छबड़ा में धरणीधर जन्मोत्सव पर भक्ति और एकता का संगम, विशाल शोभायात्रा ने मोहा मन।* छबड़ा(बारां)धाकड़ समाज के आराध्य देव श्री धरणीधर भगवान के पावन जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में छबड़ा में इस वर्ष भी भव्य और ऐतिहासिक आयोजन हुआ। समस्त धाकड़ समाज (नागर-मालव-किराड़) तहसील छबड़ा, जिला बारां के तत्वावधान में बुधवार को भक्ति, उत्साह और एकता से भरी विशाल शोभायात्रा निकाली गई। रथ-घोड़े, बैंड-बाजे और जयकारों से गूंजा छबड़ा,दोपहर 12 बजे मालव-धाकड़ धर्मशाला, सालपुरा रोड़, जेल बिल्डिंग के पीछे से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। भगवान धरणीधर का आकर्षक रथ, सजे-धजे घोड़े, बैंड-बाजों की मधुर धुन और महिलाओं की सजी-धजी टोलियों ने सभी का मन मोह लिया। सफेद वस्त्र और भगवा साफों में सजे समाज के पुरुष, सिर पर धरणीधर का जयकारा लगाते हुए चल रहे थे।शोभायात्रा झुलूस के रूप में सलपुरा मुख्य रोड़ से होते हुए,अहिंसा सर्किल,चन्द्रशेखर आजाद सर्किल होते हुए, धरनावदा चौराहा से धान मंडी, स्टेशन रोड़ से होते हुए छबड़ा कृषि उपज मंडी के प्रांगण पहुंची, जहां यह विशाल सभा में परिवर्तित हो गई। पूरे मार्ग में "जय धरणीधर, जय धाकड़" के गगनभेदी नारों से पंडाल गूंज उठा। *पुष्प वर्षा और महाआरती* मार्ग में अन्य समाज बंधुओं ने भी पुष्प वर्षा कर धरणीधर महाराज के झुलूस का भव्य स्वागत किया। धान मंडी, स्टेशन रोड़ स्थित मुख्य कार्यक्रम स्थल पर महाआरती का आयोजन हुआ। इसके पश्चात प्रसाद वितरण और स्नेहभोज (प्रीतिभोज) का आयोजन किया गया।इस पावन अवसर पर छबड़ा क्षेत्र के सभी गांवों में निवासरत नागर, मालव और किराड़ धाकड़ समाज के बंधुओं ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर सपरिवार झुलूस में भाग लिया और कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। आयोजन को लेकर समाज बंधुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। आयोजन समिति द्वारा सभी से अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई। *एस.एल. नागर ने दी बधाई* धरणीधर जयंती के इस सफल आयोजन के लिए अखिल भारतीय श्री धाकड़ महासभा के प्रांतीय प्रवक्ता एस.एल. नागर ने वीडियो संदेश जारी कर आयोजन समिति के अध्यक्ष, उनकी पूरी कार्यकारिणी और नागर, मालव, किराड़ तीनों अंगों के सभी समाज बंधुओं को सुंदर आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित कीं।उन्होंने आग्रह किया कि इसी तरह समाज के तीनों अंग समय-समय पर मिलते रहें, समाज में फैली कुरीतियों को दूर कर युवाओं का मार्गदर्शन करें और समाज के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित करें।जय हिंद, जय धाकड़, जय धरणीधर!
