सतना जिले के नागोद स्थित गंगवरिया से उभरी रोड पर पिडहा टोला के पास रेल पुल संख्या 42 के निकट भारी जलभराव का खतरा मंडरा रहा है, जिससे बरसात का पानी घरों में घुसने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, हर साल यहां समुद्र जैसा पानी भर जाता है, और आगामी बरसात में भी पानी के मकानों के अंदर घुसने का पूरा अनुमान है। इस समस्या का मुख्य कारण बारिश के पानी की निकासी के लिए उचित रास्ते का न होना बताया गया है, और आरोप है कि रेलवे विभाग ने जल निकासी हेतु नाला बनाने पर कोई विचार नहीं किया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, एसडीएम (SDM) महोदय से पुरजोर अनुरोध किया गया है कि वे रेलवे विभाग से समन्वय स्थापित कर बारिश के पानी की निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था करें। यह मांग की गई है कि बरसात शुरू होने से पहले ही इस जल निकासी मार्ग का निर्माण कराया जाए ताकि लोगों को इस परेशानी से बचाया जा सके।
सतना जिले के नागोद स्थित गंगवरिया से उभरी रोड पर पिडहा टोला के पास रेल पुल संख्या 42 के निकट भारी जलभराव का खतरा मंडरा रहा है, जिससे बरसात का पानी घरों में घुसने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, हर साल यहां समुद्र जैसा पानी भर जाता है, और आगामी बरसात में भी पानी के मकानों के अंदर घुसने का पूरा अनुमान है। इस समस्या का मुख्य कारण बारिश के पानी की निकासी के लिए उचित रास्ते का न होना बताया गया है, और आरोप है कि रेलवे विभाग ने जल निकासी हेतु नाला बनाने पर कोई विचार नहीं किया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, एसडीएम (SDM) महोदय से पुरजोर अनुरोध किया गया है कि वे रेलवे विभाग से समन्वय स्थापित कर बारिश के पानी की निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था करें। यह मांग की गई है कि बरसात शुरू होने से पहले ही इस जल निकासी मार्ग का निर्माण कराया जाए ताकि लोगों को इस परेशानी से बचाया जा सके।
- Post by Sandeep Saket2
- मैहर कलेक्टर श्रीमती विदिशा मुखर्जी से एक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। मांगकर्ताओं ने जोर दिया है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के साथ-साथ इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।1
- मादा गांव में आज तक पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जिससे ग्रामीण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। गांव के निवासियों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से निवेदन किया है कि इन बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जाए। यह अपील ग्राम पंचायत सेमरा के मादा गांव, बैहर क्षेत्र से संबंधित है, जहाँ ग्रामीण लंबे समय से इन समस्याओं से जूझ रहे हैं।1
- मुकुंदपुर के युवाओं ने 12 साल के लंबे इंतजार के बाद, जब जिला प्रशासन मैहर कागजों में ही उलझा रहा, तो जन सहयोग और अपने अटूट हौसले से गाँव में खेल का मैदान बनाने की जिम्मेदारी खुद उठा ली है। नौतपा की भीषण गर्मी और तपती धूप में भी, जब लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं, मुकुंदपुर के युवा मैदान को समतल करने के लिए पसीना बहा रहे हैं। यह पहल किसी विरोध के लिए नहीं, बल्कि अपने हक और गाँव की खेल प्रतिभाओं को एक मंच देने के लिए की जा रही है। युवाओं और खिलाड़ियों ने शासन-प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों से एक भावुक अपील की है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से मुकुंदपुर के खिलाड़ियों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस खेल मैदान के लिए आधिकारिक रूप से जगह और स्वीकृति प्रदान करने की विनम्र प्रार्थना की है। युवाओं का मानना है कि यदि ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सही सम्मान और मैदान मिल जाए, तो वे देश का नाम रोशन कर सकते हैं। पूरी मुकुंदपुर युवा टीम और क्षेत्र के खिलाड़ी इस सहयोग के लिए जीवन भर आभारी रहने की बात कह रहे हैं, साथ ही यह चीत्कार भी कर रहे हैं कि "कोई तो सुने मुकुंदपुर के युवाओं की चीत्कार।"1
