राज्य सरकार के आदेशानुसार सुमन गुर्जर ने सोमवार को उनियारा उपखंड कार्यालय में उपखंड अधिकारी (एसडीएम) के रूप में पदभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत कर शुभकामनाएं दीं। पदभार ग्रहण करने के पश्चात सुमन गुर्जर ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की बात कही। नवनियुक्त एसडीएम ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए और कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान देने की बात कही। सुमन गुर्जर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य कर आमजन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का भी आह्वान किया। कार्यभार ग्रहण के अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। क्षेत्रवासियों ने नए एसडीएम से विकास कार्यों में गति आने तथा जनसमस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई है।
राज्य सरकार के आदेशानुसार सुमन गुर्जर ने सोमवार को उनियारा उपखंड कार्यालय में उपखंड अधिकारी (एसडीएम) के रूप में पदभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत कर शुभकामनाएं दीं। पदभार ग्रहण करने के पश्चात सुमन गुर्जर ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की बात कही। नवनियुक्त एसडीएम ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए और कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान देने की बात कही। सुमन गुर्जर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य कर आमजन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का भी आह्वान किया। कार्यभार ग्रहण के अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। क्षेत्रवासियों ने नए एसडीएम से विकास कार्यों में गति आने तथा जनसमस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई है।
- राजस्थान के ककोड क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब भगवान के घर भी सुरक्षित नहीं रहे। बीती देर रात चोरों ने प्रसिद्ध ककोड पलसे बालाजी मंदिर को अपना निशाना बनाते हुए वहाँ रखा भारी-भरकम दानपात्र चुरा लिया और फरार हो गए। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, क्योंकि पिछले एक साल से क्षेत्र में लगातार चोरियां हो रही हैं और उनका संयम अब जवाब दे रहा है। यह कोई पहली घटना नहीं है; ककोड और आसपास के इलाकों में पिछले एक साल में एक दर्जन से ज्यादा चोरियां हो चुकी हैं, जिनमें पुलिस एक भी मामले का खुलासा करने में नाकाम रही है। इससे पहले चोर देवनारायण मंदिर से तांबे का कलश, तेजाजी मंदिर से पीतल का घंटा, तांबे का कलश और पीतल के बर्तन चुरा चुके हैं। वैद्यनाथ धाम और बरड के बालाजी स्थान पर भी चोरों ने हाथ साफ कर पुलिस को खुली चुनौती दी थी। क्षेत्र में बढ़ते अपराधों की सबसे बड़ी वजह ककोड पुलिस चौकी का स्टाफ विहीन होना है। यह चौकी वर्तमान में केवल एक हेड कांस्टेबल और एक सिपाही के भरोसे चल रही है, जिसमें भी हेड कांस्टेबल सप्ताह में तीन दिन बनेठा थाने पर रहते हैं, जिससे अधिकांश समय चौकी पर ताला लगा रहता है। सूत्रों के मुताबिक, अपराधियों का खौफ इस कदर है कि पुलिस अधीक्षक द्वारा यहाँ लगाए गए कार्मिक भी ज्वाइन करने से कतरा रहे हैं। बताया गया है कि यहाँ ट्रांसफर किए गए एक एएसआई (ASI) ने तो डर के मारे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए प्रार्थना पत्र तक दे दिया है। पुलिसकर्मियों के इस डर के पीछे एक बड़ी वजह यह भी है कि करीब एक माह पूर्व ककोड चौकी क्षेत्र में अकेले गश्त कर रहे एक पुलिसकर्मी को शिकारियों ने बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था, जिसके बाद से सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। लगातार हो रही चोरियों और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता से ग्रामवासियों में गहरा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि जब 'खाकी ही सुरक्षित नहीं है' और पुलिसकर्मी यहां आने से डर रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे है। ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ककोड चौकी में पर्याप्त स्टाफ तैनात नहीं किया गया और इन चोरियों का खुलासा नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- जयपुर में नई ट्रेनों का शुभारंभ किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप रेल विकास को नई रफ्तार मिली है। यह कदम क्षेत्र में रेलवे के विकास को बढ़ावा देने वाला बताया जा रहा है।1
- सवाई माधोपुर जिले के सारसोप गांव स्थित ऐतिहासिक किले पर विराजमान मां चामुंडा माता का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर अपनी दिव्यता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए यहां पहुंचते हैं। विशेष अवसरों, नवरात्रों और अन्य धार्मिक आयोजनों पर तो दूर-दूर से भक्तगण मां के दरबार में शीश नवाने आते हैं। मंदिर परिसर से आसपास का मनमोहक दृश्य भी दिखाई देता है, जो भक्तों और पर्यटकों को समान रूप से आकर्षित करता है। ग्रामीणों की प्रबल मान्यता है कि मां चामुंडा के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं, जिससे यहां का आध्यात्मिक वातावरण सदैव जीवंत बना रहता है। जय माता रानी।1
