सनावद पुलिस ने पुलिस मुख्यालय और उच्च अधिकारियों के सख्त निर्देशों के तहत थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में एक विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता, ग्रामीणों और व्यापारियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करना तथा उन्हें साइबर ठगों के जाल में फंसने से बचाना है। अभियान के तहत लोगों को डिजिटल सुरक्षा के लिए जरूरी नियम बताए जा रहे हैं। इसमें स्पष्ट किया गया है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक खाता विवरण, यूपीआई पिन या पासवर्ड साझा न करें। साथ ही, डिजिटल भुगतान करते समय पूरी सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने यह भी बताया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे बिना घबराए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए, ताकि ठगी गई राशि को समय रहते बैंक खातों में ब्लॉक किया जा सके। इस 15 दिवसीय जागरूकता अभियान के दौरान, पुलिस टीम ने स्थानीय बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को साइबर सुरक्षा से जुड़े पैम्फलेट बांटे। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और त्वरित कार्रवाई के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
सनावद पुलिस ने पुलिस मुख्यालय और उच्च अधिकारियों के सख्त निर्देशों के तहत थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में एक विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता, ग्रामीणों और व्यापारियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करना तथा उन्हें साइबर ठगों के जाल में फंसने से बचाना है। अभियान के तहत लोगों को डिजिटल सुरक्षा के लिए जरूरी नियम बताए जा रहे हैं। इसमें स्पष्ट
किया गया है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक खाता विवरण, यूपीआई पिन या पासवर्ड साझा न करें। साथ ही, डिजिटल भुगतान करते समय पूरी सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने यह भी बताया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे बिना घबराए
तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए, ताकि ठगी गई राशि को समय रहते बैंक खातों में ब्लॉक किया जा सके। इस 15 दिवसीय जागरूकता अभियान के दौरान, पुलिस टीम ने स्थानीय बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को साइबर सुरक्षा से जुड़े पैम्फलेट बांटे। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और त्वरित कार्रवाई के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
- सेंधवा पुलिस ने बुधवार को 'सेल्फ क्लिक 2.0' अभियान की शुरुआत की है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना है। शहर थाना परिसर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसडीओपी अजय वाघमारे और थाना प्रभारी दिनेश सिंह कुशवाहा ने इस अभियान की रूपरेखा साझा की। एसडीओपी अजय वाघमारे ने बताया कि यह अभियान अगले 15 दिनों तक चलेगा और इसका लक्ष्य साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी धोखाधड़ी और अन्य डिजिटल अपराधों के बारे में आमजन को सचेत करना है। अभियान के तहत, पुलिस टीमें स्कूलों, कॉलेजों, हाट-बाजारों और बस स्टैंड सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगी। साइबर सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए नुक्कड़ नाटक और अन्य जनजागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा। अधिकारियों ने इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए मीडिया से भी सहयोग मांगा है ताकि अधिकतम लोगों तक साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंच सके। थाना प्रभारी दिनेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि पुलिस की विशेष टीमें नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय सिखाएंगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं और नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। अभियान के शुभारंभ अवसर पर पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने साइबर जागरूकता सेल्फी स्टैंड के साथ तस्वीरें खिंचवाकर इस पहल को अपना समर्थन दिया। इस दौरान शहर थाना पुलिस का स्टाफ भी मौजूद रहा।1
