आरक्षण की लॉटरी या सियासी 'एटम बम'? राजस्थान की राजनीति में आया 1000 रेक्टर पैमाने का भूचाल! आरक्षण की लॉटरी या सियासी 'एटम बम'? राजस्थान की राजनीति में आया 1000 रेक्टर पैमाने का भूचाल! जयपुर (विशेष संवाददाता)। राजस्थान की सियासत में आज एक ऐसा ऐतिहासिक धमाका होने जा रहा है, जिसने राजनीतिक दलों के होश उड़ा दिए हैं और हजारों नेताओं की नींद हराम कर दी है! स्थानीय निकायों और पंचायती राज चुनावों के लिए निकलने वाली ‘आरक्षण लॉटरी’ ने प्रदेश के सियासी गलियारों में वो महातूफान खड़ा कर दिया है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी! किसका ताज सजेगा और किसकी जमी-जमाई सियासी जमीन रातों-रात खिसक जाएगी—यह फैसला अब किस्मत के एक पत्ते से होने वाला है! 🚨 309 निकायों और 41 जिला प्रमुखों की किस्मत दांव पर! कुर्सी का महा-मंथन: 309 नगरीय निकायों (महापौर, सभापति, अध्यक्ष) और 41 जिला परिषदों के जिला प्रमुख पदों का भविष्य भाग्य के भरोसे टिक गया है। बदल जाएंगे समीकरण: कल तक जो उम्मीदवार जीत का परचम लहराने का दावा कर रहे थे, आज आरक्षण के इस नए गणित से उनके समीकरण पल भर में ध्वस्त हो सकते हैं! 📊 क्या कहता है आरक्षण का 'महा-समीकरण'? सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार आरक्षण की लॉटरी में अप्रत्याशित फेरबदल देखने को मिल सकता है: जिला प्रमुख पद: 🔴 SC वर्ग: 8 पद 🟠 ST वर्ग: 7 पद 🟡 OBC वर्ग: 5 पद निकाय प्रमुख पद: 🔴 SC वर्ग: 50 पद 🟠 ST वर्ग: 11 पद 🟡 OBC वर्ग: 60 पद ⏳ 6 दिनों का ‘काउंटडाउन’—हर लम्हा सांसें रोक देने वाला! 13 अगस्त (महा-लॉटरी का दिन): महापौर, सभापति, अध्यक्ष और जिला प्रमुख पदों का फैसला! 17 अगस्त: निकाय पार्षद, प्रधान, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए किस्मत का ताला खुलेगा। 18 अगस्त: उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंचों की सीटों का महा-फैसला! 💥 नेताओं में हड़कंप, टिकट की लॉबिंग में आया उफान! आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही दावेदारों में अफरा-तफरी मच गई है। जिनकी सीटें किसी अन्य वर्ग के लिए आरक्षित हो जाएंगी, उनके लिए अस्तित्व की लड़ाई खड़ी हो जाएगी! अब हर नेता नया ठिकाना और नया विकल्प तलाशने की होड़ में जुट गया है। जयपुर से लेकर हर जिले के दफ्तरों तक लॉबिंग की ज्वाला भड़क उठी है!
आरक्षण की लॉटरी या सियासी 'एटम बम'? राजस्थान की राजनीति में आया 1000 रेक्टर पैमाने का भूचाल! आरक्षण की लॉटरी या सियासी 'एटम बम'? राजस्थान की राजनीति में आया 1000 रेक्टर पैमाने का भूचाल! जयपुर (विशेष संवाददाता)। राजस्थान की सियासत में आज एक ऐसा ऐतिहासिक धमाका होने जा रहा है, जिसने राजनीतिक दलों के होश उड़ा दिए हैं और हजारों नेताओं की नींद हराम कर दी है! स्थानीय निकायों और पंचायती राज चुनावों के लिए निकलने वाली ‘आरक्षण लॉटरी’ ने प्रदेश के सियासी गलियारों में वो महातूफान खड़ा कर दिया है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी! किसका ताज सजेगा और किसकी जमी-जमाई सियासी जमीन रातों-रात खिसक जाएगी—यह फैसला अब किस्मत के एक पत्ते से होने वाला है! 🚨 309 निकायों और 41 जिला प्रमुखों की किस्मत दांव पर! कुर्सी का महा-मंथन: 309 नगरीय निकायों (महापौर, सभापति, अध्यक्ष) और 41 जिला परिषदों के जिला प्रमुख पदों का भविष्य भाग्य के भरोसे टिक गया है। बदल जाएंगे समीकरण: कल तक जो उम्मीदवार जीत का परचम लहराने का दावा कर रहे थे, आज आरक्षण के इस नए गणित से उनके समीकरण पल भर में ध्वस्त हो सकते हैं! 📊 क्या कहता है आरक्षण का 'महा-समीकरण'? सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार आरक्षण की लॉटरी में अप्रत्याशित फेरबदल देखने को मिल सकता है: जिला प्रमुख पद: 🔴 SC वर्ग: 8 पद 🟠 ST वर्ग: 7 पद 🟡 OBC वर्ग: 5 पद निकाय प्रमुख पद: 🔴 SC वर्ग: 50 पद 🟠 ST वर्ग: 11 पद 🟡 OBC वर्ग: 60 पद ⏳ 6 दिनों का ‘काउंटडाउन’—हर लम्हा सांसें रोक देने वाला! 13 अगस्त (महा-लॉटरी का दिन): महापौर, सभापति, अध्यक्ष और जिला प्रमुख पदों का फैसला! 