मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा में विश्व जैन संगठन के तत्वावधान में आयोजित श्री नेमी गिरनार धर्म यात्रा का जैन समाज ने भव्य स्वागत किया। दिल्ली से गिरनार तक 3100 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इस यात्रा में 108 फीट लंबा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और 108 फीट लंबा पचरंगा जैन ध्वज मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। यह धर्म यात्रा स्थानीय श्री त्रिमूर्ति जैन मंदिर से भव्य शोभा यात्रा के रूप में शुरू हुई और नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए श्री महावीर विहार पहुंची। शोभा यात्रा में गिरनार पर्वत की एक बड़ी संरचना भी शामिल थी। इसमें जैन समाज के धर्मावलंबियों के साथ-साथ ब्रम्हचारी मयूर भैय्या के सानिध्य में अभय सेना के सदस्य एक जैसी वेशभूषा में उपस्थित थे। विश्व जैन संगठन के संस्थापक संजय जैन ने बताया कि यह यात्रा 25 जून को दिल्ली से प्रारंभ हुई थी, जो देश के कई प्रदेशों और विभिन्न शहरों से होते हुए आगामी 20 जुलाई को गुजरात प्रांत के जूनागढ़ के पास स्थित श्री गिरनार जी सिद्ध क्षेत्र पर पहुंचेगी। कुल 3100 किलोमीटर की यह धर्म यात्रा जैन समाज को जागृत कर अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को श्री गिरनार पर्वत पहुँचने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से की जा रही है। साथ ही, इसका लक्ष्य देश में शुद्ध आहार और शाकाहार का प्रचार करना, तथा जीव दया व प्रकृति के संरक्षण के लिए समाज को प्रेरित करना भी है। संगठन के आह्वान पर, पूरे भारत से लाखों श्रद्धालु भगवान नेमीनाथ स्वामी की मोक्ष स्थली गिरनार पर्वत पर पहुंचकर उनका मोक्ष कल्याणक मनाएंगे और निर्वाण लाडू समर्पित करेंगे।
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा में विश्व जैन संगठन के तत्वावधान में आयोजित श्री नेमी गिरनार धर्म यात्रा का जैन समाज ने भव्य स्वागत किया। दिल्ली से गिरनार तक 3100 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इस यात्रा में 108 फीट लंबा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और 108 फीट लंबा पचरंगा जैन ध्वज मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। यह धर्म यात्रा स्थानीय श्री त्रिमूर्ति जैन
मंदिर से भव्य शोभा यात्रा के रूप में शुरू हुई और नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए श्री महावीर विहार पहुंची। शोभा यात्रा में गिरनार पर्वत की एक बड़ी संरचना भी शामिल थी। इसमें जैन समाज के धर्मावलंबियों के साथ-साथ ब्रम्हचारी मयूर भैय्या के सानिध्य में अभय सेना के सदस्य एक जैसी वेशभूषा में उपस्थित थे। विश्व जैन संगठन के संस्थापक संजय जैन ने बताया
कि यह यात्रा 25 जून को दिल्ली से प्रारंभ हुई थी, जो देश के कई प्रदेशों और विभिन्न शहरों से होते हुए आगामी 20 जुलाई को गुजरात प्रांत के जूनागढ़ के पास स्थित श्री गिरनार जी सिद्ध क्षेत्र पर पहुंचेगी। कुल 3100 किलोमीटर की यह धर्म यात्रा जैन समाज को जागृत कर अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को श्री गिरनार पर्वत पहुँचने के लिए प्रेरित करने
के उद्देश्य से की जा रही है। साथ ही, इसका लक्ष्य देश में शुद्ध आहार और शाकाहार का प्रचार करना, तथा जीव दया व प्रकृति के संरक्षण के लिए समाज को प्रेरित करना भी है। संगठन के आह्वान पर, पूरे भारत से लाखों श्रद्धालु भगवान नेमीनाथ स्वामी की मोक्ष स्थली गिरनार पर्वत पर पहुंचकर उनका मोक्ष कल्याणक मनाएंगे और निर्वाण लाडू समर्पित करेंगे।
- मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा में विश्व जैन संगठन के तत्वावधान में आयोजित श्री नेमी गिरनार धर्म यात्रा का जैन समाज ने भव्य स्वागत किया। दिल्ली से गिरनार तक 3100 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इस यात्रा में 108 फीट लंबा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और 108 फीट लंबा पचरंगा जैन ध्वज मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। यह धर्म यात्रा स्थानीय श्री त्रिमूर्ति जैन मंदिर से भव्य शोभा यात्रा के रूप में शुरू हुई और नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए श्री महावीर विहार पहुंची। शोभा यात्रा में गिरनार पर्वत की एक बड़ी संरचना भी शामिल थी। इसमें जैन समाज के धर्मावलंबियों के साथ-साथ ब्रम्हचारी मयूर भैय्या के सानिध्य में अभय सेना के सदस्य एक जैसी वेशभूषा में उपस्थित थे। विश्व जैन संगठन के संस्थापक संजय जैन ने बताया कि यह यात्रा 25 जून को दिल्ली से प्रारंभ हुई थी, जो देश के कई प्रदेशों और