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जांजगीर-चांपा जिले के कचंदा गाँव की पुरानी बस्ती में ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। यहाँ घरों की दीवारों की सुरक्षा के लिए बनाए गए छोटे 'चवरा' (दीवारों की रोक) को 'विकास कार्य' के नाम पर तोड़ा जा रहा है। विडंबना यह है कि इन चवरो के बावजूद भी गाँव में वाहन दीवारों पर चढ़ जाते हैं, जिससे घरों को खतरा बना रहता है। ऐसे में इन सुरक्षात्मक ढाँचों को हटाए जाने से स्थानीय लोग चिंतित हैं। पोस्ट में सरपंच पर आरोप लगाया गया है कि वे गाँव की अन्य आवश्यक समस्याओं का समाधान करने में असमर्थ हैं, लेकिन पुरानी बस्ती में तोड़फोड़ करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस तोड़फोड़ को कथित तौर पर 'विकास कार्य' बताया जा रहा है और इसके पीछे 'कलेक्टर का आदेश' होने का दावा भी किया जा रहा है। इस कार्रवाई का विरोध करते हुए, एक ग्रामीण ने बताया कि उन्होंने खुद इस तोड़फोड़ को रोकने के लिए लड़ाई लड़ी, और वे इसे गलत नहीं मानते। ग्रामीणों का सवाल है कि घरों की सुरक्षा को खतरे में डालकर किए जा रहे इस तरह के 'विकास' का क्या औचित्य है, और वे इस पूरी प्रक्रिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।

2 hrs ago
user_S k s
S k s
Actuary Janjgir-Champa, Chhattisgarh•
2 hrs ago

जांजगीर-चांपा जिले के कचंदा गाँव की पुरानी बस्ती में ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। यहाँ घरों की दीवारों की सुरक्षा के लिए बनाए गए छोटे 'चवरा' (दीवारों की रोक) को 'विकास कार्य' के नाम पर तोड़ा जा रहा है। विडंबना यह है कि इन चवरो के बावजूद भी

गाँव में वाहन दीवारों पर चढ़ जाते हैं, जिससे घरों को खतरा बना रहता है। ऐसे में इन सुरक्षात्मक ढाँचों को हटाए जाने से स्थानीय लोग चिंतित हैं। पोस्ट में सरपंच पर आरोप लगाया गया है कि वे गाँव की अन्य आवश्यक समस्याओं का समाधान करने में असमर्थ हैं, लेकिन

पुरानी बस्ती में तोड़फोड़ करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस तोड़फोड़ को कथित तौर पर 'विकास कार्य' बताया जा रहा है और इसके पीछे 'कलेक्टर का आदेश' होने का दावा भी किया जा रहा है। इस कार्रवाई का विरोध करते हुए, एक ग्रामीण ने बताया कि उन्होंने

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खुद इस तोड़फोड़ को रोकने के लिए लड़ाई लड़ी, और वे इसे गलत नहीं मानते। ग्रामीणों का सवाल है कि घरों की सुरक्षा को खतरे में डालकर किए जा रहे इस तरह के 'विकास' का क्या औचित्य है, और वे इस पूरी प्रक्रिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।

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    फेस बुक पर फेक आईडी बनाकर लडकी की फोट वायरल  करने वाला आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
    user_CG CRIME.NEWS
    CG CRIME.NEWS
    पत्रकार बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    29 min ago
  • छत्तीसगढ़ के बहतराई खेल केंद्र में एक स्टेडियम का निर्माण कार्य साल 2017 से रुका पड़ा है, जिस पर अब साल 2026 में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस लंबे समय से चली आ रही सुस्ती को देखते हुए, डिप्टी सीएम अरुण साव ने एक बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने इस परियोजना में हुई देरी और धीमी गति के लिए 15 दिन की मोहलत दी है।
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    छत्तीसगढ़ के बहतराई खेल केंद्र में एक स्टेडियम का निर्माण कार्य साल 2017 से रुका पड़ा है, जिस पर अब साल 2026 में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस लंबे समय से चली आ रही सुस्ती को देखते हुए, डिप्टी सीएम अरुण साव ने एक बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने इस परियोजना में हुई देरी और धीमी गति के लिए 15 दिन की मोहलत दी है।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 52 लिंगियाडीह में पिछले 6 से 7 महीनों से गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में चार से पांच बोरवेल होने के बावजूद पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण लोगों को हर दिन घंटों लाइन लगाकर पानी भरना पड़ रहा है। यह समस्या दीपावली के समय से शुरू हुई थी और अभी तक बनी हुई है। रहवासियों ने बताया कि कई निजी बोरवेल और सबमर्सिबल पंप भी घरों में पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं। वार्ड पार्षद द्वारा टैंकरों से पानी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन लोग इसे समस्या का स्थायी समाधान नहीं मानते। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइनें नालियों के बीच से गुजर रही हैं, जिससे दूषित पानी की आपूर्ति की आशंका भी बनी हुई है। वार्डवासियों ने नगर निगम प्रशासन से इस समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान करने की मांग की है।
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    बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 52 लिंगियाडीह में पिछले 6 से 7 महीनों से गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में चार से पांच बोरवेल होने के बावजूद पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण लोगों को हर दिन घंटों लाइन लगाकर पानी भरना पड़ रहा है। यह समस्या दीपावली के समय से शुरू हुई थी और अभी तक बनी हुई है।

