*मासूम की पिटाई पर सियासत का साया? एफआईआर की जगह ‘समझौते’ का दबाव* *मासूम की पिटाई पर सियासत का साया? एफआईआर की जगह ‘समझौते’ का दबाव* पहली कक्षा के बच्चे को डंडों से पीटा, शरीर पर उधड़ी खाल… इंसाफ के लिए भटक रहा परिवार शिक्षा का मंदिर कही जाने वाली सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पहली कक्षा के एक मासूम बच्चे के साथ हुई क्रूरता ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। आरोप है कि बच्चे ने कक्षा में एक सवाल पूछ लिया, जिस पर नाराज़ होकर शिक्षिका ने उसे डंडे से इतनी बेरहमी से पीटा कि उसके शरीर की खाल तक उधड़ गई। 📍छुट्टी के बाद जब बच्चा घर आया तो परिजनों ने उसके शरीर पर पड़े गहरे जख्म देखे, तो परिवार की आंखों से आंसू निकल पड़े। परिजन तुरंत बच्चे को उपचार के लिए नांगल चौधरी के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। ♦️ परिजनों ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस को दी और शिकायत की पावती रसीद भी प्राप्त की। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। 💥 सूत्रों के अनुसार मामले में राजनीतिक दबाव की चर्चा भी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस पर लगातार दबाव बन रहा है, जिसके चलते एफआईआर दर्ज करने की बजाय मामले को समझौते की ओर मोड़ने की कोशिश की जा रही है। ➡️ परिजनों का आरोप है कि कथित रूप से एक प्रभावशाली भाजपा नेता से जुड़े कुछ लोग लगातार शिकायतकर्ता पर राजीनामा करने का दबाव बना रहे हैं। 📍उधर यह घटना कल से सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। मामले से जुड़ी जानकारी और तस्वीरें जिला उपायुक्त, जिला पुलिस अधीक्षक और जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर (DCPO) तक व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी जा चुकी हैं। इसके बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। ⛑️ क्षेत्र में चर्चा है कि क्या एक गरीब परिवार के बच्चे के साथ हुई इतनी बड़ी क्रूरता भी राजनीतिक प्रभाव के आगे दब जाएगी? क्या कानून का दरवाजा हर किसी के लिए बराबर नहीं होना चाहिए? ✳️ पीड़ित परिवार ने अब सीधे जिला पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप कर तुरंत एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। ⭕️ अब पूरे क्षेत्र की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कानून अपनी जिम्मेदारी निभाएगा या फिर मासूम की चीखें सत्ता और प्रभाव के दबाव में दब कर रह जाएंगी। ❗️यह मामला अब प्रशासन और पुलिस के लिए भी एक बड़ी परीक्षा बन चुका है।
*मासूम की पिटाई पर सियासत का साया? एफआईआर की जगह ‘समझौते’ का दबाव* *मासूम की पिटाई पर सियासत का साया? एफआईआर की जगह ‘समझौते’ का दबाव* पहली कक्षा के बच्चे को डंडों से पीटा, शरीर पर उधड़ी खाल… इंसाफ के लिए भटक रहा परिवार शिक्षा का मंदिर कही जाने वाली सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पहली कक्षा के एक मासूम बच्चे के साथ हुई क्रूरता ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। आरोप है कि बच्चे ने कक्षा में एक सवाल पूछ लिया, जिस पर नाराज़ होकर शिक्षिका ने उसे डंडे से इतनी बेरहमी से पीटा कि उसके शरीर की खाल तक उधड़ गई। 📍छुट्टी के बाद जब बच्चा घर आया तो परिजनों ने उसके शरीर पर पड़े गहरे जख्म देखे, तो परिवार की आंखों से आंसू निकल पड़े। परिजन तुरंत बच्चे को उपचार के लिए नांगल चौधरी के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। ♦️ परिजनों ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस को दी और शिकायत की पावती रसीद भी प्राप्त की। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। 💥 सूत्रों के अनुसार मामले में राजनीतिक दबाव की चर्चा भी सामने आ रही है। बताया जा रहा
