सीतापुर जिले के सकरन थाना क्षेत्र में पत्रकार सतीश सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर पत्रकारों में गहरा रोष व्याप्त है। ऑल इंडिया प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (AIPJA) के बैनर तले गुरुवार को बड़ी संख्या में पत्रकारों ने लहरपुर उपजिलाधिकारी धामिनी एम. दास को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष अभिनव त्रिवेदी के नेतृत्व में पत्रकारों ने मांग की है कि इस एफआईआर की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक पत्रकार के खिलाफ किसी भी तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। संगठन का स्पष्ट आरोप है कि यह एफआईआर पैक्स समिति से संबंधित समाचार प्रकाशित करने के बाद निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता से उत्पन्न रंजिश के चलते दर्ज कराई गई है। सच सामने लाने के उद्देश्य से ज्ञापन में मामले से संबंधित वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच कराने पर बल दिया गया है। पत्रकार संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 30 जुलाई तक इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस दौरान आकाश सिंह, ओंकार वर्मा, खालिद मंसूरी, रिंकू शुक्ला, आलम अंसारी, छोटेलाल, अभिषेक मिश्रा, मोहम्मद समीर, अंशुमन शुक्ला, जितिन प्रसाद, राममोहन राजपूत, राजू कुमार बंसल, अभिनव त्रिवेदी और मसूद खान समेत बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
सीतापुर जिले के सकरन थाना क्षेत्र में पत्रकार सतीश सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर पत्रकारों में गहरा रोष व्याप्त है। ऑल इंडिया प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (AIPJA) के बैनर तले गुरुवार को बड़ी संख्या में पत्रकारों ने लहरपुर उपजिलाधिकारी धामिनी एम. दास को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष अभिनव त्रिवेदी के नेतृत्व में पत्रकारों ने मांग की है कि इस एफआईआर की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक पत्रकार के खिलाफ किसी भी तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। संगठन का स्पष्ट आरोप है कि यह एफआईआर पैक्स समिति से संबंधित समाचार प्रकाशित करने के बाद निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता से उत्पन्न रंजिश के चलते दर्ज कराई गई है। सच सामने लाने के उद्देश्य से ज्ञापन में मामले से संबंधित वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच कराने पर बल दिया गया है। पत्रकार संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 30 जुलाई तक इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस दौरान आकाश सिंह, ओंकार वर्मा, खालिद मंसूरी, रिंकू शुक्ला, आलम अंसारी, छोटेलाल, अभिषेक मिश्रा, मोहम्मद समीर, अंशुमन शुक्ला, जितिन प्रसाद, राममोहन राजपूत, राजू कुमार बंसल, अभिनव त्रिवेदी और मसूद खान समेत बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
- सीतापुर जिले के सकरन थाना क्षेत्र में पत्रकार सतीश सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर पत्रकारों में गहरा रोष व्याप्त है। ऑल इंडिया प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (AIPJA) के बैनर तले गुरुवार को बड़ी संख्या में पत्रकारों ने लहरपुर उपजिलाधिकारी धामिनी एम. दास को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष अभिनव त्रिवेदी के नेतृत्व में पत्रकारों ने मांग की है कि इस एफआईआर की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक पत्रकार के खिलाफ किसी भी तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। संगठन का स्पष्ट आरोप है कि यह एफआईआर पैक्स समिति से संबंधित समाचार प्रकाशित करने के बाद निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता से उत्पन्न रंजिश के चलते दर्ज कराई गई है। सच सामने लाने के उद्देश्य से ज्ञापन में मामले से संबंधित वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच कराने पर बल दिया गया है। पत्रकार संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 30 जुलाई तक इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस दौरान आकाश सिंह, ओंकार वर्मा, खालिद मंसूरी, रिंकू शुक्ला, आलम अंसारी, छोटेलाल, अभिषेक मिश्रा, मोहम्मद समीर, अंशुमन शुक्ला, जितिन प्रसाद, राममोहन राजपूत, राजू कुमार बंसल, अभिनव त्रिवेदी और मसूद खान समेत बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।1
- सीतापुर के कोतवाली क्षेत्र स्थित ग्राम हजारीपुरवा मजरा आम्बा में बुधवार की मध्य रात चोरों ने एक घर को निशाना बनाकर 32 लाख रुपये के जेवरात और नकदी पार कर दिए। घर में हुई इस बड़ी चोरी की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। पीड़ित राम किशोर (पुत्र बनवारी लाल) ने अज्ञात चोरों के खिलाफ पुलिस में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित राम किशोर के मुताबिक, वारदात के समय पूरा परिवार मुख्य दरवाजा बंद करके छत पर सो रहा था। इसी दौरान अज्ञात चोर लकड़ी के सहारे घर के पीछे से छत पर चढ़ आए और जीने के दरवाजे का ताला तोड़कर मकान में दाखिल हो गए। इसके बाद चोरों ने घर में रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी कर लिए। पीड़ित ने पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।1
