जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में NCORD समिति की बैठक सम्पन्न हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभागवार समीक्षा करना था। इस बैठक में एसएसपी श्वेता चौबे, सीओ टिहरी चंद्र मोहन, एआरटीओ सतेंद्र राज, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि, तथा पुलिस विभाग से संगीता और धर्मेंद्र रौतेला सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने, साथ ही अभियुक्तों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों और संभावित हॉटस्पॉट स्थानों को चिह्नित कर नियमित जांच और प्रवर्तन कार्रवाई चलाने के आदेश भी दिए। इसके अतिरिक्त, युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूल, कॉलेज एवं ग्राम स्तर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर बल दिया गया। बैठक में नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली और उपचाराधीन व्यक्तियों की स्थिति की भी गहन समीक्षा की गई। नितिका खण्डेलवाल ने पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा और औषधि विभागों को आपसी समन्वय के साथ सूचनाएं साझा करते हुए संयुक्त अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने अवैध रूप से प्रयुक्त होने वाली प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर विशेष निगरानी रखने का आदेश दिया। जनपद को नशामुक्त बनाने हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नशा मुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुँचाने, संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने, सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए, ताकि नशे के तस्करों पर प्रभावी शिकंजा कसा जा सके और टिहरी को नशामुक्त बनाया जा सके।
जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में NCORD समिति की बैठक सम्पन्न हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभागवार समीक्षा करना था। इस बैठक में एसएसपी श्वेता चौबे, सीओ टिहरी चंद्र मोहन, एआरटीओ सतेंद्र राज, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि, तथा पुलिस विभाग से संगीता और धर्मेंद्र रौतेला सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने, साथ ही अभियुक्तों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों और संभावित हॉटस्पॉट स्थानों को चिह्नित कर नियमित जांच और प्रवर्तन कार्रवाई चलाने के आदेश भी दिए। इसके अतिरिक्त, युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूल, कॉलेज एवं ग्राम स्तर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर बल दिया गया। बैठक में नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली और उपचाराधीन व्यक्तियों की स्थिति की भी गहन समीक्षा की गई। नितिका खण्डेलवाल ने पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा और औषधि विभागों को आपसी समन्वय के साथ सूचनाएं साझा करते हुए संयुक्त अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने अवैध रूप से प्रयुक्त होने वाली प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर विशेष निगरानी रखने का आदेश दिया। जनपद को नशामुक्त बनाने हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नशा मुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुँचाने, संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने, सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए, ताकि नशे के तस्करों पर प्रभावी शिकंजा कसा जा सके और टिहरी को नशामुक्त बनाया जा सके।
- भिलंग मोटरमार्ग पर पयांकोटी जब्लाधार तोक में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कथित लापरवाही के कारण ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि सड़क का सही निर्माण न होने और पानी की निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर पानी जमा हो जाता है। यह जमा हुआ पानी ग्राम पंचायत की जमीन और आसपास के घरों को लगातार नुकसान पहुँचा रहा है। समस्या के संबंध में PWD को सूचना दिए जाने के बावजूद, घनसाली के मुख्य अधिकारी ने कथित तौर पर ‘दादागिरी’ दिखाते हुए कहा कि वे सिर्फ सड़क निर्माण ही करेंगे। पयांकोटी के ग्राम प्रधान प्रवेश प्रसाद घिल्डियाल ने बताया कि जब वे PWD अधिकारियों से मिलने गए, तो उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। ग्रामीण अब यह सवाल उठा रहे हैं कि PWD की इस लापरवाही से हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा और इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।1
- सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में, एक अज्ञात व्यक्ति ने मुसलमानों के बारे में कथित तौर पर बुरा बोलने वाले एक शख्स को कड़ी चेतावनी दी है। गुस्से में बोलते हुए, धमकी देने वाले व्यक्ति ने आरोपी को 'मुसलमान के नाम पर कलंक' करार दिया और धमकी दी कि अगर वह सामने होता तो उसे 'कुत्ता बनाकर दौड़ा-दौड़ाकर भगाया' जाता। वीडियो को सोशल मीडिया पर 'ज्यादा से ज्यादा फैलाने' की अपील भी की गई है।1
- हाजीपुर के बिदुपुर थाना क्षेत्र में 46 वर्षीय अमन कुमार को उनकी पत्नी गुंजन कुमारी से कथित तौर पर गहरा आघात पहुँचा है। अमन कुमार की पत्नी ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC TRE-2) की परीक्षा उत्तीर्ण कर सरकारी शिक्षिका का पद प्राप्त किया, लेकिन नौकरी मिलते ही उन्होंने अपने पति से अलग रहने का निर्णय लेते हुए उनसे सभी संबंध तोड़ लिए। रिपोर्ट के अनुसार, अमन कुमार ने अपनी पत्नी को पढ़ाने और सरकारी शिक्षिका बनाने के लिए दिन-रात मजदूरी की और यहाँ तक कि अपनी जमीन तक बेच दी थी। इसके बावजूद, अब गुंजन कुमारी अपने पूर्व प्रेमी से मिल रही हैं और वर्तमान में उसके साथ एक अलग किराए के कमरे में रह रही हैं।1
- Post by Ranjeet Kumar1
- देहरादून के रायपुर हाथीखाना चौक पर सड़क खोदे जाने के बाद अभी तक उसकी मरम्मत नहीं की गई है। मूल जानकारी के अनुसार, 'सिविल लाइन वालों' द्वारा खोदी गई इस सड़क के कारण लोगों को प्रतिदिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से इस सड़क को जल्द से जल्द बनाने का आग्रह किया है, ताकि उनकी दैनिक समस्याओं का समाधान हो सके।1
- एक अत्यंत दर्दनाक और भयानक वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर दर्शक ने कभी ऐसी क्रूरता न देखने का दावा किया है। इस वीडियो में जितेंद्र पाठक नामक एक व्यक्ति को एक मासूम बच्चे को बेहद बुरी तरह पीटते हुए दिखाया गया है। घटना की भयावहता इतनी अधिक है कि वीडियो देखने वाले व्यक्ति ने जितेंद्र पाठक को इंसान मानने से साफ इनकार कर दिया है, यह कहते हुए कि कोई भी इंसान इतनी क्रूरता से एक बच्चे को नहीं मार सकता।1
- चम्पावत के ऐतिहासिक श्री रीठा साहिब गुरुद्वारा में आयोजित जोड़ मेले के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया, जहाँ लगातार बारिश के कारण लदिया और रतिया नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने से 50 से अधिक श्रद्धालु उफनती नदी के बीच फंस गए थे। मौके पर पहले से तैनात एसडीआरएफ टीम ने उप निरीक्षक दीपक सामंत के नेतृत्व में तुरंत मोर्चा संभालते हुए, तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। इस बचाव अभियान में नदी क्षेत्र में फंसे वाहनों को भी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से स्थिति को सफलतापूर्वक नियंत्रित की गई और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने टीम की सतर्कता और अग्रिम तैनाती की सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं कारणों से समय रहते प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकी। प्रशासन ने लगातार बारिश की स्थिति को देखते हुए लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।1