चहेलिया में बारिश से बही सड़क को विधायक के सहयोग से मुखिया रीमा देवी ने कराया दुरुस्त, आवागमन हुआ सुगम रंका प्रखंड अंतर्गत सोनदाग पंचायत के चहेलिया गांव में तेज बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़क को पंचायत की मुखिया रीमा देवी के प्रयास से दुरुस्त करा दिया गया। सड़क के बह जाने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में कठिनाई हो रही थी, वहीं बारिश के दौरान समस्या और बढ़ गई थी। इस संबंध में शनिवार की शाम करीब 5 बजे सोनदाग पंचायत की मुखिया रीमा देवी ने बताया कि लगातार हुई तेज बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव के कारण चहेलिया में सड़क का एक हिस्सा बह गया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सड़क की समस्या को लेकर विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी से बात कर एवं उनके सहयोग से रोड को दुरुस्त कराने का आग्रह किया था। मुखिया रीमा देवी ने बताया कि विधायक के सहयोग से क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराकर उसे आवागमन के योग्य बना दिया गया है। सड़क दुरुस्त होने से चहेलिया सहित आसपास के ग्रामीणों को काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा और आवागमन को सुचारु बनाए रखना पंचायत की प्राथमिकता है। भविष्य में भी पंचायत क्षेत्र में बारिश से क्षतिग्रस्त होने वाले मार्गों की समस्या को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाकर समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
चहेलिया में बारिश से बही सड़क को विधायक के सहयोग से मुखिया रीमा देवी ने कराया दुरुस्त, आवागमन हुआ सुगम रंका प्रखंड अंतर्गत सोनदाग पंचायत के चहेलिया गांव में तेज बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़क को पंचायत की मुखिया रीमा देवी के प्रयास से दुरुस्त करा दिया गया। सड़क के बह जाने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में कठिनाई हो रही थी, वहीं बारिश के दौरान समस्या और बढ़ गई थी। इस संबंध में शनिवार की शाम करीब 5 बजे सोनदाग पंचायत की मुखिया रीमा देवी ने बताया कि लगातार हुई तेज बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव के कारण चहेलिया में सड़क का एक हिस्सा बह गया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सड़क की समस्या को लेकर विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी से बात कर एवं उनके सहयोग से रोड को दुरुस्त कराने का आग्रह किया था। मुखिया रीमा देवी ने बताया कि विधायक के सहयोग से क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराकर उसे आवागमन के योग्य बना दिया गया है। सड़क दुरुस्त होने से चहेलिया सहित आसपास के ग्रामीणों को काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा और आवागमन को सुचारु बनाए रखना पंचायत की प्राथमिकता है। भविष्य में भी पंचायत क्षेत्र में बारिश से क्षतिग्रस्त होने वाले मार्गों की समस्या को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाकर समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
- चहेलिया में बारिश से बही सड़क को विधायक के सहयोग से मुखिया रीमा देवी ने कराया दुरुस्त, आवागमन हुआ सुगम रंका प्रखंड अंतर्गत सोनदाग पंचायत के चहेलिया गांव में तेज बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़क को पंचायत की मुखिया रीमा देवी के प्रयास से दुरुस्त करा दिया गया। सड़क के बह जाने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में कठिनाई हो रही थी, वहीं बारिश के दौरान समस्या और बढ़ गई थी। इस संबंध में शनिवार की शाम करीब 5 बजे सोनदाग पंचायत की मुखिया रीमा देवी ने बताया कि लगातार हुई तेज बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव के कारण चहेलिया में सड़क का एक हिस्सा बह गया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सड़क की समस्या को लेकर विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी से बात कर एवं उनके सहयोग से रोड को दुरुस्त कराने का आग्रह किया था। मुखिया रीमा देवी ने बताया कि विधायक के सहयोग से क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराकर उसे आवागमन के योग्य बना दिया गया है। सड़क दुरुस्त होने से चहेलिया सहित आसपास के ग्रामीणों को काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा और आवागमन को सुचारु बनाए रखना पंचायत की प्राथमिकता है। भविष्य में भी पंचायत क्षेत्र में बारिश से क्षतिग्रस्त होने वाले मार्गों की समस्या को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाकर समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।1
- झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली व पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्यव्यापी आंदोलन चलाया है। [1] बीजेपी का यह 4 दिवसीय आंदोलन 8 सितंबर से 11 सितंबर 2026 तक झारखंड के सभी 24 जिलों में आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व प्रदेश के बड़े नेताओं ने किया। [1] इस धरण-प्रदर्शन और आंदोलन से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:📌 आंदोलन के मुख्य कारण और मांगेंछात्रों पर दर्ज केस वापस लेना: अगस्त 2026 में भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों द्वारा किए गए विरोध मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों में झड़प हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने 50 से अधिक नामजद और 1,100 से अधिक अज्ञात छात्रों पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर दी थी। बीजेपी इन मुकदमों को बिना शर्त वापस लेने की मांग कर रही है। [1] CBI जांच की मांग: बीजेपी का आरोप है कि हेमंत सोरेन सरकार में पेपर लीक और परीक्षाओं में भ्रष्टाचार एक बड़ा "व्यवसाय" बन चुका है। इसलिए वे पूरी परीक्षा प्रक्रिया की CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। [1] (🏢 प्रदर्शन का स्वरूप (घेराव और मार्च)DC-SP कार्यालयों का घेराव: 4 दिनों तक चले इस आंदोलन के तहत बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने राज्य के अलग-अलग जिलों में उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालयों का घेराव किया। [1] बड़े नेताओं की भागीदारी: रांची में इस प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, दुमका में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और अन्य जिलों में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास व मधु कोड़ा जैसे वरिष्ठ नेताओं ने किया। नेताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक छात्रों पर से यह 'फर्जी मुकदमे' वापस नहीं होते, उनका संघर्ष सड़क से लेकर विधानसभा तक जारी रहेगा। [1]2
- दिल्ली से अमृतसर जा रही है और इंडियाकी फ्लाइट तकनिकीकरण के कारण रास्ता भटकने केबाद सोमवार की रात हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ मुझे देखने के बाद1
- विधायक प्रतिनिधि ने चक नदी पे पुल बनाने का दिया भरोसा। क्या चक नदिबोआ बन पाएगा पुल। पलामू जिले मनातू थाना ने चक पंचायत में लोगों का फूटा गुस्सा1
- पाटम प्रखंड पंचायत समिति की मासिक समीक्षा बैठक,15वें व 16वें वित्त आयोग की योजनाओं पर चर्चा *पाटम प्रखंड पंचायत समिति की मासिक समीक्षा बैठक!*, *15वें व 16वें वित्त आयोग की योजनाओं पर चर्चा* *Sir कार्यों पर दिया गया जोर* पाटन। पाटन प्रखंड कार्यालय सभागार में शनिवार को पंचायत समिति सदस्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख शोभा देवी ने की। बैठक में पंचायत समिति आयोग से संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की गयी। बैठक के दौरान 15वें वित्त आयोग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए योजनाओं की प्रगति एवं कार्यान्वयन पर चर्चा की गयी। वहीं बैठक मे प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल पदाधिकारी आशीष कुमार ने आगामी 16वें वित्त आयोग की योजनाओं के लिए योजना तैयार करने को लेकर पंचायत समिति सदस्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये तभी योजना आवंटन करने कि बात कही! प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी आशीष कुमार ने बैठक में सभी पंचायत समिति सदस्यों से एसआईआर (SIR) से संबंधित कार्यों को लेकर ग्रामीणों के बीच जागरूकता फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि एसआईआर से संबंधित जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है। बैठक के दौरान एसआईआर कार्य में बेहतर योगदान के लिए सुठा पंचायत की बीएलओ सुधा देवी को सम्मानित भी किया गया। मौके पर उप प्रमुख अमरेश वर्मा, धर्मेंद्र दुबे, मनोरंजन गिरी, उमाशंकर मोची, अखिलेश यादव, रामबिहारी मेहता, राजकुमारी देवी, सविता देवी, पंचायत समिति प्रतिनिधि तूफानी राम, समाजसेवी शक्ति शंकर गुप्ता समेत कई पंचायत समिति सदस्य एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।2
