लम्भुआ: 33 केवी केबल में लगी आग, ग्रामीणों और पत्रकार की तत्परता से टला बड़ा हादसा लम्भुआ क्षेत्र के पांडेपुर-गारवपुर विद्युत लाइन में उस समय हड़कंप मच गया, जब 33 केवी की केबल में अचानक आग लग गई। यह लाइन नहर की पटरी के पश्चिम दिशा में स्थापित है। आग लगते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। सीढ़ी, हरे पत्तों की डंडियों और भीगी बोरियों का उपयोग करते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। इस दौरान पत्रकार कृष्ण कुमार यादव ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई। उनकी तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे लाखों की केबल सुरक्षित बच गई और बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलने पर बिजली विभाग के लाइनमैन शील कुमार मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। समय पर की गई कार्रवाई से क्षेत्र में संभावित बड़ी क्षति टल गई।
लम्भुआ: 33 केवी केबल में लगी आग, ग्रामीणों और पत्रकार की तत्परता से टला बड़ा हादसा लम्भुआ क्षेत्र के पांडेपुर-गारवपुर विद्युत लाइन में उस समय हड़कंप मच गया, जब 33 केवी की केबल में अचानक आग लग गई। यह लाइन नहर की पटरी के पश्चिम दिशा में स्थापित है। आग लगते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। सीढ़ी, हरे पत्तों की डंडियों और भीगी बोरियों का उपयोग करते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। इस दौरान पत्रकार कृष्ण कुमार यादव ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई। उनकी तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे लाखों की केबल सुरक्षित बच गई और बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलने पर बिजली विभाग के लाइनमैन शील कुमार मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। समय पर की गई कार्रवाई से क्षेत्र में संभावित बड़ी क्षति टल गई।
- कोथरा खुर्द में बाबा साहेब की भव्य प्रतिमा स्थापित, गांव में उत्सव का माहौल सुल्तानपुर जनपद के कोथरा खुर्द स्थित कमल सरोवर पर मंगलवार को डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित की गई। इस खास मौके पर पूरे गांव में उत्साह, श्रद्धा और गर्व का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं ने भाग लिया तथा बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रतिमा स्थापना को लेकर गांव में कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। जैसे ही प्रतिमा का अनावरण हुआ, जयकारों से वातावरण गूंज उठा। लोगों ने बाबा साहेब के विचारों और उनके संघर्षों को याद करते हुए उन्हें प्रेरणास्रोत बताया। ग्रामीणों ने इसे ऐतिहासिक और यादगार दिन बताया। आयोजन में सुषमा जायसवाल, अरुण जायसवाल, पूर्व प्रधान देवी प्रसाद वर्मा, प्रधान अमरावती देवी तथा अनिल विक्रम सिंह (रानू सिंह) का विशेष योगदान रहा। गांव के अन्य लोगों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बाबा साहेब के जीवन और संविधान निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला तथा समानता, शिक्षा और अधिकारों के उनके संदेश को अपनाने की अपील की। अंत में सभी ने सामाजिक समरसता और भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।4
- हेडलाइन: महेश्वर के पीएम श्री कन्या स्कूल में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती मनाई छात्राओं सहित शिक्षकों ने दिए प्रेरक उद्बोधन मुख्य बिंदु: • अंबेडकर जयंती पर विद्यालय में गरिमामय आयोजन • छात्राओं ने समानता, शिक्षा व अधिकारों पर रखे विचार • अतिथियों ने बताए अंबेडकर के संघर्ष और आदर्श • सामाजिक समरसता का संकल्प, स्वल्पाहार वितरण एंकर - मंगलवार को महेश्वर के पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इस अवसर पर छात्राओं ने अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष और उनके विचारों पर आधारित भाषण एवं प्रस्तुतियां दीं। छात्राओं ने समानता, स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय और शिक्षा के महत्व को अपने शब्दों में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि के रूप में सुनील गाडगे ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर ने समाज के प्रत्येक वर्ग को बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया और एक समतामूलक समाज की नींव रखी, वहीं मनोज गौड़ ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि अंबेडकर ने शिक्षा को सबसे बड़ी शक्ति बताया है और शिक्षा के माध्यम से ही व्यक्ति अपने जीवन में सफलता हासिल कर सकता है। प्रभारी प्राचार्य प्रवीण भावसार ने अंबेडकर के प्रसिद्ध कथन “शिक्षा शेरनी का दूध है, जो इसे पीता है वह दहाड़ना सीख जाता है” को दोहराते हुए छात्राओं को शिक्षा के प्रति जागरूक रहने और निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त स्टाफ और छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही।2
- कौशाम्बी कस्बा करारी मे भारत देश के रत्न संविधान रचयिता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर साहब की जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई कस्बा वालों के साथ-साथ आसपास के इलाकों से भी लोगों का उमड़ा जन सैलाब डॉ भीमराव अंबेडकर साहब की जयंती को सकुशल संपन्न करने के लिए इलाकई थाना पूरी तरह से मुस्तैयत रहा कौशाम्बी। अंबेडकर जयंती के अवसर पर करारी कस्बे में निकली भव्य शोभा यात्रा, गाने बाजे के साथ डीजे से निकाली गई शोभा यात्रा, हजारों अंबेडकर अनुयाई शोभा यात्रा में हुए शामिल, नीले झंडों से सराबोर रहा पूरा कस्बा, जय भीम जय आंबेडकर के नारों से गूंजा कस्बा, जय भीम के गीतों पर महिलाएं और युवतियां भी नाचती आई नजर, कार्यक्रम में महिलाएं युवतियां युवाओं ने भी बढ़ चढ़ कर लिया हिस्सा , पूरे जिले में बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाई जा रही भीम जयंती, नीले झंडों का दिखा हुजूम, हजारों की संख्या में लोगों का दिखा हुजूम। सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस बल चप्पे चप्पे पर तैनात। कौशाम्बी करारी1
- पट्टी क्षेत्र से सटे कस्बा गांव बीबीपुर में 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन बाईपास मार्ग पर किया गया, जहां ग्रामीणों ने एकत्र होकर केक काटकर जयंती का उत्सव मनाया। इस अवसर पर सामाजिक सौहार्द और सेवा भाव का परिचय देते हुए राहगीरों व यात्रियों को ठंडा शरबत पिलाया गया, जो कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रहा। कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम प्रधान पति राना सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। इसके पश्चात गौतम बुद्ध एवं डॉ. अंबेडकर के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने केक काटकर जयंती का उत्सव मनाया। इस दौरान राना सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों पर चलकर हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने देश के शोषित, गरीब, मजदूर, दलित, किसान और पिछड़े वर्ग के लोगों के हित में जो कार्य किए, वह सदैव प्रेरणादायी रहेंगे। उन्होंने सभी को उनके बताए मार्ग पर चलने और समाज में समानता व भाईचारे को बढ़ावा देने का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सुरेश कुमार सुमन (एडवोकेट), विपिन सिंह (एडवोकेट), अमित सिंह, के.के. सिंह, सर्वेश सिंह, रामकुमार, प्रदीप कुमार, पीयूष, अमरेंद्र सिंह, राजन, गुरुदेव, प्रशांत, प्रकाश, संदीप सहित बड़ी संख्या में बीबीपुर के ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने बाबा साहेब के विचारों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया और समाज में शिक्षा, समानता और न्याय की भावना को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।1
- अचानक कुछ हुआ और तहसील के पास तैनात दारोगा ने शर्ट उतार दी, पुलिस टोपी भी उनके पास नही थी,अधनंगे बदन वह मिट्टी में लोट रहे थे उनके चश्मे का एक शीशा गायब था, लेटे हुए वह बेचैनी से मोबाइल देखते थे तो कभी पेट के बल लेटकर लंबी नींद लेते थे,उनका शरीर साथ नही दे रहा था वह लेटे हुए कई बार मूत्र-विसर्जन भी कर चुके थे दारोगा जी की गाड़ी भी पास खड़ी थी, राहगीरों ने उनकी हालत देखते हुए उन्हें एक अहाते के अंदर कर दिया साथी पुलिसवालों ने आकर उनकी सुधि ली औघ रहा दारोगा बार-बार कहता था हां मैने दारू पी ली है मगर ये बताओ मैं कहां पे खड़ा हूं..1
