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सतना जिले के रामपुर बाघेलान नगर परिषद क्षेत्र में विकास की बजाय इन दिनों टैंकरों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जहाँ सुबह से ही लोग बाल्टी और ड्रम लेकर पानी के लिए सरकारी 'कृपा' का इंतजार करते हैं। संविधान द्वारा इसे उनका अधिकार घोषित किया गया है, वहीं नगर परिषद इसे अपनी उपलब्धि बताती है। जनता समय पर टैक्स चुका रही है, लेकिन नल से पानी के बजाय उन्हें केवल आश्वासन और टैंकरों का धुआँ मिल रहा है। लगभग 18 महीने में पूरी होने वाली मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना चार साल बाद भी अधूरी पड़ी है। दस्तावेज़ बताते हैं कि इस करोड़ों रुपये की स्वीकृत योजना पर भारी राशि खर्च हो चुकी है, लेकिन नगरवासियों के घरों तक मीठा पानी आज भी मेहमान की तरह ही पहुँचता है। विडंबना यह है कि जिस योजना का उद्देश्य टैंकरों से मुक्ति दिलाना था, वही अब टैंकरों के स्थायी रोजगार की गारंटी बनती दिख रही है। सूचना के अधिकार के तहत मिले दस्तावेज़ों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं; जहाँ कागजों में कार्य प्रगति के उच्च प्रतिशत चमक रहे हैं, वहीं ज़मीन पर नलों की टोंटियाँ सूखी पड़ी हैं। जनता जानना चाहती है कि यदि अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं, तो पानी पाइपलाइन में, फाइलों में या फिर ज़िम्मेदारों की इच्छाशक्ति में कहाँ अटक गया है। नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ शायद इस बात पर गर्व करते हैं कि उनके कार्यकाल में नगर के हर वार्ड में टैंकरों की आवाजाही नियमित हो गई है। लोग चर्चा कर रहे हैं कि योजना की कछुआ चाल के पीछे क्या रहस्य है, क्योंकि यदि यह समय पर पूरी हो जाती तो टैंकरों में जल वितरण और डीज़ल पर होने वाला लाखों का खर्च बचता, जिसे अन्य विकास कार्यों में लगाया जा सकता था। ऐसा लगता है कि यहाँ विकास से अधिक वर्तमान 'व्यवस्था' को बनाए रखने में रुचि है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगरवासी हर तरह का कर समय पर अदा कर रहे हैं, तो उन्हें मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है? क्या कर केवल वसूली के लिए हैं और सुविधाएँ केवल भाषणों के लिए? रामपुर बाघेलान की जनता अब जवाब चाहती है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद नलों में पानी कब आएगा, या नगर परिषद आने वाले वर्षों में भी "हर घर टैंकर, हर गली इंतजार" अभियान को ही अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताती रहेगी? जनता की प्यास अब केवल पानी से नहीं, जवाबदेही से भी बुझनी है।

16 hrs ago
user_Piyush kumar
Piyush kumar
पत्रकार रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
16 hrs ago

सतना जिले के रामपुर बाघेलान नगर परिषद क्षेत्र में विकास की बजाय इन दिनों टैंकरों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जहाँ सुबह से ही लोग बाल्टी और ड्रम लेकर पानी के लिए सरकारी 'कृपा' का इंतजार करते हैं। संविधान द्वारा इसे उनका अधिकार घोषित किया गया है, वहीं नगर परिषद इसे अपनी उपलब्धि बताती है। जनता समय पर टैक्स चुका रही है, लेकिन नल से पानी के बजाय उन्हें केवल आश्वासन और टैंकरों का धुआँ मिल रहा है। लगभग 18 महीने में पूरी होने वाली मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना चार साल बाद भी अधूरी पड़ी है। दस्तावेज़ बताते हैं कि इस करोड़ों रुपये की स्वीकृत योजना पर भारी राशि खर्च हो चुकी है, लेकिन नगरवासियों के घरों तक मीठा पानी आज भी मेहमान की तरह ही पहुँचता है। विडंबना यह है कि जिस योजना का उद्देश्य टैंकरों से मुक्ति दिलाना था, वही अब टैंकरों के स्थायी रोजगार की गारंटी बनती दिख रही है। सूचना के अधिकार के तहत मिले दस्तावेज़ों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं; जहाँ कागजों में कार्य प्रगति के उच्च प्रतिशत चमक रहे हैं, वहीं ज़मीन पर नलों की टोंटियाँ सूखी पड़ी हैं। जनता जानना चाहती है कि यदि अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं, तो पानी पाइपलाइन में, फाइलों में या फिर ज़िम्मेदारों की इच्छाशक्ति में कहाँ अटक गया है। नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ शायद इस बात पर गर्व करते हैं कि उनके कार्यकाल में नगर के हर वार्ड में टैंकरों की आवाजाही नियमित हो गई है। लोग चर्चा कर रहे हैं कि योजना की कछुआ चाल के पीछे क्या रहस्य है, क्योंकि यदि यह समय पर पूरी हो जाती तो टैंकरों में जल वितरण और डीज़ल पर होने वाला लाखों का खर्च बचता, जिसे अन्य विकास कार्यों में लगाया जा सकता था। ऐसा लगता है कि यहाँ विकास से अधिक वर्तमान 'व्यवस्था' को बनाए रखने में रुचि है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगरवासी हर तरह का कर समय पर अदा कर रहे हैं, तो उन्हें मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है? क्या कर केवल वसूली के लिए हैं और सुविधाएँ केवल भाषणों के लिए? रामपुर बाघेलान की जनता अब जवाब चाहती है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद नलों में पानी कब आएगा, या नगर परिषद आने वाले वर्षों में भी "हर घर टैंकर, हर गली इंतजार" अभियान को ही अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताती रहेगी? जनता की प्यास अब केवल पानी से नहीं, जवाबदेही से भी बुझनी है।

