अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर सीकर जिले में पेयजल की स्थायी समस्या के समाधान की मांग को लेकर जलदाय विभाग कार्यालय, सांवली रोड पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन की उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया। किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद अमरा राम ने स्पष्ट किया कि शेखावाटी क्षेत्र की पेयजल समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान यमुना जल परियोजना ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने कई बार सीकर आकर यमुना का पानी लाने की घोषणा तो की है, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक इस योजना में अपने हिस्से की राशि जमा नहीं करवाई है। इसी कड़ी में, किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व विधायक पेमाराम ने कहा कि राज्य सरकार और प्रशासन की घोर उदासीनता तथा भीषण गर्मी के कारण जिले की जनता गंभीर पेयजल संकट से जूझ रही है, जिससे लोगों को अपनी मेहनत की कमाई टैंकरों से पानी खरीदने में खर्च करनी पड़ रही है। धरने को किशन पारीक, हरफूल सिंह बाजिया, बृज सुंदर जांगिड़, झाबर राड़, मंगल सिंह यादव, राकेश मुवाल, तारा धायल और अब्दुल कयूम कुरेशी सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान भगवान सहाय ढाका, सागर मल सामोता, गोपाल सिंह बिजारणिया, सागरमल बाजिया, घनश्याम सांखला और भागचंद लामिया जैसे हजारों कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से मौजूद रहे। संगठन के जिला महामंत्री सागर खाचरिया ने जानकारी दी कि धरने के बाद जलदाय विभाग के अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को ट्यूबवेल, पाइपलाइन और जिला स्तर की अन्य पेयजल समस्याओं का सात दिनों के भीतर समाधान करने का आश्वासन दिया है।
अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर सीकर जिले में पेयजल की स्थायी समस्या के समाधान की मांग को लेकर जलदाय विभाग कार्यालय, सांवली रोड पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन की उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया। किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद अमरा राम ने स्पष्ट किया कि शेखावाटी क्षेत्र की पेयजल समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान यमुना जल परियोजना ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने कई बार सीकर आकर यमुना का पानी लाने की घोषणा तो की है, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक इस योजना में अपने हिस्से की राशि जमा नहीं करवाई है। इसी कड़ी में, किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व विधायक पेमाराम ने कहा कि राज्य सरकार और प्रशासन की
घोर उदासीनता तथा भीषण गर्मी के कारण जिले की जनता गंभीर पेयजल संकट से जूझ रही है, जिससे लोगों को अपनी मेहनत की कमाई टैंकरों से पानी खरीदने में खर्च करनी पड़ रही है। धरने को किशन पारीक, हरफूल सिंह बाजिया, बृज सुंदर जांगिड़, झाबर राड़, मंगल सिंह यादव, राकेश मुवाल, तारा धायल और अब्दुल कयूम कुरेशी सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान भगवान सहाय ढाका, सागर मल सामोता, गोपाल सिंह बिजारणिया, सागरमल बाजिया, घनश्याम सांखला और भागचंद लामिया जैसे हजारों कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से मौजूद रहे। संगठन के जिला महामंत्री सागर खाचरिया ने जानकारी दी कि धरने के बाद जलदाय विभाग के अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को ट्यूबवेल, पाइपलाइन और जिला स्तर की अन्य पेयजल समस्याओं का सात दिनों के भीतर समाधान करने का आश्वासन दिया है।
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा स्थित ग्राम पंचायत शोभावटी में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत पीपलडोजिया मार्ग का भव्य शिलान्यास किया गया। इस आयोजन से ग्रामीणों में हर्ष की लहर दौड़ गई। खेड़ा धरती मण्डल अध्यक्ष राकेश वड़खिया और विशिष्ट अतिथि जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि तोल सिंह हटीला द्वारा इस मार्ग का शिलान्यास संपन्न हुआ। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़कर विकास की मुख्यधारा में लाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने बताया कि इस नई सड़क के निर्माण से न केवल ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार के अवसरों तक उनकी पहुँच भी आसान हो जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) और संबंधित अधिकारियों को यह कार्य निर्धारित समय-सीमा और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। इस अवसर पर मण्डल महामंत्री अमरसिंह निनामा, जीवन लाल निनामा, सरपंच शांतिलाल कटारा, पूर्व सरपंच देवीसिंह कटारा, तेजिया भाई, लक्ष्मण मईडा, तेलिया भाई, मानसिंह, प्रकाश कटारा, दिनेश, लालहिंग सहित सैकड़ों ग्रामीणजन उपस्थित रहे।3
- डूंगरपुर जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन पृथ्वी' के तहत, वरदा पुलिस थाना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बजरी परिवहन कर रहे तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (आईपीएस) के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह के मार्गदर्शन और वृत्ताधिकारी रूपसिंह के नेतृत्व में थाना वरदा पुलिस ने यह विशेष अभियान चलाया। थानाधिकारी रिजवान खान के नेतृत्व में गठित टीम ने क्षेत्र में नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की, जिसके दौरान तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रूप से बजरी परिवहन करते हुए पाए गए। वाहन चालकों से परिवहन संबंधी आवश्यक दस्तावेज मांगे जाने पर वे वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद पुलिस ने तीनों ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर थाना परिसर में खड़ा करा दिया। पुलिस ने मामले की अग्रिम कार्रवाई के लिए खनन विभाग डूंगरपुर को सूचित कर दिया है, जिसके बाद विभाग द्वारा जांच के उपरांत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में थानाधिकारी रिजवान खान के साथ हैड कांस्टेबल रामलाल, धनेश्वर, कांस्टेबल नरेश कुमार, गिरीराज सिंह, सार्थक और महिपाल शामिल थे। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने टीम की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अवैध खनन के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा।2