- रॉयल निमाड़ ईगल्स ने भोपाल लेपर्ड्स के खिलाफ एक शानदार जीत दर्ज की है, जिसमें उन्होंने लेपर्ड्स को 8 विकेट से मात दी। इस दमदार प्रदर्शन में कुमार कार्तिकेय ने हैट्रिक के साथ कुल 6 विकेट झटके, वहीं कनिष्क दुबे ने तूफानी फिफ्टी जड़कर टीम की बड़ी जीत में अहम योगदान दिया। ईगल्स का प्रदर्शन पूरे मैच में बेहतरीन रहा, जिसके दम पर उन्होंने यह मुकाबला आसानी से अपने नाम किया।1
- बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत तलवाड़ा डेब के ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने पंचायत में हुए निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और विकास कार्यों की राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई और मामले की जांच की मांग की। ग्रामीणों अमित जोशी, जितेन्द्र गोले, संतोष धनगर, दिलीप मावर और प्रकाश गोले सहित अन्य ग्रामीणों ने अपने आवेदन में बताया कि पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि का आहरण कर लिया गया है, लेकिन कई कार्य या तो अधूरे हैं या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में उपयोग किए गए मटेरियल और मजदूरी के संबंध में वास्तविक से अधिक राशि दर्शाकर भुगतान निकाला गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कई बिल ऐसे व्यक्तियों और कथित सप्लायरों के नाम से लगाए गए हैं जिनके पास न तो कोई पंजीकृत फर्म है, न दुकान और न ही जीएसटी पंजीयन। इसके बावजूद उन्हें निर्माण सामग्री सप्लायर दर्शाकर भुगतान किया गया है। ग्रामीणों ने रेत, गिट्टी, पानी टैंकर और मिक्सर मशीन आदि के नाम पर जारी किए गए कुछ बिलों की भी जांच की आवश्यकता बताई है, और आरोप लगाया कि इन बिलों को जारी करने वाले व्यक्तियों के पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारियों से पारिवारिक संबंध हैं, जिससे मिलीभगत की आशंका है। ग्रामीणों ने पंचायत में निर्मित सीसी रोड, भवन निर्माण और अन्य विकास कार्यों से संबंधित सभी बिलों, मस्टर रोल, माप पुस्तिका और भुगतान अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पोर्टल से प्राप्त दस्तावेजों और संलग्न बिलों के आधार पर वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर शासन को हुई संभावित आर्थिक क्षति की वसूली और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की भी मांग की। जनसुनवाई में शिकायत प्राप्त होने पर प्रशासन ने जांच कराने की बात कही है। ग्रामीणों ने अपनी मांग दोहराते हुए निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की अपील की है।1
- समाजसेवी गणेश भावसार ने जानकारी दी है कि खंडवा में शिव शक्ति मस्तान बाबा मोहर्रम का पर्व हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बन गया। उन्होंने बताया कि रामेश्वर चौकी के पास मोहर्रम की सातवीं तारीख को एक अनूठा नजारा देखने को मिला, जहाँ खंडवा की धर्मप्रेमी जनता ने इस आयोजन का दर्शन लाभ लिया।1
- मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेन में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन के फर्स्ट क्लास कोच में दरवाजा बंद करने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक खूनी संघर्ष में बदल गया। इस दौरान, विरार निवासी 22 वर्षीय मयंक लोहार पर कथित तौर पर चाकू से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल मयंक को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद ट्रेन में यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई और दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी। पुलिस फिलहाल आरोपियों की तलाश में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि एक मामूली कहासुनी आखिर इतनी बड़ी वारदात में कैसे बदल गई। मुंबई लोकल में हुई इस घटना ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- इंदौर जिले के महू के पास मेडिकैप्स चौराहे पर एक डंपर और भूसे से भरे आईसर वाहन के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे के बाद, भूसे से लदा आईसर वाहन सड़क के ठीक बीच में पलट गया। फिलहाल, पलटे हुए आईसर वाहन को सड़क से हटाने के लिए क्रेन की सहायता ली जा रही है।1
