सांसदों के खिलाफ नाराज़गी तेज, जयपुर में यूजीसी मुद्दे पर आंदोलन की आहट। जयपुर में यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध की गतिविधियाँ तेज होती नजर आ रही हैं। हाल ही में शहर में कुछ संगठनों और सामाजिक समूहों द्वारा सांसदों के खिलाफ नाराज़गी व्यक्त की गई और उनके घेराव की तैयारियों की चर्चा सामने आई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि University Grants Commission (यूजीसी) से जुड़े फैसलों पर कई जनप्रतिनिधि खुलकर अपनी राय नहीं रख रहे हैं। इसको लेकर विभिन्न समाजों में असंतोष बढ़ता दिख रहा है। कुछ समूहों ने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने और इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील भी की है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है, यदि जनप्रतिनिधियों द्वारा स्पष्ट रुख सामने नहीं आता। प्रशासन की ओर से फिलहाल शांति बनाए रखने की अपील की गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, अब तक इस मुद्दे पर संबंधित सांसदों या अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस विषय पर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
सांसदों के खिलाफ नाराज़गी तेज, जयपुर में यूजीसी मुद्दे पर आंदोलन की आहट। जयपुर में यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध की गतिविधियाँ तेज होती नजर आ रही हैं। हाल ही में शहर में कुछ संगठनों और सामाजिक समूहों द्वारा सांसदों के खिलाफ नाराज़गी व्यक्त की गई और उनके घेराव की तैयारियों की चर्चा सामने आई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि University Grants Commission (यूजीसी) से जुड़े फैसलों पर कई जनप्रतिनिधि खुलकर अपनी राय नहीं रख रहे हैं। इसको लेकर विभिन्न समाजों में असंतोष बढ़ता दिख रहा है। कुछ समूहों ने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने और इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील भी की है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है, यदि जनप्रतिनिधियों द्वारा स्पष्ट रुख सामने नहीं आता। प्रशासन की ओर से फिलहाल शांति बनाए रखने की अपील की गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, अब तक इस मुद्दे पर संबंधित सांसदों या अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस विषय पर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
- कोटकासिम में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, पीएम का पुतला दहन खैरथल-तिजारा। बढ़ती महंगाई, विशेषकर रसोई गैस के लगातार बढ़ते दामों तथा एप्सटीन फाइल मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखने को मिला। खैरथल-तिजारा कांग्रेस जिला अध्यक्ष बलराम यादव के नेतृत्व में कोटकासिम एसडीएम कार्यालय के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महंगाई पर नियंत्रण की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ने से आम जनता की कमर टूट रही है और सरकार इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। इस अवसर पर युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष पवन खटना, कोटकासिम ब्लॉक अध्यक्ष रामप्रसाद पटेल, जसमेर जेलदार सरपंच पुर, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष सिद्धांत शर्मा, नगर अध्यक्ष चंदू सैनी, पार्षद अर्जुन ठाकुर, जिला महासचिव एडवोकेट खुर्शीद अहमद,, सरपंच कप्तान, पूर्ण पहलवान, दया जाट, सुंदर पटेल, भूपेश लखरा, एससी प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष सुभाष यादव, दया राम चौधरी, कप्तान सरपंच,सुनील गुर्जर, शिबू शर्मा ,रामचरण चौधरी, पवन चौधरी युवा नेता, गुलाब शर्मा ब्लॉक अध्यक्ष आरजीपीआरएस ,वीरपाल, मनोज चौधरी, राजेश तंवर, राजवीर गुर्जर, रोहिताश लखरा, जगदीश लाखारा, नरेश सैनी, भूपेंद्र चौधरी, रूपचंद, हमीर यादव, कपूर जाट सोनू खटीक, जतिन जांगिड़, नरोतम शर्मा एवं राहुल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि महंगाई पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1