- सृष्टि सेवा समिति धरियावद ने आज धरियावद के आंगनवाड़ी केंद्र बेड़ा बट्टा, मांडकला पटेल फला, जांबूवेला, भूतिया और अनुपपुरा में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए एक विशेष 'घर ले जाने वाले राशन से रेसिपी डेमोंस्ट्रेशन, प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता कार्यक्रम' आयोजित किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घर ले जाने के लिए मिलने वाले राशन से ही पौष्टिक और संतुलित व्यंजन तैयार करने का व्यवहारिक प्रशिक्षण देना, उन्हें कुपोषण के प्रति जागरूक करना और स्थानीय खाद्य सामग्री के माध्यम से पोषणयुक्त आहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान, कुल 72 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें 28 गर्भवती महिलाएं, 24 धात्री महिलाएं और 20 अन्य महिलाएं शामिल थीं। उन्हें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संतुलित आहार, एनीमिया की रोकथाम, स्तनपान तथा पूरक पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। महिलाओं को विशेष रूप से बताया गया कि गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान पोषणयुक्त भोजन मां और शिशु दोनों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रतिभागी महिलाओं ने घर ले जाने वाली (THR) सामग्री का उपयोग कर विभिन्न पौष्टिक और आकर्षक व्यंजन बनाए, जिनमें THR लड्डू, पोषाहार खिचड़ी, मल्टीग्रेन शीरा, पोषण पंजीरी, बाजरा और मूंग दाल आधारित व्यंजन, साथ ही आयरन एवं प्रोटीन युक्त रेसिपियां प्रमुख थीं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का उपयोग कर कम लागत में पौष्टिक भोजन तैयार करने की अपनी रचनात्मकता और नवाचार का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में व्यंजनों का मूल्यांकन पोषण गुणवत्ता, THR सामग्री के सही उपयोग, स्वाद, प्रस्तुति, स्वच्छता, नवाचार और गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए उपयोगिता जैसे मापदंडों पर किया गया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को प्रोत्साहन के रूप में 'पोषण पोटली' भेंट की गई, जिसमें भुने हुए चने, मूंगफली और गुड़ शामिल थे, ताकि उन्हें स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों के महत्व के प्रति प्रेरित किया जा सके। सृष्टि सेवा समिति धरियावद के प्रोग्राम मैनेजर जितेंद्र कुमार यादव ने इस अवसर पर कहा कि महिलाओं में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का सही उपयोग करके परिवार को कुपोषण से मुक्त किया जा सकता है। उन्होंने सभी महिलाओं से अपने घरों में भी पौष्टिक भोजन और संतुलित आहार को बढ़ावा देने की अपील की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशासहयोगिनियों और सृष्टि सेवा समिति टीम के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर रोशन सिंह, रवि नाथ, फील्ड मोबिलाइजर बाल किशन मीणा, गोपाल मीणा, जीवनलाल मीणा एवं नारायण मेघवाल का विशेष सहयोग रहा। यह आयोजन महिलाओं में पोषण जागरूकता बढ़ाने, कुपोषण की रोकथाम और स्वस्थ परिवार निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।1
- आदर्श ग्राम पंचायत टोडा में श्मशान घाट के पास लगा एक हैंडपंप पिछले दो साल से बंद पड़ा है। इस वजह से सड़क पर आवाजाही करने वाले लोगों को पीने के पानी की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- 5 जून 2026 को सुबह 5:00 बजे मौसम में आंधी-तूफान के साथ बारिश दर्ज की गई। इस घटना के कारण मानसून की स्थिति बहुत खराब हो गई।1
- खाचरोद नगर पालिका परिषद में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध न कराने और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर एक शिकायत सामने आई है। वार्ड प्रतिनिधि लखन गोहर ने अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन देकर संबंधित विभागीय प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता लखन गोहर के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 तक के पेट्रोल-डीजल, मेंटेनेंस बुक तथा वाहनों में लगाए गए जीपीएस और सीसीटीवी कैमरों से संबंधित जानकारी RTI के तहत मांगी थी। आरोप है कि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी उन्हें यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि सूचना के अवलोकन के लिए नियमों से अलग शुल्क की मांग की जा रही है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि जानकारी न मिलने से विभागीय कार्यप्रणाली पर संदेह उत्पन्न हो रहा है। इसके अतिरिक्त, शिकायत पत्र में वाहन प्रभारी पर कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार, पक्षपातपूर्ण रवैया तथा पूर्व में भी विवादों में रहने के आरोप लगाए गए हैं। आवेदन में कुछ व्यक्तियों से वाहन संबंधी बिल पास कराने के नाम पर कथित रूप से रिश्वत मांगने का भी उल्लेख है। लखन गोहर ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। इस शिकायत की प्रतिलिपि थाना प्रभारी खाचरोद को भी भेजी गई है। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि आवेदन में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता के दावे हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, संबंधित विभाग या अधिकारी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।2
