सड़कों का 'कागज़ी' निर्माण और ज़मीनी गड्ढे **कुरुक्षेत्र से इस्माइलाबाद मार्ग:** #SaveKurukshetra #CMCityKurukshetra #KurukshetraGroundReport #FixKurukshetraRoads #VoiceOfKurukshetra #HaryanaAdminExposed #JanAwaaz #KurukshetraToIsmailabad #PipliToThirdGate #HaryanaCivicIssues #SystemicFailure #JournalismForChange * #BadRoadsHaryana #RoadSafetyHaryana #PWDDepartmentHaryana #KurukshetraTraffic #RoadInfrastructure * #SwachhHaryana #RuralSanitation #CleanVillages #HealthCrisisHaryana #DirtyPonds * #CMOHaryana #DCOfficeKurukshetra #HaryanaGovernment #AccountabilityInGovernance #PublicGrievances #Government #AdministrationOffice #CMOHaryana *(मुख्यमंत्री कार्यालय, हरियाणा)* #DC #NitinGadkariJi #PMOIndia India News 9Live Kurukshetra जनता की आवाज सच दिखाने बताने और पूछने का जज्बा रखते हैं हम साथ तो दीजिए आप जनता की आवाज प्रशासन से गुहार सच सबके सामने सबके लिए बताना तो बनता है # कुरुक्षेत्र 'सीएम सिटी': विकास का ढोल या बदहाली का शोर? ### ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्ट, जन-आक्रोश और शासन-प्रशासन से सीधे तीखे सवाल > *"ज़मीर वहां जागता है जहां ज़मीर हो... हमारा ज़मीर मर चुका है, आत्मा सो गई है! यह समाज नहीं, नीलाम घर है... बोली लग रही है, ईमान बिक रहे हैं!"* > वीडियो में गूंजता यह संवाद केवल किसी फिल्म की पटकथा नहीं, बल्कि आज **'सीएम सिटी' कुरुक्षेत्र** की जमीनी हकीकत का कड़वा सच बन चुका है। जिस धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र की पहचान पवित्रता और न्याय से थी, आज वहां की जनता प्रशासनिक अनदेखी, भ्रष्टाचार और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी के बीच अपने हक के लिए गिड़गिड़ाने को मजबूर है। प्रेस बयानों, सोशल मीडिया के आक्रोश और ग्राउंड ज़ीरो की पड़ताल के बाद यह स्पष्ट है कि कागज़ों पर तैरता 'विकास' ज़मीन पर आकर गड्ढों और गंदगी में तब्दील हो जाता है। ## 1. सड़कों का 'कागज़ी' निर्माण और ज़मीनी गड्ढे शहर और आसपास के मुख्य मार्गों की स्थिति देखकर यह सवाल उठना लाजमी है कि पीडब्ल्यूडी (PWD) और स्थानीय प्रशासन की फाइलें किसके इशारे पर बंद होती हैं? ### **कुरुक्षेत्र से इस्माइलाबाद मार्ग:** * **डबल लेन का इंतज़ार कब खत्म होगा?** यह व्यस्त मार्ग आज तक 'डबल लाइन' क्यों नहीं बनाया गया? किस बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है प्रशासन? * **20 साल का हिसाब दो:** पिछले 20 वर्षों में इस सड़क की मुरम्मत के नाम पर कितनी बार बजट पास हुआ और कागज़ों में कितनी बार काम पूरा दिखाया गया? लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आज यह सड़क खस्ताहाल क्यों है? ### **पिपली से थर्ड गेट मार्ग:** * **20 साल से बदहाल क्यों?** कुरुक्षेत्र के इस सबसे मुख्य और महत्वपूर्ण रास्ते को पिछले 20 सालों से पूरी तरह फुटपाथ और स्ट्रीट लाइटों के अभाव में क्यों रखा गया है? * **आडंबर और छलावा:** बार-बार सड़क का टूटना, स्ट्रीट लाइटों का बंद रहना और फिर मरम्मत का नाटक रचना — यह 'आडंबर' कब बंद होगा? * **कागज़ों में अमलीजामा:** कागज़ों में इस सड़क का जीर्णोद्धार कितनी बार पूरा दिखाया गया? क्यों आज तक फुटपाथ बनाकर तरीके से इस सड़क का स्थायी निर्माण नहीं किया गया? ## 2. सीएम सिटी