सतना जिले की रामपुर बघेलान तहसील स्थित ग्राम पंचायत चोरहटा से आई महिलाओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर अपर कलेक्टर को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। महिलाओं ने बताया कि वे वर्षों से अपने मकानों में निवास कर रही हैं, लेकिन अभी तक उन्हें आवासीय पट्टा नहीं मिला है। उन्होंने जानकारी दी कि आवासीय पट्टा संबंधी कार्यवाही 2016-17 से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, रामपुर बघेलान के समक्ष विचाराधीन है और उन्होंने कलेक्टर से मामले में संज्ञान लेकर कार्यवाही पूर्ण करने की मांग की है। महिलाओं ने हल्का पटवारी सतेन्द्र पांडेय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे गरीब मजदूरों और किसानों से काम के बदले पैसों की मांग करते हैं और बिना पैसे के काम न करने के साथ उन्हें दुत्कार कर भगा देते हैं। इन हरकतों से परेशान महिलाओं ने पटवारी को वहां से हटाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने महीनों से बंद पड़ी पेंशन और प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों को शीघ्र शुरू करने का आग्रह किया है, ताकि पेंशनधारियों को भटकना न पड़े। वहीं, शाला समिति अध्यक्ष रामसजीवन ने शासकीय प्राथमिक पाठशाला निषाद कॉलोनी, चोरहटा की जर्जर स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी है और भवन की छत से पानी टपकने के कारण छात्रों के जीवन को खतरा बना हुआ है। महिलाओं और समिति अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो वे जन आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और घेराव करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
सतना जिले की रामपुर बघेलान तहसील स्थित ग्राम पंचायत चोरहटा से आई महिलाओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर अपर कलेक्टर को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। महिलाओं ने बताया कि वे वर्षों से अपने मकानों में निवास कर रही हैं, लेकिन अभी तक उन्हें आवासीय पट्टा नहीं मिला है। उन्होंने जानकारी दी कि आवासीय पट्टा संबंधी कार्यवाही 2016-17 से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, रामपुर बघेलान के समक्ष विचाराधीन है और उन्होंने कलेक्टर से मामले में संज्ञान लेकर कार्यवाही पूर्ण करने की मांग की है। महिलाओं ने हल्का पटवारी सतेन्द्र पांडेय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे गरीब मजदूरों और किसानों से काम के बदले पैसों की मांग करते हैं और बिना पैसे के काम न करने के साथ उन्हें दुत्कार कर भगा देते हैं। इन हरकतों से परेशान महिलाओं ने पटवारी को वहां से हटाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने महीनों से बंद पड़ी पेंशन और प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों को शीघ्र शुरू करने का आग्रह किया है, ताकि पेंशनधारियों को भटकना न पड़े। वहीं, शाला समिति अध्यक्ष रामसजीवन ने शासकीय प्राथमिक पाठशाला निषाद कॉलोनी, चोरहटा की जर्जर स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी है और भवन की छत से पानी टपकने के कारण छात्रों के जीवन को खतरा बना हुआ है। महिलाओं और समिति अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो वे जन आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और घेराव करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
- सुरेश साकेतरामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेशपटवारी हल्का चोरहटा सत्येंद्र पांडे को तत्काल कार्यवाही किए जाने का कष्ट करें22 min ago
- सतना शहर स्थित धीरेन्द्र गैस एजेंसी से एक ग्राहक का गैस सिलेंडर चोरी होने की घटना सामने आई है, जिसका लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। घटना के अनुसार, त्रिपाठी नाम के एक ग्राहक ने अपना सिलेंडर एजेंसी के बाहर रखा था और वे कुछ ही देर के लिए अंदर गए थे। जब वे मात्र 2 मिनट बाद बाहर लौटे, तो अज्ञात चोर वहां से सिलेंडर लेकर फरार हो चुके थे। इस घटना के बाद ग्राहकों ने एजेंसी संचालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सूत्रों और ग्राहकों का कहना है कि इतनी बड़ी गैस एजेंसी होने के बावजूद वहां सुरक्षा के लिए कोई भी चौकीदार तैनात नहीं किया गया है। ग्राहकों का दावा है कि धीरेन्द्र गैस एजेंसी में गैस चोरी की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, लेकिन संचालक इस ओर कोई ध्यान नहीं देते, जिसका खामियाजा अंततः ग्राहकों को भुगतना पड़ता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या वायरल वीडियो के बाद संचालक अपनी व्यवस्था में सुधार करते हैं या फिर सुरक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ति ही की जाएगी।1