है कि पुलिस पर लगातार दबाव बन रहा है, जिसके चलते एफआईआर दर्ज करने की बजाय मामले को समझौते की ओर मोड़ने की कोशिश की जा रही है। ➡️ परिजनों का आरोप है कि कथित रूप से एक प्रभावशाली भाजपा नेता से जुड़े कुछ लोग लगातार शिकायतकर्ता पर राजीनामा करने का दबाव बना रहे हैं। 📍उधर यह घटना कल से सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। मामले से जुड़ी जानकारी और तस्वीरें जिला उपायुक्त, जिला पुलिस अधीक्षक और जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर (DCPO) तक व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी जा चुकी हैं। इसके बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। ⛑️ क्षेत्र में चर्चा है कि क्या एक गरीब परिवार के बच्चे के साथ हुई इतनी बड़ी क्रूरता भी राजनीतिक प्रभाव के आगे दब जाएगी? क्या कानून का दरवाजा हर किसी के लिए बराबर नहीं होना चाहिए? ✳️ पीड़ित परिवार ने अब सीधे जिला पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप कर तुरंत एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। ⭕️ अब पूरे क्षेत्र की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कानून अपनी जिम्मेदारी निभाएगा या फिर मासूम की चीखें सत्ता और प्रभाव के दबाव में दब कर रह जाएंगी। ❗️यह मामला अब प्रशासन और पुलिस के लिए भी एक बड़ी परीक्षा बन चुका है।
- भिवानी की बेटी मनीषा को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर पीड़ित परिवार को समर्थन देने भिवानी पहुँचे युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला1
- Post by Om Parkash1
- जनगणना एक दर्पण की तरह है जो हमें बताती है कि हम आज कहां खड़े हैं और हमें कल कहां पहुंचना है। इसके बिना विकास की कोई भी योजना अंधेरे में तीर चलाने जैसी होगी। ऐसे में देश के इस सबसे महत्वपूर्ण कार्य को सभी अधिकारी पूरी स्टीकता के साथ करें। यह निर्देश नगराधीश डॉ मंगलसेन ने आज लघु सचिवालय में जनगणना को लेकर हुई अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में दिए। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए जनगणना के नियमों की जानकारी दी गई। बैठक के दौरान उन्होंने बताया कि आगामी जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न की जाएगी, जिसमें पहले चरण के तहत मकानों की सूची तैयार करने और आवास गणना का कार्य अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच संभावित है। दूसरे चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक मुख्य जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य की सफलता के लिए प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले में इस कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगभग 2100 प्रगणक (इन्युमरेटर) और करीब 350 पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) तैनात किए जाएंगे, जो करीब 700 से 800 की जनसंख्या वाले प्रत्येक गणना ब्लॉक में डेटा एकत्र करेंगे। अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार जनगणना की पद्धति में आधुनिक बदलाव किए गए हैं और पूरी प्रक्रिया डिजिटल टूल्स तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से संचालित की जाएगी। उन्होंने बताया कि जनगणना का डेटा ग्रामीण स्तर पर गांव वार और शहरी स्तर पर वार्ड वार प्रकाशित किया जाएगा, जिसमें सभी पंचायतों, ढाणियों और मजरा क्षेत्रों को संबंधित राजस्व गांवों में ही शामिल किया जाएगा ताकि डेटा की सटीकता बनी रहे। उन्होंने बताया कि प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को दोनों चरणों के सफल समापन के बाद कुल 25,000 रुपये का मानदेय दिया जाएगा जो सीधे उनके खातों में हस्तांतरित होगा। उन्होंने डेटा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सख्त हिदायत दी ताकि जिला महेंद्रगढ़ में जनगणना का यह कार्य पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ समय सीमा के भीतर संपन्न हो सके।1
- महेंद्रगढ़ के अभिषेक शर्मा ने जेजेपी युवा प्रदेश संगठन सचिव बनने पर दिग्विजय सिंह चौटाला का जताया आभार1