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  • रामपुर बाघेलान के चंद्रकांत स्टेडियम में 'भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक' की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं पर चर्चा करना था। इस बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष सुखदेव सिंह ने की, जिसमें जिला अध्यक्ष इंद्रजीत पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस महाबैठक के दौरान किसानों की कई गंभीर समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके उपरांत प्रशासन के सामने कुछ बेहद ज़रूरी मांगें रखी गईं। इन मांगों में विशेष रूप से रेलवे मुआवजे और क्षेत्र में व्याप्त बिजली संकट को लेकर 'आर-पार' के समाधान की मांग प्रमुख थी।
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    रामपुर बाघेलान के चंद्रकांत स्टेडियम में 'भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक' की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं पर चर्चा करना था। इस बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष सुखदेव सिंह ने की, जिसमें जिला अध्यक्ष इंद्रजीत पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस महाबैठक के दौरान किसानों की कई गंभीर समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके उपरांत प्रशासन के सामने कुछ बेहद ज़रूरी मांगें रखी गईं। इन मांगों में विशेष रूप से रेलवे मुआवजे और क्षेत्र में व्याप्त बिजली संकट को लेकर 'आर-पार' के समाधान की मांग प्रमुख थी।
    user_Satish Shukla
    Satish Shukla
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सतना जिले के रामपुर बघेलान नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 13 में स्थित रामघाट की सफाई को नितांत आवश्यक बताया गया है। 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत यह मांग उठाई गई है, जिसमें संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से इस ओर तत्काल ध्यान देने की अपील की गई है। यह आह्वान नदी की सफाई सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
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    सतना जिले के रामपुर बघेलान नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 13 में स्थित रामघाट की सफाई को नितांत आवश्यक बताया गया है। 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत यह मांग उठाई गई है, जिसमें संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से इस ओर तत्काल ध्यान देने की अपील की गई है। यह आह्वान नदी की सफाई सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
    user_प्रशांत कुमार त्रिपाठी
    प्रशांत कुमार त्रिपाठी
    Lawyer रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सतना जिले के रामपुर बाघेलान विधानसभा के ग्राम हिनौती के मयूर पटेल ने आज MPL में अपने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम चम्बल घड़ियाल को जीत दिलाई। उनके इस बेहतरीन खेल से पूरे सतना जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोगों को उम्मीद है कि मयूर पटेल जल्द ही आईपीएल में खेलते हुए नजर आएंगे।
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    सतना जिले के रामपुर बाघेलान विधानसभा के ग्राम हिनौती के मयूर पटेल ने आज MPL में अपने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम चम्बल घड़ियाल को जीत दिलाई। उनके इस बेहतरीन खेल से पूरे सतना जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोगों को उम्मीद है कि मयूर पटेल जल्द ही आईपीएल में खेलते हुए नजर आएंगे।