रहवासियों ने बताया कि कई निजी बोरवेल और सबमर्सिबल पंप भी घरों में पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं। वार्ड पार्षद द्वारा टैंकरों से पानी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन लोग इसे समस्या का स्थायी समाधान नहीं मानते। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइनें नालियों के बीच से गुजर रही हैं, जिससे दूषित पानी की आपूर्ति की आशंका भी बनी हुई है। वार्डवासियों ने नगर निगम प्रशासन से इस समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान करने की मांग की है।
    user_Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Newspaper publisher बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • बिलासपुर की बिल्हा पुलिस ने क्षेत्र में अवैध उगाही, मारपीट और दहशत फैलाने वाले हिस्ट्रीशीटर बदमाश सत्यप्रकाश उर्फ सत्या उर्फ प्रदीप घृतलहरे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी सत्यप्रकाश घृतलहरे (44 वर्ष), निवासी ग्राम कनेरी, थाना चकरभाठा, लंबे समय से चकरभाठा और बिल्हा क्षेत्र में अपने साथियों के साथ मिलकर क्रेशर संचालकों और ट्रक चालकों से अवैध वसूली कर रहा था। पुलिस के अनुसार, वह असामाजिक तत्वों को इकट्ठा कर आम लोगों को डराता-धमकाता था, और क्रेशर वाहनों के चालकों को रोककर जबरन पैसे मांगता था। पैसे न देने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देता था। इस संबंध में, वार्ड क्रमांक 12 बिल्हा निवासी महेश शर्मा (47 वर्ष) ने बिल्हा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 16 जून 2026 को ग्राम पंचायत दुर्गडीह के पास सत्यप्रकाश घृतलहरे अपने भाई दिलेश घृतलहरे और अन्य साथियों के साथ ट्रक चालकों से शराब पीने के लिए पैसे मांग रहा था। विरोध करने पर ट्रक चालक पुन्नू यादव और मोनू राजपाल के साथ मारपीट की गई, और क्रेशर संचालकों को धमकी दी गई कि जब तक पैसे नहीं दिए जाएंगे तब तक वाहनों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। आरोपियों ने ग्राम पंचायत के सामने टेंट लगाकर आने-जाने वाले वाहनों को रोकना शुरू कर दिया था, खुद को कानून से ऊपर बताते हुए शासन-प्रशासन को चुनौती दे रहे थे, और वाहनों की रॉयल्टी जांच के नाम पर अवैध हस्तक्षेप कर रहे थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (आईपीएस), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा नुपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। मुखबिर की सूचना पर, सिरगिट्टी क्षेत्र में घेराबंदी कर मुख्य आरोपी सत्यप्रकाश उर्फ सत्या को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध उगाही और मारपीट की घटना को स्वीकार किया। पुलिस ने घटनास्थल से टेंट और कुर्सियां भी जब्त की हैं। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उसे 18 जून 2026 को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले के अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बिल्हा निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, पीएसआई करन राज बघेल, आकाश बंजारे, प्रीति पैकरा, प्रधान आरक्षक अमर चन्द्रा, अनिल बंजारे और आरक्षक अर्जुन जांगड़े एवं संतोष मरकाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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    बिलासपुर की बिल्हा पुलिस ने क्षेत्र में अवैध उगाही, मारपीट और दहशत फैलाने वाले हिस्ट्रीशीटर बदमाश सत्यप्रकाश उर्फ सत्या उर्फ प्रदीप घृतलहरे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी सत्यप्रकाश घृतलहरे (44 वर्ष), निवासी ग्राम कनेरी, थाना चकरभाठा, लंबे समय से चकरभाठा और बिल्हा क्षेत्र में अपने साथियों के साथ मिलकर क्रेशर संचालकों और ट्रक चालकों से अवैध वसूली कर रहा था। पुलिस के अनुसार, वह असामाजिक तत्वों को इकट्ठा कर आम लोगों को डराता-धमकाता था, और क्रेशर वाहनों के चालकों को रोककर जबरन पैसे मांगता था। पैसे न देने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देता था।

इस संबंध में, वार्ड क्रमांक 12 बिल्हा निवासी महेश शर्मा (47 वर्ष) ने बिल्हा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 16 जून 2026 को ग्राम पंचायत दुर्गडीह के पास सत्यप्रकाश घृतलहरे अपने भाई दिलेश घृतलहरे और अन्य साथियों के साथ ट्रक चालकों से शराब पीने के लिए पैसे मांग रहा था। विरोध करने पर ट्रक चालक पुन्नू यादव और मोनू राजपाल के साथ मारपीट की गई, और क्रेशर संचालकों को धमकी दी गई कि जब तक पैसे नहीं दिए जाएंगे तब तक वाहनों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। आरोपियों ने ग्राम पंचायत के सामने टेंट लगाकर आने-जाने वाले वाहनों को रोकना शुरू कर दिया था, खुद को कानून से ऊपर बताते हुए शासन-प्रशासन को चुनौती दे रहे थे, और वाहनों की रॉयल्टी जांच के नाम पर अवैध हस्तक्षेप कर रहे थे।