- प्रधानमंत्री आवास की राशि दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीण कलेक्टर से मुलाकात के बाद जिला पंचायत CEO से मिलने पहुंचे ग्रामीण, डेढ़ बजे से शाम 5 बजे तक करते रहे इंतजार; भारी बारिश में भी डटे रहे, अधिकारी के नहीं पहुंचने पर निराश लौटे बलरामपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत आवासों की राशि हितग्राहियों के खातों में पहुंचने के बजाय कथित तौर पर दूसरे लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर राशि आहरित किए जाने के मामले में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने बलरामपुर कलेक्टर से मुलाकात कर पूरे प्रकरण में कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके नाम से आवास स्वीकृत हुए थे और योजना की राशि जारी भी की गई, लेकिन कथित रूप से राशि उनके खातों में न जाकर दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। इसके बाद राशि का आहरण भी किए जाने का आरोप है। मामले में शिकायत और जानकारी अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। कलेक्टर से मिलने के बाद CEO कार्यालय पहुंचे ग्रामीण ग्रामीणों ने कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी। बताया जा रहा है कि कलेक्टर के मार्गदर्शन में ग्रामीणों को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मिलने के लिए भेजा गया था, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई के संबंध में चर्चा हो सके। इसी उम्मीद के साथ ग्रामीण दोपहर करीब 1:30 बजे जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार वे जिला पंचायत CEO से मुलाकात के लिए उनके कार्यालय के बाहर इंतजार करते रहे। डेढ़ बजे से शाम 5 बजे तक भारी बारिश में इंतजार ग्रामीणों का कहना है कि वे करीब साढ़े तीन घंटे तक अधिकारी से मिलने का इंतजार करते रहे। इस दौरान क्षेत्र में भारी बारिश होती रही, लेकिन अपनी शिकायत के निराकरण की उम्मीद में ग्रामीण कार्यालय के बाहर डटे रहे। ग्रामीणों के अनुसार शाम करीब 5 बजे तक भी CEO कार्यालय नहीं पहुंच सके। आखिरकार ग्रामीणों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। बताया गया कि CEO की अनुपस्थिति में उनके स्टेनो के माध्यम से ग्रामीणों को वह डाक दी गई, जिसे संबंधित मैडम द्वारा आगे कार्रवाई के लिए फॉरवर्ड किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि वे अधिकारी से सीधे मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी और उन्हें उपलब्ध दस्तावेज लेकर ही वापस लौटना पड़ा। सवालों के घेरे में योजना की राशि का हस्तांतरण प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण योजना में हितग्राही के नाम स्वीकृत राशि यदि किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हुई और उसका आहरण भी कर लिया गया, तो यह गंभीर मामला है। ग्रामीण अब पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी समस्या लेकर लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के बजाय उन्हें केवल आश्वासन और पत्राचार का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब उनकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की जांच किस स्तर पर कराता है और यदि आवास की राशि वास्तव में दूसरे खातों में ट्रांसफर कर आहरित की गई है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कब तक कार्रवाई होती है।1
- बड़ामलहरा बरेठी में नल-जल योजना पर सवाल, विधायक रामसिया भारती एसडीएम गेट पर बैठीं बड़ामलहरा बरेठी में नल-जल योजना पर सवाल, विधायक रामसिया भारती एसडीएम गेट पर बैठीं1
- प्रशांत महासागर गर्म होने के बाद वैज्ञानिक को खतरा का संकेत दिख रहा है मुझे देखने के बाद वैज्ञानिक हैरान है1