मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के एक गांव के निवासियों ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष व्यक्त किया है, आरोप लगाया है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद उनके पिछड़े गांव में कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि न तो सरकार, न ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, पंचायत सदस्य या वार्ड पंच उनकी समस्याओं पर ध्यान दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लगातार धोखे होते जा रहे हैं। गांव में सड़क निर्माण, पुलिया (मोरनी) निर्माण और घाटी के कार्यों जैसे महत्वपूर्ण परियोजनाएँ रुकी हुई हैं, जिसके कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से, बारिश के मौसम में गांव का पूरा रास्ता आवागमन के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। इस गंभीर उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब एक कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि यदि उनके मुद्दों का समाधान नहीं होता है, तो उनके गांव को सभी सरकारी सूचियों से हटा दिया जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे आदिवासी हैं और उन्हें आदिवासियों की तरह ही रहने दिया जाए, तथा वे भविष्य में न तो विधानसभा, न लोकसभा, न पंचायत और न ही जनपद का कोई चुनाव लड़ना चाहते हैं, और न ही इस गांव में किसी को वोट देंगे।
मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के एक गांव के निवासियों ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष व्यक्त किया है, आरोप लगाया है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद उनके पिछड़े गांव में कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि न तो सरकार, न ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, पंचायत सदस्य या वार्ड पंच उनकी समस्याओं पर ध्यान दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लगातार धोखे होते जा रहे हैं। गांव में सड़क निर्माण, पुलिया (मोरनी) निर्माण और घाटी के कार्यों जैसे महत्वपूर्ण परियोजनाएँ रुकी हुई हैं, जिसके कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से, बारिश के मौसम में गांव का पूरा रास्ता आवागमन के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। इस गंभीर उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब एक कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि यदि उनके मुद्दों का समाधान नहीं होता है, तो उनके गांव को सभी सरकारी सूचियों से हटा दिया जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे आदिवासी हैं और उन्हें आदिवासियों की तरह ही रहने दिया जाए, तथा वे भविष्य में न तो विधानसभा, न लोकसभा, न पंचायत और न ही जनपद का कोई चुनाव लड़ना चाहते हैं, और न ही इस गांव में किसी को वोट देंगे।
- मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के एक गांव के निवासियों ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष व्यक्त किया है, आरोप लगाया है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद उनके पिछड़े गांव में कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि न तो सरकार, न ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, पंचायत सदस्य या वार्ड पंच उनकी समस्याओं पर ध्यान दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लगातार धोखे होते जा रहे हैं। गांव में सड़क निर्माण, पुलिया (मोरनी) निर्माण और घाटी के कार्यों जैसे महत्वपूर्ण परियोजनाएँ रुकी हुई हैं, जिसके कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से, बारिश के मौसम में गांव का पूरा रास्ता आवागमन के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। इस गंभीर उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब एक कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि यदि उनके मुद्दों का समाधान नहीं होता है, तो उनके गांव को सभी सरकारी सूचियों से हटा दिया जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे आदिवासी हैं और उन्हें आदिवासियों की तरह ही रहने दिया जाए, तथा वे भविष्य में न तो विधानसभा, न लोकसभा, न पंचायत और न ही जनपद का कोई चुनाव लड़ना चाहते हैं, और न ही इस गांव में किसी को वोट देंगे।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत काकनवानी में 16 और 17 जून को बाबा रामदेव की प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन किया जाएगा। यह दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान सनातनी भक्तों की एक बैठक के बाद तय किया गया, जो तैयारियों को लेकर काकनवानी में आयोजित की गई थी। काकनवानी महाराज रूपचंद मुणीया ने जानकारी दी कि इस पवित्र आयोजन की शुरुआत 16 जून, मंगलवार को हेमाद्री स्नान, शुद्धीकरण, मंडप प्रवेश और स्थापित देवता पूजन के साथ होगी। वहीं, 17 जून, बुधवार को सुबह 10 बजे एक विशाल गंगाजल कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसी दिन यज्ञ-हवन, मूर्ति स्थापना, पूर्णाहुति और धर्मसभा का भी आयोजन किया जाएगा, जिसके उपरांत महाप्रसादी भंडारे का आयोजन होगा। इस धार्मिक कार्यक्रम में पूज्य संत डॉ. दलसुखदास (रणुजा धाम संजेली, गुजरात), रामस्वरूप महाराज (केंद्रीय विश्व हिंदू परिषद सह मंत्री, भारत माता मंदिर बांसवाड़ा), पूज्य रघुवरदास महाराज (गौ रक्षक तलवाड़ा) और धन्ना महाराज (गायत्री परिवार गुजरात) का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। इस अनुष्ठान की तैयारियों से संबंधित बैठक में कल्लू महाराज, नरसिंग गीरी, पुजारी बासडीया, तोलाराम डामोर, चरणगीरी, देव गीरी, बहादुर सिंह, हरीस चंद, खुमचंद, मोहनभाई, सोवन महाराज और नरेंद्र निनामा सहित अन्य सनातनी साधु-संत भी उपस्थित थे।2