17 अगस्त: निकाय पार्षद, प्रधान, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए किस्मत का ताला खुलेगा। 18 अगस्त: उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंचों की सीटों का महा-फैसला! 💥 नेताओं में हड़कंप, टिकट की लॉबिंग में आया उफान! आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही दावेदारों में अफरा-तफरी मच गई है। जिनकी सीटें किसी अन्य वर्ग के लिए आरक्षित हो जाएंगी, उनके लिए अस्तित्व की लड़ाई खड़ी हो जाएगी! अब हर नेता नया ठिकाना और नया विकल्प तलाशने की होड़ में जुट गया है। जयपुर से लेकर हर जिले के दफ्तरों तक लॉबिंग की ज्वाला भड़क उठी है!
- बेरखंडी: राजकीय प्राथमिक विद्यालय बना असामाजिक तत्वों का अड्डा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी रोष बेरखंडी: राजकीय प्राथमिक विद्यालय बना असामाजिक तत्वों का अड्डा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी रोष बेरखंडी (सवाई माधोपुर)। क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर में असामाजिक तत्वों द्वारा खुलेआम शराबखोरी किए जाने का मामला सामने आया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर विद्यालय परिसर का एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूल प्रांगण में शराब की खाली बोतलें, डिस्पोजल गिलास और चखना बिखरा हुआ साफ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद से ही ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सुबह-शाम जमती है महफ़िल, नशे में पड़े रहते हैं शराबी स्थानीय निवासियों का आरोप है कि असामाजिक तत्व सुबह और शाम दोनों समय विद्यालय परिसर को अपना अड्डा बना लेते हैं। शराब पीने के बाद लोग गंदगी और बोतलें वहीं छोड़ जाते हैं। कई बार अत्यधिक नशा होने पर शराबी रातभर स्कूल परिसर में ही पड़े रहते हैं, जिससे स्कूल की गरिमा पूरी तरह तार-तार हो रही है। नौनिहालों के भविष्य और सुरक्षा पर मंडराया खतरा प्राथमिक विद्यालय में छोटे-छोटे बच्चे पढ़ने आते हैं। सुबह-सुबह स्कूल पहुंचने पर बच्चों को परिसर में शराब की बोतलें और गंदगी देखने को मिलती है। ग्रामीणों का कहना है कि असामाजिक तत्वों की इस हरकत से बच्चों के कोमल मन पर बेहद विपरीत असर पड़ रहा है और उनकी सुरक्षा को लेकर भी हर समय डर बना रहता है। प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस गश्त की मांग ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन से मामले में तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम के समय स्कूल क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और विद्यालय संपत्ति का अनाधिकृत उपयोग करने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित माहौल मिल सके।1
- गंगापुर सिटी में तिरंगा यात्रा को लेकर बैठकों का आयोजन 14 अगस्त को निकलेगी हर घर तिरंगा यात्रा गंगापुर सिटी। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 14 अगस्त को शहर में आयोजित होने वाली हर घर तिरंगा यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यात्रा को सफल एवं भव्य बनाने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित कर कार्यकर्ताओं एवं युवाओं को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। 14 अगस्त को हर घर तिरंगा यात्रा का शुभारंभ पुरानी अनाज मंडी से होगा। यात्रा कचहरी रोड, व्यापार मंडल, देवी स्टोर चौराहा, चोपड़ बाजार, कैलाश टॉकीज, जामा मस्जिद एवं फव्वारा चौक होते हुए पुनः पुरानी अनाज मंडी पहुंचकर संपन्न होगी। कार्यक्रम के संयोजक अनुज शर्मा को बनाया गया है। इसी क्रम में भगवती पैलेस में छात्रों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संयोजक अनुज शर्मा ने छात्रों एवं स्कूल शिक्षा परिवार से संवाद करते हुए अधिक से अधिक संख्या में छात्र शक्ति के साथ तिरंगा यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है तथा युवाओं की भागीदारी से यह यात्रा और अधिक भव्य एवं प्रभावशाली