डूंगरपुर जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन पृथ्वी' के तहत, वरदा पुलिस थाना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बजरी परिवहन कर रहे तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (आईपीएस) के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह के मार्गदर्शन और वृत्ताधिकारी रूपसिंह के नेतृत्व में थाना वरदा पुलिस ने यह विशेष अभियान चलाया। थानाधिकारी रिजवान खान के नेतृत्व में गठित टीम ने क्षेत्र में नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की, जिसके दौरान तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रूप से बजरी परिवहन करते हुए पाए गए। वाहन चालकों से परिवहन संबंधी आवश्यक दस्तावेज मांगे जाने पर वे वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद पुलिस ने तीनों ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर थाना परिसर में खड़ा करा दिया। पुलिस ने मामले की अग्रिम कार्रवाई के लिए खनन विभाग डूंगरपुर को सूचित कर दिया है, जिसके बाद विभाग द्वारा जांच के उपरांत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में थानाधिकारी रिजवान खान के साथ हैड कांस्टेबल रामलाल, धनेश्वर, कांस्टेबल नरेश कुमार, गिरीराज सिंह, सार्थक और महिपाल शामिल थे। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने टीम की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अवैध खनन के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा।
डूंगरपुर जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन पृथ्वी' के तहत, वरदा पुलिस थाना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बजरी परिवहन कर रहे तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (आईपीएस) के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह के मार्गदर्शन और वृत्ताधिकारी रूपसिंह के नेतृत्व में थाना वरदा पुलिस ने यह विशेष अभियान चलाया। थानाधिकारी रिजवान खान के नेतृत्व में गठित टीम ने क्षेत्र में नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की, जिसके दौरान तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रूप से बजरी परिवहन करते हुए पाए गए। वाहन चालकों से परिवहन संबंधी आवश्यक दस्तावेज मांगे जाने पर वे वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर
सके, जिसके बाद पुलिस ने तीनों ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर थाना परिसर में खड़ा करा दिया। पुलिस ने मामले की अग्रिम कार्रवाई के लिए खनन विभाग डूंगरपुर को सूचित कर दिया है, जिसके बाद विभाग द्वारा जांच के उपरांत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में थानाधिकारी रिजवान खान के साथ हैड कांस्टेबल रामलाल, धनेश्वर, कांस्टेबल नरेश कुमार, गिरीराज सिंह, सार्थक और महिपाल शामिल थे। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने टीम की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अवैध खनन के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा।
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है, जहाँ पुलिस ने विशेष अभियान 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत अवैध रूप से उगाई जा रही गांजे की लहलहाती फसल को जब्त किया और एक बुजुर्ग आरोपी को गिरफ्तार किया। डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (IPS) के निर्देशन में चलाई गई इस कार्रवाई में वरदा थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (DST) को बड़ी सफलता मिली है। जिले में नशे के काले कारोबार पर पुलिस की 'तीसरी आंख' का पहरा कड़ा करते हुए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह और वृत्ताधिकारी सागवाड़ा रूपसिंह के नेतृत्व में वरदा थानाधिकारी रिजवान खान और डीएसटी टीम को मोबाइल के जरिए हिराता फला कोठारीया गाँव में अवैध गांजे की खेती की पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने तुरंत गाँव पहुंचकर एक खेत की घेराबंदी की, जहाँ तलाशी के दौरान पुलिस को गांजे के पौधे लहलहाते मिले। पुलिस टीम ने मौके से सुखाने के लिए रखा हुआ 558 ग्राम सूखा गांजा और खेत में उगे हुए 50 नग छोटे-बड़े हरे गांजे के पौधे बरामद किए। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर कुल 4 किलो 210 ग्राम गांजा पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 75 हजार रुपये आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने खेत के मालिक और आरोपी थावरचन्द (पुत्र वेसात रोत), उम्र 65 वर्ष, निवासी हिराता फला कोठारीया को गिरफ्तार कर लिया है।3