- अमरपाटन के ग्राम खरमसेड़ा में आंगनवाड़ी की शासकीय जमीन पर अतिक्रमण का एक नया मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि गाँव के ही रामाधार कुशवाहा और उनके पुत्रों द्वारा रविवार अवकाश का लाभ उठाते हुए, कल देर रात से आंगनवाड़ी की दीवार से जोड़कर अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस शासकीय भूमि पर पहले भी अतिक्रमण कर कब्जा करने और निर्माण कराए जाने पर तहसीलदार द्वारा रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद, अब दोबारा शासकीय आंगनवाड़ी की जमीन पर कब्जा कर अवैध निर्माण कार्य जारी है, जो पूर्व के आदेश की अवहेलना प्रतीत होता है।1
- मैहर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई इन दिनों सरकारी संवेदनशीलता की कमी का अनोखा नमूना पेश कर रही है। जहां एक ओर अधिकारी वर्ग वातानुकूलित कमरों में आराम से आवेदन सुन रहा है, वहीं जिलेभर से पहुंचे बुजुर्ग, महिलाएं और ग्रामीण भीषण गर्मी में कार्यालय के बाहर पसीना बहाने को मजबूर हैं। करीब 43-44 डिग्री सेल्सियस के तापमान में आवेदक लंबी कतारों में पंखों की हवा को भी तरस रहे हैं, न्याय से पहले उन्हें धूप की परीक्षा देनी पड़ रही है। स्थिति इतनी बदतर है कि इंतजार कर रहे आवेदक पानी पीने के लिए भी नहीं जा सकते। हालांकि ठंडे पानी की व्यवस्था तो दिखती है, लेकिन वहां गिलास गायब हैं, जिसके चलते लोग मजबूरन कटे हुए पानी के डिब्बों का इस्तेमाल सरकारी गिलास के तौर पर कर रहे हैं। बताया गया है कि इंडियन बैंक ने वाटर कूलर दान किया है, लेकिन गिलास और पंखे अभी भी प्रशासनिक फाइलों में मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। इस असंवेदनशील स्थिति को देखते हुए, नगर के व्यापारी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधियों से अपील की जा रही है कि वे कलेक्टर कार्यालय के लिए कुछ पंखे, कूलर और गिलास दान करें। इसका उद्देश्य यह है कि जनता कम से कम बेहोश हुए बिना अपनी शिकायतें दर्ज करा सके। लोग तंज कस रहे हैं कि मैहर में जनसुनवाई का अर्थ शायद यही है कि 'जनता गर्मी सहे और सिस्टम ठंडक में शासन चलाए'।3
- सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के कंदवा गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस विवाद में दोनों तरफ से तलवार, चाकू और डंडे चले, जिसके परिणामस्वरूप आधा दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। इस घटना का एक वीडियो भी मंगलवार दोपहर से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। रामपुर बघेलान थाना पुलिस ने एक पक्ष की शिकायत के आधार पर फौजी सहित पाँच लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। पहले पक्ष के राजकिशोर तिवारी ने बताया कि उनके परिवार का पंकज तिवारी, मुनेंद्र तिवारी, दिनेश तिवारी और अभिषेक तिवारी के साथ लंबे समय से भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। 25 मई की शाम करीब 6 बजे, जब उनकी माता तुलसी देवी दरवाजे पर बैठी थीं, तभी कथित आरोपी पक्ष के लोग गाली-गलौज करते हुए घर में घुस आए। आरोप है कि एक व्यक्ति तलवार लेकर और अन्य डंडे व चाकू जैसे हथियारों से लैस होकर पहुंचे और परिवार के सदस्य नमन तिवारी को जान से मारने का प्रयास किया। विरोध करने पर शिकायतकर्ता, उनकी माता और अन्य परिजनों के साथ भी मारपीट की गई। शोर सुनकर बीच-बचाव के लिए आए परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस शिकायत पर पुलिस ने फौजी पंकज तिवारी, मनीष तिवारी, मुनेंद्र तिवारी, दिनेश और अभिषेक तिवारी पर मामला दर्ज किया है। वहीं, दूसरे पक्ष यानी फौजी पंकज तिवारी ने भी रामपुर बघेलान थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि छुट्टी पर घर आए फौजी पंकज तिवारी पर हमला किया गया है, जिसमें राजकिशोर तिवारी, अभय तिवारी, अंशु तिवारी, नमो तिवारी और धीरू तिवारी को आरोपी बनाया गया है। इस घटना में फौजी घायल हो गया, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल व्याप्त है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है, साथ ही आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।1
- इंडिगो के एक पायलट ने भारत-पाकिस्तान सीमा का एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में भारत-पाकिस्तान सीमा सुनहरी रोशनी से जगमगाती हुई दिखाई दे रही है।1
- सतना के टिकुरिया टोला स्थित गली नम्बर 1 में एक ई-रिक्शा नाले में जा गिरा। इस घटना की विस्तृत जानकारी प्रतीक्षा में है।1