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पूर्व सैनिक चंदू इस समय चर्चा का विषय क्यों बने हुए हैं, यह प्रश्न उठाया जा रहा है। इसके साथ ही, यह भी जानने की जिज्ञासा है कि सेना ने उनके संबंध में कोई बड़ा कदम या कार्रवाई की है या नहीं।
North India bulletin
पूर्व सैनिक चंदू इस समय चर्चा का विषय क्यों बने हुए हैं, यह प्रश्न उठाया जा रहा है। इसके साथ ही, यह भी जानने की जिज्ञासा है कि सेना ने उनके संबंध में कोई बड़ा कदम या कार्रवाई की है या नहीं।
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- पूर्व सैनिक चंदू इस समय चर्चा का विषय क्यों बने हुए हैं, यह प्रश्न उठाया जा रहा है। इसके साथ ही, यह भी जानने की जिज्ञासा है कि सेना ने उनके संबंध में कोई बड़ा कदम या कार्रवाई की है या नहीं।1
- मतदान प्रक्रिया के दौरान सरकारी संपत्ति पर चुनाव प्रचार का एक मामला सामने आया है। इस मामले के उजागर होने के बाद, उपायुक्त राहुल कुमार ने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं।1
- हाल ही में संपन्न हुए चुनावों के बाद घनडालवी की नवनिर्वाचित प्रधान ने अपनी जीत के उपरांत एक बयान जारी किया है।1
- सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है जिसके तहत अब रेस्टोरेंट, बार और दुकानें 24 घंटे तक खुले रह सकती हैं। यह निर्णय इन प्रतिष्ठानों को दिनभर संचालित होने की अनुमति देगा।1
- नालागढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, करसोली पंचायत में एक परिवार को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है, जहाँ उनके आने-जाने के लिए कोई रास्ता तक नहीं है। परिवार एक तरफ खेत और दूसरी तरफ नाले से घिरा हुआ है। डीके न्यूज़ नालागढ़ ने सवाल उठाया है कि आखिर इस परिवार का क्या कसूर है और करसोली पंचायत ने आज तक इन्हें क्यों अनदेखा किया, जबकि चुनाव के समय ही इस परिवार को याद किया जाता है।1
- कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के ककराना गांव में एक दर्दनाक अग्निकांड में एक दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान और नकद राशि जलकर राख हो गई, जिससे पीड़ित परिवार को लगभग तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मंगलवार को जंगली आग ने अचानक विकराल रूप ले लिया और उसकी चपेट में दुकान आ गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज लपटों के कारण अधिक नुकसान हो गया। घटना के बाद बुधवार सुबह कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और आर्थिक सहायता भी प्रदान की। विधायक ने उन्हें भविष्य में भी हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया और संबंधित अधिकारियों से प्रभावित परिवार को उचित राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन से आग से हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रक्रिया जल्द पूरी करने का भी आग्रह किया। विधायक विवेक शर्मा ने इस घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज और प्रशासन परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने अपने संकल्प 'मेरा कुटलैहड़, मेरा परिवार' को दोहराते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता उनके परिवार की तरह है और उनके दुख-सुख में साथ खड़ा रहना उनका कर्तव्य है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आपदा की इस घड़ी में पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। पीड़ित परिवार ने विधायक विवेक शर्मा का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके घर पहुंचना और सहायता देना उनके लिए बड़ी राहत और हिम्मत देने वाला कदम है। इस दौरान स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और ग्रामीण भी मौजूद रहे, जिन्होंने विधायक के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं और संकट में सहायता के लिए आगे आते हैं। विधायक ने लोगों से जंगलों में आग लगने की घटनाओं को लेकर सतर्क रहने और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग देने की अपील भी की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।1
- बिलासपुर जिले के झंडूता विकास खंड के अंतर्गत पड़ने वाली ग्राम पंचायत बड़गांव में हुए पंचायत चुनाव के परिणाम मंगलवार को घोषित किए गए। इन चुनावों में मंगल सिंह ठाकुर बड़गांव ग्राम पंचायत के प्रधान पद पर निर्वाचित हुए हैं।1
- हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कसौली के जंगलों में लगी भीषण आग पर 40 घंटे बाद भी पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। यह आग लगभग 15 किलोमीटर के क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुकी है। मॉल रोड एरिया के आसपास तो फायर को नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन नाहरी के जंगल में आग अभी भी भड़की हुई है। सेना का हेलीकॉप्टर मंगलवार शाम से ही आग बुझाने के काम में जुटा हुआ है, जिसने अब तक सुखना लेक से 50 से अधिक बार पानी लेकर आग पर डाला है। सेना के जवान और कई दमकल वाहन भी आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। मनोण गांव के जंगल से मंगलवार दोपहर बाद भड़की इस आग ने सैकड़ों बीघा क्षेत्र में फैले जंगल को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे करोड़ों रुपए की वन संपदा जलकर खाक हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना और वायुसेना ने मोर्चा संभाला। देर रात बुधवार को भी सेना के जवान, कैंटोनमेंट बोर्ड के फायरमैन और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी रहीं। जवानों ने पूरी रात दुर्गम पहाड़ियों और जंगलों में अभियान चलाकर आग को रिहायशी क्षेत्रों तक फैलने से रोकने का महत्वपूर्ण प्रयास किया। आग कसौली क्लब और सीआरआई क्षेत्र के काफी नजदीक तक पहुंच गई थी, जहाँ सेना के जवानों ने बड़े नुकसान को टाल दिया। स्थानीय लोगों ने स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर संदीप मदान सहित सेना के जवानों और वायुसेना की टीम का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सेना ने कार्रवाई नहीं की होती, तो कसौली में भारी तबाही मच सकती थी। जंगलों में लगी आग के कारण पूरे क्षेत्र में धुएं का घना गुबार छाया हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से जंगलों में आग संबंधी किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की अपील की है। हालाँकि, आग मनोण के जंगल से फैली, पर इसकी शुरुआत कैसे हुई, यह अब तक पता नहीं चल पाया है। चीड़ के जंगल आग की दृष्टि से अति संवेदनशील माने जाते हैं, जिसके कारण क्षेत्र में अक्सर ऐसी घटनाएं होती रहती हैं और थोड़ी सी भी मानवीय चूक से भारी नुकसान झेलना पड़ता है।2