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अतरसुमा जामपुरा में जारी संगीतमय भागवत कथा के अंतर्गत आज भगवान बामन का अवतार और भगवान श्री कृष्ण का जन्म उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान भक्तिमय माहौल में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
Dinesh soni
अतरसुमा जामपुरा में जारी संगीतमय भागवत कथा के अंतर्गत आज भगवान बामन का अवतार और भगवान श्री कृष्ण का जन्म उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान भक्तिमय माहौल में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
- Dinesh soniभिंड, भिंड, मध्य प्रदेश🤝16 hrs ago
- Dinesh soniभिंड, भिंड, मध्य प्रदेश👏16 hrs ago
- Dinesh soniभिंड, भिंड, मध्य प्रदेश👌16 hrs ago
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- अपनी 81 दिवसीय यात्रा पर निकले ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 6 जून, शनिवार को इटावा जनपद पहुंचेंगे। उनकी यात्रा जसवंतनगर के निकट स्थित सागर ग्रैंड से प्रारंभ होकर आईटीआई चौराहा होते हुए शहर में प्रवेश करेगी, जिसके बाद वे टैक्सी मंदिर पहुंचेंगे। टैक्सी मंदिर में एक गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, और इसके उपरांत शंकराचार्य जनपद में आयोजित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता देंगे। यह जानकारी महामंडलेश्वर शिवम जी महाराज ने टैक्सी मंदिर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के संयोजक ऋषु चौधरी होंगे और शंकराचार्य के आगमन को लेकर सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।1
- इटावा स्थित विठ्ठल आश्रम में महा मंडलेश्वर शिवम जी महाराज जी ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए गौ माता को 'राजमाता' का दर्जा दिए जाने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने सरकार से इस मांग पर विचार करने का आह्वान किया। इसी मांग को लेकर संत श्री मुक्तेश्वरानन्द जी महाराज की एक यात्रा भी 6 जून को इटावा पहुंच रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य गौ माता को यह सम्मान दिलाना है।1
- जसवंतनगर में नहरों और झालों पर बढ़ती भीड़ तथा डूबने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए बलरई थाना पुलिस ने एक जागरूकता अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई सीओ आयुषी सिंह के निर्देश पर की गई, जिसके तहत थाना प्रभारी कृपाल सिंह ने संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी संबंधी बैनर लगवाए हैं। पुलिस ने बताया कि इन दिनों नहर और खारजा झाल में पानी का स्तर बढ़ा हुआ है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा अधिक है। यह अभियान विशेष रूप से भोगनीपुर गंग नहर और खारजा झाल सहित अन्य संवेदनशील जल निकायों पर केंद्रित है। पुलिस ने अपने सरकारी वाहन में लगे लाउडस्पीकर के माध्यम से आसपास के पीहरपुर, नगला तौर, घुरा, जाखन, बहादुरपुर, नसीरपुर, नगला रामसुंदर, बलरई, कोकाबली, अंडावली, कीरतपुर, सरामई और नगला सलहदी जैसे कई गांवों में भ्रमण कर लोगों को जागरूक किया। ग्रामीणों को समझाया गया कि नहरों और झालों में स्नान करना बेहद खतरनाक हो सकता है, क्योंकि तेज बहाव के कारण दुर्घटनाएं होने की प्रबल आशंका रहती है। सीओ आयुषी सिंह ने स्वयं लोगों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और नहरों तथा झालों में स्नान करने से बचें। पुलिस द्वारा यह जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को प्रभावी ढंग से रोका जा सके और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के सराय इलाही गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में एक युवक और उसकी भैंस की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार, सराय इलाही निवासी सुनील (35), जो स्वर्गीय ओम प्रकाश के पुत्र थे, अपने घर के पास खड़े सीमेंट के बिजली खंभे से बंधी लोहे की स्टिक (जिसे अर्थिंग स्टिक बताया गया है) से अपनी भैंस को बांधकर नहला रहे थे। इसी दौरान अचानक लुधियानी फीडर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई। बिजली आते ही खंभे और उससे लिपटी लोहे की स्टिक में तेज करंट दौड़ गया, जिसकी चपेट में आने से सुनील और उनकी भैंस ने तुरंत दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतक की माँ मालती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के बड़े भाई सुधीर दिल्ली में टैक्सी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने सिर्फ एक लाइनमैन भेजा, जिसने चुपचाप पोल से बंधी उस जानलेवा लोहे की स्टिक को हटाया और फिर वापस चला गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की गहन जांच करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।1
- कोतवाली गंगाघाट के अंतर्गत बालूरघाट चौकी के मनोहर नगर स्थित एक देसी शराब ठेके के अंदर एक घायल युवक काफी देर तक तड़पता रहा। बताया गया कि सूचना दिए जाने के बावजूद, प्रशासन थाने से महज चंद कदम की दूरी पर होने के बावजूद मौके पर नहीं पहुँच सका, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।1