- राजस्थान के टोंक-सवाई माधोपुर बनास नदी बॉर्डर पर बजरी परिवहन व्यवस्था ठप हो गई है, जिससे इसरदा-सोलापुर और बनेठा क्षेत्र में बजरी ढुलाई रुक गई है। आरोप है कि रवन्ना (ई-परमिट) और रॉयल्टी होने के बावजूद वाहनों को रोका गया है। इस कारण दर्जनों वाहन कई घंटों से नदी क्षेत्र में खड़े हैं, जहां उन्हें न तो आगे जाने की अनुमति मिल रही है और न ही वापस लौटने का रास्ता है। इस स्थिति के चलते वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, विशेषकर खाने-पीने की व्यवस्था न होने के कारण वे अत्यधिक परेशान हैं। यह विवाद स्थानीय विरोध और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच फँसे वाहनों के कारण उत्पन्न हुआ है। वाहन चालकों ने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है, साथ ही यह सवाल भी उठाया है कि वैध परिवहन को क्यों रोका जा रहा है। बनास नदी में फँसे इन दर्जनों बजरी वाहनों के चालकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।1
- सवाई माधोपुर में मानटाउन थाना पुलिस ने पिछले एक वर्ष से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेी के निर्देशन और थानाधिकारी सुनील कुमार के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के तहत, करौली जिले के सपोटरा थाना क्षेत्र के बूकना गांव निवासी हैमराज पुत्र रामस्वरूप को गिरफ्तार किया गया। आरोपी हैमराज चोरी के एक प्रकरण में न्यायालय से जारी स्थायी वारंट के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने उसे दस्तयाब कर गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल भक्तवत्सल, कांस्टेबल दीपक और कांस्टेबल भरत की विशेष भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई को फरार आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।1
- चौथ का बरवाड़ा के ग्राम समुद्रपुरा में धार्मिक आस्था और श्रद्धा के अनूठे माहौल के बीच बजरंग बली मंदिर की विधिवत नींव रखी गई, जिससे ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ मंदिर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। पंडित चिरंजी लाल शर्मा डिडायच ने शुभ मुहूर्त में नींव रखी, विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाई और भगवान बजरंग बली का स्मरण करते हुए मंदिर निर्माण की सफलता तथा गांव की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में गांव की महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर आयोजन की शोभा बढ़ाई, जबकि ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण को गांव के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल बताया। उपस्थित लोगों का मानना था कि मंदिर बनने से गांव में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लंबे समय से गांव में बजरंग बली मंदिर निर्माण की मांग की जा रही थी, जिसकी नींव रखे जाने के बाद लोगों में काफी उत्साह है। मंदिर निर्माण में गांव के सभी वर्गों का सहयोग मिल रहा है, और कई लोगों ने तन, मन और धन से योगदान देने का संकल्प लिया है। पंडित चिरंजी लाल शर्मा डिडायच ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक स्थल समाज को एकता, सद्भाव और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान हनुमान शक्ति, भक्ति और सेवा के प्रतीक हैं, और उनके मंदिर के निर्माण से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। कार्यक्रम के अंत में, सभी श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंग बली के जयकारे लगाए और मंदिर निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण होने की कामना की। आयोजन के दौरान प्रसाद वितरण भी किया गया, जिसमें सभी ग्रामीणों ने भाग लिया। इस पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और श्रद्धा का विशेष वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद यह स्थान क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में शामिल होगा और यहां नियमित रूप से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।1
- जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार, सवाई माधोपुर जिले में बिजली सुधार के लिए शुरू किया गया लगभग 200 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट अटक गया है। यह स्थिति RDSS (रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) प्रोजेक्ट की विफलता के कारण पैदा हुई है।1
- राजस्थान के बारां में स्थित रामगढ़ माता मंदिर में अखंड ज्योति और अद्भुत आस्था का संगम देखने को मिल रहा है। यह मंदिर भक्तों के लिए एक विशेष महत्व रखता है, जहाँ निरंतर जलने वाली ज्योति के साथ श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का मिलन होता है।1