- सतना में अवैध सट्टा कारोबार के संचालन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। भैंसाखाना इलाके में स्थित शराब ठेके के पास सट्टा पर्ची काटने का सिलसिला खुलेआम चलने की बात कही जा रही है। इलाके में अपराध का ग्राफ बढ़ने से स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है, विशेष रूप से वार्ड 11 में चोरी की बढ़ती घटनाओं को लेकर लोग आक्रोशित हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अब स्थानीय लोगों की निगाहें पूरी तरह से पुलिस की जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- सिंगरौली के एक छोटे से कलाकार ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए ढोलक की थाप से सभी को हैरान कर दिया है। अपनी इस प्रस्तुति के दौरान कलाकार ने अपनी प्रतिभा से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।1
- रीवा जिले की गुढ़ नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 6 और 8 को जोड़ने वाली मुख्य गली पहली ही मानसून बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो गई है। सड़क पर घुटनों तक गंदा पानी और कीचड़ जमा होने से यह मार्ग आवागमन के लिए बेहद खतरनाक हो गया है। इस रास्ते से प्रतिदिन गुजरने वाले स्कूली बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जिससे उनकी किताबें और ड्रेस भी खराब हो रही है। इस बदहाल स्थिति के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों का घर से बाहर निकलना पूरी तरह से दूभर हो चुका है। स्थानीय वार्डवासी बेहद आक्रोशित हैं और उनका कहना है कि अभी तो मानसून की शुरुआत मात्र है, जबकि पूरी बरसात का सीजन अभी बाकी है। जलभराव के चलते क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। नागरिकों का आरोप है कि इस समस्या से कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही मिले हैं। वार्डवासियों ने जिला कलेक्टर रीवा और मुख्य नगरपालिका अधिकारी गुढ़ से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने की पुरजोर मांग की है ताकि इस नारकीय स्थिति से जल्द से जल्द राहत मिल सके।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक विपिन कुमार यादव 26 मार्च 2026 को अपनी ससुराल गया था, जिसके बाद वह लापता हो गया। तीन महीने बाद पुलिस ने आरोपी सुनील कुशवाहा के घर के पास नाले के निकट खुदाई कर विपिन का कंकाल बरामद किया। जांच में खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी आंचल यादव और पेशे से प्राइवेट स्कूल टीचर सुनील कुशवाहा के बीच पहले से प्रेम संबंध थे। साजिश के तहत, सुनील ने विपिन के घर पहुंचकर खुद को उसका 'मुंहबोला भाई' (साला) बताया और पूरे परिवार का विश्वास जीत लिया। अगले दिन, वह विपिन को घुमाने के बहाने मोटरसाइकिल पर ले गया और सुनसान इलाके में उसे एक कुएं में धकेल दिया। इसके बाद, सुनील ने पत्थर मारकर विपिन की हत्या कर दी और रात के अंधेरे में नाले के पास 6 फीट गहरी कब्र खोदकर उसका शव दफना दिया। घटना का सबसे वीभत्स पहलू यह रहा कि विपिन और आंचल की शादी की पहली सालगिरह के दिन ही आरोपी सुनील ने कब्र खोदकर विपिन की हड्डियां निकालीं और उन्हें प्रयागराज ले जाकर गंगा नदी में विसर्जित कर दिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए कहा कि उसे इस हत्या का कोई पछतावा नहीं है। फिलहाल, गोविंदगढ़ पुलिस ने आंचल यादव और सुनील कुशवाहा को हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक साजिश की धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।1
- सतना जिले की रामपुर बघेलान तहसील स्थित ग्राम पंचायत चोरहटा से आई महिलाओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर अपर कलेक्टर को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। महिलाओं ने बताया कि वे वर्षों से अपने मकानों में निवास कर रही हैं, लेकिन अभी तक उन्हें आवासीय पट्टा नहीं मिला है। उन्होंने जानकारी दी कि आवासीय पट्टा संबंधी कार्यवाही 2016-17 से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, रामपुर बघेलान के समक्ष विचाराधीन है और उन्होंने कलेक्टर से मामले में संज्ञान लेकर कार्यवाही पूर्ण करने की मांग की है। महिलाओं ने हल्का पटवारी सतेन्द्र पांडेय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे गरीब मजदूरों और किसानों से काम के बदले पैसों की मांग करते हैं और बिना पैसे के काम न करने के साथ उन्हें दुत्कार कर भगा देते हैं। इन हरकतों से परेशान महिलाओं ने पटवारी को वहां से हटाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने महीनों से बंद पड़ी पेंशन और प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों को शीघ्र शुरू करने का आग्रह किया है, ताकि पेंशनधारियों को भटकना न पड़े। वहीं, शाला समिति अध्यक्ष रामसजीवन ने शासकीय प्राथमिक पाठशाला निषाद कॉलोनी, चोरहटा की जर्जर स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी है और भवन की छत से पानी टपकने के कारण छात्रों के जीवन को खतरा बना हुआ है। महिलाओं और समिति अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो वे जन आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और घेराव करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प का मामला सामने आया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उपचुनाव में बीजेपी की टिकट नरोत्तम मिश्रा को नहीं मिली। इस फैसले से नाराज कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया, जिसके चलते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हुई।1