मानदेय वृद्धि और स्थायीकरण की मांग को लेकर रसोइया-संयोजिकाओं का अनिश्चितकालीन हड़ताल, बीआरसी का घेराव मानदेय वृद्धि और स्थायीकरण की मांग को लेकर रसोइया-संयोजिकाओं का अनिश्चितकालीन हड़ताल, बीआरसी का घेराव चैनपुर (गुमला): सात सूत्री मांगों को लेकर झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संयोजिका अध्यक्ष संघ के आह्वान पर रसोइया-संयोजिकाओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। जानकारी देते हुए दोपहर दो बजे बताया गया कि मांगें पूरी नहीं होने के कारण प्रखंड क्षेत्र की रसोइया-संयोजिकाएं आंदोलन के लिए मजबूर हुई हैं। शुक्रवार को चैनपुर प्रखंड के थाना मैदान में जिला अध्यक्ष देवकी देवी एवं प्रखंड अध्यक्ष बासमती देवी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के पश्चात आक्रोशित महिलाओं ने थाना मैदान से प्रखंड संसाधन केंद्र तक विरोध मार्च निकाला और बीआरसी कार्यालय का घेराव करते हुए अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। आंदोलन का नेतृत्व कर रही जिला अध्यक्ष देवकी देवी ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जब तक सात सूत्री मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मात्र दो से तीन हजार रुपये के मासिक मानदेय में परिवार चलाना संभव नहीं है और यह रसोइयों के साथ अन्याय है। प्रखंड अध्यक्ष बासमती देवी ने कहा कि तीन हजार रुपये में बच्चों की पढ़ाई और परिवार का भरण-पोषण करना असंभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि हड़ताल के दौरान कई विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा बच्चों से खाना बनवाया जा रहा है, जो कि नियमों के विरुद्ध और दंडनीय है। ऐसे शिक्षकों पर तत्काल कार्रवाई की मांग भी की गई। वहीं पिछले बीस से बाईस वर्षों से सेवा दे रही रसोइया ममता देवी और लीला देवी ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त की। ममता देवी ने कहा कि हम वर्षों से बच्चों को खाना खिला रहे हैं, लेकिन आज भी सम्मानजनक मानदेय नहीं मिला। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। लीला देवी ने कहा कि वे दो हजार तीन-दो हजार चार से कार्य कर रही हैं और अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने सरकार से गरीब महिलाओं की स्थिति को देखते हुए मानदेय वृद्धि और स्थायीकरण पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। रसोइया संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि और सात सूत्री मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। साथ ही प्रशासन से अपील की गई है कि हड़ताल के दौरान स्कूलों में खाना बनवाने के लिए दबाव न बनाया जाए। #Chainpur #Gumla #Jharkhand #MidDayMeal #RasoiyaAndolan #JharkhandNews #GroundReport #LocalNews
मानदेय वृद्धि और स्थायीकरण की मांग को लेकर रसोइया-संयोजिकाओं का अनिश्चितकालीन हड़ताल, बीआरसी का घेराव मानदेय वृद्धि और स्थायीकरण की मांग को लेकर रसोइया-संयोजिकाओं का अनिश्चितकालीन हड़ताल, बीआरसी का घेराव चैनपुर (गुमला): सात सूत्री मांगों को लेकर झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संयोजिका अध्यक्ष संघ के आह्वान पर रसोइया-संयोजिकाओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। जानकारी देते हुए दोपहर दो बजे बताया गया कि मांगें पूरी नहीं होने के कारण प्रखंड क्षेत्र की रसोइया-संयोजिकाएं आंदोलन के लिए मजबूर हुई हैं। शुक्रवार को चैनपुर प्रखंड के थाना मैदान में जिला अध्यक्ष देवकी देवी एवं प्रखंड अध्यक्ष बासमती देवी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के पश्चात आक्रोशित महिलाओं ने थाना मैदान से प्रखंड संसाधन केंद्र तक विरोध मार्च निकाला और बीआरसी कार्यालय का घेराव करते हुए अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। आंदोलन का नेतृत्व
कर रही जिला अध्यक्ष देवकी देवी ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जब तक सात सूत्री मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मात्र दो से तीन हजार रुपये के मासिक मानदेय में परिवार चलाना संभव नहीं है और यह रसोइयों के साथ अन्याय है। प्रखंड अध्यक्ष बासमती देवी ने कहा कि तीन हजार रुपये में बच्चों की पढ़ाई और परिवार का भरण-पोषण करना असंभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि हड़ताल के दौरान कई विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा बच्चों से खाना बनवाया जा रहा है, जो कि नियमों के विरुद्ध और दंडनीय है। ऐसे शिक्षकों पर तत्काल कार्रवाई की मांग भी की गई। वहीं पिछले बीस से बाईस वर्षों से सेवा दे रही रसोइया ममता देवी और लीला देवी ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त की। ममता