- आगरा जिले के बाह तहसील के अंतर्गत ग्राम पातीराम का पूरा, भदरौली में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में श्री सुनहरी लाल वर्मा जी और गुड्डी देवी परीक्षित महाराज के रूप में उपस्थित रहेंगे, वहीं श्री रामनिवास वर्मा जी और रेखा देवी यज्ञपती महाराज की भूमिका में हैं। कथा की शुरुआत से पूर्व 3 जून 2026 को कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस कथा का संपूर्ण आयोजन गाँव की कमेटी द्वारा किया जा रहा है, जिसमें श्री चिरोंजीलाल, चोखेलाल, रामप्रकाश, दिवारी लाल, सत्यप्रकाश, राधेश्याम, भूरेलाल, चौधरी चरण सिंह, राम जीत, नत्थीलाल, पोखी राम, विजय सिंह और गिर्राज सिंह जैसे सदस्य शामिल हैं। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में भागवत पंडाल में पहुँचकर इस पावन कथा का भरपूर आनंद लें।2
- जसवंतनगर/इटावा के मोहल्ला कोठी कैस्त निवासी इंद्र पाल सिंह का परिवहन निगम से क्लर्क पद से सेवानिवृत्त होने पर उनके गृह आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने परिवहन निगम में 28 वर्षों की सफल सेवा पूर्ण की है। इस अवसर पर उनके परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने फूल-मालाएं पहनाकर और बैंड-बाजों के साथ उनका अभिनंदन किया। स्थानीय क्षेत्रवासियों ने भी उनके निवास पहुंचने पर गर्मजोशी से उनका स्वागत किया, उनके लंबे सेवाकाल की सराहना की और विभाग में किए गए उनके कार्यों को याद किया। इंद्र पाल सिंह ने बताया कि उन्होंने कुल 28 वर्ष 11 माह की सेवा दी। उनकी पहली नियुक्ति 16 जून 1997 को जनपद बिजनौर के मुरादाबाद डिवीजन में परिचालक पद पर हुई थी। लगभग 23 माह सेवा देने के बाद उनका स्थानांतरण औरैया जनपद में हुआ, जहां उन्होंने करीब नौ वर्षों तक कार्य किया। इसके बाद उनका तबादला मैनपुरी में हुआ, जहाँ उन्होंने दस वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। सितंबर 2017 में पदोन्नति के बाद उन्होंने क्लर्क पद पर शिकोहाबाद डिपो में कार्य किया और 1 जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए। उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक प्रेम सिंह, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी कु. रेखा, रमेश चंद्र यादव, मनोज कुमार अवस्थी, ऊषा देवी, विनोद कुमार, सत्य सिंह, उमेश चंद्र, आशिक कुमार यादव, अर्जुन सिंह, जगदीश सिंह बघेल और रविंद्र सिंह सहित अन्य कर्मचारियों ने उन्हें प्रतीक चिन्ह, शॉल व पटका पहनाकर भावभीनी विदाई दी। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उन्हें घर तक छोड़ने भी पहुंचे। घर पहुंचने पर स्थानीय लोगों और परिवारजनों के साथ इंद्र पाल सिंह ने प्राचीन शिव मंदिर में भगवान शंकर का आशीर्वाद प्राप्त किया, जिसके बाद गृह प्रवेश किया। इस दौरान उनकी पत्नी गीता देवी तथा पुत्र जयदीपकांत, अतुलकांत और श्रीकांत सहित रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान बैंड-बाजों की धुनों और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच लोगों ने इंद्र पाल सिंह के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण जीवन की कामना करते हुए उन्हें नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं। यह भव्य स्वागत समारोह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।1
- पोरवाल परिवार में एक नवजात शिशु के जन्म के बाद खुशी का माहौल है। इस अवसर पर बाबा राम नरेश पोरवाल जी ने सभी से नवजात शिशु को आशीर्वाद देने की अपील की है।1
- पिढौरा रीठई गांव में 11 दिनों तक चलने वाले श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन में श्रद्धालु भागवत ज्ञान की गंगा में गोते लगा रहे हैं। आचार्य सुनीता सरगम अपनी आवाज़ में कथा का वाचन कर रही हैं, जिसका आनंद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण भक्त प्रहलाद की कथा रही है। कथा के अनुसार, अपने ही पुत्र प्रहलाद को शत्रु की भक्ति करते देख राजा हिरण्यकश्यप क्रोध से अंधा हो गया। उसने प्रहलाद को मारने के कई क्रूर प्रयास किए, जिसमें उसे ऊँचे पहाड़ों से नीचे फेंकवाना, भूखे शेरों और विषैले साँपों के सामने छोड़ना, तथा ज़हरीला भोजन और पीने के लिए विष देना शामिल था। परंतु, हर बार भगवान विष्णु की कृपा से प्रहलाद का बाल भी बांका नहीं हुआ। अंत में, हिरण्यकश्यप की बहन होलिका, जिसे अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था, प्रहलाद को अपनी गोद में लेकर धधकती आग में बैठ गई। चमत्कार यह हुआ कि प्रहलाद भगवान का नाम जपते हुए सुरक्षित बच गए, जबकि वरदान का गलत प्रयोग करने के कारण होलिका उसी आग में जलकर भस्म हो गई। इसी घटना की याद में आज भी होलिका दहन का त्योहार मनाया जाता है। होलिका दहन के बाद हिरण्यकश्यप का क्रोध सातवें आसमान पर पहुँच गया। उसने प्रहलाद को एक लोहे के खंभे से बाँध दिया और तलवार निकालकर गरजते हुए पूछा कि क्या उसका भगवान इस बेजान खंभे में भी है। प्रहलाद ने पूरी विनम्रता और दृढ़ता से कहा कि ईश्वर कण-कण में हैं और उस खंभे में भी हैं। जैसे ही अहंकार में डूबे राजा ने खंभे पर अपनी गदा से प्रहार किया, वह खंभा भीषण आवाज के साथ टूट गया और खंभे के भीतर से भगवान विष्णु का अत्यंत उग्र नरसिंह अवतार प्रकट हुआ।2