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • सतना जिले के रामपुर बाघेलान नगर परिषद क्षेत्र में विकास की बजाय इन दिनों टैंकरों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जहाँ सुबह से ही लोग बाल्टी और ड्रम लेकर पानी के लिए सरकारी 'कृपा' का इंतजार करते हैं। संविधान द्वारा इसे उनका अधिकार घोषित किया गया है, वहीं नगर परिषद इसे अपनी उपलब्धि बताती है। जनता समय पर टैक्स चुका रही है, लेकिन नल से पानी के बजाय उन्हें केवल आश्वासन और टैंकरों का धुआँ मिल रहा है। लगभग 18 महीने में पूरी होने वाली मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना चार साल बाद भी अधूरी पड़ी है। दस्तावेज़ बताते हैं कि इस करोड़ों रुपये की स्वीकृत योजना पर भारी राशि खर्च हो चुकी है, लेकिन नगरवासियों के घरों तक मीठा पानी आज भी मेहमान की तरह ही पहुँचता है। विडंबना यह है कि जिस योजना का उद्देश्य टैंकरों से मुक्ति दिलाना था, वही अब टैंकरों के स्थायी रोजगार की गारंटी बनती दिख रही है। सूचना के अधिकार के तहत मिले दस्तावेज़ों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं; जहाँ कागजों में कार्य प्रगति के उच्च प्रतिशत चमक रहे हैं, वहीं ज़मीन पर नलों की टोंटियाँ सूखी पड़ी हैं। जनता जानना चाहती है कि यदि अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं, तो पानी पाइपलाइन में, फाइलों में या फिर ज़िम्मेदारों की इच्छाशक्ति में कहाँ अटक गया है। नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ शायद इस बात पर गर्व करते हैं कि उनके कार्यकाल में नगर के हर वार्ड में टैंकरों की आवाजाही नियमित हो गई है। लोग चर्चा कर रहे हैं कि योजना की कछुआ चाल के पीछे क्या रहस्य है, क्योंकि यदि यह समय पर पूरी हो जाती तो टैंकरों में जल वितरण और डीज़ल पर होने वाला लाखों का खर्च बचता, जिसे अन्य विकास कार्यों में लगाया जा सकता था। ऐसा लगता है कि यहाँ विकास से अधिक वर्तमान 'व्यवस्था' को बनाए रखने में रुचि है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगरवासी हर तरह का कर समय पर अदा कर रहे हैं, तो उन्हें मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है? क्या कर केवल वसूली के लिए हैं और सुविधाएँ केवल भाषणों के लिए? रामपुर बाघेलान की जनता अब जवाब चाहती है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद नलों में पानी कब आएगा, या नगर परिषद आने वाले वर्षों में भी "हर घर टैंकर, हर गली इंतजार" अभियान को ही अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताती रहेगी? जनता की प्यास अब केवल पानी से नहीं, जवाबदेही से भी बुझनी है।
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    सतना जिले के रामपुर बाघेलान नगर परिषद क्षेत्र में विकास की बजाय इन दिनों टैंकरों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जहाँ सुबह से ही लोग बाल्टी और ड्रम लेकर पानी के लिए सरकारी 'कृपा' का इंतजार करते हैं। संविधान द्वारा इसे उनका अधिकार घोषित किया गया है, वहीं नगर परिषद इसे अपनी उपलब्धि बताती है। जनता समय पर टैक्स चुका रही है, लेकिन नल से पानी के बजाय उन्हें केवल आश्वासन और टैंकरों का धुआँ मिल रहा है।

लगभग 18 महीने में पूरी होने वाली मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना चार साल बाद भी अधूरी पड़ी है। दस्तावेज़ बताते हैं कि इस करोड़ों रुपये की स्वीकृत योजना पर भारी राशि खर्च हो चुकी है, लेकिन नगरवासियों के घरों तक मीठा पानी आज भी मेहमान की तरह ही पहुँचता है। विडंबना यह है कि जिस योजना का उद्देश्य टैंकरों से मुक्ति दिलाना था, वही अब टैंकरों के स्थायी रोजगार की गारंटी बनती दिख रही है।

सूचना के अधिकार के तहत मिले दस्तावेज़ों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं; जहाँ कागजों में कार्य प्रगति के उच्च प्रतिशत चमक रहे हैं, वहीं ज़मीन पर नलों की टोंटियाँ सूखी पड़ी हैं। जनता जानना चाहती है कि यदि अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं, तो पानी पाइपलाइन में, फाइलों में या फिर ज़िम्मेदारों की इच्छाशक्ति में कहाँ अटक गया है। नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ शायद इस बात पर गर्व करते हैं कि उनके कार्यकाल में नगर के हर वार्ड में टैंकरों की आवाजाही नियमित हो गई है। लोग चर्चा कर रहे हैं कि योजना की कछुआ चाल के पीछे क्या रहस्य है, क्योंकि यदि यह समय पर पूरी हो जाती तो टैंकरों में जल वितरण और डीज़ल पर होने वाला लाखों का खर्च बचता, जिसे अन्य विकास कार्यों में लगाया जा सकता था। ऐसा लगता है कि यहाँ विकास से अधिक वर्तमान 'व्यवस्था' को बनाए रखने में रुचि है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगरवासी हर तरह का कर समय पर अदा कर रहे हैं, तो उन्हें मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है? क्या कर केवल वसूली के लिए हैं और सुविधाएँ केवल भाषणों के लिए? रामपुर बाघेलान की जनता अब जवाब चाहती है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद नलों में पानी कब आएगा, या नगर परिषद आने वाले वर्षों में भी "हर घर टैंकर, हर गली इंतजार" अभियान को ही अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताती रहेगी? जनता की प्यास अब केवल पानी से नहीं, जवाबदेही से भी बुझनी है।
