*अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर खेल भवन, खगड़िया में आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया गया सम्मानित।* अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन, खगड़िया, कला एवं संस्कृति विभाग एवं महिला एवं बाल विकास निगम के तत्वावधान में खेल भवन, खगड़िया में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, खगड़िया के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समानता के प्रति समाज को जागरूक करना तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन करना था। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामुदायिक नेतृत्व, सामाजिक सेवा तथा प्रशासनिक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को जिलाधिकारी महोदय, खगड़िया और उपविकास आयुक्त महोदय, खगड़िया के द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में बारहवीं पास महादलित टोले के बालिकाओं, बैडमिंटन, वादविवाद,चित्रकला, पेंटिंग आदि में उत्कृष्ट प्रदर्शन वाली बालिकाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनकी कड़ी मेहनत, लगन और सफलता की सराहना की गई। यह उपलब्धि पूरे जिले और समाज के लिए गर्व की बात है। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गई, सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और सामूहिक सहयोग के माध्यम से महिलाएं समाज में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकती हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, पुलिस सेवा, उद्यमिता तथा सामाजिक कार्यों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी समाज के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए आगे बढ़ें। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला शिक्षित होती है तो वह पूरे परिवार को शिक्षित और जागरूक बनाती है। बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके माध्यम से बालिकाओं को विद्यालयों से जोड़ने तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाने और बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देने से ही एक समतामूलक और प्रगतिशील समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता, महिला अधिकार, पोषण, स्वास्थ्य तथा सामाजिक सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि महिलाओं की समान भागीदारी के बिना समाज एवं राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें मिशन शक्ति, महिला एवं बाल विकास निगम की योजनाएं, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ़ वीमेन ,वन स्टॉप सेंटर,इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने तथा सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ज़िले में विभिन्न कार्यक्रम के माध्यम से जिले की हजारों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने बताया कि जीविका दीदियां आज स्वरोजगार, उद्यमिता तथा सामुदायिक नेतृत्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं और अपने परिवार तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि जीविका के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय साक्षरता, उद्यमिता विकास, आजीविका संवर्धन तथा सामाजिक जागरूकता से जोड़ा जा रहा है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, प्रतिभागियों तथा सम्मानित महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा यह संकल्प लिया गया कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए जिला प्रशासन तथा सभी संबंधित विभाग मिलकर निरंतर कार्य करते रहेंगे। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों, कर्मियों, आंगनवाड़ी से जुड़ी महिला पर्यवेक्षिका, सेविका सहायिका , स्वयंसेवी संस्थाओं की प्रतिनिधियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक,जिला मिशन समन्वयक, लैंगिक विशेषज्ञ, प्रभारी केंद्र प्रशासक एवं अन्य महिला बाल विकास निगम के कर्मियों सहित कई विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे l
*अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर खेल भवन, खगड़िया में आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया गया सम्मानित।* अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन, खगड़िया, कला एवं संस्कृति विभाग एवं महिला एवं बाल विकास निगम के तत्वावधान में खेल भवन, खगड़िया में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, खगड़िया के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समानता के प्रति समाज को जागरूक करना तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन करना था। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामुदायिक नेतृत्व, सामाजिक सेवा तथा प्रशासनिक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को जिलाधिकारी महोदय, खगड़िया और उपविकास आयुक्त महोदय, खगड़िया के द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में बारहवीं पास महादलित टोले के बालिकाओं, बैडमिंटन, वादविवाद,चित्रकला, पेंटिंग आदि में उत्कृष्ट प्रदर्शन वाली बालिकाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनकी कड़ी मेहनत, लगन और सफलता की सराहना की गई। यह उपलब्धि पूरे जिले और समाज के लिए गर्व की बात है। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गई, सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और सामूहिक सहयोग के माध्यम से महिलाएं समाज में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकती हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, पुलिस सेवा, उद्यमिता तथा सामाजिक कार्यों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी समाज के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए आगे बढ़ें। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला शिक्षित होती है तो वह पूरे परिवार को शिक्षित और जागरूक बनाती है। बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके माध्यम से बालिकाओं को विद्यालयों से जोड़ने तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाने और बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देने से ही एक समतामूलक और प्रगतिशील समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता, महिला अधिकार, पोषण, स्वास्थ्य तथा सामाजिक सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि महिलाओं की समान भागीदारी के बिना समाज एवं राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें मिशन शक्ति, महिला एवं बाल विकास निगम की योजनाएं, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ़ वीमेन ,वन स्टॉप सेंटर,इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने तथा सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ज़िले में विभिन्न कार्यक्रम के माध्यम से जिले की हजारों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने बताया कि जीविका दीदियां आज स्वरोजगार, उद्यमिता तथा सामुदायिक नेतृत्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं और अपने परिवार तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि जीविका के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय साक्षरता, उद्यमिता विकास, आजीविका संवर्धन तथा सामाजिक जागरूकता से जोड़ा जा रहा है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, प्रतिभागियों तथा सम्मानित महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा यह संकल्प लिया गया कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए जिला प्रशासन तथा सभी संबंधित विभाग मिलकर निरंतर कार्य करते रहेंगे। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों, कर्मियों, आंगनवाड़ी से जुड़ी महिला पर्यवेक्षिका, सेविका सहायिका , स्वयंसेवी संस्थाओं की प्रतिनिधियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक,जिला मिशन समन्वयक, लैंगिक विशेषज्ञ, प्रभारी केंद्र प्रशासक एवं अन्य महिला बाल विकास निगम के कर्मियों सहित कई विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे l
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