धौलपुर जिले के सरमथुरा क्षेत्र में खनन कार्य बंद होने के कारण हज़ारों मज़दूरों और उनके परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसी को लेकर सरमथुरा के मज़दूरों और ग्रामीणजनों ने संभागीय आयुक्त, भरतपुर संभाग को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें खनन कार्य को जल्द से जल्द दोबारा शुरू करवाने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि सरमथुरा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खनन पर निर्भर है। यहां हज़ारों मज़दूर, वाहन चालक, मशीन ऑपरेटर, और छोटे ठेकेदार अपने परिवारों सहित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इसी व्यवसाय से जुड़े हैं। खनन बंद होने से क्षेत्र में व्यापक बेरोजगारी और गहरा आर्थिक संकट पैदा हो गया है। गरीब मज़दूर परिवार अब रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, कई परिवार कर्ज और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सरमथुरा क्षेत्र की जनता और मज़दूर वर्ग का स्पष्ट मत है कि नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए खनन कार्य को तत्काल प्रभाव से दोबारा शुरू किया जाना चाहिए। इससे हजारों परिवारों की जीवनयापन सुचारु रूप से चल सकेगा और उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिलेगी। ज्ञापन में संभागीय आयुक्त से जनहित और क्षेत्रहित को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को खनन कार्य पुनः शुरू करने के निर्देश जारी करने का विनम्र अनुरोध किया गया है। यह ज्ञापन भरत सिंह, राम सिंह मीणा, हरि सिंह मीणा, कल्याण सिंह, किशन, पप्पू, राजेश, प्रेम सिंह, लालाराम, टीकाराम और हंसराम सहित सरमथुरा क्षेत्र के विभिन्न मज़दूरों और ग्रामीणजनों द्वारा 25 मई 2026 को दिया गया था।
धौलपुर जिले के सरमथुरा क्षेत्र में खनन कार्य बंद होने के कारण हज़ारों मज़दूरों और उनके परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसी को लेकर सरमथुरा के मज़दूरों और ग्रामीणजनों ने संभागीय आयुक्त, भरतपुर संभाग को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें खनन कार्य को जल्द से जल्द दोबारा शुरू करवाने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि सरमथुरा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खनन पर निर्भर है। यहां हज़ारों मज़दूर, वाहन चालक, मशीन ऑपरेटर, और छोटे ठेकेदार अपने परिवारों सहित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इसी व्यवसाय से जुड़े हैं। खनन बंद होने से क्षेत्र में व्यापक बेरोजगारी और गहरा आर्थिक संकट पैदा हो गया है। गरीब मज़दूर परिवार अब रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, कई परिवार कर्ज और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सरमथुरा क्षेत्र की जनता और मज़दूर वर्ग का स्पष्ट मत है कि नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए खनन कार्य को तत्काल प्रभाव से दोबारा शुरू किया जाना चाहिए। इससे हजारों परिवारों की जीवनयापन सुचारु रूप से चल सकेगा और उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिलेगी। ज्ञापन में संभागीय आयुक्त से जनहित और क्षेत्रहित को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को खनन कार्य पुनः शुरू करने के निर्देश जारी करने का विनम्र अनुरोध किया गया है। यह ज्ञापन भरत सिंह, राम सिंह मीणा, हरि सिंह मीणा, कल्याण सिंह, किशन, पप्पू, राजेश, प्रेम सिंह, लालाराम, टीकाराम और हंसराम सहित सरमथुरा क्षेत्र के विभिन्न मज़दूरों और ग्रामीणजनों द्वारा 25 मई 2026 को दिया गया था।
- धौलपुर जिले के सरमथुरा कस्बे में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिनों-दिन बंदरों की संख्या बढ़ने से यह समस्या और गंभीर होती जा रही है। नगर पालिका प्रशासन ने बंदरों को पकड़ने के लिए ठेका भी दिया हुआ है, लेकिन लोगों ने आरोप लगाया है कि बंदर पकड़ने के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। नगर पालिका क्षेत्र में बंदरों की बढ़ती संख्या के कारण उनका आतंक लगातार जारी है।1
- एक व्यापारी को 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने को लेकर जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी रंगदारी की मांग से संबंधित है।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित जटावार गाँव में नलियाँ बंद पड़ी हैं। यह समस्या जिले के जटावार गाँव में सामने आई है।1
- शहर के कन्हैया रिसोर्ट में बाड़ी भारत विकास परिषद शाखा बाड़ी का कार्यशाला एवं दायित्व ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान परिषद के सदस्यों ने शपथ ली। यह समारोह नवनियुक्त अध्यक्ष मनोज शिवहरे की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।2