में ट्रैफिक का दम घोंटती लचर व्यवस्था 'सीएम सिटी' का तमगा लगे होने के बावजूद कुरुक्षेत्र शहर के भीतर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। * **अव्यवस्था का बोलबाला:** मुख्य चौराहों से लेकर बाज़ारों तक बिना किसी योजना के गाड़ियां रेंगती हैं। न सही पार्किंग व्यवस्था है और न ही ट्रैफिक पुलिस का कोई पुख्ता प्रबंधन। * **जनता की दुर्दशा:** हर रोज नौकरीपेशा, स्कूली बच्चे और व्यापारी घंटों जाम में फंसते हैं। आखिर कुरुक्षेत्र की इस लचर ट्रैफिक व्यवस्था का जवाब प्रशासन जनता को कब देगा? ## 3. 20 किमी का दायरा: चमकते शहर के पीछे सिसकते गांव कुरुक्षेत्र शहर के 20 किलोमीटर के चारों तरफ के दायरे में आने वाले ग्रामीण इलाकों की हालत देखकर किसी का भी दिल दहल जाएगा। ``` [ सीएम सिटी का ग्रामीण दायरा: 20 KM ] │ ├── 1. गांव के प्रवेश द्वार (Entrances) पर गोबरों और गंदगी के पहाड़ ├── 2. गंदे पानी से लबालब भरे और सड़ते जोहड़ (तालाब) └── 3. दूषित पर्यावरण के कारण पनपतीं लाइलाज बीमारियां ``` * **प्रदूषित गांव और बीमारियां:** गांवों के प्रवेश द्वार पर ही गोबर के ढेर लगे हैं। जोहड़ (तालाब) गंदगी से उफन रहे हैं, जिससे गांव-गांव में मक्खी-मच्छर और लाइलाज बीमारियां पैर पसार रही हैं। * **प्रशासन का मौन:** क्या ग्रामीण क्षेत्र के लोग इंसान नहीं हैं? 'सीएम सिटी' के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले इन ग्रामीणों की इस दयनीय स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के पास क्या जवाब है? ## 4. कुर्सी पर कब्ज़ा और विकास शून्य: राजनीतिक नेतृत्व पर सवाल कुरुक्षेत्र की इस दयनीय स्थिति का सबसे बड़ा कारण वह राजनीतिक व्यवस्था है जहां जनता के मुद्दों से ज्यादा कुर्सी का मोह हावी है। * **दो चेहरों का दबदबा:** पिछले कई सालों से 'सीएम सिटी' में चेयरमैन पद या अन्य उच्च पदों व मंत्रालयों पर केवल दो ही लोगों का लगातार होल्ड (कब्ज़ा) बना हुआ है। * **पद का क्या फायदा?** जब सालों से वही दो चेहरे सत्ता और पावर के केंद्र में बैठे हैं, तो फिर आज तक कुरुक्षेत्र की स्थिति इतनी बदहाल क्यों है? अगर वे अपने मंत्री पद और पावर का पूर्ण लाभ कुरुक्षेत्र की जनता को नहीं दे पा रहे, तो बार-बार उन पदों पर बैठने का औचित्य क्या है? * **राजनीतिक सरपरस्ती:** ऐसी कौन सी मजबूरियां हैं कि अलग-अलग राजनीतिक पार्टियां बार-बार उन्हें ही इन उच्च पदों पर बिठा देती हैं? कुरुक्षेत्र के विकास की बलि देकर इन लोगों को साधने की राजनीति कब बंद होगी? ## जनता की अंतिम गुहार: सोए हुए शासन-प्रशासन को चेतावनी एक पत्रकार की कलम केवल खबरें नहीं लिखती, वह पीड़ित जनता के आंसुओं का हिसाब मांगती है। कुरुक्षेत्र की जनता अब खोखले आश्वासनों, बैठकों के फोटो-शूट और कागज़ी विकास से थक चुकी है। > **सीधा सवाल:** यदि 'सीएम सिटी' में सड़कों की यह दुर्गति है, गांवों में बीमारियां तैर रही हैं, ट्रैफिक बेकाबू है और जिम्मेदार नेता केवल अपनी कुर्सियां बचा रहे हैं — तो क्या प्रशासन स्वीकार करता है कि उनका ज़मीर मर चुका है? > शासन और प्रशासन को इस पत्र को चेतावनी मानकर तुरंत धरातल पर उतरना होगा। पिपली से थर्ड गेट, इस्माइलाबाद मार्ग, गांवों की सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था पर जब तक ठोस और पारदर्शी कार्रवाई नहीं होती, तब तक जनता की यह आवाज़ शांत नहीं होगी!