- कुशलगढ़ नगर के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में नीलकंठ महिला मंडल द्वारा आयोजित पुरुषोत्तम मास महात्म्य कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस आध्यात्मिक आयोजन से नीलकंठ धाम भक्तिमय हो गया है। कथा के दौरान पोथी पूजन का लाभ पत्रकार सुनील शर्मा, ममता शर्मा, मुकेश पांडिया और हेमलता पांडिया ने प्राप्त किया, जबकि शाम को श्रद्धाभाव से महाआरती उतारी गई। डॉ. महेंद्र त्रिवेदी प्रतिदिन रात्रि 11 बजे तक व्यासपीठ से कथा का वाचन कर रहे हैं। उन्होंने पुरुषोत्तम मास की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि इस पवित्र महीने में श्रद्धापूर्वक पूजा, कथा श्रवण और दान करने से 33 करोड़ देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता का संचार होता है। कथा के तीसरे दिन ‘पुरुषोत्तम वर प्रदानम’ प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनने के लिए नगर के महिला-पुरुष बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।2
- नई दिल्ली में आयोजित जनजातीय सांस्कृतिक समागम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जनजातीय समाज के संदर्भ में “वनवासी” शब्द के प्रयोग को लेकर उठे विवाद के बीच, डूंगरपुर विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी बंशीलाल कटारा ने भारत आदिवासी पार्टी (BAP) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। कटारा ने आरोप लगाया कि ये दल “वनवासी” शब्द को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर जनजातीय समाज की भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं और राजनीतिक लाभ लेने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के वक्तव्य को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है। कटारा ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि भारत का जनजातीय समाज सदियों से प्रकृति और जंगलों से जुड़ा रहा है। अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय वन क्षेत्रों में निवास करता था, इसलिए उन्हें “वनवासी” कहा जाता था। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह शब्द किसी भी प्रकार से अपमानजनक नहीं है, बल्कि जनजातीय समाज के प्रकृति से गहरे संबंध को दर्शाता है। कटारा के अनुसार, अमित शाह ने विशाल जनजातीय सम्मेलन में जनजातीय समाज के सम्मान, विकास और देश निर्माण में उनकी भूमिका का ही उल्लेख किया था। पूर्व विधायक ने BAP द्वारा अमित शाह का पुतला दहन और विरोध प्रदर्शनों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जनजातीय समाज के वास्तविक मुद्दों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास पर काम करने के बजाय, कुछ नेता केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने के लिए समाज को भ्रमित कर रहे हैं। कटारा ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन बाहरी विचारधाराओं तथा ताकतों के प्रभाव में आकर जनजातीय समाज को मुख्यधारा से दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि देश की आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं लागू की गई हैं, और केंद्र सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल तथा रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। बंशीलाल कटारा ने जनजातीय समाज से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या राजनीतिक प्रोपेगेंडा में न आएं और समाज के हित में कार्य करने वाली शक्तियों का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को बांटने की राजनीति करने वालों को जनता जवाब देगी, और “वनवासी” व “आदिवासी” शब्दों के नाम पर विवाद पैदा करने के बजाय समाज के विकास और युवाओं के भविष्य पर ध्यान देना चाहिए। कटारा ने अमित शाह के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को केवल राजनीतिक नाटक बताया, जिसका जनजातीय समाज की वास्तविक समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि गृह मंत्री ने हमेशा जनजातीय समाज के सम्मान और अधिकारों की बात की है।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में डीएनटी (विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू) समुदाय ने 10 प्रतिशत अलग से आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन में समुदाय के सदस्यों ने वागड़ गांधी वाटिका से कलेक्ट्रेट तक एक रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पर सांकेतिक गिरफ्तारियां भी दीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन प्रदेशभर में चलाए जा रहे 'जेल भरो आंदोलन' का ही हिस्सा है, जो अब वागड़ क्षेत्र तक पहुँच गया है। राष्ट्रीय पशुपालक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राईका के नेतृत्व में यह आंदोलन चलाया जा रहा है। लालजी राईका ने बताया कि इन मांगों को लेकर 5 दिसंबर 2025 को सरकार के समक्ष एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई थी। उस समय सरकार ने इन मांगों को उचित मानते हुए तीन महीने में निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। हालांकि, आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस बात को अब चार से पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, जिसके बाद राष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति का गठन कर यह आंदोलन शुरू किया गया। समुदाय ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 1 जुलाई को जयपुर में एक बड़ा महापड़ाव किया जाएगा।1