डूंगरपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन त्रिनेत्र" के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वरदा पुलिस थाना और जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने संयुक्त रूप से खेतों में उगाई जा रही गांजे की फसल जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 75 हजार रुपए बताई जा रही है। इस दौरान पुलिस ने मौके से गांजे के 50 छोटे-बड़े पौधे और 558 ग्राम सूखा गांजा बरामद किया। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में थाना वरदा प्रभारी रिजवान खान और डीएसटी टीम ने मिलकर की। पुलिस के अनुसार, 3 जून 2026 को डीएसटी टीम को मोबाइल के जरिए सूचना मिली थी कि थाना वरदा क्षेत्र के हिराता फला कोठारिया गांव निवासी थावरचंद रोत अपने खेत में गांजे के पौधे उगा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और आरोपी के घर के पास स्थित खेत की तलाशी ली। तलाशी के दौरान खेत से 50 छोटे-बड़े हरे गांजे के पौधे मिले। साथ ही, सूखाने के लिए रखा गया 558 ग्राम सूखा गांजा भी जब्त किया गया। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर, हरे गांजे का कुल वजन 4 किलो 210 ग्राम पाया गया। पुलिस ने आरोपी भू-स्वामी थावरचंद रोत को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है कि उसने अब तक किन-किन लोगों को गांजा बेचा है। मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है।
डूंगरपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन त्रिनेत्र" के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वरदा पुलिस थाना और जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने संयुक्त रूप से खेतों में उगाई जा रही गांजे की फसल जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 75 हजार रुपए बताई जा रही है। इस दौरान पुलिस ने मौके से गांजे के 50 छोटे-बड़े पौधे और 558 ग्राम सूखा गांजा बरामद किया। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में थाना वरदा प्रभारी रिजवान खान और डीएसटी टीम ने मिलकर की। पुलिस के अनुसार, 3 जून 2026 को डीएसटी टीम को मोबाइल के जरिए सूचना मिली थी कि थाना वरदा क्षेत्र के हिराता फला कोठारिया गांव निवासी थावरचंद रोत अपने खेत में गांजे के पौधे उगा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और आरोपी के घर के पास स्थित खेत की तलाशी ली। तलाशी के दौरान खेत से 50 छोटे-बड़े हरे गांजे के पौधे मिले। साथ ही, सूखाने के लिए रखा गया 558 ग्राम सूखा गांजा भी जब्त किया गया। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर, हरे गांजे का कुल वजन 4 किलो 210 ग्राम पाया गया। पुलिस ने आरोपी भू-स्वामी थावरचंद रोत को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है कि उसने अब तक किन-किन लोगों को गांजा बेचा है। मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है।
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (IPS) के निर्देशन में, वरदा थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (DST) को एक बड़ी सफलता मिली, जहाँ एक खेत से अवैध रूप से उगाई जा रही गांजे की फसल को जब्त किया गया है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में गांजे के पौधे और सूखा गांजा बरामद करते हुए एक बुजुर्ग आरोपी को गिरफ्तार किया है। नशे के काले कारोबार पर पुलिस की निगरानी 'तीसरी आंख' के माध्यम से कड़ा पहरा दे रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह और वृत्ताधिकारी सागवाड़ा रूपसिंह के नेतृत्व में, वरदा थानाधिकारी रिजवान खान और डीएसटी टीम को मोबाइल के जरिए हिराता फला कोठारीया गांव में एक व्यक्ति द्वारा अपने घर के पास ही खेत में गांजे की अवैध खेती करने की पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही, पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने तुरंत हिराता फला कोठारीया गांव पहुंचकर खेत की घेराबंदी की और तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान पुलिस टीम ने खेत में लहलहाते गांजे के पौधे पाए और 558 ग्राम सूखा गांजा, जिसे सुखाने के लिए रखा गया था, और खेत में उगे 50 छोटे-बड़े हरे गांजे के पौधे बरामद किए। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर, गांजे का कुल वजन 4 किलो 210 ग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 75 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में खेत के मालिक और आरोपी, 65 वर्षीय थावरचन्द (पुत्र वेसात रोत), निवासी हिराता फला कोठारीया को गिरफ्तार कर लिया है।1
- डूंगरपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन त्रिनेत्र" के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वरदा पुलिस थाना और जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने संयुक्त रूप से खेतों में उगाई जा रही गांजे की फसल जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 75 हजार रुपए बताई जा रही है। इस दौरान पुलिस ने मौके से गांजे के 50 छोटे-बड़े पौधे और 558 ग्राम सूखा गांजा बरामद किया। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में थाना वरदा प्रभारी रिजवान खान और डीएसटी टीम ने मिलकर की। पुलिस के अनुसार, 3 जून 2026 को डीएसटी टीम को मोबाइल के जरिए सूचना मिली थी कि थाना वरदा क्षेत्र के हिराता फला कोठारिया गांव निवासी थावरचंद रोत अपने खेत में गांजे के पौधे उगा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और आरोपी के घर के पास स्थित खेत की तलाशी ली। तलाशी के दौरान खेत से 50 छोटे-बड़े हरे गांजे के पौधे मिले। साथ ही, सूखाने के लिए रखा गया 558 ग्राम सूखा गांजा भी जब्त किया गया। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर, हरे गांजे का कुल वजन 4 किलो 210 ग्राम पाया गया। पुलिस ने आरोपी भू-स्वामी थावरचंद रोत को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है कि उसने अब तक किन-किन लोगों को गांजा बेचा है। मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है।1
- डूंगरपुर जिले के वरदा ग्राम के ग्रामीणों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर अपने गांव को नवगठित ओबरी तहसील से हटाकर पुनः सागवाड़ा तहसील में यथावत रखने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, वरदा ग्राम पहले सागवाड़ा तहसील का हिस्सा था, लेकिन हालिया अधिसूचना के तहत इसे ओबरी तहसील में शामिल कर दिया गया है। ग्रामीणों ने इस बदलाव को अव्यावहारिक बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है और एसडीएम से भी संपर्क किया है। ग्रामीणों का कहना है कि डूंगरपुर-सागवाड़ा-बांसवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए पर स्थित नोखना, काहेला, टामटिया, ठाकरड़ा, नंदोड और गोवाड़ी जैसे अन्य गांव सागवाड़ा तहसील में ही रखे गए हैं। ऐसे में इन्हीं गांवों के बीच स्थित वरदा को ओबरी तहसील में शामिल करना तर्कसंगत नहीं है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया है कि वरदा गांव की दूरी सागवाड़ा से मात्र 16 किलोमीटर है, जबकि ओबरी से यह लगभग 23 किलोमीटर दूर है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने परिवहन सुविधाओं का भी हवाला दिया है। उनके अनुसार, सागवाड़ा के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और नियमित रोडवेज बसों सहित पर्याप्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, ओबरी के लिए कोई सीधी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ेगा। ग्रामीणों ने जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आमजन को सुविधा देना है, लेकिन इस निर्णय से उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित को प्राथमिकता देते हुए वरदा ग्राम को पुनः सागवाड़ा तहसील में शामिल करने का आग्रह किया है। इन मांगों के अलावा, ग्रामीणों ने भविष्य में जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वरदा को तहसील का दर्जा दिए जाने की मांग भी उठाई है। उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी और क्षेत्र की जनता को राहत प्रदान करेगी, ताकि वरदा गांव के साथ हुए अन्याय का निवारण हो सके।1
- बिहार के प्रसिद्ध खान सर पर हमला हुआ है, जिसकी वजह उनकी सस्ती शिक्षा को बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, खान सर द्वारा बच्चों को बहुत कम दाम में शिक्षा दिए जाने से कुछ एजुकेशन स्टूडियो मालिकों को परेशानी हो रही थी, जिसके चलते उन्हें दो दिन पहले जान से मारने की धमकी भी मिली थी। इसी धमकी के दो दिन बाद अचानक हुए इस हमले से संदेह पैदा हो गया है। फिलहाल खान सर सुरक्षित हैं और उनकी सुरक्षा के लिए भारी संख्या में पुलिस और सेना तैनात कर दी गई है। बच्चों और जनता का उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है। पोस्ट में इसे ईमानदारी का फल बताया गया है, जहां जनता किसी नेक दिल इंसान के लिए मौत से भी टकराने को तैयार दिखती है।2