छबड़ा में धरणीधर जन्मोत्सव पर भक्ति और एकता का संगम, विशाल शोभायात्रा ने मोहा मन।* छबड़ा(बारां)धाकड़ समाज के आराध्य देव श्री धरणीधर भगवान के पावन जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में छबड़ा में इस वर्ष भी भव्य और ऐतिहासिक आयोजन हुआ। समस्त धाकड़ समाज (नागर-मालव-किराड़) तहसील छबड़ा, जिला बारां के तत्वावधान में बुधवार को भक्ति, उत्साह और एकता से भरी विशाल शोभायात्रा निकाली गई। रथ-घोड़े, बैंड-बाजे और जयकारों से गूंजा छबड़ा,दोपहर 12 बजे मालव-धाकड़ धर्मशाला, सालपुरा रोड़, जेल बिल्डिंग के पीछे से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। भगवान धरणीधर का आकर्षक रथ, सजे-धजे घोड़े, बैंड-बाजों की मधुर धुन और
महिलाओं की सजी-धजी टोलियों ने सभी का मन मोह लिया। सफेद वस्त्र और भगवा साफों में सजे समाज के पुरुष, सिर पर धरणीधर का जयकारा लगाते हुए चल रहे थे।शोभायात्रा झुलूस के रूप में सलपुरा मुख्य रोड़ से होते हुए,अहिंसा सर्किल,चन्द्रशेखर आजाद सर्किल होते हुए, धरनावदा चौराहा से धान मंडी, स्टेशन रोड़ से होते हुए छबड़ा कृषि उपज मंडी के प्रांगण पहुंची, जहां यह विशाल सभा में परिवर्तित हो गई। पूरे मार्ग में "जय धरणीधर, जय धाकड़" के गगनभेदी नारों से पंडाल गूंज उठा। *पुष्प वर्षा और महाआरती* मार्ग में अन्य समाज बंधुओं ने भी पुष्प
वर्षा कर धरणीधर महाराज के झुलूस का भव्य स्वागत किया। धान मंडी, स्टेशन रोड़ स्थित मुख्य कार्यक्रम स्थल पर महाआरती का आयोजन हुआ। इसके पश्चात प्रसाद वितरण और स्नेहभोज (प्रीतिभोज) का आयोजन किया गया।इस पावन अवसर पर छबड़ा क्षेत्र के सभी गांवों में निवासरत नागर, मालव और किराड़ धाकड़ समाज के बंधुओं ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर सपरिवार झुलूस में भाग लिया और कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। आयोजन को लेकर समाज बंधुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। आयोजन समिति द्वारा सभी से अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई। *एस.एल. नागर ने दी बधाई* धरणीधर
जयंती के इस सफल आयोजन के लिए अखिल भारतीय श्री धाकड़ महासभा के प्रांतीय प्रवक्ता एस.एल. नागर ने वीडियो संदेश जारी कर आयोजन समिति के अध्यक्ष, उनकी पूरी कार्यकारिणी और नागर, मालव, किराड़ तीनों अंगों के सभी समाज बंधुओं को सुंदर आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित कीं।उन्होंने आग्रह किया कि इसी तरह समाज के तीनों अंग समय-समय पर मिलते रहें, समाज में फैली कुरीतियों को दूर कर युवाओं का मार्गदर्शन करें और समाज के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित करें।जय हिंद, जय धाकड़, जय धरणीधर!
- खाद के लिए फिर लगी किसानों की कतारें, कहीं दुकानें बंद तो कहीं स्टॉक खत्म क्षेत्र में एक बार फिर खाद की किल्लत के चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खाद लेने के लिए किसान दुकानों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आए। वहीं कई जगह दुकानें बंद मिलने से किसान निराश होकर लौटे। किसानों का कहना है कि एक-एक कट्टे खाद के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। ऑनलाइन ऐप के माध्यम से बुकिंग कर खाद लेने पहुंचे किसानों को भी कई जगह खाली हाथ लौटना पड़ा। नए नियम लागू होने से पहले कुछ दुकानदारों द्वारा स्टॉक खत्म किए जाने की चर्चा भी किसानों में है।1
- बिच का मोहल्ला मुना साहू के घर के बस बगल में इतनी परशानी हो रही है यहां पर गाड़ियां गिर जाती है निकालने की बहुत समस्या है बहुत परेशनियों से गुजरने काफी पताः ग्राम रुसल्ली साहू, पोस्ट रुसल्ली साह, लटेरी, विदिशा, लाटरी, मध्य प्रदेश, 464114 news gram rusalli Sahu Laxman Vishwakarma ki1
- खंडवा में राहुल गांधी-खड़गे के कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ पर कांग्रेस ने विरोध मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने संविधान और सामाजिक समानता के समर्थन में आवाज उठाई। #Khandwa #Congress #RahulGandhi #MallikarjunKharge #Constitution #Ambedkar #MadhyaPradesh #BreakingNews #KhandwaNews1
