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राजस्थान में बीते दिनों कई महत्वपूर्ण घटनाएँ सामने आईं। उदयपुर में फतहसागर झील किनारे टूरिस्टों पर नकली सांप फेंककर प्रैंक वीडियो बनाने के आरोप में एक सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर सहित चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं गोगुंदा क्षेत्र के मजाम गांव में पानी भरने गई 46 वर्षीय एक महिला की 200 फीट गहरे कुएं में गिरने से मौत हो गई। इसके अलावा, बाघपुरा थाना पुलिस ने सरपंच पर जानलेवा हमले के मामले में कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से तलवार व लाठियां बरामद की हैं। सलूंबर में नगर परिषद के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक ठेला संचालक ने अपने केबिन का ताला तोड़कर पांच हजार रुपए गायब होने का आरोप लगाया है। डूंगरपुर के फावटा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में विधायक शंकरलाल डेचा ने ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं और अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। राजनीतिक खबरों में, कोटा में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने राहुल गांधी के दौरे को 'राजनीतिक ड्रामा' करार दिया और नीट मामले में सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का बचाव किया। अजमेर के मदार गेट चौराहे पर एक महिला होमगार्ड और एक महिला सफाईकर्मी के बीच सरेराह मारपीट का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसी बीच, राजस्थान-गुजरात सीमा पर DST ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात ले जाई जा रही अंग्रेजी शराब की 58 पेटियां जब्त की हैं, हालांकि इस दौरान तस्कर फरार हो गया। सबसे दुखद घटना बालोतरा जिले से सामने आई, जहाँ एक रोडवेज बस और एक कार की भीषण टक्कर में चार सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

4 hrs ago
user_Sagwara live news
Sagwara live news
Local News Reporter सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
4 hrs ago

राजस्थान में बीते दिनों कई महत्वपूर्ण घटनाएँ सामने आईं। उदयपुर में फतहसागर झील किनारे टूरिस्टों पर नकली सांप फेंककर प्रैंक वीडियो बनाने के आरोप में एक सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर सहित चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं गोगुंदा क्षेत्र के मजाम गांव में पानी भरने गई 46 वर्षीय एक महिला की 200 फीट गहरे कुएं में गिरने से मौत हो गई। इसके अलावा, बाघपुरा थाना पुलिस ने सरपंच पर जानलेवा हमले के मामले में कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से तलवार व लाठियां बरामद की हैं। सलूंबर में नगर परिषद के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक ठेला संचालक ने अपने केबिन का ताला तोड़कर पांच हजार रुपए गायब होने का आरोप लगाया है। डूंगरपुर के फावटा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में विधायक शंकरलाल डेचा ने ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं और अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। राजनीतिक खबरों में, कोटा में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने राहुल गांधी के दौरे को 'राजनीतिक ड्रामा' करार दिया और नीट मामले में सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का बचाव किया। अजमेर के मदार गेट चौराहे पर एक महिला होमगार्ड और एक महिला सफाईकर्मी के बीच सरेराह मारपीट का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसी बीच, राजस्थान-गुजरात सीमा पर DST ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात ले जाई जा रही अंग्रेजी शराब की 58 पेटियां जब्त की हैं, हालांकि इस दौरान तस्कर फरार हो गया। सबसे दुखद घटना बालोतरा जिले से सामने आई, जहाँ एक रोडवेज बस और एक कार की भीषण टक्कर में चार सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

