लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत मकनपुर अंतर्गत चम्बरबोझ से बेलहिया फार्म जाने वाले संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी भरने से ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। इस जलमग्न रास्ते में मगरमच्छों ने अपना बसेरा बना लिया है, जिससे यहां से गुजरने वाले ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और खेतों की ओर जाने वाले किसानों की जान पर हर समय खतरा मंडरा रहा है। पानी में अत्यधिक जलकुंभी फैली होने के कारण मगरमच्छ आसानी से दिखाई नहीं देते, जिससे किसी भी समय अनहोनी या हादसे की आशंका बनी हुई है। बेलहिया फार्म के लोगों के लिए यही मुख्य संपर्क मार्ग है, जबकि चम्बरबोझ के किसानों को भी अपने खेतों तक जाने के लिए इसी रास्ते से मजबूरन गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक रात के समय मगरमच्छ पानी से निकलकर सड़क पर आ जाते हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। इसके अलावा जलस्तर बढ़ने पर मगरमच्छों के सीधे रिहायशी इलाकों में प्रवेश करने का डर भी लोगों को सता रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर तहसील प्रशासन ने मौके का निरीक्षण कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासनिक ढिलाई से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जलमग्न मार्ग से जलकुंभी को तत्काल हटवाया जाए ताकि पानी में छिपे मगरमच्छों पर नजर रखी जा सके, साथ ही आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत मकनपुर अंतर्गत चम्बरबोझ से बेलहिया फार्म जाने वाले संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी भरने से ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। इस जलमग्न रास्ते में मगरमच्छों ने अपना बसेरा बना लिया है, जिससे यहां से गुजरने वाले ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और खेतों की ओर जाने वाले किसानों की जान पर हर समय
खतरा मंडरा रहा है। पानी में अत्यधिक जलकुंभी फैली होने के कारण मगरमच्छ आसानी से दिखाई नहीं देते, जिससे किसी भी समय अनहोनी या हादसे की आशंका बनी हुई है। बेलहिया फार्म के लोगों के लिए यही मुख्य संपर्क मार्ग है, जबकि चम्बरबोझ के किसानों को भी अपने खेतों तक जाने के लिए इसी रास्ते से मजबूरन गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों के
मुताबिक रात के समय मगरमच्छ पानी से निकलकर सड़क पर आ जाते हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। इसके अलावा जलस्तर बढ़ने पर मगरमच्छों के सीधे रिहायशी इलाकों में प्रवेश करने का डर भी लोगों को सता रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर तहसील प्रशासन ने मौके का निरीक्षण कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी
तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासनिक ढिलाई से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जलमग्न मार्ग से जलकुंभी को तत्काल हटवाया जाए ताकि पानी में छिपे मगरमच्छों पर नजर रखी जा सके, साथ ही आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
- लखीमपुर खीरी के पलिया सहित आसपास के क्षेत्रों में संचालित कई निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में नियमों को ताक पर रखकर जच्चा-बच्चा की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। इन केंद्रों पर पंजीकरण किसी और के नाम पर है, जबकि इलाज दूसरा व्यक्ति कर रहा है। बिना किसी योग्य एनेस्थेटिस्ट (बेहोशी विशेषज्ञ) और पीडियाट्रिशियन (शिशु रोग विशेषज्ञ) की मौजूदगी के ही गर्भवती महिलाओं के सिजेरियन ऑपरेशन किए जा रहे हैं। यही नहीं, बीएएमएस और आयुर्वेद चिकित्सक नवजात शिशुओं को भर्ती कर उनका उपचार कर रहे हैं, जबकि कुछ डॉक्टर अपने पर्चों पर बच्चों की तस्वीरें छपवाकर खुद को शिशु रोग विशेषज्ञ के रूप में प्रचारित कर रहे हैं। पलिया से लेकर लखीमपुर तक पैसों के लालच में की जा रही इस अनदेखी का खामियाजा प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को भुगतना पड़ रहा है, और आए दिन नवजातों की मौत के मामले सामने आ रहे हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि बार-बार शिकायतों और चर्चाओं के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बिना तय मानकों और विशेषज्ञों के चल रहे इस इलाज को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से व्यापक जांच की मांग की गई है। मांग की गई है कि जांच में अनियमितताएं मिलने पर संबंधित अस्पतालों और क्लीनिकों को तुरंत सील किया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।3
- दिल्ली में छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लखीमपुर के विलोबी के पास बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एकत्र हुए हैं। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे ये छात्र-छात्राएं जिलाधिकारी (डीएम) को ज्ञापन सौंपेंगे।3
- सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिन का अनशन समाप्त करने का फैसला किया है। उन्होंने यह कदम तब उठाया जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह गुरुवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनसे मिलने पहुंचे। अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी किया। वांगचुक के अनुसार, दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने उनकी मांगों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म किया।1
- सावन की शुरुआत से ठीक पहले लखीमपुर खीरी स्थित प्रसिद्ध लिलोटी नाथ धाम के महंत रोहित गिरी ने शासन और प्रशासन से मंदिर पहुँचने वाली सड़क का निर्माण कार्य अगले 5 दिनों के भीतर पूरा कराने की अपील की है। महंत का कहना है कि निर्माण कार्य अधूरा रहने से सावन में जलाभिषेक के लिए पहुँचने वाले लाखों श्रद्धालुओं, कांवड़ियों और दंडवत यात्रा करने वाले भक्तों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। महंत रोहित गिरी ने बताया कि मंदिर तक पहुँचने वाली सड़क के निर्माण के लिए लगभग ₹4.60 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है, इसके बावजूद काम अभी तक अधूरा है। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाकर सड़क को जल्द से जल्द सुगम बनाने के साथ-साथ मंदिर के भव्य प्रवेश द्वार का भी तुरंत शिलान्यास और लोकार्पण कराने का आग्रह किया है, ताकि सावन के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का एक व्यवस्थित और भव्य व्यवस्था के साथ स्वागत हो सके।1
- लखीमपुर खीरी में जिला महिला अस्पताल की नए मेडिकल कॉलेज भवन में शिफ्टिंग शुक्रवार से शुरू हो गई है। इस नई बिल्डिंग में शुक्रवार को पहली बार डिलीवरी होगी। इसके साथ ही जल्द ही नई बिल्डिंग में मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन भी किया जाएगा।1
- सीतापुर जिले के सकरन थाना क्षेत्र में पत्रकार सतीश सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर पत्रकारों में गहरा रोष व्याप्त है। ऑल इंडिया प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (AIPJA) के बैनर तले गुरुवार को बड़ी संख्या में पत्रकारों ने लहरपुर उपजिलाधिकारी धामिनी एम. दास को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष अभिनव त्रिवेदी के नेतृत्व में पत्रकारों ने मांग की है कि इस एफआईआर की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक पत्रकार के खिलाफ किसी भी तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। संगठन का स्पष्ट आरोप है कि यह एफआईआर पैक्स समिति से संबंधित समाचार प्रकाशित करने के बाद निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता से उत्पन्न रंजिश के चलते दर्ज कराई गई है। सच सामने लाने के उद्देश्य से ज्ञापन में मामले से संबंधित वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच कराने पर बल दिया गया है। पत्रकार संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 30 जुलाई तक इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस दौरान आकाश सिंह, ओंकार वर्मा, खालिद मंसूरी, रिंकू शुक्ला, आलम अंसारी, छोटेलाल, अभिषेक मिश्रा, मोहम्मद समीर, अंशुमन शुक्ला, जितिन प्रसाद, राममोहन राजपूत, राजू कुमार बंसल, अभिनव त्रिवेदी और मसूद खान समेत बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।1
- सीतापुर के कोतवाली क्षेत्र स्थित ग्राम हजारीपुरवा मजरा आम्बा में बुधवार की मध्य रात चोरों ने एक घर को निशाना बनाकर 32 लाख रुपये के जेवरात और नकदी पार कर दिए। घर में हुई इस बड़ी चोरी की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। पीड़ित राम किशोर (पुत्र बनवारी लाल) ने अज्ञात चोरों के खिलाफ पुलिस में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित राम किशोर के मुताबिक, वारदात के समय पूरा परिवार मुख्य दरवाजा बंद करके छत पर सो रहा था। इसी दौरान अज्ञात चोर लकड़ी के सहारे घर के पीछे से छत पर चढ़ आए और जीने के दरवाजे का ताला तोड़कर मकान में दाखिल हो गए। इसके बाद चोरों ने घर में रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी कर लिए। पीड़ित ने पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।1
- हरदोई में रोडवेज बस अड्डे पर गुरुवार दोपहर दो खड़ी रोडवेज बसों के बीच से निकल रही 32 वर्षीय नेहा सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। बस अड्डे पर खड़ी कन्नौज और हरदोई डिपो की दोनों बसें अचानक आगे बढ़ गईं, जिससे नेहा का सिर दोनों बसों के बीच में फंस गया। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। नेहा सिंह खेतुई गांव की रहने वाली थीं। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1