विभिन्न शहरों से होते हुए आगामी 20 जुलाई को गुजरात प्रांत के जूनागढ़ के पास स्थित श्री गिरनार जी सिद्ध क्षेत्र पर पहुंचेगी। कुल 3100 किलोमीटर की यह धर्म यात्रा जैन समाज को जागृत कर अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को श्री गिरनार पर्वत पहुँचने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से की जा रही है। साथ ही, इसका लक्ष्य देश में शुद्ध आहार और शाकाहार का प्रचार करना, तथा जीव दया व प्रकृति के संरक्षण के लिए समाज को प्रेरित करना भी है। संगठन के आह्वान पर, पूरे भारत से लाखों श्रद्धालु भगवान नेमीनाथ स्वामी की मोक्ष स्थली गिरनार पर्वत पर पहुंचकर उनका मोक्ष कल्याणक मनाएंगे और निर्वाण लाडू समर्पित करेंगे।4
- दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच एक महत्वपूर्ण परियोजना से संबंधित कई विवादों का सफलतापूर्वक समाधान कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि इन विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत की गई, जिसमें गृह मंत्री और जल शक्ति मंत्री ने सकारात्मक भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, महाराष्ट्र पर बकाया एक बड़ी रकम का निपटारा हो गया है, और अब राज्य को अपने हिस्से के तौर पर केवल ₹27 करोड़ का भुगतान करना होगा। फडणवीस ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र को इस परियोजना से 10 TMC (हज़ार मिलियन क्यूबिक फ़ीट) पानी मिलना था, लेकिन भौगोलिक स्थिति और ज़मीन की बनावट के कारण वह पानी उपलब्ध नहीं हो पाया था। इस समस्या के समाधान के लिए, महाराष्ट्र ने दो वैकल्पिक परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा था, जिन्हें आज सैद्धांतिक मंज़ूरी मिल गई है। फडणवीस ने इस दिन को महाराष्ट्र के लिए 'एक अहम दिन' करार दिया, क्योंकि चारों राज्य इस समाधान पर सहमत हुए हैं।2
- गुजरात के सूरत जिले में भारी बारिश के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी किया गया है। शहर के सभी इलाकों में पानी भर जाने के कारण लोगों से अपील की गई है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें और न ही किसी और को बाहर जाने दें।1
- दिल्ली के समयपुर स्थित गली नंबर 7 में भारी बारिश के कारण स्थानीय निवासियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के चलते इलाके की नालियाँ उफ़न रही हैं और उनका पानी सीधे घरों में घुस रहा है। लोगों ने अधिकारियों से इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक कराने का अनुरोध किया है।3
- उत्तर पूर्वी दिल्ली जिला के गोकुलपुरी थाना टीम ने कई लूट की वारदातों में शामिल एक अपराधी को गिरफ्तार किया है। डीसी पर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि एक शिकायतकर्ता ने अपने बयान में बताया था कि वह अपने टू-व्हीलर वाहन से जा रहे थे, तभी एक थ्री-व्हीलर में सवार दो लोगों ने उन्हें रोका और उनसे जबरन लूटपाट की। इस शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक अपराधी को गिरफ्तार कर लिया और एक थ्री-व्हीलर भी बरामद किया है।1
- राजधानी दिल्ली में अपराध पर काबू पाने के लगातार दावों के बावजूद, ज़मीनी हकीकत इनसे मेल नहीं खाती। शहर की कई कॉलोनियों में खुलेआम चल रहा नशे का कारोबार और बढ़ती आपराधिक घटनाएँ आम लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं। इसी कड़ी में, आउटर दिल्ली के मंगोलपुरी स्थित राजा पार्क इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है और कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के तुरंत बाद, पीड़ित परिवार शव को लेकर थाने के बाहर धरने पर बैठ गया और इंसाफ की पुरजोर मांग करने लगा। परिजनों का आरोप है कि इलाके में नशे के कारोबार और अपराध को लेकर पहले भी कई शिकायतें की गई थीं, लेकिन समय रहते कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि कई जगहों पर नाबालिग भी नशे की चपेट में आ रहे हैं, जिससे सड़कों पर असुरक्षा का माहौल लगातार बढ़ता जा रहा है और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। यह घटना केवल एक अकेला मामला नहीं है, बल्कि राजधानी की कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे बड़े सवालों का एक हिस्सा है। लोगों की मांग है कि नशे के अवैध कारोबार और बढ़ते अपराधों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए और दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिले। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तेज़ी और सख्ती दिखाता है, क्योंकि हर ऐसी घटना के बाद एक ही सवाल गूंजता है—क्या दिल्ली वाकई सुरक्षित है?1