- खैरथल के नन्हे रूद्र को लोग धार्मिक प्रसंगों व संस्कृत के श्लोकों के लिए पहनाते हैं। एक विवाह के आशीर्वाद समारोह में जब हरियाणवी गाना बजा तो रूद्र मस्ती में आकर थिरकने लगा, उसी दौरान कुछ लोगों ने विडियो बनकर खूब शेयर किया।1
- हमने बात की हेमंत जी से काफी देर इंतजार करने के बाद, जो लोग डायरेक्ट प्रत्येक दुकानदार और मजदूर वर्ग के आदमी को डायरेक्ट सेलिंग बिजनेस क्यों करना चाहिए ।। #business #direct #selling #koitputli #local #hindinews #jks #xyz #harsors #interview1
- मुंडावर उपखण्ड क्षेत्र के गांव बल्लूवास में प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती, इसे सच कर दिखाया है मुंडावर तहसील के ग्राम बल्लूवास के होनहार छात्र गौरव यादव गांव की चौपाल में हुआ भव्य अभिनंदन गौरव यादव (पुत्र नीरज कुमार) की इस असाधारण उपलब्धि पर आज ग्राम बल्लूवास की चौपाल में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर दयाल इंस्टीट्यूट मुंडावर के प्रतिनिधियों और कृष्णा ग्रुप के चेयरमैन आर.पी. यादव ने गौरव को माला पहनाकर और साफा बांधकर उनका सार्वजनिक अभिनंदन किया। बुजुर्गों का मिला आशीर्वाद, युवाओं को मिली प्रेरणा समारोह में उपस्थित गांव के गणमान्य व्यक्तियों और बुजुर्गों ने गौरव को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आज के युवाओं को गौरव से प्रेरणा लेनी चाहिए। ग्रामीणों ने गर्व से कहा, "ऐसे ही होनहार बच्चे न केवल अपने परिवार का, बल्कि गांव और पूरी तहसील का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करते हैं।" उपस्थित गणमान्य लोग इस गौरवशाली पल के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा उपस्थित रहे। चेयरमैन आर.पी. यादव ने गौरव की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी सफलताएं ग्रामीण अंचल के बच्चों के लिए नए रास्ते खोलती हैं।1
- Post by पत्रकार1
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1
- भिवाड़ी में फिर सनसनी बाबा मोहन राम मंदिर पहाड़ी पर अज्ञात महिला की हत्या पहाड़ी पर तीसरी बार मिला शव मौतों का रहस्य गहराया1
- नादौती उपखण्ड की ग्राम पंचायत रौंसी में रविवार सुबह किसान को खेत में जंगली बिल्ली के तीन बच्चे दिखाई दिए। शुरुआत में इन्हें तेंदुए के शावक समझा गया, लेकिन बाद में वन विभाग ने स्पष्ट किया कि ये जंगली बिल्ली के बच्चे हैं। यह घटना तब हुई जब किसान सुबह बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने खेत पर गया था। इसी दौरान उसकी नजर खेत के बीच खेल रहे बच्चों पर पड़ी। उन्हें देखकर वह घबरा गया और तुरंत ग्रामीणों को फोन कर सूचना दी। किसान को खेत में बिल्ली के बच्चे मिले सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मामले की जानकारी गुढ़ाचन्द्रजी पुलिस थाना और वन विभाग को दी गई। सूचना पर गुढ़ाचन्द्रजी पुलिस थाना से एएसआई प्रेम सिंह गुर्जर अपनी टीम के साथ पहुंचे। वहीं, गुढ़ाचन्द्रजी वन विभाग के फोरेस्टर राजेन्द्र सिरोइया भी टीम सहित घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी जांच के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की कि ये तेंदुए के शावक नहीं, बल्कि जंगली बिल्ली के बच्चे हैं। इस स्पष्टीकरण के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग के फोरेस्टर राजेन्द्र सिरोड्या ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि बच्चों को वहीं रहने दिया जाए, ताकि उनकी मां आकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जा सके। हालांकि, बच्चों को देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ लंबे समय तक खेत में जुटी रही। वन विभाग ने अपील की कि ऐसे वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें और उन्हें किसी प्रकार की हानि न पहुंचाएं, ताकि उनका प्राकृतिक जीवन सुरक्षित रह सके।3