सड़कों का 'कागज़ी' निर्माण और ज़मीनी गड्ढे **कुरुक्षेत्र से इस्माइलाबाद मार्ग:** #SaveKurukshetra #CMCityKurukshetra #KurukshetraGroundReport #FixKurukshetraRoads #VoiceOfKurukshetra #HaryanaAdminExposed #JanAwaaz #KurukshetraToIsmailabad #PipliToThirdGate #HaryanaCivicIssues #SystemicFailure #JournalismForChange * #BadRoadsHaryana #RoadSafetyHaryana #PWDDepartmentHaryana #KurukshetraTraffic #RoadInfrastructure * #SwachhHaryana #RuralSanitation #CleanVillages #HealthCrisisHaryana #DirtyPonds * #CMOHaryana #DCOfficeKurukshetra #HaryanaGovernment #AccountabilityInGovernance #PublicGrievances #Government #AdministrationOffice #CMOHaryana *(मुख्यमंत्री कार्यालय, हरियाणा)* #DC #NitinGadkariJi #PMOIndia India News 9Live Kurukshetra जनता की आवाज सच दिखाने बताने और पूछने का जज्बा रखते हैं हम साथ तो दीजिए आप जनता की आवाज प्रशासन से गुहार सच सबके सामने सबके लिए बताना तो बनता है # कुरुक्षेत्र 'सीएम सिटी': विकास का ढोल या बदहाली का शोर? ### ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्ट, जन-आक्रोश और शासन-प्रशासन से सीधे तीखे सवाल > *"ज़मीर वहां जागता है जहां ज़मीर हो... हमारा ज़मीर मर चुका है, आत्मा सो गई है! यह समाज नहीं, नीलाम घर है... बोली लग रही है, ईमान बिक रहे हैं!"* > वीडियो में गूंजता यह संवाद केवल किसी फिल्म की पटकथा नहीं, बल्कि आज **'सीएम सिटी' कुरुक्षेत्र** की जमीनी हकीकत का कड़वा सच बन चुका है। जिस धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र की पहचान पवित्रता और न्याय से थी, आज वहां की जनता प्रशासनिक अनदेखी, भ्रष्टाचार और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी के बीच अपने हक के लिए गिड़गिड़ाने को मजबूर है। प्रेस बयानों, सोशल मीडिया के आक्रोश और ग्राउंड ज़ीरो की पड़ताल के बाद यह स्पष्ट है कि कागज़ों पर तैरता 'विकास' ज़मीन पर आकर गड्ढों और गंदगी में तब्दील हो जाता है। ## 1. सड़कों का 'कागज़ी' निर्माण और ज़मीनी गड्ढे शहर और आसपास के मुख्य मार्गों की स्थिति देखकर यह सवाल उठना लाजमी है कि पीडब्ल्यूडी (PWD) और स्थानीय प्रशासन की फाइलें किसके इशारे पर बंद होती हैं? ### **कुरुक्षेत्र से इस्माइलाबाद मार्ग:** * **डबल लेन का इंतज़ार कब खत्म होगा?** यह व्यस्त मार्ग आज तक 'डबल लाइन' क्यों नहीं बनाया गया? किस बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है प्रशासन? * **20 साल का हिसाब दो:** पिछले 20 वर्षों में इस सड़क की मुरम्मत के नाम पर कितनी बार बजट पास हुआ और कागज़ों में कितनी बार काम पूरा दिखाया गया? लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आज यह सड़क खस्ताहाल क्यों है? ### **पिपली से थर्ड गेट मार्ग:** * **20 साल से बदहाल क्यों?