- डूंगरपुर जिले की ग्राम पंचायत दोवड़ा में आयोजित ग्राम स्तरीय जनसुनवाई में जिला कलक्टर देशलदान पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को उनके समक्ष प्रस्तुत किया। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने, ग्राम पंचायत में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोलने और खराब हैंडपंपों को ठीक करवाने सहित कई अन्य शिकायतें दर्ज कराईं। इन परिवेदनाओं को गंभीरता से लेते हुए, जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। इस जनसुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत प्रशासक कल्पना परमार, तहसीलदार ईश्वर लाल पड़वाल, ब्लॉक विकास अधिकारी दोवड़ा मनहर बिश्नोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी प्रकाश अहारी, गिरीश कलाल और अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।4
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (IPS) के निर्देशन में, वरदा थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (DST) को एक बड़ी सफलता मिली, जहाँ एक खेत से अवैध रूप से उगाई जा रही गांजे की फसल को जब्त किया गया है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में गांजे के पौधे और सूखा गांजा बरामद करते हुए एक बुजुर्ग आरोपी को गिरफ्तार किया है। नशे के काले कारोबार पर पुलिस की निगरानी 'तीसरी आंख' के माध्यम से कड़ा पहरा दे रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह और वृत्ताधिकारी सागवाड़ा रूपसिंह के नेतृत्व में, वरदा थानाधिकारी रिजवान खान और डीएसटी टीम को मोबाइल के जरिए हिराता फला कोठारीया गांव में एक व्यक्ति द्वारा अपने घर के पास ही खेत में गांजे की अवैध खेती करने की पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही, पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने तुरंत हिराता फला कोठारीया गांव पहुंचकर खेत की घेराबंदी की और तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान पुलिस टीम ने खेत में लहलहाते गांजे के पौधे पाए और 558 ग्राम सूखा गांजा, जिसे सुखाने के लिए रखा गया था, और खेत में उगे 50 छोटे-बड़े हरे गांजे के पौधे बरामद किए। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर, गांजे का कुल वजन 4 किलो 210 ग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 75 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में खेत के मालिक और आरोपी, 65 वर्षीय थावरचन्द (पुत्र वेसात रोत), निवासी हिराता फला कोठारीया को गिरफ्तार कर लिया है।1
- डूंगरपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन त्रिनेत्र" के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वरदा पुलिस थाना और जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने संयुक्त रूप से खेतों में उगाई जा रही गांजे की फसल जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 75 हजार रुपए बताई जा रही है। इस दौरान पुलिस ने मौके से गांजे के 50 छोटे-बड़े पौधे और 558 ग्राम सूखा गांजा बरामद किया। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में थाना वरदा प्रभारी रिजवान खान और डीएसटी टीम ने मिलकर की। पुलिस के अनुसार, 3 जून 2026 को डीएसटी टीम को मोबाइल के जरिए सूचना मिली थी कि थाना वरदा क्षेत्र के हिराता फला कोठारिया गांव निवासी थावरचंद रोत अपने खेत में गांजे के पौधे उगा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और आरोपी के घर के पास स्थित खेत की तलाशी ली। तलाशी के दौरान खेत से 50 छोटे-बड़े हरे गांजे के पौधे मिले। साथ ही, सूखाने के लिए रखा गया 558 ग्राम सूखा गांजा भी जब्त किया गया। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर, हरे गांजे का कुल वजन 4 किलो 210 ग्राम पाया गया। पुलिस ने आरोपी भू-स्वामी थावरचंद रोत को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है कि उसने अब तक किन-किन लोगों को गांजा बेचा है। मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है।1
- छाणी मगरी क्षेत्र में आए आंधी-तूफान से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण क्षेत्र में मवेशियों, आम के पेड़ों, और घरों की टिन शेड व केलु (छत की टाइलें) उखड़ गए हैं। कई घरों को भी भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे छाणी मगरी क्षेत्र में पूरी व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है।4
- बिहार के प्रसिद्ध खान सर पर हमला हुआ है, जिसकी वजह उनकी सस्ती शिक्षा को बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, खान सर द्वारा बच्चों को बहुत कम दाम में शिक्षा दिए जाने से कुछ एजुकेशन स्टूडियो मालिकों को परेशानी हो रही थी, जिसके चलते उन्हें दो दिन पहले जान से मारने की धमकी भी मिली थी। इसी धमकी के दो दिन बाद अचानक हुए इस हमले से संदेह पैदा हो गया है। फिलहाल खान सर सुरक्षित हैं और उनकी सुरक्षा के लिए भारी संख्या में पुलिस और सेना तैनात कर दी गई है। बच्चों और जनता का उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है। पोस्ट में इसे ईमानदारी का फल बताया गया है, जहां जनता किसी नेक दिल इंसान के लिए मौत से भी टकराने को तैयार दिखती है।2
