बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में बेलगहना चौकी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना 7 जुलाई की है, जब ग्राम कसईबहरा में आयोजित एक छठी कार्यक्रम के दौरान अमर सिंह पेन्द्रो की मौत हुई। 8 जुलाई की रात डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिलने के बाद मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि कार्यक्रम के दौरान अमर सिंह पेन्द्रो पर शराब पीकर माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए रोहित पोर्ते, दीपक पोर्ते और प्रदीप वाकरे का उससे विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर तीनों आरोपियों ने अमर सिंह के साथ लात-घूंसों और मुक्कों से बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद आरोपी अमर सिंह को कार्यक्रम स्थल से करीब 60-65 मीटर तक सीसी रोड पर घसीटकर उसके घर के पास छोड़ आए, जहाँ गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार करने वाले तीनों आरोपियों—रोहित पोर्ते (30 वर्ष), दीपक पोर्ते (23 वर्ष) और प्रदीप वाकरे (21 वर्ष)—को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपी ग्राम कसईबहरा के ही निवासी हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर तीनों को 10 जुलाई को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में बेलगहना चौकी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना 7 जुलाई की है, जब ग्राम कसईबहरा में आयोजित एक छठी कार्यक्रम के दौरान अमर सिंह पेन्द्रो की मौत हुई। 8 जुलाई की रात डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिलने के बाद मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि कार्यक्रम के दौरान अमर सिंह पेन्द्रो पर शराब पीकर माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए रोहित पोर्ते, दीपक पोर्ते और प्रदीप वाकरे का उससे विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर तीनों आरोपियों ने अमर सिंह के साथ लात-घूंसों और मुक्कों से बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद आरोपी अमर सिंह को कार्यक्रम स्थल से करीब 60-65 मीटर तक सीसी रोड पर घसीटकर उसके घर के पास छोड़ आए, जहाँ गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार करने वाले तीनों आरोपियों—रोहित पोर्ते (30 वर्ष), दीपक पोर्ते (23 वर्ष) और प्रदीप वाकरे (21 वर्ष)—को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपी ग्राम कसईबहरा के ही निवासी हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर तीनों को 10 जुलाई को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
- रायगढ़ पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के अंतर्गत अवैध कबाड़ परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लैलूंगा और छाल थाना पुलिस की संयुक्त टीमों ने कुल 6.5 टन संदिग्ध लोहे का कबाड़, एक 14 चक्का ट्रक और एक माजदा वाहन बरामद किया है। इस पूरी कार्रवाई में जब्त की गई संपत्ति का कुल मूल्य 28.48 लाख रुपये आंका गया है। लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव की टीम ने खम्हार मोड़ के पास ट्रक क्रमांक सीजी-14 एमएफ-0223 को रोका, जिसमें 4.5 टन संदिग्ध लोहे का स्क्रैप लदा था। चालक महेन्द्र लहरे (36) वैध दस्तावेज पेश करने में असमर्थ रहा, जिसके बाद पुलिस ने 1.08 लाख रुपये के कबाड़ और 15 लाख रुपये के ट्रक को जब्त कर लिया। इसी प्रकार, छाल थाना पुलिस ने ग्राम बोजिया के पास माजदा वाहन क्रमांक सीजी-12 एज़ेड-3191 को पकड़ा। चालक भूपेन्द्र यादव (36) के पास से 2 टन लोहे की छड़, एंगल और अन्य हिस्से बरामद हुए। पुलिस ने 40 हजार रुपये के कबाड़ और 12 लाख रुपये के वाहन को जब्त कर कुल 12.40 लाख रुपये की संपत्ति अपने कब्जे में ली है। रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध कबाड़ कारोबार और इससे जुड़े नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इस अभियान पर जोर देते हुए कहा कि अवैध कबाड़ का काम चोरी और संगठित अपराधों से जुड़ा एक गंभीर विषय है, और बिना वैध दस्तावेजों के कबाड़ ढोने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- बिलासपुर के कलेक्टर ने बिलासपुर और सकरी तहसीलों का औचक निरीक्षण कर जमीन संबंधी कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नक्शा-बटांकन और अन्य राजस्व मामलों के निस्तारण में हो रही देरी पर संबंधित अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी लंबित प्रकरणों को तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से हल करने के निर्देश दिए हैं।1