** कुरुक्षेत्र के इस सबसे मुख्य और महत्वपूर्ण रास्ते को पिछले 20 सालों से पूरी तरह फुटपाथ और स्ट्रीट लाइटों के अभाव में क्यों रखा गया है? * **आडंबर और छलावा:** बार-बार सड़क का टूटना, स्ट्रीट लाइटों का बंद रहना और फिर मरम्मत का नाटक रचना — यह 'आडंबर' कब बंद होगा? * **कागज़ों में अमलीजामा:** कागज़ों में इस सड़क का जीर्णोद्धार कितनी बार पूरा दिखाया गया? क्यों आज तक फुटपाथ बनाकर तरीके से इस सड़क का स्थायी निर्माण नहीं किया गया? ## 2. सीएम सिटी में ट्रैफिक का दम घोंटती लचर व्यवस्था 'सीएम सिटी' का तमगा लगे होने के बावजूद कुरुक्षेत्र शहर के भीतर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। * **अव्यवस्था का बोलबाला:** मुख्य चौराहों से लेकर बाज़ारों तक बिना किसी योजना के गाड़ियां रेंगती हैं। न सही पार्किंग व्यवस्था है और न ही ट्रैफिक पुलिस का कोई पुख्ता प्रबंधन। * **जनता की दुर्दशा:** हर रोज नौकरीपेशा, स्कूली बच्चे और व्यापारी घंटों जाम में फंसते हैं। आखिर कुरुक्षेत्र की इस लचर ट्रैफिक व्यवस्था का जवाब प्रशासन जनता को कब देगा? ## 3. 20 किमी का दायरा: चमकते शहर के पीछे सिसकते गांव कुरुक्षेत्र शहर के 20 किलोमीटर के चारों तरफ के दायरे में आने वाले ग्रामीण इलाकों की हालत देखकर किसी का भी दिल दहल जाएगा। ``` [ सीएम सिटी का ग्रामीण दायरा: 20 KM ] │ ├── 1. गांव के प्रवेश द्वार (Entrances) पर गोबरों और गंदगी के पहाड़ ├── 2. गंदे पानी से लबालब भरे और सड़ते जोहड़ (तालाब) └── 3. दूषित पर्यावरण के कारण पनपतीं लाइलाज बीमारियां ``` * **प्रदूषित गांव और बीमारियां:** गांवों के प्रवेश द्वार पर ही गोबर के ढेर लगे हैं। जोहड़ (तालाब) गंदगी से उफन रहे हैं, जिससे गांव-गांव में मक्खी-मच्छर और लाइलाज बीमारियां पैर पसार रही हैं। * **प्रशासन का मौन:** क्या ग्रामीण क्षेत्र के लोग इंसान नहीं हैं? 'सीएम सिटी' के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले इन ग्रामीणों की इस दयनीय स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के पास क्या जवाब है? ## 4. कुर्सी पर कब्ज़ा और विकास शून्य: राजनीतिक नेतृत्व पर सवाल कुरुक्षेत्र की इस दयनीय स्थिति का सबसे बड़ा कारण वह राजनीतिक व्यवस्था है जहां जनता के मुद्दों से ज्यादा कुर्सी का मोह हावी है। * **दो चेहरों का दबदबा:** पिछले कई सालों से 'सीएम सिटी' में चेयरमैन पद या अन्य उच्च पदों व मंत्रालयों पर केवल दो ही लोगों का लगातार होल्ड (कब्ज़ा) बना हुआ है। * **पद का क्या फायदा?** जब सालों से वही दो चेहरे सत्ता और पावर के केंद्र में बैठे हैं, तो फिर आज तक कुरुक्षेत्र की स्थिति इतनी बदहाल क्यों है? अगर वे अपने मंत्री पद और पावर का पूर्ण लाभ कुरुक्षेत्र की जनता को नहीं दे पा रहे, तो बार-बार उन पदों पर बैठने का औचित्य क्या है? * **राजनीतिक सरपरस्ती:** ऐसी कौन सी मजबूरियां हैं कि अलग-अलग राजनीतिक पार्टियां बार-बार उन्हें ही इन उच्च पदों पर बिठा देती हैं? कुरुक्षेत्र के विकास की बलि देकर इन लोगों को साधने की राजनीति कब बंद होगी? ## जनता की अंतिम गुहार: सोए हुए शासन-प्रशासन को चेतावनी एक पत्रकार की कलम केवल खबरें नहीं लिखती, वह पीड़ित जनता के आंसुओं का हिसाब मांगती है। कुरुक्षेत्र की जनता अब खोखले आश्वासनों, बैठकों के फोटो-शूट और कागज़ी विकास से थक चुकी है। > **सीधा सवाल:** यदि 'सीएम सिटी' में सड़कों की यह दुर्गति है, गांवों में बीमारियां तैर रही हैं, ट्रैफिक बेकाबू है और जिम्मेदार नेता केवल अपनी कुर्सियां बचा रहे हैं — तो क्या प्रशासन स्वीकार करता है कि उनका ज़मीर मर चुका है? > शासन और प्रशासन को इस पत्र को चेतावनी मानकर तुरंत धरातल पर उतरना होगा। पिपली से थर्ड गेट, इस्माइलाबाद मार्ग, गांवों की सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था पर जब तक ठोस और पारदर्शी कार्रवाई नहीं होती, तब तक जनता की यह आवाज़ शांत नहीं होगी!