- सवर्ण समाज ने यूजीसी कानून की वापसी और आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर किया विशाल प्रदर्शन सवर्ण समाज ने यूजीसी कानून की वापसी और आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर किया विशाल प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव कर राजमाता चौराहे पर लगाया चक्काजाम अशोकनगर। अशोकनगर में आज करणी सेना सवर्ण आर्मी ब सवर्ण समाज द्वारा यूजीसी (UGC) के नए नियमों/कानून को पूर्ण रूप से वापस लेने और आरक्षण को जातिगत के बजाय आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग को लेकर एक ऐतिहासिक एवं विशाल आंदोलन किया गया। इस प्रदर्शन में जिले भर से हजारों की संख्या में सवर्ण समाज के लोग एकजुट हुए और सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया रामलीला मंच से कलेक्ट्रेट तक निकाली गई आक्रोश रैली प्रदर्शन की शुरुआत शहर के ऐतिहासिक रामलीला मंच से हुई, जहां हजारों की संख्या में सवर्ण समाज के युवा, बुजुर्ग और प्रबुद्ध जन एकत्र हुए। रामलीला मंच पर सभा को संबोधित करने के बाद एक विशाल रैली के रूप में लोग कलेक्ट्रेट कार्यालय के लिए रवाना हुए। रैली के दौरान हाथों में तख्तियां और बैनर लिए लोगों ने यूजीसी कानून के विरोध तथा आर्थिक आधार पर समानता देने के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की कलेक्टर को मौके पर बुलाने पर अड़े प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद समाज के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर उग्र विरोध जताया प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे अपना ज्ञापन केवल जिले के शीर्ष अधिकारी यानी कलेक्टर को ही सौंपेंगे। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी कलेक्टर स्वयं ज्ञापन लेने बाहर नहीं आए, तो उपस्थित जनसमुदाय में आक्रोश और गहरा गया राजमाता चौराहे पर किया चक्काजाम, यातायात ठप कलेक्टर के ज्ञापन लेने न आने से नाराज सवर्ण समाज के हजारों लोग कलेक्ट्रेट से सीधे शहर के प्रमुख राजमाता चौराहे पर पहुंचे और सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। अचानक हुए इस चक्काजाम से शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया प्रशासनिक अमले में इस प्रदर्शन को लेकर हड़कंप मच गया और आनन-फानन में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रमुख मांगें: यूजीसी कानून की पूर्ण वापसी: यूजीसी द्वारा लागू किए जा रहे नए नियमों और कानूनों को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह से वापस लिया जाए आर्थिक आधार पर आरक्षण: जातिगत आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त कर समाज के सभी वर्गों के गरीब और जरूरतमंद लोगों को केवल आर्थिक स्थिति के आधार पर आरक्षण का लाभ दिया जाए सवर्ण समाज के नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने यूजीसी कानून को वापस नहीं लिया और आरक्षण व्यवस्था में सुधार कर इसे आर्थिक आधार पर लागू करने की दिशा में कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन आने वाले समय में और अधिक व्यापक और उग्र रूप धारण करेगा।1
- स्मार्ट सिटी मुंगावली के वार्ड नंबर 8 की सड़क खस्ताहाल वार्ड पार्षद ने चुनाव के बाद से नहीं ली वार्ड की समस्याओं की सुध नागरिकों का आरोप @हाइलाइट #Smart #City #mungavali Collector Ashok Nagar1
- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जन- विश्वास पोर्टल का क्या हुआ शुभारंभ {श्याम रानोलिया राजगढ़} 7049220386 *कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायतों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश* *जन-विश्वास अभियान की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी शिकायतों एवं आवेदनों के निराकरण की होगी सतत समीक्षा* *नमो सेवा गाथा से लेकर रंगोली राष्ट्र तक आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा बेहतर प्लानिंग, मॉनिटरिंग एवं दस्तावेजीकरण पर दिया जोर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायतों के साथ बैठक कर जन-विश्वास अभियान सहित आगामी जनभागीदारी एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-विश्वास पोर्टल का शुभारंभ करते हुए अभियान के प्रभावी, पारदर्शी एवं व्यवस्थित क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जन-विश्वास पोर्टल के माध्यम से अभियान के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों, आवेदनों एवं उनके निराकरण की प्रगति की ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी। अधिकारियों द्वारा प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी, जिससे निराकरण की स्थिति की सतत समीक्षा एवं प्रभावी अनुश्रवण संभव होगा। उन्होंने कहा कि जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना, लंबित शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करना तथा शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग करना है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ‘नमो सेवा गाथा’ के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक, ‘आंगन का उत्सव’, ‘मातृ संवाद’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प’, ‘स्वच्छता तथा विकास एवं सौंदर्यीकरण’, ‘सेवा सेतु अभियान’ एवं ‘रंगोली राष्ट्र’ सहित विभिन्न कार्यक्रमों की प्रभावी प्लानिंग एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज एवं जनसेवक महाकुंभ जैसे आगामी कार्यक्रमों के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर प्रभावी गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि सभी कार्यक्रमों का सुव्यवस्थित दस्तावेजीकरण एवं नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रमों की गतिविधियों, जनभागीदारी, नवाचारों एवं प्राप्त परिणामों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से तैयार किया जाए, ताकि इनकी प्रगति एवं प्रभाव का प्रभावी आकलन किया जा सके। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान राजगढ़ जिला मुख्यालय से कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।4
- HPV टीकाकरण महाअभियान में पहले दिन 105 बालिकाओं को लगा टीका शाहाबाद उपखंड सहित पूरे ब्लॉक के अस्पतालों में 1 और 2 सितंबर को HPV टीकाकरण महाअभियान के तहत मेगा कैंप लगाए गए। पहले दिन कुल 105 बालिकाओं का टीकाकरण किया गया। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि 14 से 15 वर्ष की सभी बालिकाओं को यह टीका नि:शुल्क लगाया जाएगा। ब्लॉक के सभी एसडीएच, सीएचसी और पीएचसी पर टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने अभिभावकों से योग्य बालिकाओं का समय पर टीकाकरण कराने की अपील की। टीका सर्वाइकल कैंसर से बचाव में प्रभावी है।1
- *‘’हर मंदिर की कहानी, आस्था की जुबानी’’* *घुरेल पहाड़ी पर विराजे पशुपतिनाथ* *जहां पहाड़ी की खामोशी में सुनाई देती है शिव-भक्ति की धुन* {श्याम रानोलिया राजगढ़ } " राजगढ़ की धार्मिक विरासत की कहानी को पढ़ा नहीं महसूस किया जा सकता है" सुबह की पहली किरण जब घुरेल पहाड़ी की चोटियों को छूती है, तो हरियाली के बीच विराजमान भगवान पशुपतिनाथ की भव्य प्रतिमा एक अलग ही आभा से भर उठती है। चारों ओर पसरा शांत प्राकृतिक परिवेश, पहाड़ी की ठंडी हवा और मंदिर की ओर बढ़ते श्रद्धालुओं के कदम—मानो यहां प्रकृति स्वयं शिव की आराधना में लीन हो। राजगढ़ के सुठालिया क्षेत्र की घुरेल पहाड़ी पर स्थित भगवान पशुपतिनाथ मंदिर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, प्रकृति और आध्यात्मिक अनुभूति का ऐसा संगम है, जहां पहुंचकर मन कुछ पल के लिए ठहर जाता है। *भव्य प्रतिमा में दिखाई देती है आस्था की विराटता* घुरेल पहाड़ी पर भगवान पशुपतिनाथ की भव्य प्रतिमा मंदिर की सबसे आकर्षक