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  • डूंगरपुर के गैंजी में आज एक बार फिर बड़ा हादसा टल गया, जहाँ गैंजी से रेंटा सड़क मार्ग पर एक यात्रियों से भरी बस रपटे (पुलिया) की कम ऊंचाई के कारण उफनती नदी में गिरने से बाल-बाल बची। प्रशासन की घोर लापरवाही और बजट व कागजी स्वीकृतियों के फेर में निर्दोष ग्रामीणों व यात्रियों की जान दांव पर लग गई थी। बस इस नीची पुलिया को पार करते समय अनियंत्रित हो गई और सीधे नदी में गिरने की कगार पर पहुँच गई, लेकिन गनीमत रही कि बस समय रहते रुक गई। स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुँचकर ट्रैक्टर-क्रेन की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद बस को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बड़ी जनहानि होने से बच गई। यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी इसी रपटे पर दो से तीन बार बड़े हादसे होते-होते बचे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने पूर्व में भी इस समस्या को लेकर समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित करवाई थीं, लेकिन प्रशासन "कुंभकर्णी नींद" में सोया रहा और आज तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर आकर निरीक्षण करने या पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने को लेकर कोई गंभीर कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर भी बार-बार गुहार लगाई है। हालांकि, विभाग का कहना है कि उन्होंने फाइल आगे बढ़ा दी है, लेकिन जब तक उच्च स्तर से बजट पास और स्वीकृति नहीं मिलती, वे काम शुरू नहीं कर सकते। बार-बार शिकायत करने और लगातार हो रहे हादसों के बाद भी स्थानीय प्रशासन की इस निष्क्रियता से गैंजी और आसपास के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का तीखा सवाल है कि क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई बहुत बड़ा हादसा हो जाएगा और किसी मासूम की जान चली जाएगी? उनका कहना है कि बारिश का मौसम सिर पर है और नदी का जलस्तर बढ़ते ही इस रपटे पर आवागमन पूरी तरह बाधित और जानलेवा हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र ही पुलिया का निर्माण कर हादसों को रोकने तथा पुल को ऊंचा व चौड़ा करने की मांग की है, ताकि उफनते पानी से आवागमन बाधित न हो। उन्होंने पुल निर्माण की स्वीकृति और बजट पास करने की भी मांग की है।
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    डूंगरपुर के गैंजी में आज एक बार फिर बड़ा हादसा टल गया, जहाँ गैंजी से रेंटा सड़क मार्ग पर एक यात्रियों से भरी बस रपटे (पुलिया) की कम ऊंचाई के कारण उफनती नदी में गिरने से बाल-बाल बची। प्रशासन की घोर लापरवाही और बजट व कागजी स्वीकृतियों के फेर में निर्दोष ग्रामीणों व यात्रियों की जान दांव पर लग गई थी। बस इस नीची पुलिया को पार करते समय अनियंत्रित हो गई और सीधे नदी में गिरने की कगार पर पहुँच गई, लेकिन गनीमत रही कि बस समय रहते रुक गई। स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुँचकर ट्रैक्टर-क्रेन की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद बस को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बड़ी जनहानि होने से बच गई।

यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी इसी रपटे पर दो से तीन बार बड़े हादसे होते-होते बचे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने पूर्व में भी इस समस्या को लेकर समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित करवाई थीं, लेकिन प्रशासन "कुंभकर्णी नींद" में सोया रहा और आज तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर आकर निरीक्षण करने या पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने को लेकर कोई गंभीर कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर भी बार-बार गुहार लगाई है। हालांकि, विभाग का कहना है कि उन्होंने फाइल आगे बढ़ा दी है, लेकिन जब तक उच्च स्तर से बजट पास और स्वीकृति नहीं मिलती, वे काम शुरू नहीं कर सकते।

बार-बार शिकायत करने और लगातार हो रहे हादसों के बाद भी स्थानीय प्रशासन की इस निष्क्रियता से गैंजी और आसपास के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का तीखा सवाल है कि क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई बहुत बड़ा हादसा हो जाएगा और किसी मासूम की जान चली जाएगी? उनका कहना है कि बारिश का मौसम सिर पर है और नदी का जलस्तर बढ़ते ही इस रपटे पर आवागमन पूरी तरह बाधित और जानलेवा हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र ही पुलिया का निर्माण कर हादसों को रोकने तथा पुल को ऊंचा व चौड़ा करने की मांग की है, ताकि उफनते पानी से आवागमन बाधित न हो। उन्होंने पुल निर्माण की स्वीकृति और बजट पास करने की भी मांग की है।
    user_जितेन्द्र कुमार
    जितेन्द्र कुमार
    Salesperson डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • डूँगरपुर की बाल कवयित्री किम भारतीय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर विशेष विमान 'एअर इंडिया वन' के प्रवेश द्वार पर बने अशोक स्तंभ को उसकी पूर्ण आकृति में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का अनुरोध किया है। किम, जो तेरह वर्ष की हैं और कक्षा आठवीं की छात्रा हैं, ने भारतीय डाक और ईमेल के माध्यम से यह पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा है। किम ने बताया कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के समाचार देखते समय उनका ध्यान अक्सर विशेष विमान के खुले दरवाजे पर बने राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ पर जाता है, जो उन्हें विकृत और अस्पष्ट नजर आता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री के विमान में प्रवेश करते और बाहर निकलते समय, उनकी तस्वीरों के साथ राष्ट्रीय प्रतीक की तस्वीरें समाचार पत्रों, टेलीविजन और सोशल मीडिया पर देश-दुनिया में प्रचारित होती हैं। किम ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि राष्ट्रीय प्रतीक सभी भारतीयों के लिए गौरव का विषय है और इसका पूर्ण रूप में दिखना हर नागरिक को गौरव की अनुभूति कराता है। उन्होंने भारतीय कानून का हवाला देते हुए यह अनुरोध किया है कि राजकीय प्रतीक का प्रदर्शन पूर्ण, स्पष्ट और सम्मानजनक होना चाहिए।
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    डूँगरपुर की बाल कवयित्री किम भारतीय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर विशेष विमान 'एअर इंडिया वन' के प्रवेश द्वार पर बने अशोक स्तंभ को उसकी पूर्ण आकृति में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का अनुरोध किया है। किम, जो तेरह वर्ष की हैं और कक्षा आठवीं की छात्रा हैं, ने भारतीय डाक और ईमेल के माध्यम से यह पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा है।

