3 अगस्त 2026 को आए विधानसभा उपचुनावों के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बांकीपुर (बिहार) और दतिया (मध्य प्रदेश) सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। इन उपचुनावों के दौर में छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के हालिया आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के बीच राजनीतिक समीकरण प्रभावित हुए हैं: मुख्य उपचुनाव परिणाम: बांकीपुर (बिहार): भाजपा के पारंपरिक गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज की और भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को पराजित किया। दतिया (मध्य प्रदेश): कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने भाजपा के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को हराया। मंजलपुर (गुजरात): भाजपा के सतेन्द्रभाई (सतीश) पटेल ने कांग्रेस प्रत्याशी को हराकर यह सीट बरकरार रखी। हालिया युवा व छात्र आंदोलनों और स्थानीय मुद्दों ने मतदाताओं को प्रभावित किया, जिसे विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक इन नतीजों का मुख्य कारक मान रहे हैं।
3 अगस्त 2026 को आए विधानसभा उपचुनावों के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बांकीपुर (बिहार) और दतिया (मध्य प्रदेश) सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। इन उपचुनावों के दौर में छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के हालिया आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के बीच राजनीतिक समीकरण प्रभावित हुए हैं: मुख्य उपचुनाव परिणाम: बांकीपुर (बिहार): भाजपा के पारंपरिक गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज की और भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को पराजित किया। दतिया (मध्य प्रदेश): कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने भाजपा के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को हराया। मंजलपुर (गुजरात): भाजपा के सतेन्द्रभाई (सतीश) पटेल ने कांग्रेस प्रत्याशी को हराकर यह सीट बरकरार रखी। हालिया युवा व छात्र आंदोलनों और स्थानीय मुद्दों ने मतदाताओं को प्रभावित किया, जिसे विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक इन नतीजों का मुख्य कारक मान रहे हैं।
- 3 अगस्त 2026 को आए विधानसभा उपचुनावों के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बांकीपुर (बिहार) और दतिया (मध्य प्रदेश) सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। इन उपचुनावों के दौर में छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के हालिया आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के बीच राजनीतिक समीकरण प्रभावित हुए हैं: मुख्य उपचुनाव परिणाम: बांकीपुर (बिहार): भाजपा के पारंपरिक गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज की और भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को पराजित किया। दतिया (मध्य प्रदेश): कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने भाजपा के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को हराया। मंजलपुर (गुजरात): भाजपा के सतेन्द्रभाई (सतीश) पटेल ने कांग्रेस प्रत्याशी को हराकर यह सीट बरकरार रखी। हालिया युवा व छात्र आंदोलनों और स्थानीय मुद्दों ने मतदाताओं को प्रभावित किया, जिसे विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक इन नतीजों का मुख्य कारक मान रहे हैं।1
- सावन के पहले सोमवार मंदिरों में उमड़ी आस्था, हाटा विधायक मोहन वर्मा व ब्लॉक प्रमुख रंजना पासवान ने किया जलाभिषेक1
- गोरखपुर में कांग्रेस की बड़ी रणनीतिक बैठक | 2027 चुनाव और नगर निगम चुनाव को लेकर रवि प्रताप निषाद का बड़ा दावा1
- कोर्ट के आदेश के बाद जेसीबी की मदद से ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई देवरिया जिले के सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के पूर्वा चौराहे के समीप कई महीनों से किए हुए अतिक्रम के खिलाफ चला बुलडोजर,यह कार्यवाही कोर्ट के आदेश पर मौके पर राजस्व टीम और थाना कोतवाली पुलिस की उपस्थिति में हुई।2
