अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के राम मंदिर में भक्तों के चढ़ावे की गिनती करने वाले 23 कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम मंदिर में हाल ही में हुए चढ़ावा चोरी विवाद के बाद प्रशासन द्वारा लागू किए गए सख्त सुरक्षा और गणना नियमों के चलते उठाया गया है। इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों ने अपनी आउटसोर्सिंग एजेंसी को अपना त्यागपत्र सौंपा है, जिसके कारण गिनती का कार्य प्रभावित हुआ है और बीते गुरुवार को केवल 13 कर्मचारी ही ड्यूटी पर उपस्थित हो सके। कर्मचारियों ने इस्तीफे के पीछे काम के घंटों में बढ़ोतरी और वेतन में कोई इजाफा न होने को मुख्य वजह बताया है। पहले जहां काम दो शिफ्टों में विभाजित था, वहीं अब इसे सुबह 9 बजे (कुछ रिपोर्ट के अनुसार 8 बजे) से शाम 6 बजे तक की एकल शिफ्ट में बदल दिया गया है। इसके अलावा, नए नियमों के तहत बिना जेब वाली यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य कर दिया गया है, पुलिस वेरिफिकेशन और चरित्र प्रमाण पत्र की मांग की गई है, तथा एंट्री और एग्जिट पर पुलिस की मौजूदगी में कड़ी चेकिंग की जा रही है। कर्मचारियों ने छोटे नोटों की बढ़ती संख्या और बड़े नोटों की गिनती में आ रही दिक्कतों का भी उल्लेख किया है। इस घटना की पृष्ठभूमि जून 2026 के उस चढ़ावा चोरी विवाद से जुड़ी है, जिसमें मंदिर के दान पात्रों से करोड़ों रुपये की गड़बड़ी का आरोप लगा था। एसआईटी जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कई कर्मचारियों पर पैसे छिपाने का आरोप तय किया गया, जिसके बाद 8 लोगों को गिरफ्तार कर ₹80 लाख से अधिक की राशि बरामद की गई थी। इस विवाद के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। ट्रस्ट का कहना है कि ये नए नियम चोरी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आवश्यक हैं, हालांकि इस्तीफों पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह पूरा मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है और आगामी 13 जुलाई 2026 को इस पर सुनवाई निर्धारित की गई है।
अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के राम मंदिर में भक्तों के चढ़ावे की गिनती करने वाले 23 कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम मंदिर में हाल ही में हुए चढ़ावा चोरी विवाद के बाद प्रशासन द्वारा लागू किए गए सख्त सुरक्षा और गणना नियमों के चलते उठाया गया है। इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों ने अपनी आउटसोर्सिंग एजेंसी को अपना त्यागपत्र सौंपा है, जिसके कारण गिनती का कार्य प्रभावित हुआ है और बीते गुरुवार को केवल 13 कर्मचारी ही ड्यूटी पर उपस्थित हो सके। कर्मचारियों ने इस्तीफे के पीछे काम के घंटों में बढ़ोतरी और वेतन में कोई इजाफा न होने को मुख्य वजह बताया है। पहले जहां काम दो शिफ्टों में विभाजित था, वहीं अब इसे सुबह 9 बजे (कुछ रिपोर्ट के अनुसार 8 बजे) से शाम 6 बजे तक की एकल शिफ्ट में बदल दिया गया है। इसके अलावा, नए नियमों के तहत बिना जेब वाली यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य कर दिया गया है, पुलिस वेरिफिकेशन और चरित्र प्रमाण पत्र की मांग की गई है, तथा एंट्री और एग्जिट पर पुलिस की मौजूदगी में कड़ी चेकिंग की जा रही है। कर्मचारियों ने छोटे नोटों की बढ़ती संख्या और बड़े नोटों की गिनती में आ रही दिक्कतों का भी उल्लेख किया है। इस घटना की पृष्ठभूमि जून 2026 के उस चढ़ावा चोरी विवाद से जुड़ी है, जिसमें मंदिर के दान पात्रों से करोड़ों रुपये की गड़बड़ी का आरोप लगा था। एसआईटी जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कई कर्मचारियों पर पैसे छिपाने का आरोप तय किया गया, जिसके बाद 8 लोगों को गिरफ्तार कर ₹80 लाख से अधिक की राशि बरामद की गई थी। इस विवाद के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। ट्रस्ट का कहना है कि ये नए नियम चोरी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आवश्यक हैं, हालांकि इस्तीफों पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह पूरा मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है और आगामी 13 जुलाई 2026 को इस पर सुनवाई निर्धारित की गई है।
- सोशल मीडिया पर एक हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें चलती बाइक का संतुलन बिगड़ने से माता-पिता सड़क पर गिर पड़ते हैं। इसके बाद भी बाइक बिना किसी चालक के करीब 500 मीटर तक सड़क पर दौड़ती रही और इस दौरान एक मासूम बच्चा उस पर अकेला ही सवार रहा। अंत में बाइक सड़क किनारे डिवाइडर के पास पहुंची, जहां बच्चा झाड़ियों में गिर गया। राहत की बात यह रही कि स्थानीय लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए मासूम बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। हालांकि, यह जानकारी वायरल वीडियो और सामने आई रिपोर्टों के दावों पर आधारित है, जिसकी स्वतंत्र रूप से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1
- दुर्ग के भिलाई में एकतरफा प्रेम प्रसंग में युवती की हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। वैशाली नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत किराए के कमरे में रहने वाली खुशी साहू को लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मृतिका की रूममेट ने 10 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 12:00 बजे उसके परिजनों को दी थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बलौदाबाजार निवासी 24 वर्षीय आरोपी लाकेश्वर साहू उर्फ पिन्टू को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। पूछताछ में हत्या के तरीके का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपी मृतिका से एकतरफा प्रेम करता था और युवती द्वारा बातचीत करने से मना करने पर उसने हत्या की योजना बनाई थी। वह रायपुर से भिलाई पहुंचा और पहचान व साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उसने दो शर्ट तथा पैंट के अंदर बरमूडा पहन रखा था। कमरे में विवाद के दौरान आरोपी ने खुशी का गला दबाया और फिर धारदार हथियार से शरीर के विभिन्न हिस्सों पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने साक्ष्य नष्ट करने के लिए अपने पहने हुए कपड़े और जूते नदी में फेंक दिए थे। इस मामले में वैशाली नगर पुलिस और एसीसीयू (ACCU) टीम की सराहनीय भूमिका रही। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 285/2026, धारा 103(1) बीएनएस और 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा की सूचना तत्काल पुलिस को दें और कानून को अपने हाथ में न लें।1