- सड़कों का 'कागज़ी' निर्माण और ज़मीनी गड्ढे **कुरुक्षेत्र से इस्माइलाबाद मार्ग:** #SaveKurukshetra #CMCityKurukshetra #KurukshetraGroundReport #FixKurukshetraRoads #VoiceOfKurukshetra #HaryanaAdminExposed #JanAwaaz #KurukshetraToIsmailabad #PipliToThirdGate #HaryanaCivicIssues #SystemicFailure #JournalismForChange * #BadRoadsHaryana #RoadSafetyHaryana #PWDDepartmentHaryana #KurukshetraTraffic #RoadInfrastructure * #SwachhHaryana #RuralSanitation #CleanVillages #HealthCrisisHaryana #DirtyPonds * #CMOHaryana #DCOfficeKurukshetra #HaryanaGovernment #AccountabilityInGovernance #PublicGrievances #Government #AdministrationOffice #CMOHaryana *(मुख्यमंत्री कार्यालय, हरियाणा)* #DC #NitinGadkariJi #PMOIndia India News 9Live Kurukshetra जनता की आवाज सच दिखाने बताने और पूछने का जज्बा रखते हैं हम साथ तो दीजिए आप जनता की आवाज प्रशासन से गुहार सच सबके सामने सबके लिए बताना तो बनता है # कुरुक्षेत्र 'सीएम सिटी': विकास का ढोल या बदहाली का शोर? ### ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्ट, जन-आक्रोश और शासन-प्रशासन से सीधे तीखे सवाल > *"ज़मीर वहां जागता है जहां ज़मीर हो... हमारा ज़मीर मर चुका है, आत्मा सो गई है! यह समाज नहीं, नीलाम घर है... बोली लग रही है, ईमान बिक रहे हैं!"* > वीडियो में गूंजता यह संवाद केवल किसी फिल्म की पटकथा नहीं, बल्कि आज **'सीएम सिटी' कुरुक्षेत्र** की जमीनी हकीकत का कड़वा सच बन चुका है। जिस धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र की पहचान पवित्रता और न्याय से थी, आज वहां की जनता प्रशासनिक अनदेखी, भ्रष्टाचार और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी के बीच अपने हक के लिए गिड़गिड़ाने को मजबूर है। प्रेस बयानों, सोशल मीडिया के आक्रोश और ग्राउंड ज़ीरो की पड़ताल के बाद यह स्पष्ट है कि कागज़ों पर तैरता 'विकास' ज़मीन पर आकर गड्ढों और गंदगी में तब्दील हो जाता है। ## 1. सड़कों का 'कागज़ी' निर्माण और ज़मीनी गड्ढे शहर और आसपास के मुख्य मार्गों की स्थिति देखकर यह सवाल उठना लाजमी है कि पीडब्ल्यूडी (PWD) और स्थानीय प्रशासन की फाइलें किसके इशारे पर बंद होती हैं? ### **कुरुक्षेत्र से इस्माइलाबाद मार्ग:** * **डबल लेन का इंतज़ार कब खत्म होगा?** यह व्यस्त मार्ग आज तक 'डबल लाइन' क्यों नहीं बनाया गया? किस बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है प्रशासन? * **20 साल का हिसाब दो:** पिछले 20 वर्षों में इस सड़क की मुरम्मत के नाम पर कितनी बार बजट पास हुआ और कागज़ों में कितनी बार काम पूरा दिखाया गया? लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आज यह सड़क खस्ताहाल क्यों है? ### **पिपली से थर्ड गेट मार्ग:** * **20 साल से बदहाल क्यों?