- रघुराज प्रताप सिंह चौहान ने एक खास बातचीत के दौरान 2027 के टिकट, चौहान समाज और निघासन की राजनीति से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी है। इस दौरान उन्होंने निघासन के राजनीतिक माहौल, चौहान समाज और 2027 के टिकट से संबंधित विषयों पर बेबाकी से अपनी राय व्यक्त की।1
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मोहम्मदी विधायक लोकेन्द्र प्रताप सिंह ने नियमित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सभी मामलों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के कड़े निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान विधायक ने कहा कि समस्याएं लेकर आने वाला हर नागरिक केवल एक फरियादी नहीं, बल्कि उनके परिवार का सम्मानित सदस्य है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनसेवा ही उनका संकल्प है और जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। इसी दौरान विधायक ने यह टिप्पणी भी की, "तुम तो मंत्री से भी ऊपर हो गए।"1
- लखीमपुर-खीरी में देश की शिक्षा व्यवस्था से असंतुष्ट छात्रों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा प्रणाली में समयबद्ध सुधार, दोषियों की जवाबदेही तय करने और हालिया घटनाओं पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने कहा कि परीक्षाओं में बार-बार हो रही अव्यवस्था, पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है, जिससे मेहनत करने वाले छात्रों का विश्वास टूट रहा है और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ज्ञापन में छात्रों की सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की है। छात्रों का तर्क है कि परीक्षा प्रबंधन में लगातार हो रही गंभीर चूक की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने परीक्षा प्रणाली को दुरुस्त करने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और स्कूलों व शिक्षण संस्थानों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। छात्रों ने ज्ञापन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले विद्यार्थियों के साथ बल प्रयोग जैसी घटनाएं लोकतंत्र की भावना के अनुरूप नहीं हैं। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका यह अभियान किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं है, बल्कि देश के विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा सुधार के लिए है। उन्होंने राष्ट्रपति से संविधान की भावना के तहत हस्तक्षेप करने की अपील की है ताकि शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र-हितैषी बनाया जा सके।4
- लखीमपुर खीरी की खजुरिया ग्राम पंचायत (तेरवा, पोस्ट पहरा) में करीब 40 से 45 दिन पहले बनाई गई नाली टूटने और धंसने लगी है। नाली के नीचे कोई मजबूती नहीं दी गई है और ऐसा लगता है कि निर्माण में सही से मसाले का इस्तेमाल भी नहीं किया गया है, जिसके कारण नाली टूटकर गिर रही है। इसके साथ ही नाली में पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। निकासी न होने से पानी नाली में ज्यादा होकर सड़क पर आ जाता है, रास्ते पर बहने लगता है और सड़क पर जमा हो जाता है।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की लहरपुर तहसील स्थित ग्राम हजारीपुरवा (मजरा आम्बा) में बुधवार की मध्य रात बेखौफ चोरों ने तांडव मचाया। अज्ञात चोरों ने राम किशोर पुत्र बनवारी लाल के घर का ताला तोड़कर बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर घर के भीतर रखे लगभग 32 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी समेटकर मौके से फरार हो गए।1
- लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत मकनपुर अंतर्गत चम्बरबोझ से बेलहिया फार्म जाने वाले संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी भरने से ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। इस जलमग्न रास्ते में मगरमच्छों ने अपना बसेरा बना लिया है, जिससे यहां से गुजरने वाले ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और खेतों की ओर जाने वाले किसानों की जान पर हर समय खतरा मंडरा रहा है। पानी में अत्यधिक जलकुंभी फैली होने के कारण मगरमच्छ आसानी से दिखाई नहीं देते, जिससे किसी भी समय अनहोनी या हादसे की आशंका बनी हुई है। बेलहिया फार्म के लोगों के लिए यही मुख्य संपर्क मार्ग है, जबकि चम्बरबोझ के किसानों को भी अपने खेतों तक जाने के लिए इसी रास्ते से मजबूरन गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक रात के समय मगरमच्छ पानी से निकलकर सड़क पर आ जाते हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। इसके अलावा जलस्तर बढ़ने पर मगरमच्छों के सीधे रिहायशी इलाकों में प्रवेश करने का डर भी लोगों को सता रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर तहसील प्रशासन ने मौके का निरीक्षण कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासनिक ढिलाई से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जलमग्न मार्ग से जलकुंभी को तत्काल हटवाया जाए ताकि पानी में छिपे मगरमच्छों पर नजर रखी जा सके, साथ ही आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।4