- नई दिल्ली में आयोजित जनजातीय सांस्कृतिक समागम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जनजातीय समाज के संदर्भ में “वनवासी” शब्द के प्रयोग को लेकर उठे विवाद के बीच, डूंगरपुर विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी बंशीलाल कटारा ने भारत आदिवासी पार्टी (BAP) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। कटारा ने आरोप लगाया कि ये दल “वनवासी” शब्द को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर जनजातीय समाज की भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं और राजनीतिक लाभ लेने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के वक्तव्य को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है। कटारा ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि भारत का जनजातीय समाज सदियों से प्रकृति और जंगलों से जुड़ा रहा है। अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय वन क्षेत्रों में निवास करता था, इसलिए उन्हें “वनवासी” कहा जाता था। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह शब्द किसी भी प्रकार से अपमानजनक नहीं है, बल्कि जनजातीय समाज के प्रकृति से गहरे संबंध को दर्शाता है। कटारा के अनुसार, अमित शाह ने विशाल जनजातीय सम्मेलन में जनजातीय समाज के सम्मान, विकास और देश निर्माण में उनकी भूमिका का ही उल्लेख किया था। पूर्व विधायक ने BAP द्वारा अमित शाह का पुतला दहन और विरोध प्रदर्शनों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जनजातीय समाज के वास्तविक मुद्दों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास पर काम करने के बजाय, कुछ नेता केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने के लिए समाज को भ्रमित कर रहे हैं। कटारा ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन बाहरी विचारधाराओं तथा ताकतों के प्रभाव में आकर जनजातीय समाज को मुख्यधारा से दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि देश की आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं लागू की गई हैं, और केंद्र सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल तथा रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। बंशीलाल कटारा ने जनजातीय समाज से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या राजनीतिक प्रोपेगेंडा में न आएं और समाज के हित में कार्य करने वाली शक्तियों का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को बांटने की राजनीति करने वालों को जनता जवाब देगी, और “वनवासी” व “आदिवासी” शब्दों के नाम पर विवाद पैदा करने के बजाय समाज के विकास और युवाओं के भविष्य पर ध्यान देना चाहिए। कटारा ने अमित शाह के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को केवल राजनीतिक नाटक बताया, जिसका जनजातीय समाज की वास्तविक समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि गृह मंत्री ने हमेशा जनजातीय समाज के सम्मान और अधिकारों की बात की है।1
- डूंगरपुर जिले के चौरासी पुलिस थाना ने पशु तस्करी का खुलासा करते हुए इसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ऐसे चार तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो एक ट्रक के अंदर डबल पार्टिशन बनाकर बेहद क्रूरतापूर्वक 38 भैंसों को ठूंस-ठूंस कर ले जा रहे थे। पशु तस्करी के भंडाफोड़ और तस्करों की गिरफ्तारी के इस सराहनीय कार्य में चौरासी पुलिस थाना का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।1
- पावन अधिक मास के अवसर पर नीलकंठ महिला मंडल द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा में कथावाचक डॉ. महेंद्र त्रिवेदी ने भगवान श्रीराम, भगवान शिव और माता सती के मार्मिक प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने इस दौरान बताया कि किस प्रकार माता सीता की खोज में व्याकुल श्रीराम की परीक्षा लेने हेतु माता सती ने सीता का रूप धारण किया था, किंतु सर्वज्ञ भगवान श्रीराम ने उन्हें तुरंत पहचान लिया। इस प्रसंग के माध्यम से डॉ. महेंद्र त्रिवेदी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास का महत्वपूर्ण संदेश दिया। संगीतमय भजनों और मधुर प्रस्तुति से पूरा कथा पांडाल भक्तिमय माहौल में डूब गया, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज की गई। शिव-सती प्रसंग को सुनकर अनेक श्रद्धालु भावुक हो उठे, और पूरा वातावरण "जय श्रीराम" एवं "हर-हर महादेव" के जयघोषों से गूंज उठा। नीलकंठ महादेव महिला मंडल द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को नगर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अनूठा संदेश फैलाने वाला बताया गया है।2