बनेगी। वहीं वजीरपुर में भी भाजपा जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर एवं सभापति शिवरतन अग्रवाल के नेतृत्व में बैठक आयोजित की गई। बैठक में तिरंगा यात्रा को लेकर आवश्यक तैयारियों, व्यवस्थाओं एवं अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने तिरंगा यात्रा को सफल बनाने के लिए पूर्ण उत्साह एवं समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने शहरवासियों एवं युवाओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में तिरंगा यात्रा में शामिल होकर राष्ट्रप्रेम और एकता का संदेश दें। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष के साथ तिरंगा यात्रा को भव्य बनाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष उदय सिंह गुर्जर, वजीरपुर मंडल अध्यक्ष चतुर्भुज गोयल, शहर मण्डल अध्यक्ष मिथलेश व्यास, भीम चौधरी, महाराज सिंह, राजेन्द्र चौधरी, पुष्कर जाट, राधेश्याम सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- दो माह से बंद कुंडली नदी के रोड का काम: मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के कुंडली नदी गांव में 2 किलोमीटर रोड का काम 2 माह से बंद है लोगों को आने-जाने में परेशानी डामर महंगा होने से रुका काम मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के कुंडली नदी गांव में 2 किलोमीटर रोड का काम 2 माह से बंद है लोगों को आने-जाने में परेशानी डामर महंगा होने से रुका काम गंम्भीरा गांव से कुंडली नदी तक बन रहे रोड का काम पिछले दो माह से बंद पड़ा है ऐसे में ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है लडडू लाल मीणा ,जगन लाल मीणा ,पप्पू लाल मीणा ,खेमराज मीणा,उगराम मीणा,रामनारायण मीणा,हरिराम मीणा,कांग्रेस मीणा,पुखराज मीणा आदि अनेकों ग्रामीणों ने बताया की बाहर जा से कुंडली नदी तक बन रहे 2 किलोमीटर के रोड का काम पिछले दो माह से बंद पड़ा है जबकि रोड का सीमेंट टेंट का काम और मोरम का काम पूरा हो चुका है लेकिन फिर भी ठेकेदार रोड पर डामर का काम नहीं कर रहा है ऐसे में लोगों को बरसात के दिनों में आने-जाने में परेशानी के साथ-साथ रोड पर पड़ी हुई मोरम की गिट्टियों से रपटकर हादसे का डर बना रहता है ऐसे मे रोड के ठेकेदार इरफान खान का कहना है कि मैंने सीमेंटेड सीसी का काम पूर्ण कर दिया है और मोरम भी बिछाकर रोड को कंप्लीट कर रखा है रोड पर डामरीकरण करना बाकी है जो डामर महंगा होने के कारण रोक रखा है अभी डामर की रेट 2-3 गुना महंगी है ऐसे में कुंडली नदी गांव के ग्रामीणों का सवाल है यदि डामर सस्ता नहीं हुआ तो क्या हमारा रोड आधा अधूरा अधूरा पड़ा रहेगा1
- भारत में एक बड़ी प्लानिंग चल रही है जनसंख्या कम करने के लिए भारत देश में एक बड़ी प्लानिंग चल रही है जनसंख्या कम करने के लिए हम अपने बच्चों को बचपन में जो हेल्थ ड्रिंक या हाइट बढ़ाने वाला डिब्बा चलाते हो वह एक बच्चों का1
- दीप प्रज्वलन के साथ साहू सेवा सदन में सावन महोत्सव एवं श्याम भजन कार्यक्रम शुरू लालसोट में मायला कुआं, लिंग रोड स्थित साहू सेवा सदन में समाज बंधुओं द्वारा आयोजित सावन महोत्सव एवं श्री श्याम भजन कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में दिनभर श्याम भजनों की रसगंगा बहेगी। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा। समस्त साहू समाज लालसोट की ओर से समाज बंधुओं से सपरिवार कार्यक्रम में शामिल होकर भजनों का आनंद लेने और महाप्रसादी ग्रहण करने का आग्रह किया गया।2
- कुड़गांव थाना परिसर में सीएलजी मीटिंग आयोजित SP ने कहा आपसी भाईचारे से मनाएं स्वतंत्रता दिवस कुडगांव थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश चंद मीणा सपोटरा डिप्टी सुनील चौधरी थाना अधिकारी पूरणमल मीणा ने सीएलजी सदस्यों के साथ मीटिंग आयोजित की। थाना अधिकारी पूरणमल मीणा में गुरुवार दोपहर 3:00 बजे बताया कि मीटिंग में स्वतंत्रता दिवस मनाने को लेकर चर्चा की गई। मीटिंग में एसपी लोकेशन वालों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस आपसी भाईचारे के साथ मनाए, उन्होंने कहा कि किसी भी असामाजिक गतिविधियों पर सीएलजी सदस्य नजर बनाए रखें।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने साइबर क्राइम के बारे में जानकारी दी, उन्होंने कहा कि पैसे की लेनदेन करते समय अपना पासवर्ड किसी को ना बताएं अनजान आदमी को ओटीपी ना दें नहीं तो आप ठगी का शिकार हो सकते हैं।बैठक में कई सीएलजी सदस्य मौजूद रहे।1
