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इंदौर जिले के महू के पास मेडिकैप्स चौराहे पर एक डंपर और भूसे से भरे आईसर वाहन के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे के बाद, भूसे से लदा आईसर वाहन सड़क के ठीक बीच में पलट गया। फिलहाल, पलटे हुए आईसर वाहन को सड़क से हटाने के लिए क्रेन की सहायता ली जा रही है।
Dinesh Chandra Rathore
इंदौर जिले के महू के पास मेडिकैप्स चौराहे पर एक डंपर और भूसे से भरे आईसर वाहन के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे के बाद, भूसे से लदा आईसर वाहन सड़क के ठीक बीच में पलट गया। फिलहाल, पलटे हुए आईसर वाहन को सड़क से हटाने के लिए क्रेन की सहायता ली जा रही है।
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- मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेन में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन के फर्स्ट क्लास कोच में दरवाजा बंद करने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक खूनी संघर्ष में बदल गया। इस दौरान, विरार निवासी 22 वर्षीय मयंक लोहार पर कथित तौर पर चाकू से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल मयंक को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद ट्रेन में यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई और दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी। पुलिस फिलहाल आरोपियों की तलाश में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि एक मामूली कहासुनी आखिर इतनी बड़ी वारदात में कैसे बदल गई। मुंबई लोकल में हुई इस घटना ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- इंदौर जिले के महू के पास मेडिकैप्स चौराहे पर एक डंपर और भूसे से भरे आईसर वाहन के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे के बाद, भूसे से लदा आईसर वाहन सड़क के ठीक बीच में पलट गया। फिलहाल, पलटे हुए आईसर वाहन को सड़क से हटाने के लिए क्रेन की सहायता ली जा रही है।1
- मध्य प्रदेश में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण और खाद-बीज देने के सरकार के दावों के बावजूद, महू तहसील के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटी, कालाकुण्ड (चौरल शाखा) में एक बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। यहाँ पदस्थ महिला शाखा प्रबंधक, सुश्री अवनीता बौद्ध पर किसानों केसीसी (KCC) रिन्यूअल, जिसे 'लोन पलटी' भी कहा जाता है, में अवैध वसूली और एक युवक से नौकरी के नाम पर ₹25,000 की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया है। किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए पुख्ता सबूतों और जानकारी के अनुसार, कालाकुण्ड संस्था (पंजीयन क्र. 25) की प्रबंधक अवनीता बौद्ध ने बिना किसी पक्की रसीद के किसानों से हजारों रुपये की अवैध वसूली की है। जो किसान यह 'सुविधा शुल्क' देने से इनकार करते हैं, उनका लोन रिन्यूअल रोक दिया जाता है। किसानों के हाथ लगे एक 'कच्चे चिट्ठे' में 14 किसानों के नाम दर्ज हैं, जिनसे 'लोन पलटी' के बहाने ₹5,000 से लेकर ₹10,000 तक वसूले गए और हड़प लिए गए। सबसे गंभीर आरोप पवन कोहली नामक युवक से समिति में नौकरी लगवाने के नाम पर ₹25,000 की रिश्वत मांगने का है। इसके अलावा, इसी पर्ची में प्रकाश कृपाल नामक किसान के नाम के आगे ₹5,000 '(विड्राल लिए है)' लिखा मिला है, जो खातों में हेराफेरी की ओर इशारा करता है। पीड़ित किसानों ने बताया कि जब वे इस अवैध वसूली का विरोध करते हैं, तो प्रबंधक कहती हैं कि यह पैसा 'ऊपर बैठे बड़े अधिकारियों को देना पड़ता है'। प्रबंधक की नियमित अनुपस्थिति के कारण भी पहाड़ी क्षेत्र के किसानों को खाद-बीज के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लगातार हो रहे शोषण से तंग आकर 23 जून को कालाकुण्ड संस्था के दर्जनों किसानों ने देवकरण, पदम, हरबान सहित कई अन्य किसानों के साथ मिलकर एक सामूहिक बैठक की और समिति की सरकारी मुहर लगाकर एक 'सामूहिक प्रस्ताव (पंचनामा)' तैयार किया। गाँव के सभी लोगों ने इस भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ एकजुट होने का संकल्प लिया है। किसानों ने इन सभी लिखित सबूतों के साथ मध्य प्रदेश सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत (क्रमांक: 39095973) दर्ज करा दी है। किसानों की प्रमुख मांगों में दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर प्रबंधक अवनीता बौद्ध का तत्काल निलंबन और भ्रष्टाचार का आपराधिक मामला दर्ज करना, ठगे गए गरीब किसानों का पैसा वापस दिलाना, और इस दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र की चौरल शाखा में किसी नियमित पुरुष अधिकारी की नियुक्ति करना शामिल है। अब यह देखना बाकी है कि इतने ठोस और लिखित सबूतों के बावजूद संबंधित विभाग अपनी इस दागी कर्मचारी पर कठोर कार्रवाई करता है, या मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है।1
- इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में एक 'महाघोटाला' सामने आया है। यूनिवर्सिटी में एक आयुष डॉक्टर की नियुक्ति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और यह पूरी तरह से संदेह के घेरे में आ गई है।1
- इंदौर के कनाडिया थाना क्षेत्र में एक ज्वेलरी की दुकान में चोरी की घटना सामने आई है। यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1
- इंदौर ग्रामीण पुलिस ने तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं के मुकाबले के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार वर्मा के नेतृत्व में किशनगंज थाना क्षेत्र स्थित बंसल कॉलेज से “सेफ क्लिक 2.0” साइबर जागरूकता अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार वर्मा ने साइबर एवं यातायात जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की, जो पूरे जिले में जनजागरण के लिए चलेगा। कार्यक्रम में एक हजार से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों और कॉलेज स्टाफ ने भाग लिया और साइबर सुरक्षा का संकल्प लिया। इस पहल के तहत, इंदौर ग्रामीण पुलिस का लक्ष्य डिजिटल सुरक्षा को एक जनआंदोलन बनाना है। पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध पारंपरिक अपराधों की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गए हैं, क्योंकि अपराधी लोगों को डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल जैसी नई-नई तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। इस अभियान के माध्यम से हजारों युवाओं को 'साइबर वॉरियर' बनाने का प्रयास किया जा रहा है।1
- देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में एक आयुष डॉक्टर की नियुक्ति संदेह के दायरे में आ गई है, और यह जाँच का विषय बन गया है। मुख्य सवाल यह है कि डॉक्टर की डिग्री मान्य है या नहीं, और क्या वे समय पर उपलब्ध रहते हैं। इस प्रकरण को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का एक 'महाघोटाला' बताया जा रहा है, जिसमें आकाश पाठक पर लाखों का चूना लगाने का आरोप लगाया गया है।1
- इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपये की जमीन को लेकर चल रहा विवाद उस समय हिंसक हो गया, जब मौके पर पहुंची डायल-112 पुलिस टीम पर ही कुछ लोगों ने लाठी और ईंटों से हमला कर दिया। इस घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें एक जवान के सिर में गंभीर चोट आने पर 16 टांके लगे हैं, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात डायमंड कॉलोनी में जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही थी, तभी कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता शुरू कर दी और उन पर हमला बोल दिया। हमले में कांस्टेबल विजय सिकरवार और आशीष शर्मा घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। विवादित जमीन की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है और इसे लेकर लंबे समय से विवाद जारी था। घटना के बाद पुलिस ने मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, इस मामले में एफआईआर दर्ज करने में दो दिन की देरी को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।1