- रायगढ़ पुलिस ने अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 6.5 टन संदिग्ध लोहे का कबाड़ और दो मालवाहक वाहन जब्त किए हैं। इस कार्रवाई में एक 14 चक्का ट्रक और एक माजदा वाहन को पकड़ा गया है, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹28.48 लाख आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में वाहन चालक परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज पेश करने में विफल रहे, जिसके बाद उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है। लैलूंगा पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एक मुखबिर की सूचना पर खम्हार मोड़ के पास नाकेबंदी कर ट्रक क्रमांक CG-14 MF-0223 को रोका। ट्रक चालक 36 वर्षीय महेन्द्र लहरे निवासी गोढ़ीकला, जिला जशपुर, कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। पुलिस ने ट्रक से 4.5 टन लोहे का स्क्रैप बरामद किया, जिसकी कीमत ₹1.08 लाख और ट्रक की कीमत ₹15 लाख सहित कुल ₹16.08 लाख की संपत्ति जब्त की। वहीं, छाल पुलिस ने ग्राम बोजिया के पास माजदा वाहन क्रमांक CG-12 AZ-3191 को रोककर 2 टन कबाड़, जिसमें लोहे की छड़, एंगल और पार्ट्स शामिल हैं, जब्त किया। वाहन चालक 36 वर्षीय भूपेन्द्र यादव निवासी ढोढ़ीपारा, कोरबा भी दस्तावेज नहीं दिखा सका। इस कार्रवाई में ₹40 हजार के कबाड़ और ₹12 लाख के वाहन सहित कुल ₹12.40 लाख की संपत्ति जब्त की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि अवैध कबाड़ का कारोबार चोरी और संगठित अपराधों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। पुलिस अब जब्त कबाड़ के स्रोत, उसके स्वामित्व और इससे जुड़े नेटवर्क की सघन जांच कर रही है। जिले में बिना वैध दस्तावेजों के कबाड़ परिवहन करने वालों के खिलाफ यह सख्त कानूनी अभियान आगे भी जारी रहेगा।2
- बिलासपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती (स्मरण दिवस) के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक और छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय शामिल हुए। इस अवसर पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। धरमलाल कौशिक ने डॉ. मुखर्जी के त्याग और राष्ट्रनिष्ठा का स्मरण करते हुए कहा कि उनका 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे' का अटल संकल्प आज भी हर राष्ट्रभक्त के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।1
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी मुहिम छेड़ते हुए जिले के सरसीवा, भटगांव और डोंगरीपाली थाना क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5 अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं, जिनमें कुल 36 लीटर महुआ और विदेशी शराब जप्त की गई है। पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे और अवैध तस्करी के खिलाफ उनका यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में बेलगहना चौकी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना 7 जुलाई की है, जब ग्राम कसईबहरा में आयोजित एक छठी कार्यक्रम के दौरान अमर सिंह पेन्द्रो की मौत हुई। 8 जुलाई की रात डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिलने के बाद मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि कार्यक्रम के दौरान अमर सिंह पेन्द्रो पर शराब पीकर माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए रोहित पोर्ते, दीपक पोर्ते और प्रदीप वाकरे का उससे विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर तीनों आरोपियों ने अमर सिंह के साथ लात-घूंसों और मुक्कों से बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद आरोपी अमर सिंह को कार्यक्रम स्थल से करीब 60-65 मीटर तक सीसी रोड पर घसीटकर उसके घर के पास छोड़ आए, जहाँ गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार करने वाले तीनों आरोपियों—रोहित पोर्ते (30 वर्ष), दीपक पोर्ते (23 वर्ष) और प्रदीप वाकरे (21 वर्ष)—को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपी ग्राम कसईबहरा के ही निवासी हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर तीनों को 10 जुलाई को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।1
- बिलासपुर जिला अस्पताल एक बार फिर अव्यवस्था और लापरवाही के आरोपों के चलते सुर्खियों में है। रतनपुर निवासी द्वारिका प्रसाद मंडलोई, जो पिछले दो महीनों से इस अस्पताल में डायलिसिस करा रहे हैं, ने वहां के डायलिसिस स्टाफ पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मरीज का दावा है कि उपचार के दौरान कई बार अस्पताल के कर्मचारियों की ओर से भारी चूक देखने को मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि डायलिसिस के दौरान मरीज को चढ़ाया जाने वाला ब्लड जमीन पर गिरता रहा, जिसे रोकने या संभालने की जहमत स्टाफ ने नहीं उठाई।1