- लोकेशन भटनी देवरिया UPN TV से संवाददाता अशोक मद्धेशिया *सावन के पहले सोमवार शिवमय हुआ भटनी, बाबा बर्फानी की पालकी यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब* देवरिया जिले के भटनी क्षेत्र में सावन के पहले सोमवार को भटनी नगर पंचायत भगवान शिव की भक्ति में डूबी नजर आई। छोटी गंडक नदी पुल स्थित बाबा बर्फानी की भव्य पालकी शोभायात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा नगर गूंज उठा। पालकी यात्रा छोटी गंडक पुल से रामलीला मैदान, गांधी चौक, मुख्य बाजार और विभिन्न वार्डों से होकर गुजरी, जहां श्रद्धालु डीजे की भक्ति धुनों पर झूमते नजर आए।शोभायात्रा का सबसे भावुक दृश्य जामा मस्जिद के पास देखने को मिला, जहां ताजियादार शमशुद्दीन अंसारी, अख्तर अंसारी, गुड्डू अंसारी, अस्पक अंसारी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पालकी पर पुष्पवर्षा कर शिवभक्तों का स्वागत किया तथा शीतल पेयजल की व्यवस्था कर गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की। उधर, ठाकुर जी की कुटी, जंगलीनाथ, सिसवानाथ, नागेश्वरनाथ, महादेवा, नूरीगंज मिल मंदिर, बनकटा शिव, बेहरा डाबर और मठिया सहित क्षेत्र के सभी प्रमुख शिवालयों में भोर से ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। भक्तों ने जल, दूध, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूरे दिन भटनी क्षेत्र शिवभक्ति, आस्था और सामाजिक सौहार्द के रंग में रंगा रहा। लोकेशन भटनी देवरिया UPN TV से संवाददाता अशोक मद्धेशिया *सावन के पहले सोमवार शिवमय हुआ भटनी, बाबा बर्फानी की पालकी यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब* देवरिया जिले के भटनी क्षेत्र में सावन के पहले सोमवार को भटनी नगर पंचायत भगवान शिव की भक्ति में डूबी नजर आई। छोटी गंडक नदी पुल स्थित बाबा बर्फानी की भव्य पालकी शोभायात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा नगर गूंज उठा। पालकी यात्रा छोटी गंडक पुल से रामलीला मैदान, गांधी चौक, मुख्य बाजार और विभिन्न वार्डों से होकर गुजरी, जहां श्रद्धालु डीजे की भक्ति धुनों पर झूमते नजर आए।शोभायात्रा का सबसे भावुक दृश्य जामा मस्जिद के पास देखने को मिला, जहां ताजियादार शमशुद्दीन अंसारी, अख्तर अंसारी, गुड्डू अंसारी, अस्पक अंसारी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पालकी पर पुष्पवर्षा कर शिवभक्तों का स्वागत किया तथा शीतल पेयजल की व्यवस्था कर गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की। उधर, ठाकुर जी की कुटी, जंगलीनाथ, सिसवानाथ, नागेश्वरनाथ, महादेवा, नूरीगंज मिल मंदिर, बनकटा शिव, बेहरा डाबर और मठिया सहित क्षेत्र के सभी प्रमुख शिवालयों में भोर से ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। भक्तों ने जल, दूध, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूरे दिन भटनी क्षेत्र शिवभक्ति, आस्था और सामाजिक सौहार्द के रंग में रंगा रहा।1
- भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद यह बयान दिया था। प्रमुख बिंदु: अदालत का फैसला: बृजभूषण शरण सिंह पर पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें बा-इज्जत बरी (Acquit) कर दिया। समय और तारीखें: उन्होंने मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस कानूनी प्रक्रिया के दौरान 3.5 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा और इस दौरान 127 बार कोर्ट की तारीखों पर पेशी भुगतनी पड़ी। बयान का मुख्य संदेश: कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने कहा कि "सच कुछ देर के लिए परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं।" इसके साथ ही उन्होंने यह भी तर्क दिया कि महिला सुरक्षा के उद्देश्य से बनाए गए कड़े कानूनों का कुछ मामलों में दुरुपयोग हो रहा है, जिस पर पुनर्विचार या ध्यान देने की आवश्यकता है।1
- जाने फिर हिंसा के आग में क्यो सुलग रहा पड़ोसी देश नेपाल ? जाने फिर हिंसा के आग में क्यो सुलग रहा पड़ोसी देश नेपाल ?1