** कुरुक्षेत्र के इस सबसे मुख्य और महत्वपूर्ण रास्ते को पिछले 20 सालों से पूरी तरह फुटपाथ और स्ट्रीट लाइटों के अभाव में क्यों रखा गया है? * **आडंबर और छलावा:** बार-बार सड़क का टूटना, स्ट्रीट लाइटों का बंद रहना और फिर मरम्मत का नाटक रचना — यह 'आडंबर' कब बंद होगा? * **कागज़ों में अमलीजामा:** कागज़ों में इस सड़क का जीर्णोद्धार कितनी बार पूरा दिखाया गया? क्यों आज तक फुटपाथ बनाकर तरीके से इस सड़क का स्थायी निर्माण नहीं किया गया? ## 2. सीएम सिटी में ट्रैफिक का दम घोंटती लचर व्यवस्था 'सीएम सिटी' का तमगा लगे होने के बावजूद कुरुक्षेत्र शहर के भीतर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। * **अव्यवस्था का बोलबाला:** मुख्य चौराहों से लेकर बाज़ारों तक बिना किसी योजना के गाड़ियां रेंगती हैं। न सही पार्किंग व्यवस्था है और न ही ट्रैफिक पुलिस का कोई पुख्ता प्रबंधन। * **जनता की दुर्दशा:** हर रोज नौकरीपेशा, स्कूली बच्चे और व्यापारी घंटों जाम में फंसते हैं। आखिर कुरुक्षेत्र की इस लचर ट्रैफिक व्यवस्था का जवाब प्रशासन जनता को कब देगा? ## 3. 20 किमी का दायरा: चमकते शहर के पीछे सिसकते गांव कुरुक्षेत्र शहर के 20 किलोमीटर के चारों तरफ के दायरे में आने वाले ग्रामीण इलाकों की हालत देखकर किसी का भी दिल दहल जाएगा। ``` [ सीएम सिटी का ग्रामीण दायरा: 20 KM ] │ ├── 1. गांव के प्रवेश द्वार (Entrances) पर गोबरों और गंदगी के पहाड़ ├── 2. गंदे पानी से लबालब भरे और सड़ते जोहड़ (तालाब) └── 3. दूषित पर्यावरण के कारण पनपतीं लाइलाज बीमारियां ``` * **प्रदूषित गांव और बीमारियां:** गांवों के प्रवेश द्वार पर ही गोबर के ढेर लगे हैं। जोहड़ (तालाब) गंदगी से उफन रहे हैं, जिससे गांव-गांव में मक्खी-मच्छर और लाइलाज बीमारियां पैर पसार रही हैं। * **प्रशासन का मौन:** क्या ग्रामीण क्षेत्र के लोग इंसान नहीं हैं? 'सीएम सिटी' के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले इन ग्रामीणों की इस दयनीय स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के पास क्या जवाब है? ## 4. कुर्सी पर कब्ज़ा और विकास शून्य: राजनीतिक नेतृत्व पर सवाल कुरुक्षेत्र की इस दयनीय स्थिति का सबसे बड़ा कारण वह राजनीतिक व्यवस्था है जहां जनता के मुद्दों से ज्यादा कुर्सी का मोह हावी है। * **दो चेहरों का दबदबा:** पिछले कई सालों से 'सीएम सिटी' में चेयरमैन पद या अन्य उच्च पदों व मंत्रालयों पर केवल दो ही लोगों का लगातार होल्ड (कब्ज़ा) बना हुआ है। * **पद का क्या फायदा?** जब सालों से वही दो चेहरे सत्ता और पावर के केंद्र में बैठे हैं, तो फिर आज तक कुरुक्षेत्र की स्थिति इतनी बदहाल क्यों है? अगर वे अपने मंत्री पद और पावर का पूर्ण लाभ कुरुक्षेत्र की जनता को नहीं दे पा रहे, तो बार-बार उन पदों पर बैठने का औचित्य क्या है? * **राजनीतिक सरपरस्ती:** ऐसी कौन सी मजबूरियां हैं कि अलग-अलग राजनीतिक पार्टियां बार-बार उन्हें ही इन उच्च पदों पर बिठा देती हैं? कुरुक्षेत्र के विकास की बलि देकर इन लोगों को साधने की राजनीति कब बंद होगी? ## जनता की अंतिम गुहार: सोए हुए शासन-प्रशासन को