- कुशलगढ़ के पास स्थित प्रसिद्ध पीपल खुटा हनुमान तीर्थ पर राजकोट से पधारे पंडित रामानुजाचार्य महाराज द्वारा आयोजित नौ दिवसीय हनुमान चरित कथा का आज भक्तिमय वातावरण में सफलतापूर्वक समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन, रविवार शाम 3 बजे, उपस्थित श्रद्धालु भगवान श्रीराम और हनुमान के भजनों तथा कथा प्रसंगों में पूरी तरह भाव-विभोर होकर नाचते-झूमते नजर आए। इस अवसर पर सभी भक्तों ने पीपल खुटा हनुमान धाम के महंत दयाराम जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। समापन के बाद महाप्रसादी का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में कुशलगढ़ नगर पालिका उपाध्यक्ष नितेश बैरागी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष लीला पड़ियार, मनीष मेड़ा, पत्रकार सुनील शर्मा, थांदला भाजपा मंडल के पूर्व अध्यक्ष रोहित बैरागी और थांदला नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष बंटी डामोर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कथा में मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान राज्यों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया।2
- Post by Bapulal Ahari1
- कानवन पुलिस ने गुजरात के खेड़ा जिले के वागजीपुर गाँव से चोरी हुए एक आयशर वाहन को जब्त कर लिया है और इस मामले में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को यह सफलता 27 मई, 2026 की रात्रि में मुखबिर से मिली सूचना के बाद हाथ लगी थी, जिसमें बताया गया था कि दो व्यक्ति चोरी का आयशर वाहन बेचने के उद्देश्य से सादलपुर की तरफ से नागदा कानवन की ओर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही, कानवन थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया के नेतृत्व में थाना कानवन की टीम मनासा फाटा, महू-नीमच फोरलेन रोड पर पहुँची। पुलिस ने आयशर वाहन को रोका, तो उसमें बैठे दोनों व्यक्तियों ने मौके से भागने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम मनीष उर्फ उमेश और रवि बताए। वाहन की जाँच करने पर उस पर प्लेट नंबर GJ 07 TU 7123 दर्ज पाया गया। आरोपियों से आयशर वाहन के वैध दस्तावेज़ और उनके ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में पूछने पर उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। उनकी बातें संदिग्ध प्रतीत होने और चोरी के वाहन की आशंका होने पर पुलिस ने आयशर वाहन के असल मालिक का पता लगाया। आरोपियों द्वारा वाहन और उसके मालिक के संबंध में भी कोई जानकारी नहीं देने पर, कानवन पुलिस ने आयशर वाहन को मौके पर जब्त कर लिया और आरोपी रवि तथा उमेश को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई थाना कानवन के सिलसिला क्रमांक 1/2026 के तहत धारा 35(1-ii), 106 बीएनएसएस और 303(2) बीएनएस के अंतर्गत की गई है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने यह आयशर वाहन गुजरात के खेड़ा जिले के अतरसुमा से चोरी किया था। कानवन पुलिस ने तत्काल गुजरात के अतरसुमा थाना को इस घटना से अवगत कराया है। पुलिस अब आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों में पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। यह पूरी कार्यवाही धार के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल वेलापुरकर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी अरविंद सिंह तोमर के निर्देशन में संपन्न हुई। गिरफ्तार आरोपियों में मनीष उर्फ उमेश (पिता लाखन ओसारी, भील, निवासी रुंणजी, थाना गौतमपुरा) और रवि (पिता कैलाश भील, 25 वर्ष, निवासी ग्राम खंडवा, थाना सागौर, जिला धार) शामिल हैं। आरोपी मनीष उर्फ उमेश का पूर्व से ही आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके विरुद्ध उज्जैन जिले के बड़नगर थाना में धारा 309(6) बीएनएस के तहत एक प्रकरण पूर्व में भी दर्ज है। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया के साथ प्रधान आरक्षक रामेन्द्र सिंह चौहान, आरक्षक नवीन राठौड़, आरक्षक भगवती चौहान, आरक्षक अजयपाल सिंह राठौर और आरक्षक संजय शिवहरे सहित कानवन टीम की अहम भूमिका रही।1
- मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ थाना क्षेत्र में 24 मई की रात दो मोटरसाइकिलों की चोरी की घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। यह वारदात थाने के ठीक नजदीक स्थित एक मकान के पास हुई, जिसमें अज्ञात बदमाशों ने पुलिसकर्मी की दो खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाया और चोरी कर फरार हो गए। इस घटना को चोरों द्वारा पुलिस को दी गई खुली चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। जोबट एसडीओपी रविंद्र सिंह राठी ने जानकारी दी कि थाना परिसर के पास बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके कारण क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई थी। चोरों ने इसी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक चोरी हुई बाइक और आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि चोरी सीधे थाने के पास हुई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की गई मोटरसाइकिलों को बरामद कर लिया जाएगा।1
- कंचन खेड़ी में हाल ही में आंधी तूफान देखा गया है। इस घटना के चलते कंचन खेड़ी का मौसम बहुत गर्म और ठंडा बना रहा।1
- रतनाली गांव में गरीब इंसानों की मदद करने का आग्रह किया गया है। स्थानीय निवासियों ने गांव में सामने आ रही घटनाओं पर तत्काल ध्यान देने और उनके स्थायी समाधान खोजने की भी मांग की है।1