विशेषताओं में से एक है। पहाड़ी के शांत परिवेश के बीच स्थापित यह विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं को दूर से ही अपनी ओर आकर्षित करती है। प्रतिमा की भव्यता मंदिर के धार्मिक स्वरूप को और प्रभावशाली बनाती है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, विशाल प्रतिमा के निर्माण के लिए विशेष पत्थर विदेश से लाया गया था, जबकि इसकी नक्काशी जयपुर में कराई गई। शिल्प, आकार और धार्मिक भावनाओं का यह मेल इस प्रतिमा को मंदिर की विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। *महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब* भगवान पशुपतिनाथ के इस धाम में वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। विशेष रूप से महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक पर्वों पर मंदिर परिसर भक्ति और उल्लास से भर उठता है। विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु घुरेल पहाड़ी पहुंचते हैं। कोई भगवान शिव से सुख-शांति की कामना करता है, तो कोई परिवार की समृद्धि और मंगल के लिए प्रार्थना करता है। घंटियों की ध्वनि और शिव-भक्ति के जयघोष से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग जाता है। *जहां प्रकृति भी करती है शिव का अभिनंदन* घुरेल पहाड़ी की खूबसूरती इस धार्मिक स्थल की अनुभूति को और गहरा करती है। चारों ओर फैली हरियाली, शांत वातावरण और पहाड़ी का प्राकृतिक सौंदर्य यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। यहां भगवान शिव की आराधना केवल मंदिर की सीमाओं तक सिमटी नहीं लगती। प्रकृति की शांति, खुला आकाश और पहाड़ी की हवा मिलकर ऐसा वातावरण रचते हैं, जहां कुछ पल बिताना भी अपने आप में एक अनुभव बन जाता है। यहां आने वाला श्रद्धालु केवल भगवान के दर्शन नहीं करता, बल्कि प्रकृति के सान्निध्य में स्वयं से भी मिलने का अवसर पाता है। *मान्यताओं और परंपराओं से जुड़ा आस्था का केंद्र* घुरेल पहाड़ी का यह मंदिर स्थानीय धार्मिक आस्थाओं और परंपराओं से लंबे समय से जुड़ा हुआ है। भगवान पशुपतिनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था इस धाम को क्षेत्र की धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती है। पीढ़ियों से चली आ रही धार्मिक मान्यताएं और पर्व-त्योहारों पर होने वाले आयोजन इस स्थल की आध्यात्मिक महत्ता को जीवंत बनाए हुए हैं। *धार्मिक पर्यटन की नई संभावनाएं* भव्य प्रतिमा, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व—इन तीनों का संगम घुरेल पहाड़ी को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष बनाता है। शांत वातावरण में स्थित यह धाम आने वाले समय में श्रद्धालुओं के साथ-साथ उन पर्यटकों को भी आकर्षित कर सकता है, जो धार्मिक स्थलों के साथ प्रकृति और आध्यात्मिक अनुभव की तलाश में रहते हैं। घुरेल पहाड़ी पर विराजमान भगवान पशुपतिनाथ राजगढ़ की उन धार्मिक धरोहरों में शामिल हैं, जहां आस्था केवल पूजा में नहीं, बल्कि पूरे परिवेश में महसूस होती है। *एक अनुभव, जो साथ लौटता है...* घुरेल की पहाड़ी पर चढ़ते हुए जब नजर भगवान पशुपतिनाथ की विराट प्रतिमा पर ठहरती है, तो कुछ पल के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। सामने शिव का भव्य स्वरूप, चारों ओर प्रकृति की शांति और भीतर उमड़ती श्रद्धा—यही घुरेल की सबसे बड़ी पहचान है। यहां मंदिर है, तो प्रकृति भी है। यहां परंपरा है, तो आस्था भी है। और इन सबके बीच विराजमान हैं—भगवान पशुपतिनाथ। घुरेल पहाड़ी का यह पवित्र धाम राजगढ़ की धार्मिक विरासत की वह कहानी है,़् जिसे केवल पढ़ा नहीं, महसूस किया जा सकतता हैं.2
- राजगढ़ में नेताजी की कार में लगा था हूटर यातायात पुलिस ने काट दिया चालान राजगढ़ में बुधवार शाम को यातायात पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया जिसमे वाहनों की चेकिंग की गई। इस दौरान एक नेताजी की गाड़ी में प्रतिबंध के बाद भी हूटर लगाया गया जिसका चालान बनाकर रवाना किया।1