घटना की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (आईपीएस), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा नुपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। मुखबिर की सूचना पर, सिरगिट्टी क्षेत्र में घेराबंदी कर मुख्य आरोपी सत्यप्रकाश उर्फ सत्या को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध उगाही और मारपीट की घटना को स्वीकार किया। पुलिस ने घटनास्थल से टेंट और कुर्सियां भी जब्त की हैं। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उसे 18 जून 2026 को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले के अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बिल्हा निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, पीएसआई करन राज बघेल, आकाश बंजारे, प्रीति पैकरा, प्रधान आरक्षक अमर चन्द्रा, अनिल बंजारे और आरक्षक अर्जुन जांगड़े एवं संतोष मरकाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    user_Kumar Poptani National Crime N
    Kumar Poptani National Crime N
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • बिलासपुर ज़िले के सीपत स्थित एनटीपीसी के राखड़ बांध से हो रहे जल रिसाव को लेकर किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। किसानों का आरोप है कि पिछले 17 वर्षों से इस रिसाव के कारण उनकी फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने प्रशासन से बर्बाद हुई फसलों के लिए तत्काल मुआवजे और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
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    बिलासपुर ज़िले के सीपत स्थित एनटीपीसी के राखड़ बांध से हो रहे जल रिसाव को लेकर किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। किसानों का आरोप है कि पिछले 17 वर्षों से इस रिसाव के कारण उनकी फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है।

किसानों ने प्रशासन से बर्बाद हुई फसलों के लिए तत्काल मुआवजे और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
    user_Kumar Poptani National Crime N
    Kumar Poptani National Crime N
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • जांजगीर-चांपा जिले के कचंदा गाँव की पुरानी बस्ती में ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। यहाँ घरों की दीवारों की सुरक्षा के लिए बनाए गए छोटे 'चवरा' (दीवारों की रोक) को 'विकास कार्य' के नाम पर तोड़ा जा रहा है। विडंबना यह है कि इन चवरो के बावजूद भी गाँव में वाहन दीवारों पर चढ़ जाते हैं, जिससे घरों को खतरा बना रहता है। ऐसे में इन सुरक्षात्मक ढाँचों को हटाए जाने से स्थानीय लोग चिंतित हैं। पोस्ट में सरपंच पर आरोप लगाया गया है कि वे गाँव की अन्य आवश्यक समस्याओं का समाधान करने में असमर्थ हैं, लेकिन पुरानी बस्ती में तोड़फोड़ करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस तोड़फोड़ को कथित तौर पर 'विकास कार्य' बताया जा रहा है और इसके पीछे 'कलेक्टर का आदेश' होने का दावा भी किया जा रहा है। इस कार्रवाई का विरोध करते हुए, एक ग्रामीण ने बताया कि उन्होंने खुद इस तोड़फोड़ को रोकने के लिए लड़ाई लड़ी, और वे इसे गलत नहीं मानते। ग्रामीणों का सवाल है कि घरों की सुरक्षा को खतरे में डालकर किए जा रहे इस तरह के 'विकास' का क्या औचित्य है, और वे इस पूरी प्रक्रिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।
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    जांजगीर-चांपा जिले के कचंदा गाँव की पुरानी बस्ती में ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। यहाँ घरों की दीवारों की सुरक्षा के लिए बनाए गए छोटे 'चवरा' (दीवारों की रोक) को 'विकास कार्य' के नाम पर तोड़ा जा रहा है। विडंबना यह है कि इन चवरो के बावजूद भी गाँव में वाहन दीवारों पर चढ़ जाते हैं, जिससे घरों को खतरा बना रहता है। ऐसे में इन सुरक्षात्मक ढाँचों को हटाए जाने से स्थानीय लोग चिंतित हैं।

पोस्ट में सरपंच पर आरोप लगाया गया है कि वे गाँव की अन्य आवश्यक समस्याओं का समाधान करने में असमर्थ हैं, लेकिन पुरानी बस्ती में तोड़फोड़ करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस तोड़फोड़ को कथित तौर पर 'विकास कार्य' बताया जा रहा है और इसके पीछे 'कलेक्टर का आदेश' होने का दावा भी किया जा रहा है। इस कार्रवाई का विरोध करते हुए, एक ग्रामीण ने बताया कि उन्होंने खुद इस तोड़फोड़ को रोकने के लिए लड़ाई लड़ी, और वे इसे गलत नहीं मानते।

ग्रामीणों का सवाल है कि घरों की सुरक्षा को खतरे में डालकर किए जा रहे इस तरह के 'विकास' का क्या औचित्य है, और वे इस पूरी प्रक्रिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।
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    S k s
    Actuary Janjgir-Champa, Chhattisgarh•
    2 hrs ago
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