देवी ने कहा कि हम वर्षों से बच्चों को खाना खिला रहे हैं, लेकिन आज भी सम्मानजनक मानदेय नहीं मिला। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। लीला देवी ने कहा कि वे दो हजार तीन-दो हजार चार से कार्य कर रही हैं और अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने सरकार से गरीब महिलाओं की स्थिति को देखते हुए मानदेय वृद्धि और स्थायीकरण पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। रसोइया संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि और सात सूत्री मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। साथ ही प्रशासन से अपील की गई है कि हड़ताल के दौरान स्कूलों में खाना बनवाने के लिए दबाव न बनाया जाए। #Chainpur #Gumla #Jharkhand #MidDayMeal #RasoiyaAndolan #JharkhandNews #GroundReport #LocalNews
- शुक्रवार की सुबह जिले के गोडाअम्बा में हुए भयानक बस एक्सीडेंट में अब तक 5 लोगों के मरने की खबर आ रही है। जानकारी के मुताबिक मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। इस दुर्घटना में घायल 10 से ज्यादा यात्रियों की स्थिति अभी भी गम्भीर बताई जा रही है। जिसमें से चार लोगों को अंबिकापुर रेफर किया गया है। आपको बता दें कि शुक्रवार की सुबह करडेगा पुलिस चौकी के गोडाअम्बा में करडेगा से कुनकुरी जा रही अनमोल यात्री बस अनियंत्रित होकर पहले एक निर्माणाधीन घर से टकराई उसके बाद दाईं ओर पलट गई। बस पलटते ही बस के अंदर चीख पुकार मचने लगी क्योंकि कई यात्री बस के नीचे दब गए थे। घटनास्थल पर तत्काल ड्रायवर सहित 3 लोगों की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद जेसीबी के जरिये बस के नीचे दबे यात्रियों को बाहर निकालकर पुलिस गाड़ी से अस्पताल भेजने का काम शुरू कर दिया गया। थोड़ी देर बाद सीएम कैम्प कार्यालय बगिया के निर्देश पर मौके पर 3 ऐम्बुलेंस भेजे गए और बचे हुए घायलों को उन्हीं ऐम्बुलेंस से अस्पताल लाया गया। बताया जा रहा है कि चार लोगों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिये अंबिकापुर रेफर किया गया है। अस्पताल में भर्ती घायलों से मिलने सीएम विष्णुदेव साय की पत्नी कौशल्या साय भी अस्पताल पहुँच गयी। उन्होंने कुनकुरी के निजी अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। डॉक्टरों से भी उनकी चर्चा हुई। जिले के सीएमएचओ ने बताया कि हादसे में अबतक कूल 5 लोगों की मौत हुई है। 30 लोग घायल हैं। 5 लोगों को गम्भीर हालत में अम्बिकापुर रेफर किया गया है। जिले के कुनकुरी ,दुलदुला और जिला असप्ताल में कुछ घायलों को भर्ती कराया गया है। कुछ घायल ठीक होकर घर भी चले गए हैं।1
- हर वर्ष कि तरह इस वर्ष भी जशपुर में धूम धाम से सरहुल पर्व मनाने को लेकर जोरो से तैयारी चल रही है, सरहुल पर्व को लेकर अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम में सरहुल समिति के द्वारा बैठक रखा गया था,इस बैठक में आज के मुख्य रूप से हमारे अखिल भा. व. कल्याण आश्रम राष्ट्र महामंत्री परम आदरणीय श्री योगेश बापट जी। ♦️जनजाति सुरक्षा मंच के संयोजक आदरणीय श्री गणेश राम भगत जी। ♦️राज पैलेस से जिला पंचायत उपाध्यक्ष कुमार शौर्य प्रताप सिंह जूदेव जी। ♦️युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष कुमार विजय आदित्य सिंह जुदेव जी। ♦️नगर पालिका अध्यक्ष जशपुर अरविन्द भगत जी, ♦️जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर गंगा राम भगत जी, ♦️मनिजर राम जी, ♦️जिलाध्यक्ष संगठन मंत्री एवं सरहुल सरना समिति अध्यक्ष रविद्र शेखर जी,एवं सारे जनप्रतिनिधि गण और हर गांव गांव से ग्राम प्रमुख क्षेत्र प्रमुख कार्यकर्ताओं कि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और इस श्रद्धा बैठक को हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न किया गया।1
- Post by AAM JANATA1
- सिसई प्रखंड के बसिया रोड लकेया मोड़ निवासी बाबूराम साहु, माता प्रमिला देवी की पुत्री अजंती कुमारी का बीएसएफ में चयन हुआ हैं। जानकारी होने पर छोटा नागपुरिया तेली उत्थान समाज सिसई के पदाधिकारी संग लकेया पंचायत की मुखिया सुगिया देवी, पति मोती उरांव घर पहुंच कर सम्मानित किए।1
- न्यायालय के आदेश पर सेन्हा पुलिस ने आरोपी महिला के घर चिपकाया इश्तेहार दिया सख्त निर्देश1
- सिसई / भरनो - हाथी देखने के शौक ने एक युवक की जान आफत में डाल दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथी ने युवक को कुचला नहीं, बल्कि अपने भारी-भरकम पैर से सिर्फ एक धक्का दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल का इलाज अस्पताल में जारी है।1
- बताया जा रहा है,करडेगा से कुनकुरी जा रही एक यात्री बस दुलदुला क्षेत्र के गोडाअम्बा के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई,प्राप्त जानकारी के अनुसार बस में करीब दो दर्जन से अधिक यात्री सवार थे। बस के पलटने से चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हो गए हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बस से बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल लिया जा रहा है।1
- Post by AAM JANATA1
- सिसई प्रखंड के रावण दहन मैदान में 15 मार्च दिन रविवार को "विराट हिन्दू महासम्मेलन" का आयोजन होने जा रहा है। इसी के निमित इसकी तैयारियों की समीक्षा करने हेतु शुक्रवार को रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंंदिर के सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित किया गया। बैठक में सम्मेलन को लेकर समीक्षा करते हुए इसकी तैयारी को युद्ध स्तर पर तेज करने पर जोर दिया गया।1