डीग के ग्राम पंचायत पास्ता में सरकारी जमीन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कथित भू-माफियाओं ने पंचायत द्वारा उन्हें किराए पर दी गई जमीन को जबरन खाली करा लिया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वह लंबे समय से पंचायत से यह जमीन किराए पर लेकर अपना कार्य कर रहा था। हालाँकि, कुछ लोगों ने दबाव बनाकर उन्हें यह जमीन खाली करने पर मजबूर किया। पीड़ित ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसे बिना किसी पूर्व सूचना के परेशान किया गया और जबरदस्ती उससे कब्जा हटवाया गया। इस मामले में सरपंच प्रतिनिधि ने पुष्टि की है कि पंचायत की ओर से नियमानुसार ही यह जमीन किराए पर दी गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे मामले की जानकारी प्रशासन को दे दी गई है। वहीं, इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भी काफी चर्चा बनी हुई है। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जांच की बात कही जा रही है।
डीग के ग्राम पंचायत पास्ता में सरकारी जमीन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कथित भू-माफियाओं ने पंचायत द्वारा उन्हें किराए पर दी गई जमीन को जबरन खाली करा लिया है। पीड़ित पक्ष का कहना
है कि वह लंबे समय से पंचायत से यह जमीन किराए पर लेकर अपना कार्य कर रहा था। हालाँकि, कुछ लोगों ने दबाव बनाकर उन्हें यह जमीन खाली करने पर मजबूर किया। पीड़ित ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसे बिना किसी पूर्व सूचना के
परेशान किया गया और जबरदस्ती उससे कब्जा हटवाया गया। इस मामले में सरपंच प्रतिनिधि ने पुष्टि की है कि पंचायत की ओर से नियमानुसार ही यह जमीन किराए पर दी गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे मामले की जानकारी प्रशासन को दे दी गई है।
वहीं, इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भी काफी चर्चा बनी हुई है। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जांच की बात कही जा रही है।
- डीग के ग्राम पंचायत पास्ता में सरकारी जमीन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कथित भू-माफियाओं ने पंचायत द्वारा उन्हें किराए पर दी गई जमीन को जबरन खाली करा लिया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वह लंबे समय से पंचायत से यह जमीन किराए पर लेकर अपना कार्य कर रहा था। हालाँकि, कुछ लोगों ने दबाव बनाकर उन्हें यह जमीन खाली करने पर मजबूर किया। पीड़ित ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसे बिना किसी पूर्व सूचना के परेशान किया गया और जबरदस्ती उससे कब्जा हटवाया गया। इस मामले में सरपंच प्रतिनिधि ने पुष्टि की है कि पंचायत की ओर से नियमानुसार ही यह जमीन किराए पर दी गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे मामले की जानकारी प्रशासन को दे दी गई है। वहीं, इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भी काफी चर्चा बनी हुई है। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जांच की बात कही जा रही है।4
- भरतपुर जिले के रूपवास क्षेत्र की चैंकोरा ग्राम पंचायत में स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र नगला खरगा से ब्लॉक स्तरीय वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस अभियान की शुरुआत कलश यात्रा और पीपल पूजन के साथ हुई, जहाँ महिलाओं ने 501 कलशों की एक शानदार कलश यात्रा निकाली। यह यात्रा राजीव गांधी सेवा केंद्र नगला खरका पर ही समाप्त हुई, जिसके बाद विधिवत रूप से पीपल पूजन कर अभियान का आरंभ किया गया। इस कार्यक्रम में विकास अधिकारी काजल शर्मा, सहायक विकास अधिकारी अनिल शर्मा, कृषि अधिकारी हेतराम शर्मा, भाजपा कार्यकर्ता प्रहलाद सिंह राजावत, ग्राम विकास अधिकारी संदीप गुप्ता और प्रशासक प्रेमचंद सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- भरतपुर जिले के उच्चैन उपखंड के नगला तेरहियां गांव में स्थित श्री राम जानकी आश्रम के महंत रामगिरी बाले महाराज, 45 डिग्री सेल्सियस के भीषण तापमान और तेज धूप के बीच कठोर तपस्या में लीन हैं। यह विशेष 25 दिवसीय तपस्या 1 मई को शुरू हुई थी और 25 मई तक जारी रहेगी, जिसमें बाबा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक साधना कर रहे हैं। इस तपस्या में वे खुले मैदान में चारों ओर अग्नि प्रज्वलित कर तप करते हैं, ऐसे समय में जब लोग दोपहर के दौरान घरों से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं। तप स्थल पर एक शिव त्रिशूल स्थापित किया गया है और बाबा के दर्शन के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। उनके शिष्य राहुल सिंह मदेरणा ने जानकारी दी है कि महंत रामगिरी महाराज प्रत्येक वर्ष क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना के साथ यह तपस्या करते हैं। तपस्या के समापन के उपलक्ष्य में, 25 मई को एक विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जा रहा है।4
- राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार, जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से डीग जिले में सोमवार, 25 मई को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर ‘वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’ का भव्य शुभारंभ किया गया। स्थानीय लाला वाला कुंडा परिसर में आयोजित इस जिला स्तरीय समारोह में श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह और जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने विधि-विधान से जल स्रोत का पूजन कर अभियान का विधिवत शंखनाद किया। समारोह को संबोधित करते हुए, श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने ‘जल ही जीवन है और जल है तो कल है’ के मंत्र को आत्मसात करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि गंगा दशहरा से 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) तक चलने वाला यह 10 दिवसीय कार्यक्रम केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आमजन का एक वृहद जन-आंदोलन है। अध्यक्ष ने सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के पूर्णतः त्याग की अपील करते हुए कुएं, बावड़ी और सरोवरों जैसे प्राचीन जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, साफ-सफाई, जल के अपव्यय को रोकने और व्यापक वृक्षारोपण की महत्ता पर जोर दिया। डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने जिलेवासियों को गंगा दशहरा की शुभकामनाएं दीं और वर्तमान में चल रही बृज 84 कोस परिक्रमा में देशभर से आए लाखों श्रद्धालुओं के लिए बेहतरीन प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जिला कलेक्टर मयंक मनीष व उनकी टीम की प्रशंसा की। उन्होंने पूर्वी राजस्थान को पानी की जीवनदायिनी सौगात देने वाली संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। डॉ. सिंह ने कुम्हेर में 450 करोड़ रुपये की लागत से 400 केवी जीएसएस के निर्माण, काशी और महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर पूंछरी के भव्य विकास, 100 करोड़ की लागत से डीग बाईपास के निर्माण और डीग में जिला अस्पताल की स्थापना जैसे आगामी विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। समारोह के दौरान, जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने उपस्थित जनसमूह को जल संरक्षण और संवर्धन की शपथ दिलाई। कार्यक्रम के अंत में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और आमजन से अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इसके बाद, बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार और विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, तथा मातृशक्ति द्वारा निकाली गई भव्य कलश यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शहर के लिए रवाना किया।4
- बच्चों ने जिला प्रशासन से एक महत्वपूर्ण प्रार्थना की है, जिसमें उन्होंने संबंधित मदिरा का ठेका बंद करने की अपील की है।1
- आज, 25 मार्च 2026 को जैसलमेर में 'शायरी की वापसी' हुई है, जिसे राजस्थान की सबसे बड़ी और ताजा खबर के तौर पर बताया जा रहा है।1
- राजस्थान के डीग में एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई है, जहाँ एक पिकअप वाहन और ट्रेलर के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में कुल 14 लोग घायल हो गए।2
- आज, 25 मार्च 2026 को राजस्थान रोडवेज बसों से जुड़ी सबसे बड़ी और ताजा खबरें सामने आई हैं। ये रिपोर्ट्स राजस्थान राज्य से संबंधित हैं, जिनमें रोडवेज बसों से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को राज्य की प्रमुख खबरों के रूप में प्रस्तुत किया गया है।1