- झाड़ोल के ग्राम गोगला स्थित श्री लक्ष्मी नारायण भगवान मंदिर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर नौ दिवसीय श्रीरामायण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह कथा 2 जून 2026 को शुरू हुई, जिसमें क्षेत्रभर के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुँचकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। कथा का वाचन चित्रकूट अयोध्या धाम से पधारे संत श्री 1008 ऋषिराज जी महाराज द्वारा किया जा रहा है। प्रतिदिन रात्रि 8:30 बजे से 10:00 बजे तक आयोजित होने वाली इस कथा में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, भक्ति और धर्म के महत्व का विस्तार से वर्णन किया जा रहा है। आयोजन समिति और ग्रामवासियों ने बताया कि इस कथा का मुख्य उद्देश्य समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसार करना और युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। समस्त ग्रामवासियों और भक्तजनों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्रीराम कथा श्रवण का लाभ लें।1
- डूंगरपुर जिले के चौरासी पुलिस थाना ने पशु तस्करी का खुलासा करते हुए इसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ऐसे चार तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो एक ट्रक के अंदर डबल पार्टिशन बनाकर बेहद क्रूरतापूर्वक 38 भैंसों को ठूंस-ठूंस कर ले जा रहे थे। पशु तस्करी के भंडाफोड़ और तस्करों की गिरफ्तारी के इस सराहनीय कार्य में चौरासी पुलिस थाना का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।1
- डूंगरपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत, डूंगरपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना वरदा क्षेत्र के हिराता फला कोठारिया गांव में एक खेत से गांजे की फसल जब्त की है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 50 गांजे के पौधों के साथ-साथ 558 ग्राम सूखा गांजा भी बरामद किया है। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 75 हजार रुपये आंकी गई है, वहीं हरे पौधों का कुल वजन 4 किलो 210 ग्राम पाया गया। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (आईपीएस) के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह के निर्देशन और वृत्ताधिकारी सागवाड़ा रूपसिंह के नेतृत्व में थाना वरदा पुलिस और जिला विशेष टीम (डीएसटी) के संयुक्त प्रयासों से की गई। पुलिस को 3 जून को डीएसटी टीम के माध्यम से सूचना मिली थी कि हिराता फला कोठारिया निवासी थावरचंद पुत्र वेसात रोत (65) अपने घर के पास स्थित खेत में गांजे के पौधे उगा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, संयुक्त टीम ने खेत की तलाशी ली, जहां गांजे के 50 छोटे-बड़े हरे पौधे और सुखाने के लिए रखा गया सूखा गांजा मिला। आरोपी थावरचंद रोत ने खेत और फसल पर अपना स्वामित्व स्वीकार किया, जिसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी थावरचंद रोत के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने अब तक यह गांजा किन-किन लोगों को बेचा है और इस अवैध कारोबार में अन्य कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने यह भी बताया कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी तथा बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस सफल कार्रवाई में थाना वरदा के थानाधिकारी रिजवान खान, सहायक उप निरीक्षक भवरसिंह, हैड कांस्टेबल धर्मेन्द्र कुमार, कांस्टेबल वीरेन्द्र सिंह, लोकेन्द्र सिंह, चालक कांस्टेबल गिरीराज सिंह और जिला विशेष टीम (डीएसटी) के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे क्षेत्र में होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी पुलिस की 'तीसरी आंख' मोबाइल/व्हाट्सएप हेल्पलाइन 8690180022 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।3
- बांसवाड़ा जिले के गढ़ी क्षेत्र में भारत आदिवासी पार्टी के पदाधिकारियों ने उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें निजी फाइनेंस कंपनियों पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों से कथित रूप से अत्यधिक ब्याज वसूलने का गंभीर आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में यह आरोप लगाया गया है कि कुछ निजी वित्तीय संस्थाएं गरीब किसानों, मजदूरों और महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराकर उनसे अत्यधिक ब्याज की वसूली कर रही हैं। पार्टी ने इस पूरे मामले की गहन जांच करने, आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की है।1
- ग्रेटर नोएडा में एक भयावह सड़क हादसा हुआ है, जहाँ एक फॉर्च्यूनर गाड़ी और एक स्विफ्ट गाड़ी की आमने-सामने से और साइड से जबरदस्त टक्कर हो गई। इस भीषण टक्कर की चपेट में सड़क किनारे कुर्सी पर बैठे कुछ लोग आ गए। हादसे में दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।1