- राजनांदगांव में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर नौकरी का झांसा देने और लाखों की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- रायपुर के राज टॉकीज ने टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग और अपने व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए आवश्यक जानकारी और लिंक साझा किए हैं। टॉकीज के लिए ऑनलाइन टिकट बुक माय शो (BookMyShow) के माध्यम से बुक किए जा सकते हैं। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने संपर्क के लिए फोन नंबर 0771-2229223 भी जारी किया है। टॉकीज प्रशासन ने लोगों से उनके आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होने और दूसरों को भी जोड़ने के लिए लिंक साझा करने की अपील की है।1
- मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक निलंबित इंजीनियर के वायरल वीडियो ने सरकारी सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वित्तीय अनियमितता के आरोपों में पहले ही सस्पेंड हो चुके इंजीनियर सतीश समेले ने इस वीडियो के जरिए विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा खुलासा किया है, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में सतीश समेले ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि पंचायत से लेकर भोपाल तक कमीशन का खेल चलता है। उन्होंने दावा किया कि विभाग में बाकायदा "सूटकेस" सिस्टम काम करता है और इंजीनियरों से केवल "वसूली एजेंट" के रूप में काम करवाया जाता है। बंदूक लेकर निरीक्षण पर जाने वाले इस अधिकारी के इस बेबाक बयान ने भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। संजय पटेल (Sanjay Patel) नाम के एक यूजर ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए लिखा कि एक सामान्य व्यक्ति अगर 10 रुपये का हेरफेर करे तो उसे चोरी माना जाता है, और ये लोग प्रतिष्ठा के अगुवा बने फिर रहे हैं; इस सिस्टम को फेल करने वालों को फांसी की सजा होनी चाहिए। इस पूरे मामले पर फिलहाल शासन-प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- नयापारा राजिम के इंदिरा मार्केट स्थित नेहरू घाट पर शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां महानदी के तेज बहाव में 35 वर्षीय युवक प्रदीप कश्यप लापता हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रदीप अपनी पत्नी मंगला कश्यप के साथ नदी में नहाने गया था। इसी दौरान कुछ बच्चे गहरे पानी में चले गए, जिन्हें डूबने से बचाने के लिए प्रदीप नदी में उतरा। बच्चे तो सुरक्षित बाहर आ गए, लेकिन प्रदीप खुद तेज बहाव में बह गया और उसका कुछ पता नहीं चल सका। घटना की सूचना मिलते ही नवापारा पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय नागरिकों के सहयोग के साथ-साथ रायपुर से गोताखोरों की टीम को भी रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। एसडीआरएफ की टीम ने ऑक्सीजन मास्क और बोट के जरिए करीब तीन घंटे तक नदी में सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, देर शाम तक चले इस अभियान के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया। अंधेरा होने और नदी का बहाव बेहद तेज होने के कारण फिलहाल सर्च ऑपरेशन को रोक दिया गया है, जिसे रविवार सुबह दोबारा शुरू किया जाएगा। हादसे की खबर मिलने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू भी नेहरू घाट पहुंचीं और उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। इस दौरान घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा रही और लोग युवक की कुशलता की प्रार्थना करते नजर आए। लापता युवक की पत्नी मंगला कश्यप ने बताया कि प्रदीप ने बच्चों को डूबता देख बिना कुछ सोचे-समझे उन्हें बचाने की कोशिश की थी, जिसके कारण वह खुद गहरे पानी में चला गया। इस हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर और बहाव काफी अधिक है, इसलिए बिना सुरक्षा के नदी में नहाने से बचें।1
- रायपुर पुलिस कमिश्नरेट और पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों के खिलाफ एक सख्त अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिस लगातार सघन चेकिंग कर रही है और संदिग्ध व बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की ओर से यह कदम आपराधिक गतिविधियों में बिना नंबर वाली गाड़ियों के संभावित उपयोग को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए इन वाहनों की पहचान अनिवार्य है, जिसके चलते पुलिस इस अभियान को पूरी सख्ती के साथ संचालित कर रही है।1
- राजनांदगांव शहर के मोतीपुर अंडरब्रिज में एक तेज रफ्तार कार और बाइक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि इसके बाद कार अनियंत्रित होकर सीधे अंडरब्रिज की दीवार से जा टकराई। इस हादसे में कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। इस दुर्घटना के बाद मौके पर अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से काफी दूर तक लंबा जाम लग गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इस घटना की सूचना पुलिस को दी। हालांकि, इस हादसे में घायल हुए लोगों की स्थिति और दुर्घटना के कारणों को लेकर फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था को सामान्य कराने और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।1