- मुरैना के पहाड़गढ़ जनपद क्षेत्र से सरकारी राशन वितरण में कथित धांधली का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक राशन दुकान संचालित डीलर पर 'हिटलरशाही' का आरोप है। जनपद की ग्राम पंचायत बिश्नोई के आश्रित गाँव 'मुरली का पूरा' से राशन डीलर की मनमानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालाँकि, हम इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करते कि यह कब का है या किसके द्वारा बनाया गया है। वायरल वीडियो के अनुसार, राशन डीलर पात्रताधारी ग्रामीणों से राशन देने के नाम पर मशीन में उनका अंगूठा लगवा लेता है और पर्ची भी काट देता है। इसके बाद ग्रामीणों को यह आश्वासन दिया जाता है कि उन्हें राशन के बदले पैसे दिए जाएंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि अंगूठा लगवाने के बाद डीलर द्वारा न तो राशन दिया जाता है और न ही पैसे। हद तो तब हो जाती है जब महीना पूरा होने पर उन पर्चियों को निरस्त (कैंसिल) कर दिया जाता है, जिसके कारण ग्रामीणों को उनके हक के राशन से वंचित होना पड़ रहा है। इस धोखाधड़ी को लेकर 'मुरली का पूरा' गांव के निवासियों में भारी रोष व्याप्त है। परेशान और आक्रोशित ग्रामीणों ने वायरल वीडियो के माध्यम से शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे मामले की गहन जांच करने और क्षेत्र की राशन वितरण व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि आरोपी राशन डीलर के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।1
- मुरैना जिले के जौरा विकासखंड की ग्राम पंचायत थरा गंभीर जलभराव की समस्या से त्रस्त है, जहाँ जल निकासी की व्यवस्था न होने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए मुरैना कलेक्टर, जनपद पंचायत सीईओ और प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना तक गुहार लगाई है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले ही गाँव में गंदा पानी जमा है, जिससे आम रास्ते, किसानों की निजी भूमि और रिहायशी क्षेत्र भर गए हैं। बरसात के दौरान स्थिति और भयावह होने की आशंका है, जहाँ जलभराव का पानी घरों तक पहुँचने से जहरीले जीव-जंतु और साँप आने का खतरा है। गंदगी के कारण संक्रामक और जानलेवा बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीण माधव सिंह रावत ने बताया कि जल निकासी के अभाव में रास्तों पर कीचड़ और पानी भरा रहने से आए दिन दुर्घटनाएँ होती हैं, और अब तक 8 से 10 लोग बाइक फिसलने से घायल हो चुके हैं, जिनमें से कई के पैर में फ्रैक्चर भी हुए हैं। किसान विशंभर सिंह रावत ने बताया कि उनकी निजी कृषि भूमि में लगातार पानी भरे रहने से फसल उत्पादन नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण उदय सिंह रावत ने चेतावनी दी कि जलभराव के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है, और यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो बरसात के दिनों में ग्रामीणों को गाँव छोड़ने पर मजबूर होना पड़ सकता है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि गंदे पानी के कारण कई घरों के बोरवेल और पेयजल स्रोत भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे भूजल में गंदा पानी मिलने और पीने के पानी की समस्या के साथ लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। ग्राम पंचायत थरा के सरपंच रसाल सिंह रावत ने भी इस बात की पुष्टि की कि पंचायत और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से कलेक्टर, जनपद पंचायत सीईओ और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना को लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि स्थायी जल निकासी व्यवस्था के अभाव में यह समस्या लगातार विकराल रूप ले रही है। अब ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि बरसात शुरू होने से पहले गाँव में स्थायी नाला निर्माण और अन्य आवश्यक जल निकासी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ, ताकि इस गंभीर समस्या से लोगों को तत्काल राहत मिल सके।1
- करौली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का 134वां एपिसोड सुना। इसी दौरान, पेट्रोल बचाने के उद्देश्य से चलाई जा रही एक मुहिम रंग लाई, जिसके तहत महिलाओं ने साइकिल चलाकर लोगों को ईंधन संरक्षण का संदेश दिया।4
- धौलपुर जिले के सरमथुरा उपखंड क्षेत्र से होकर गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 बी पर बरौली गाँव में, सरकारी विद्यालय के पास सड़क धंस गई है। यह धंसी हुई सड़क लगातार हादसों को खुला निमंत्रण दे रही है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों और हाईवे प्रबंधन से सड़क की तत्काल मरम्मत कराए जाने की मांग की है।1