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कारगिल विजय दिवस के मोके पर भारत के सभी जाबाज वीर सपूतों को मैं खिराजें अक़ीदत पेश करता हूँ कारगिल के युद्ध में मेरे चाचा शहीद इम्तियाज़ अहमद व भारत के सभी वीर सपूतों अपने अदम्य साहस और शौर्य से हिंदुस्तान की पाक सर्जमीन की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारत के जांबाज़ वीर सपूतों को #कारगिल_विजय_दिवस के मोके पर हम शहीद इम्तियाज़ अहमद परिवार की तरफ से उन्हें खिराजें अक़ीदत पेश करते हैं।🙏 जय हिन्द! 🇮🇳 🫡 मोहम्मद महताब मुख्य महासचिव AIMIM बलिया भावी प्रत्याशी AIMIM बलिया 361 नगर विधानसभा #KargilVijayDiwas
Md Mahtab
कारगिल विजय दिवस के मोके पर भारत के सभी जाबाज वीर सपूतों को मैं खिराजें अक़ीदत पेश करता हूँ कारगिल के युद्ध में मेरे चाचा शहीद इम्तियाज़ अहमद व भारत के सभी वीर सपूतों अपने अदम्य साहस और शौर्य से हिंदुस्तान की पाक सर्जमीन की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारत के जांबाज़ वीर सपूतों को #कारगिल_विजय_दिवस के मोके पर हम शहीद इम्तियाज़ अहमद परिवार की तरफ से उन्हें खिराजें अक़ीदत पेश करते हैं।🙏 जय हिन्द! 🇮🇳 🫡 मोहम्मद महताब मुख्य महासचिव AIMIM बलिया भावी प्रत्याशी AIMIM बलिया 361 नगर विधानसभा #KargilVijayDiwas
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- कारगिल विजय दिवस के मोके पर भारत के सभी जाबाज वीर सपूतों को मैं खिराजें अक़ीदत पेश करता हूँ कारगिल के युद्ध में मेरे चाचा शहीद इम्तियाज़ अहमद व भारत के सभी वीर सपूतों अपने अदम्य साहस और शौर्य से हिंदुस्तान की पाक सर्जमीन की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारत के जांबाज़ वीर सपूतों को #कारगिल_विजय_दिवस के मोके पर हम शहीद इम्तियाज़ अहमद परिवार की तरफ से उन्हें खिराजें अक़ीदत पेश करते हैं।🙏 जय हिन्द! 🇮🇳 🫡 मोहम्मद महताब मुख्य महासचिव AIMIM बलिया भावी प्रत्याशी AIMIM बलिया 361 नगर विधानसभा #KargilVijayDiwas1
- पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की सदर तहसील, दुबहड़ ब्लॉक स्थित बघौली ग्राम पंचायत के चकरी गांव में नाली और जल निकासी की समस्या से लोग बेहद परेशान हैं। इस संबंध में संबंधित ग्राम प्रधान को बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद बीते 5 सालों में इस नाली पर कोई भी काम नहीं कराया गया है। नाली का काम न होने से हर साल बारिश के मौसम में इस रास्ते पर चलकर पार करना काफी मुश्किल हो जाता है। इससे यहां से गुजरने वाले राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरी समस्या के लिए संबंधित ग्राम प्रधान एवं अन्य को जिम्मेदार ठहराते हुए पानी की निकासी की शिकायत की गई है।1
- पुलिसकर्मी के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए कहा गया है कि काश सभी पुलिस वाले इन्हीं की तरह होते। इसके साथ ही पुलिस अधिकारी के प्रति आभार और देशभक्ति की भावना प्रकट करते हुए 'जय हिंद सर' कहा गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में रसड़ा थाना क्षेत्र स्थित गोपालपुर गांव में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण एक दुखद हादसा सामने आया है। यहां हाईटेंशन और बिजली के तार की चपेट में आने से एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में बिजली विभाग के लाइनमैन और SDO पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ रसड़ा थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है।1
- बलिया के सिकंदरपुर क्षेत्र में सपा विधायक मो. जियाउद्दीन रिजवी ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया है।1
- बिहार सरकार के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में सिसवन प्रखंड के अंबेडकर सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान सरकार द्वारा बीते 100 दिनों में हासिल की गई उपलब्धियों को विस्तार से गिनाया गया। इस अवसर पर सिसवन के प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और पिछले 100 दिनों में किए गए विकास कार्यों की जानकारी साझा की।2
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने वरिष्ठ भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। नई जिम्मेदारी मिलने पर प्रह्लाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने उन पर भरोसा जताया है और वे इस दायित्व का पूरी निष्ठा, समर्पण तथा जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार करना और छात्रों के हितों को प्राथमिकता देना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी होगी।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में पत्रकार को भीड़ के बीच असहज स्थिति का सामना करते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इस घटना के सामने आने के बाद पत्रकारों और विभिन्न संगठनों ने गहरी चिंता जताई है तथा निष्पक्ष पत्रकारिता की सुरक्षा की मांग की है। इसके अलावा, वायरल तस्वीर में दर्ज संदेश भी पत्रकारों की कठिन परिस्थितियों और उनके पेशेवर संघर्ष को उजागर करता है।1