चेतावनी एक पत्रकार की कलम केवल खबरें नहीं लिखती, वह पीड़ित जनता के आंसुओं का हिसाब मांगती है। कुरुक्षेत्र की जनता अब खोखले आश्वासनों, बैठकों के फोटो-शूट और कागज़ी विकास से थक चुकी है। > **सीधा सवाल:** यदि 'सीएम सिटी' में सड़कों की यह दुर्गति है, गांवों में बीमारियां तैर रही हैं, ट्रैफिक बेकाबू है और जिम्मेदार नेता केवल अपनी कुर्सियां बचा रहे हैं — तो क्या प्रशासन स्वीकार करता है कि उनका ज़मीर मर चुका है? > शासन और प्रशासन को इस पत्र को चेतावनी मानकर तुरंत धरातल पर उतरना होगा। पिपली से थर्ड गेट, इस्माइलाबाद मार्ग, गांवों की सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था पर जब तक ठोस और पारदर्शी कार्रवाई नहीं होती, तब तक जनता की यह आवाज़ शांत नहीं होगी!1
- गुरु पूर्णिमा पर जग ज्योति दरबार बिजडपुर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, महंत राजेंद्र पुरी महाराज ने दिया गुरु महिमा व गौ सेवा का संदेश गुरु पूर्णिमा पर जग ज्योति दरबार बिजडपुर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, महंत राजेंद्र पुरी महाराज ने दिया गुरु महिमा व गौ सेवा का संदेश1
- हरियाणा के गब्बर मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस, राहुल ,प्रियंका के बारे में दिया बड़ा बयान, कहा आग में तेल डालने का काम करते हैं कांग्रेस के नेता। बीजेपी सांसद और फिल्म अभिनेत्रीकंगना रनौत के युवाओं के बारे में दिए गए बयान पर दी गई नसीहत।देखिए क्या बोल गए? हरियाणा के गब्बर मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस, राहुल ,प्रियंका के बारे में दिया बड़ा बयान, कहा आग में तेल डालने का काम करते हैं कांग्रेस के नेता। बीजेपी सांसद और फिल्म अभिनेत्रीकंगना रनौत के युवाओं के बारे में दिए गए बयान पर दी गई नसीहत।देखिए क्या बोल गए?1
- प्रेस नोट जगाधरी कुबेर रियल्टी ग्रुप कार्यालय में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण ढुल एवं आईएएस एकांश ढुल का भव्य स्वागत जगाधरी। आज कुबेर रियल्टी ग्रुप के पार्टनर राजीव सेठी के कार्यालय में हरियाणा भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता श्री कृष्ण ढुल एवं उनके सुपुत्र श्री एकांश ढुल (आईएएस), ऑल इंडिया रैंक–3 का आगमन हुआ। इस अवसर पर उनके सम्मान में एक आत्मीय एवं गरिमामय स्वागत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पवन उप्पल, डॉ. सचिन गर्ग, साहिल उप्पल, माधव जी, मनजीत शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष, HCCDA), अनुज शर्मा जी, पूर्व प्रधान बार एसोसिएशन एडवोकेट दिनेश चौहान, राजू मक्कड़, नरेश ढींगरा, जगबीर सिंह, मरीना वॉक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी अतिथियों ने श्री कृष्ण ढुल एवं श्री एकांश ढुल का पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया। कुबेर रियल्टी ग्रुप के पार्टनर राजीव सेठी तथा सेल्स मैनेजर कुमारी श्रीजा काम्बोज ने दोनों अतिथियों को स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान सभी उपस्थितजनों ने आईएएस श्री एकांश ढुल को यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक–3 