कुशलगढ़ नगर के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में नीलकंठ महिला मंडल द्वारा आयोजित पुरुषोत्तम मास महात्म्य कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस आध्यात्मिक आयोजन से नीलकंठ धाम भक्तिमय हो गया है। कथा के दौरान पोथी पूजन का लाभ पत्रकार सुनील शर्मा, ममता शर्मा, मुकेश पांडिया और हेमलता पांडिया ने प्राप्त किया, जबकि शाम को श्रद्धाभाव से महाआरती उतारी गई। डॉ. महेंद्र त्रिवेदी प्रतिदिन रात्रि 11 बजे तक व्यासपीठ से कथा का वाचन कर रहे हैं। उन्होंने पुरुषोत्तम मास की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि इस पवित्र महीने में श्रद्धापूर्वक पूजा, कथा श्रवण और दान करने से 33 करोड़ देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता का संचार होता है। कथा के तीसरे दिन ‘पुरुषोत्तम वर प्रदानम’ प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनने के लिए नगर के महिला-पुरुष बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कुशलगढ़ नगर के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में नीलकंठ महिला मंडल द्वारा आयोजित पुरुषोत्तम मास महात्म्य कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस आध्यात्मिक आयोजन से नीलकंठ धाम भक्तिमय हो गया है। कथा के दौरान पोथी पूजन का लाभ पत्रकार सुनील शर्मा, ममता शर्मा, मुकेश पांडिया और हेमलता पांडिया ने प्राप्त किया, जबकि शाम को श्रद्धाभाव से महाआरती उतारी गई। डॉ. महेंद्र त्रिवेदी प्रतिदिन रात्रि 11 बजे तक व्यासपीठ से कथा का वाचन
कर रहे हैं। उन्होंने पुरुषोत्तम मास की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि इस पवित्र महीने में श्रद्धापूर्वक पूजा, कथा श्रवण और दान करने से 33 करोड़ देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता का संचार होता है। कथा के तीसरे दिन ‘पुरुषोत्तम वर प्रदानम’ प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनने के लिए नगर के महिला-पुरुष बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
- पावन अधिक मास के अवसर पर नीलकंठ महिला मंडल द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा में कथावाचक डॉ. महेंद्र त्रिवेदी ने भगवान श्रीराम, भगवान शिव और माता सती के मार्मिक प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने इस दौरान बताया कि किस प्रकार माता सीता की खोज में व्याकुल श्रीराम की परीक्षा लेने हेतु माता सती ने सीता का रूप धारण किया था, किंतु सर्वज्ञ भगवान श्रीराम ने उन्हें तुरंत पहचान लिया। इस प्रसंग के माध्यम से डॉ. महेंद्र त्रिवेदी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास का महत्वपूर्ण संदेश दिया। संगीतमय भजनों और मधुर प्रस्तुति से पूरा कथा पांडाल भक्तिमय माहौल में डूब गया, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज की गई। शिव-सती प्रसंग को सुनकर अनेक श्रद्धालु भावुक हो उठे, और पूरा वातावरण "जय श्रीराम" एवं "हर-हर महादेव" के जयघोषों से गूंज उठा। नीलकंठ महादेव महिला मंडल द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को नगर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अनूठा संदेश फैलाने वाला बताया गया है।2
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के लोहारिया गांव में गादी पति श्रीमती पार्वती देवी का साधु विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अचानक हुई मृत्यु की खबर से सनातनियों और साधु-संतों में शोक की लहर छा गई। श्रीमती पार्वती देवी ने लोहारिया गांव में अपने ही घर को मंदिर बनाया था और पूर्ण रूप से भक्ति में लीन रहते हुए इसे एक धाम का रूप दिया। अपनी वर्षों की सेवा और भक्ति के कारण ही भक्तों व सनातनियों ने उन्हें गादी पति का दर्जा दिया था। उन्होंने लंबे समय तक सनातनियों और साधु-संतों की सेवा की थी। आज, उनका अंतिम संस्कार साधु-संतों व सनातनियों द्वारा सनातन धर्म का पालन करते हुए संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।3
- बिहार के प्रसिद्ध खान सर पर हमला हुआ है, जिसकी वजह उनकी सस्ती शिक्षा को बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, खान सर द्वारा बच्चों को बहुत कम दाम में शिक्षा दिए जाने से कुछ एजुकेशन स्टूडियो मालिकों को परेशानी हो रही थी, जिसके चलते उन्हें दो दिन पहले जान से मारने की धमकी भी मिली थी। इसी धमकी के दो दिन बाद अचानक हुए इस हमले से संदेह पैदा हो गया है। फिलहाल खान सर सुरक्षित हैं और उनकी सुरक्षा के लिए भारी संख्या में पुलिस और सेना तैनात कर दी गई है। बच्चों और जनता का उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है। पोस्ट में इसे ईमानदारी का फल बताया गया है, जहां जनता किसी नेक दिल इंसान के लिए मौत से भी टकराने को तैयार दिखती है।2