- Post by अपना प्रतापगढ़ न्यूज1
- लम्भुआ: 33 केवी केबल में लगी आग, ग्रामीणों और पत्रकार की तत्परता से टला बड़ा हादसा लम्भुआ क्षेत्र के पांडेपुर-गारवपुर विद्युत लाइन में उस समय हड़कंप मच गया, जब 33 केवी की केबल में अचानक आग लग गई। यह लाइन नहर की पटरी के पश्चिम दिशा में स्थापित है। आग लगते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। सीढ़ी, हरे पत्तों की डंडियों और भीगी बोरियों का उपयोग करते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। इस दौरान पत्रकार कृष्ण कुमार यादव ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई। उनकी तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे लाखों की केबल सुरक्षित बच गई और बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलने पर बिजली विभाग के लाइनमैन शील कुमार मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। समय पर की गई कार्रवाई से क्षेत्र में संभावित बड़ी क्षति टल गई।2
- एनएच 552 हाइवे पर पहुंची बाघिन ने रोकी राह,सड़क किनारे गाय का किया शिकार सवाई माधोपुर। रणथंभौर नेशनल पार्क से निकलकर आज एक बार फिर मादा बाघिन टी 39 हाइवे पर जा पहुंची। रणथंभौर नेशनल पार्क में होकर गुजर रहे टोंक शिवपुरी एनएच 552 पर देर शाम बोदल गांव के नजदीक मादा बाघिन टी 39 जंगल से निकल कर हाइवे पर जा पहुंची। जहा बाघिन ने हाईवे के किनारे एक गाय का शिकार किया और उसके पास बैठी रही। वही बाघिन के हाईवे पर पहुंचने से राहगीरों में दहशत बन गई ओर काफी देर तक सड़क मार्ग अवरुद्ध रहा।सूचना के बाद वन विभाग के डीएफओ मानस सिंह एवं विभाग की टीम एवं पुलिस मौके पर पहुंची ओर बाघिन के मूवमेंट से लोगों को दूर करवाया। करीबन 20 से 25 मिनट तक बाघिन सड़क किनारे शिकार के करीब बैठी रहे जिसके बाद बाघिन ने अपना रुख जंगल की ओर किया तब जाकर हाइवे पर आवाजाही शुरू हुई। वही रणथंभौर केजीएफ का मानव सिंह ने बताया कि आज शाम करीबन 6:30 बजे मादा बाघिन टी 39 जंगल से निकलकर बोदल गांव के नजदीक हाइवे पर पहुंच गई जहां बाघिन ने एक गाय का शिकार किया और उसके पास बैठ गई।डीएफओ ने बताया कि सूचना के बाद वन विभाग की टीम तत्काल रूप से मौके पर पहुंची।डीएफओ ने बताया कि वन विभाग की टीम ने बाघिन को सुरक्षित रूप से सड़क किनारे से हटाकर जंगल क्षेत्र की ओर बाघिन का रुख करवाया। जिसके बाद मार्ग को सुचारु करवाया गया। डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि वर्तमान में बाघिन सुरक्षित हे ओर बाघिन का मूवमेंट जंगल क्षेत्र में है। डीएफओ ने कहा कि वन विभाग की टीम के द्वारा लगातार बाघिन की मॉनिटरिंग की जा रही है। लोकेशन सवाई माधोपुर1
- तहसील पट्टी में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन तहसील पट्टी सभागार में किया गया, जहां अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में बाबा साहेब को याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उप जिलाधिकारी पूर्णैन्दु मिश्रा द्वारा डॉ. अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। उन्होंने अपने संबोधन में बाबा साहेब के विचारों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में नायब तहसीलदार कृपा शंकर यादव, शैलेंद्र तिवारी, एडवोकेट तेज प्रताप पांडे, एडवोकेट सुरेश कुमार ओझा, संग्रह अमीन राकेश कुमार तथा स्टेनो लेखपाल महेश कुमार सहित वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समानता और शिक्षा का प्रतीक है, जिससे समाज को निरंतर प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम में राजस्व निरीक्षक अरुण प्रताप सिंह, सुरेश कुमार ओझा, राकेश कुमार (स्टेनो), देशदीपक, ब्रह्मानंद ओझा, शैलेंद्र तिवारी, तेज प्रताप पांडे, मोहम्मद इलियास, महेश कुमार, चंदन सिंह, राजकुमार वर्मा, विकास तिवारी, अनुराग सिंह, इंद्रजीत यादव सहित तमाम कर्मचारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समापन के दौरान सभी ने बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलने और समाज में समानता, न्याय एवं भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प।1