प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। समारोह का वातावरण सम्मान, उत्साह और गौरव से परिपूर्ण रहा। यमुना संदेश न्यूज़ डिजिटल मीडिया मुख्य संपादक सत्यम नागपाल जगाधरी कुबेर रियल्टी ग्रुप कार्यालय में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण ढुल एवं आईएएस एकांश ढुल का भव्य स्वागत जगाधरी। आज कुबेर रियल्टी ग्रुप के पार्टनर राजीव सेठी के कार्यालय में हरियाणा भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता श्री कृष्ण ढुल एवं उनके सुपुत्र श्री एकांश ढुल (आईएएस), ऑल इंडिया रैंक–3 का आगमन हुआ। इस अवसर पर उनके सम्मान में एक आत्मीय एवं गरिमामय स्वागत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पवन उप्पल, डॉ. सचिन गर्ग, साहिल उप्पल, माधव जी, मनजीत शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष, HCCDA), अनुज शर्मा जी, पूर्व प्रधान बार एसोसिएशन एडवोकेट दिनेश चौहान, राजू मक्कड़, नरेश ढींगरा, जगबीर सिंह, मरीना वॉक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी अतिथियों ने श्री कृष्ण ढुल एवं श्री एकांश ढुल का पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया। कुबेर रियल्टी ग्रुप के पार्टनर राजीव सेठी तथा सेल्स मैनेजर कुमारी श्रीजा काम्बोज ने दोनों अतिथियों को स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान सभी उपस्थितजनों ने आईएएस श्री एकांश ढुल को यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक–3 प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। समारोह का वातावरण सम्मान, उत्साह और गौरव से परिपूर्ण रहा।1
- 📌 "डॉक्टर साहब कहाँ हैं?" – अंबाला सिविल अस्पताल में नाइट ड्यूटी पर बवाल! देखिए कैसे इमरजेंसी मरीज को इलाज के लिए भटकना पड़ा। ✍️ आपका क्या कहना है इस पर? कमेंट्स में बताएं! #AmbalaCivilHospital #ViralReel #HospitalReality #Haryana1
- 11 साल बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से मिली क्लीन चिट, 2024 में कह चुके हैं दुनिया को अलविदा 11 साल बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से मिली क्लीन चिट, 2024 में कह चुके हैं दुनिया को अलविदा1
- अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रानाउत के बयान पर महिला आयोग की वाइस चेयरपर्सन मीना परमार का बड़ा बयान। देखिए क्या बोल गई करनाल में। अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रानाउत के बयान पर महिला आयोग की वाइस चेयरपर्सन मीना परमार का बड़ा बयान। देखिए क्या बोल गई करनाल में।1
- सांसद आवास के पास 10 दिन में दूसरी चोरी, CCTV में कैद हुआ नकाबपोश सांसद आवास के पास 10 दिन में दूसरी चोरी, CCTV में कैद हुआ नकाबपोश सहारनपुर। थाना कुतुबशेर क्षेत्र के अमन विहार में सांसद इमरान मसूद के आवास के निकट एक निर्माणाधीन मकान से 10 दिन के भीतर दूसरी बार भूमिगत बिजली वायरिंग चोरी कर ली गई। नकाबपोश चोर की पूरी करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। पीड़ित एम. सुल्तान ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपी की गिरफ्तारी और क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।1