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सड़क या मिट्टी की परत? गोरा रायपुर केसरपुर मार्ग हाथों से उखड़ा करीब 31.82 लाख रुपये की लागत से बन रही सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की परत इतनी कमजोर है कि उसे हाथों से ही उखाड़ा जा रहा है, सड़क या मिट्टी की परत? गोरा रायपुर केसरपुर मार्ग हाथों से उखड़ा करीब 31.82 लाख रुपये की लागत से बन रही सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की परत इतनी कमजोर है कि उसे हाथों से ही उखाड़ा जा रहा है,
Shablu khan
सड़क या मिट्टी की परत? गोरा रायपुर केसरपुर मार्ग हाथों से उखड़ा करीब 31.82 लाख रुपये की लागत से बन रही सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की परत इतनी कमजोर है कि उसे हाथों से ही उखाड़ा जा रहा है, सड़क या मिट्टी की परत? गोरा रायपुर केसरपुर मार्ग हाथों से उखड़ा करीब 31.82 लाख रुपये की लागत से बन रही सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की परत इतनी कमजोर है कि उसे हाथों से ही उखाड़ा जा रहा है,
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- Post by यूपी समाचार1
- पूरनपुर, पीलीभीत। तहसील पूरनपुर के ग्राम शेरपुर कलां में 26वें रमजान की रात जामा मस्जिद सहित गांव की अन्य मस्जिदों में जश्न- ए- कुरआन- ए-पाक शानों-शौकत के साथ मनाया गया। जामा मस्जिद में हाफिज जियाउल कादरी मुस्तफा ने तरावीह में कुरआन पाक की तिलावत मुकम्मल कराई। वहीं कुरैशियान मस्जिद में भी मुकम्मल कुरआन की खुशी में कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में नात-ओ-मनकबत और सलात- ओ- सलाम पेश किया गया। उलेमाओं ने रमजान की फजीलत बयान करते हुए लोगों को ज्यादा से ज्यादा इबादत करने और गरीबों की मदद करने की नसीहत दी। अंत में मुल्क में अमन-चैन और आपसी भाईचारे के लिए खास दुआ की गई।1
- सड़क या मिट्टी की परत? गोरा रायपुर केसरपुर मार्ग हाथों से उखड़ा करीब 31.82 लाख रुपये की लागत से बन रही सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की परत इतनी कमजोर है कि उसे हाथों से ही उखाड़ा जा रहा है,1
- पीलीभीत जनपद के बीसलपुर में रोडवेज व्यवस्था की हालत सवालों के घेरे में है। सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च कर रोडवेज बस स्टैंड का निर्माण तो कराया गया, लेकिन विडंबना यह है कि वहां न तो बसें पहुंचती हैं और न ही यात्री। स्थिति यह है कि जहां वास्तव में बसें रुकती हैं और यात्रियों की भीड़ रहती है, वहां कोई आधिकारिक बस स्टैंड नहीं है। मजबूरी में यात्रियों को खुले में खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है। गर्मी और धूप से बचने के लिए लोग पास बने सार्वजनिक शौचालय की छांव में खड़े होकर रोडवेज बस का इंतजार करते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन बसों का संचालन वास्तविक स्थान से सुनिश्चित करे और वहां यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराए, तो यात्रियों को काफी राहत मिल सकती है। फिलहाल बीसलपुर में रोडवेज बस स्टैंड व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित नजर आ रही है।1
- पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक भालू ने बाघ को दौड़ाया वीडियो वायरल1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां पुवायां तहसील के नाहिल गांव में कुछ दबंगों ने एक बुजुर्ग को सरेआम मुर्गा बनाया, उससे नाक रगड़वाई और मारपीट भी की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक बुजुर्ग हाथ जोड़कर और पैर पड़कर माफी मांग रहा है। इसके बावजूद, दबंग उसे डंडे से धमकाते हुए गाली-गलौज कर रहे हैं। वे बुजुर्ग से नाक रगड़वाकर माथा टेकने के लिए मजबूर करते हैं और फिर उसे लात-घूंसों और चप्पलों से पीटते हैं। घटना के पीछे की वजह यह बताई जा रही है कि कुछ दिन पहले पीड़ित बुजुर्ग ने थाने में बंद कुछ लोगों को खाना दिया था। यह बात दबंग वादी पक्ष को नागवार गुजरी। इसके बाद दबंगों ने बुजुर्ग को घेरकर सरेआम मुर्गा बनाया और पैरों में माथा व नाक रगड़वाकर माफी मंगवाई। इस पूरी घटना का विधिवत वीडियो भी बनवाया गया था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- Post by Arun Rana1
- पीलीभीत पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए साइबर अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की है। जनपद की साइबर क्राइम सेल और पुलिस टीम ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए 206 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिन्हें उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिया गया। दरअसल, पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने इन मोबाइल फोन को उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा। बरामद किए गए इन मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 24 लाख 39 हजार 440 रुपये बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक यह सफलता पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया तथा सहायक पुलिस अधीक्षक नताशा गोयल के प्रभावी पर्यवेक्षण में मिली है। साइबर क्राइम टीम और जिले के सभी थानों पर स्थापित साइबर हेल्प डेस्क ने भारत सरकार के CEIR पोर्टल की मदद से गुम मोबाइल फोन को ट्रैक कर बरामद किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अब CEIR पोर्टल के माध्यम से खोए हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करना और ट्रैक करना पहले से काफी आसान हो गया है। साइबर सेल ने प्राप्त शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए सर्विलांस की मदद से विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन रिकवर किए। कार्यक्रम के दौरान जब लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल फोन वापस मिले, तो उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। मोबाइल स्वामियों ने पीलीभीत पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की कि मोबाइल फोन खोने पर तुरंत नजदीकी थाने की साइबर हेल्प डेस्क पर सूचना दें और भारत सरकार के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही किसी भी संदिग्ध लिंक या अनजान कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। इस पूरे अभियान में जनपदीय साइबर सेल के विशेषज्ञों और सभी थानों की हेल्प डेस्क टीम का विशेष योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक ने टीम के कार्य की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन भी किया।1