मल सामोता, गोपाल सिंह बिजारणिया, सागरमल बाजिया, घनश्याम सांखला और भागचंद लामिया जैसे हजारों कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से मौजूद रहे। संगठन के जिला महामंत्री सागर खाचरिया ने जानकारी दी कि धरने के बाद जलदाय विभाग के अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को ट्यूबवेल, पाइपलाइन और जिला स्तर की अन्य पेयजल समस्याओं का सात दिनों के भीतर समाधान करने का आश्वासन दिया है।
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    अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर सीकर जिले में पेयजल की स्थायी समस्या के समाधान की मांग को लेकर जलदाय विभाग कार्यालय, सांवली रोड पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन की उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया।

किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद अमरा राम ने स्पष्ट किया कि शेखावाटी क्षेत्र की पेयजल समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान यमुना जल परियोजना ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने कई बार सीकर आकर यमुना का पानी लाने की घोषणा तो की है, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक इस योजना में अपने हिस्से की राशि जमा नहीं करवाई है। इसी कड़ी में, किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व विधायक पेमाराम ने कहा कि राज्य सरकार और प्रशासन की घोर उदासीनता तथा भीषण गर्मी के कारण जिले की जनता गंभीर पेयजल संकट से जूझ रही है, जिससे लोगों को अपनी मेहनत की कमाई टैंकरों से पानी खरीदने में खर्च करनी पड़ रही है।

धरने को किशन पारीक, हरफूल सिंह बाजिया, बृज सुंदर जांगिड़, झाबर राड़, मंगल सिंह यादव, राकेश मुवाल, तारा धायल और अब्दुल कयूम कुरेशी सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान भगवान सहाय ढाका, सागर मल सामोता, गोपाल सिंह बिजारणिया, सागरमल बाजिया, घनश्याम सांखला और भागचंद लामिया जैसे हजारों कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से मौजूद रहे। संगठन के जिला महामंत्री सागर खाचरिया ने जानकारी दी कि धरने के बाद जलदाय विभाग के अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को ट्यूबवेल, पाइपलाइन और जिला स्तर की अन्य पेयजल समस्याओं का सात दिनों के भीतर समाधान करने का आश्वासन दिया है।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के वरदा ग्राम के ग्रामीणों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर अपने गांव को नवगठित ओबरी तहसील से हटाकर पुनः सागवाड़ा तहसील में यथावत रखने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, वरदा ग्राम पहले सागवाड़ा तहसील का हिस्सा था, लेकिन हालिया अधिसूचना के तहत इसे ओबरी तहसील में शामिल कर दिया गया है। ग्रामीणों ने इस बदलाव को अव्यावहारिक बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है और एसडीएम से भी संपर्क किया है। ग्रामीणों का कहना है कि डूंगरपुर-सागवाड़ा-बांसवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए पर स्थित नोखना, काहेला, टामटिया, ठाकरड़ा, नंदोड और गोवाड़ी जैसे अन्य गांव सागवाड़ा तहसील में ही रखे गए हैं। ऐसे में इन्हीं गांवों के बीच स्थित वरदा को ओबरी तहसील में शामिल करना तर्कसंगत नहीं है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया है कि वरदा गांव की दूरी सागवाड़ा से मात्र 16 किलोमीटर है, जबकि ओबरी से यह लगभग 23 किलोमीटर दूर है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने परिवहन सुविधाओं का भी हवाला दिया है। उनके अनुसार, सागवाड़ा के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और नियमित रोडवेज बसों सहित पर्याप्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, ओबरी के लिए कोई सीधी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ेगा। ग्रामीणों ने जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आमजन को सुविधा देना है, लेकिन इस निर्णय से उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित को प्राथमिकता देते हुए वरदा ग्राम को पुनः सागवाड़ा तहसील में शामिल करने का आग्रह किया है। इन मांगों के अलावा, ग्रामीणों ने भविष्य में जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वरदा को तहसील का दर्जा दिए जाने की मांग भी उठाई है। उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी और क्षेत्र की जनता को राहत प्रदान करेगी, ताकि वरदा गांव के साथ हुए अन्याय का निवारण हो सके।
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    डूंगरपुर जिले के वरदा ग्राम के ग्रामीणों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर अपने गांव को नवगठित ओबरी तहसील से हटाकर पुनः सागवाड़ा तहसील में यथावत रखने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, वरदा ग्राम पहले सागवाड़ा तहसील का हिस्सा था, लेकिन हालिया अधिसूचना के तहत इसे ओबरी तहसील में शामिल कर दिया गया है। ग्रामीणों ने इस बदलाव को अव्यावहारिक बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है और एसडीएम से भी संपर्क किया है।

ग्रामीणों का कहना है कि डूंगरपुर-सागवाड़ा-बांसवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए पर स्थित नोखना, काहेला, टामटिया, ठाकरड़ा, नंदोड और गोवाड़ी जैसे अन्य गांव सागवाड़ा तहसील में ही रखे गए हैं। ऐसे में इन्हीं गांवों के बीच स्थित वरदा को ओबरी तहसील में शामिल करना तर्कसंगत नहीं है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया है कि वरदा गांव की दूरी सागवाड़ा से मात्र 16 किलोमीटर है, जबकि ओबरी से यह लगभग 23 किलोमीटर दूर है।

इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने परिवहन सुविधाओं का भी हवाला दिया है। उनके अनुसार, सागवाड़ा के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और नियमित रोडवेज बसों सहित पर्याप्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, ओबरी के लिए कोई सीधी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ेगा। ग्रामीणों ने जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आमजन को सुविधा देना है, लेकिन इस निर्णय से उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित को प्राथमिकता देते हुए वरदा ग्राम को पुनः सागवाड़ा तहसील में शामिल करने का आग्रह किया है।

इन मांगों के अलावा, ग्रामीणों ने भविष्य में जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वरदा को तहसील का दर्जा दिए जाने की मांग भी उठाई है। उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी और क्षेत्र की जनता को राहत प्रदान करेगी, ताकि वरदा गांव के साथ हुए अन्याय का निवारण हो सके।
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    Sagwara live news
    Local News Reporter सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
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