- बड़वानी जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सेंधवा शहर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 31 मई 2026 को पुराना एबी रोड स्थित जगन्नाथ पुरी कॉलोनी के सामने हुई चेन स्नैचिंग की वारदात में फरार चल रहे दूसरे आरोपी गुरमीत सिंह (23), निवासी सतवास, जिला देवास को इंदौर से गिरफ्तार कर लिया है। गौरतलब है कि इस वारदात में बाइक सवार बदमाशों ने एक महिला से सोने की चेन झपटी थी। पुलिस ने इस मामले में पूर्व में आरोपी चंदन सिंह सिकलीगर को गिरफ्तार कर लिया था और उसके कब्जे से लूटी गई सोने की चेन और वारदात में प्रयुक्त स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद की थी। दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी सेंधवा पुलिस ने साइबर सेल बड़वानी और देवास की मदद से तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इंदौर में घेराबंदी कर गुरमीत सिंह को पकड़ा। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ अन्य मामलों में उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।1
- मध्य प्रदेश में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण और खाद-बीज देने के सरकार के दावों के बावजूद, महू तहसील के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटी, कालाकुण्ड (चौरल शाखा) में एक बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। यहाँ पदस्थ महिला शाखा प्रबंधक, सुश्री अवनीता बौद्ध पर किसानों केसीसी (KCC) रिन्यूअल, जिसे 'लोन पलटी' भी कहा जाता है, में अवैध वसूली और एक युवक से नौकरी के नाम पर ₹25,000 की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया है। किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए पुख्ता सबूतों और जानकारी के अनुसार, कालाकुण्ड संस्था (पंजीयन क्र. 25) की प्रबंधक अवनीता बौद्ध ने बिना किसी पक्की रसीद के किसानों से हजारों रुपये की अवैध वसूली की है। जो किसान यह 'सुविधा शुल्क' देने से इनकार करते हैं, उनका लोन रिन्यूअल रोक दिया जाता है। किसानों के हाथ लगे एक 'कच्चे चिट्ठे' में 14 किसानों के नाम दर्ज हैं, जिनसे 'लोन पलटी' के बहाने ₹5,000 से लेकर ₹10,000 तक वसूले गए और हड़प लिए गए। सबसे गंभीर आरोप पवन कोहली नामक युवक से समिति में नौकरी लगवाने के नाम पर ₹25,000 की रिश्वत मांगने का है। इसके अलावा, इसी पर्ची में प्रकाश कृपाल नामक किसान के नाम के आगे ₹5,000 '(विड्राल लिए है)' लिखा मिला है, जो खातों में हेराफेरी की ओर इशारा करता है। पीड़ित किसानों ने बताया कि जब वे इस अवैध वसूली का विरोध करते हैं, तो प्रबंधक कहती हैं कि यह पैसा 'ऊपर बैठे बड़े अधिकारियों को देना पड़ता है'। प्रबंधक की नियमित अनुपस्थिति के कारण भी पहाड़ी क्षेत्र के किसानों को खाद-बीज के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लगातार हो रहे शोषण से तंग आकर 23 जून को कालाकुण्ड संस्था के दर्जनों किसानों ने देवकरण, पदम, हरबान सहित कई अन्य किसानों के साथ मिलकर एक सामूहिक बैठक की और समिति की सरकारी मुहर लगाकर एक 'सामूहिक प्रस्ताव (पंचनामा)' तैयार किया। गाँव के सभी लोगों ने इस भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ एकजुट होने का संकल्प लिया है। किसानों ने इन सभी लिखित सबूतों के साथ मध्य प्रदेश सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत (क्रमांक: 39095973) दर्ज करा दी है। किसानों की प्रमुख मांगों में दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर प्रबंधक अवनीता बौद्ध का तत्काल निलंबन और भ्रष्टाचार का आपराधिक मामला दर्ज करना, ठगे गए गरीब किसानों का पैसा वापस दिलाना, और इस दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र की चौरल शाखा में किसी नियमित पुरुष अधिकारी की नियुक्ति करना शामिल है। अब यह देखना बाकी है कि इतने ठोस और लिखित सबूतों के बावजूद संबंधित विभाग अपनी इस दागी कर्मचारी पर कठोर कार्रवाई करता है, या मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है।1
- पानसेमल में किसानों को टोकन प्रणाली के माध्यम से खाद प्राप्त करने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टोकन जनरेट होने में हो रही देरी के चलते किसान पिछले दो से तीन दिनों से लगातार चक्कर लगा रहे हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। इस स्थिति के बावजूद, अधिकारियों ने बताया है कि खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।1