    user_Piyush kumar
    Piyush kumar
    पत्रकार रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, 05 जून 2026 को मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय सतना ने बस स्टैंड सतना परिसर में एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। यह कार्यक्रम पर्यावरण जनजागरूकता अभियान का हिस्सा था, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के प्रति जागरूक करना था। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नागरिकों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं संवर्धन, वर्षा जल संचयन, नदियों और तालाबों की स्वच्छता, प्लास्टिक प्रदूषण की रोकथाम और वायु प्रदूषण नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया और लोगों को पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर श्री राजकुमार मिश्रा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ और हरित वातावरण का निर्माण किसी एक व्यक्ति या विभाग की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपने आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ तथा सुरक्षित रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संदेश था कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है, और सभी के संयुक्त प्रयासों से ही "क्लीन सतना, ग्रीन सतना" का लक्ष्य साकार किया जा सकता है।
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    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, 05 जून 2026 को मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय सतना ने बस स्टैंड सतना परिसर में एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। यह कार्यक्रम पर्यावरण जनजागरूकता अभियान का हिस्सा था, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के प्रति जागरूक करना था।

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नागरिकों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं संवर्धन, वर्षा जल संचयन, नदियों और तालाबों की स्वच्छता, प्लास्टिक प्रदूषण की रोकथाम और वायु प्रदूषण नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया और लोगों को पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर श्री राजकुमार मिश्रा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ और हरित वातावरण का निर्माण किसी एक व्यक्ति या विभाग की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपने आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ तथा सुरक्षित रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संदेश था कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है, और सभी के संयुक्त प्रयासों से ही "क्लीन सतना, ग्रीन सतना" का लक्ष्य साकार किया जा सकता है।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मैहर में पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्थानीय प्रशासन को विशेष बधाई दी गई है। इस दौरान, क्षेत्र के सभी निवासियों को भी हार्दिक शुभकामनाएं व्यक्त की गई हैं।
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    मैहर में पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्थानीय प्रशासन को विशेष बधाई दी गई है। इस दौरान, क्षेत्र के सभी निवासियों को भी हार्दिक शुभकामनाएं व्यक्त की गई हैं।
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    5 hrs ago
  • रीवा शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और लगातार कार्रवाई में जुटी है।
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    रीवा शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और लगातार कार्रवाई में जुटी है।
    user_Prime 24 News
    Prime 24 News
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • शहर में अपनी धाक जमाने के उद्देश्य से एक युवक, जिसका नाम अमित सोनी बताया गया है, सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर अपलोड कर रहा है।
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    शहर में अपनी धाक जमाने के उद्देश्य से एक युवक, जिसका नाम अमित सोनी बताया गया है, सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर अपलोड कर रहा है।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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