- बांसवाड़ा जिले के गढ़ी क्षेत्र में भारत आदिवासी पार्टी के पदाधिकारियों ने उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें निजी फाइनेंस कंपनियों पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों से कथित रूप से अत्यधिक ब्याज वसूलने का गंभीर आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में यह आरोप लगाया गया है कि कुछ निजी वित्तीय संस्थाएं गरीब किसानों, मजदूरों और महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराकर उनसे अत्यधिक ब्याज की वसूली कर रही हैं। पार्टी ने इस पूरे मामले की गहन जांच करने, आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की है।1
- Post by Bhagirath Megwh राजलदेसर गोगा21
- डूंगरपुर जिले के वरदा ग्राम के ग्रामीणों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर अपने गांव को नवगठित ओबरी तहसील से हटाकर पुनः सागवाड़ा तहसील में यथावत रखने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, वरदा ग्राम पहले सागवाड़ा तहसील का हिस्सा था, लेकिन हालिया अधिसूचना के तहत इसे ओबरी तहसील में शामिल कर दिया गया है। ग्रामीणों ने इस बदलाव को अव्यावहारिक बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है और एसडीएम से भी संपर्क किया है। ग्रामीणों का कहना है कि डूंगरपुर-सागवाड़ा-बांसवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए पर स्थित नोखना, काहेला, टामटिया, ठाकरड़ा, नंदोड और गोवाड़ी जैसे अन्य गांव सागवाड़ा तहसील में ही रखे गए हैं। ऐसे में इन्हीं गांवों के बीच स्थित वरदा को ओबरी तहसील में शामिल करना तर्कसंगत नहीं है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया है कि वरदा गांव की दूरी सागवाड़ा से मात्र 16 किलोमीटर है, जबकि ओबरी से यह लगभग 23 किलोमीटर दूर है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने परिवहन सुविधाओं का भी हवाला दिया है। उनके अनुसार, सागवाड़ा के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और नियमित रोडवेज बसों सहित पर्याप्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, ओबरी के लिए कोई सीधी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ेगा। ग्रामीणों ने जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आमजन को सुविधा देना है, लेकिन इस निर्णय से उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित को प्राथमिकता देते हुए वरदा ग्राम को पुनः सागवाड़ा तहसील में शामिल करने का आग्रह किया है। इन मांगों के अलावा, ग्रामीणों ने भविष्य में जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वरदा को तहसील का दर्जा दिए जाने की मांग भी उठाई है। उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी और क्षेत्र की जनता को राहत प्रदान करेगी, ताकि वरदा गांव के साथ हुए अन्याय का निवारण हो सके।1
- ड्रग तस्कर उस्मान खान के एक करोड़ रुपये मूल्य के अवैध फार्महाउस पर बुलडोजर चलाकर उसे ढहा दिया गया है। यह फार्महाउस चारागाह आराजी नम्बर 17 पर अवैध रूप से बनाया गया था। गौरतलब है कि उस्मान खान की 2.78 करोड़ रुपये की अन्य संपत्तियां भी पहले ही फ्रीज की जा चुकी हैं।1
- अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर सीकर जिले में पेयजल की स्थायी समस्या के समाधान की मांग को लेकर जलदाय विभाग कार्यालय, सांवली रोड पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन की उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया। किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद अमरा राम ने स्पष्ट किया कि शेखावाटी क्षेत्र की पेयजल समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान यमुना जल परियोजना ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने कई बार सीकर आकर यमुना का पानी लाने की घोषणा तो की है, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक इस योजना में अपने हिस्से की राशि जमा नहीं करवाई है। इसी कड़ी में, किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व विधायक पेमाराम ने कहा कि राज्य सरकार और प्रशासन की घोर उदासीनता तथा भीषण गर्मी के कारण जिले की जनता गंभीर पेयजल संकट से जूझ रही है, जिससे लोगों को अपनी मेहनत की कमाई टैंकरों से पानी खरीदने में खर्च करनी पड़ रही है। धरने को किशन पारीक, हरफूल सिंह बाजिया, बृज सुंदर जांगिड़, झाबर राड़, मंगल सिंह यादव, राकेश मुवाल, तारा धायल और अब्दुल कयूम कुरेशी सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान भगवान सहाय ढाका, सागर मल सामोता, गोपाल सिंह बिजारणिया, सागरमल बाजिया, घनश्याम सांखला और भागचंद लामिया जैसे हजारों कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से मौजूद रहे। संगठन के जिला महामंत्री सागर खाचरिया ने जानकारी दी कि धरने के बाद जलदाय विभाग के अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को ट्यूबवेल, पाइपलाइन और जिला स्तर की अन्य पेयजल समस्याओं का सात दिनों के भीतर समाधान करने का आश्वासन दिया है।2