- हरियाणा कांग्रेस नेत्री बोली पार्टी नेताओं को करोडो रूपये दिए। पैसे लेकर भी टिकट पद नहीं मिला1
- भिवानी: हरियाणा के मनीषा मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर निकाला जा रहा 'पैदल मार्च' आज भिवानी पहुंचा। इस यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाएं शामिल हुईं। हाथों में तख्तियां और मनीषा की तस्वीरें लिए प्रदर्शनकारी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। मुख्य बिंदु: न्याय की गुहार: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रही है और मुख्य आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। पैदल यात्रा का उद्देश्य: यह यात्रा विभिन्न गांवों और कस्बों से होते हुए लोगों को जागरूक करने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए निकाली जा रही है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना है। प्रशासन को चेतावनी: प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। पैदल यात्रा के दौरान लोगों ने "मनीषा को न्याय दो" और "दोषियों को फांसी दो" के नारे लगाए। स्थानीय समर्थन: भिवानी पहुंचने पर स्थानीय निवासियों ने भी इस यात्रा का जोरदार स्वागत किया और अपनी एकजुटता प्रकट की। बाजार क्षेत्रों से गुजरते समय भारी भीड़ देखी गई, जिससे यातायात पर भी असर पड़ा। मनीषा के परिवार वालों का कहना है कि वे तब तक हार नहीं मानेंगे जब तक उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिल जाता। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई नया आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इस पैदल यात्रा ने शासन के गलियारों में हलचल जरूर पैदा कर दी है।1
- नीमराना कस्बे के श्रीराम प्लाजा स्थित नगर कांग्रेस कार्यालय में मंगलवार को देश की प्रथम शिक्षिका एवं महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की 129वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन नगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट वेदप्रकाश सैनी के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सावित्रीबाई फुले के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने उनके जीवन और समाज में शिक्षा के प्रसार के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों को याद करते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में महिलाओं और वंचित वर्गों को शिक्षा से जोड़ने का साहसिक कार्य किया, जब समाज में अनेक प्रकार की कुरीतियां व्याप्त थीं। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन संघर्ष, समर्पण और सेवा की मिसाल है। उनके प्रयासों से ही देश में महिलाओं की शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ। आज समाज को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर शिक्षा और समानता के लिए आगे बढ़ने की जरूरत है। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर प्रवक्ता नगर कांग्रेस एवं जिला महासचिव राजीव गांधी पंचायती राज जिला कोटपूतली बहरोड राजकुमार सिलारपुर,नगर उपाध्यक्ष महावीर प्रसाद चर्खिया,नगर उपाध्यक्ष संजय कुमार यादव,एडवोकेट मनजीत सामदिया,सुरेंद्र सैनी, राहुल सैनी, एडवोकेट देवेंद्र दोसोदिया ,मीडिया प्रभारी प्रशांत शर्मा, प्रवीण कुमार यादव, नेमीचंद, रामजस झगड़ोलिया,संदीप उमरावगढ़, नरोत्तम यादव,कमल,रिंकू,अर्जुन ,दीपक,नरेंद्र आदि उपस्थित रहे2
- सोनीपत के गांव मदीना में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शादी में दिया किसान की बेटी को आशीर्वादगांव मदीना (सोनीपत) में किसान की बेटी की शादी में आशीर्वाद देने पहुंचे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी। उनके साथ हरियाणा से उनके सबसे करीबी और भरोसेमंद नेताओं में माने जाने वाले सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी मौजूद रहे। 2023 चुनाव से पहले जिन किसानों के साथ खेतों में काम किया था, उसी परिवार की बेटी की शादी में आज शामिल हुए।1