- आरक्षण की लॉटरी या सियासी 'एटम बम'? राजस्थान की राजनीति में आया 1000 रेक्टर पैमाने का भूचाल! आरक्षण की लॉटरी या सियासी 'एटम बम'? राजस्थान की राजनीति में आया 1000 रेक्टर पैमाने का भूचाल! जयपुर (विशेष संवाददाता)। राजस्थान की सियासत में आज एक ऐसा ऐतिहासिक धमाका होने जा रहा है, जिसने राजनीतिक दलों के होश उड़ा दिए हैं और हजारों नेताओं की नींद हराम कर दी है! स्थानीय निकायों और पंचायती राज चुनावों के लिए निकलने वाली ‘आरक्षण लॉटरी’ ने प्रदेश के सियासी गलियारों में वो महातूफान खड़ा कर दिया है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी! किसका ताज सजेगा और किसकी जमी-जमाई सियासी जमीन रातों-रात खिसक जाएगी—यह फैसला अब किस्मत के एक पत्ते से होने वाला है! 🚨 309 निकायों और 41 जिला प्रमुखों की किस्मत दांव पर! कुर्सी का महा-मंथन: 309 नगरीय निकायों (महापौर, सभापति, अध्यक्ष) और 41 जिला परिषदों के जिला प्रमुख पदों का भविष्य भाग्य के भरोसे टिक गया है। बदल जाएंगे समीकरण: कल तक जो उम्मीदवार जीत का परचम लहराने का दावा कर रहे थे, आज आरक्षण के इस नए गणित से उनके समीकरण पल भर में ध्वस्त हो सकते हैं! 📊 क्या कहता है आरक्षण का 'महा-समीकरण'? सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार आरक्षण की लॉटरी में अप्रत्याशित फेरबदल देखने को मिल सकता है: जिला प्रमुख पद: 🔴 SC वर्ग: 8 पद 🟠 ST वर्ग: 7 पद 🟡 OBC वर्ग: 5 पद निकाय प्रमुख पद: 🔴 SC वर्ग: 50 पद 🟠 ST वर्ग: 11 पद 🟡 OBC वर्ग: 60 पद ⏳ 6 दिनों का ‘काउंटडाउन’—हर लम्हा सांसें रोक देने वाला! 13 अगस्त (महा-लॉटरी का दिन): महापौर, सभापति, अध्यक्ष और जिला प्रमुख पदों का फैसला! 17 अगस्त: निकाय पार्षद, प्रधान, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए किस्मत का ताला खुलेगा। 18 अगस्त: उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंचों की सीटों का महा-फैसला! 💥 नेताओं में हड़कंप, टिकट की लॉबिंग में आया उफान! आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही दावेदारों में अफरा-तफरी मच गई है। जिनकी सीटें किसी अन्य वर्ग के लिए आरक्षित हो जाएंगी, उनके लिए अस्तित्व की लड़ाई खड़ी हो जाएगी! अब हर नेता नया ठिकाना और नया विकल्प तलाशने की होड़ में जुट गया है। जयपुर से लेकर हर जिले के दफ्तरों तक लॉबिंग की ज्वाला भड़क उठी है!1
- सिमिर नदी में आया उफान, जान जोखिम में डालकर घर पहुंच रहे ग्रामीण सपोटरा। बुधवार शाम बारिश के चलते सिमिर नदी में उफान आने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई। नदी में पानी का बहाव तेज होने के बावजूद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हुए। नदी में पानी आने के बाद ग्रामीणों को अपने घरों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में सिमिर नदी में आए दिन उफान की स्थिति बनती है। नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण आवागमन बाधित हो जाता है। इसके बावजूद ग्रामीण जरूरी काम के लिए जोखिम उठाकर नदी पार करने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि भंवर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश के दिनों में होने वाली समस्याओं को लेकर कई बार सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। हर वर्ष बारिश के मौसम में ग्रामीणों को इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से सिमिर नदी पर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने तथा बारिश के दिनों में होने वाली समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।1