किम ने बताया कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के समाचार देखते समय उनका ध्यान अक्सर विशेष विमान के खुले दरवाजे पर बने राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ पर जाता है, जो उन्हें विकृत और अस्पष्ट नजर आता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री के विमान में प्रवेश करते और बाहर निकलते समय, उनकी तस्वीरों के साथ राष्ट्रीय प्रतीक की तस्वीरें समाचार पत्रों, टेलीविजन और सोशल मीडिया पर देश-दुनिया में प्रचारित होती हैं।

किम ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि राष्ट्रीय प्रतीक सभी भारतीयों के लिए गौरव का विषय है और इसका पूर्ण रूप में दिखना हर नागरिक को गौरव की अनुभूति कराता है। उन्होंने भारतीय कानून का हवाला देते हुए यह अनुरोध किया है कि राजकीय प्रतीक का प्रदर्शन पूर्ण, स्पष्ट और सम्मानजनक होना चाहिए।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने जय कृष्ण पटेल पर दर्ज मामले को एक राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बागीदौड़ा सीट पर BAP विधायक की जीत के बाद से ही उन्हें फंसाने और बदनाम करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सांसद रोत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी प्रकार की गलती या फर्जीवाड़ा साबित होता है, तो जांच में सभी तथ्य सामने आ जाएंगे और पार्टी उचित कार्रवाई करेगी। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल एफआईआर दर्ज होने से कोई व्यक्ति दोषी साबित नहीं हो जाता, क्योंकि किसी भी मामले में सच्चाई कानूनी जांच और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आती है। इस बयान के बाद, इस मामले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं, और सभी की निगाहें जांच के नतीजों पर टिकी हैं।
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    भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने जय कृष्ण पटेल पर दर्ज मामले को एक राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बागीदौड़ा सीट पर BAP विधायक की जीत के बाद से ही उन्हें फंसाने और बदनाम करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

सांसद रोत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी प्रकार की गलती या फर्जीवाड़ा साबित होता है, तो जांच में सभी तथ्य सामने आ जाएंगे और पार्टी उचित कार्रवाई करेगी। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल एफआईआर दर्ज होने से कोई व्यक्ति दोषी साबित नहीं हो जाता, क्योंकि किसी भी मामले में सच्चाई कानूनी जांच और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आती है। इस बयान के बाद, इस मामले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं, और सभी की निगाहें जांच के नतीजों पर टिकी हैं।
    user_Aadiwasi Manch news
    Aadiwasi Manch news
    Local News Reporter आनंदपुरी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधानसभा क्षेत्र बागीदौरा के मंडल आनंदपुरी में, विद्यानिकेतन विद्यालय में एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मंडल अध्यक्ष प्रकाश डामोर की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें अनुसूचित जनजाति प्रदेश महामंत्री राजेश कटारा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह समारोह भाजपा जनजाति मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष खेमराज गरासिया के आनंदपुरी में पदभार संभालने के बाद पहली बार पधारने पर उनके सम्मान में आयोजित किया गया था। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष खेमराज गरासिया का स्वागत पूर्व मंडल अध्यक्ष सुखलाल पारगी, जिला महामंत्री विनोद डामोर, पूर्व मंडल अध्यक्ष खातुदास पारगी, नाहरपुरा मंडल अध्यक्ष मनीष मसार, मुंदरी सरपंच सोहन गरासिया, ललित पटेल, डॉक्टर सोरडिया साहब, हितपात सिंह, राजदीप सिंह, हिम्मतलाल गरासिया, पूर्व सरपंच मनोहर, देवा महाराज और समस्त भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। इस अवसर पर पंचायत राज चुनाव एवं पंचायत शिविरों में सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। भाजपा जनजाति मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष खेमराज गरासिया का आनंदपुरी में यह भव्य स्वागत पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्साह को दर्शाता है।
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    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधानसभा क्षेत्र बागीदौरा के मंडल आनंदपुरी में, विद्यानिकेतन विद्यालय में एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मंडल अध्यक्ष प्रकाश डामोर की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें अनुसूचित जनजाति प्रदेश महामंत्री राजेश कटारा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह समारोह भाजपा जनजाति मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष खेमराज गरासिया के आनंदपुरी में पदभार संभालने के बाद पहली बार पधारने पर उनके सम्मान में आयोजित किया गया था।

नवनियुक्त जिला अध्यक्ष खेमराज गरासिया का स्वागत पूर्व मंडल अध्यक्ष सुखलाल पारगी, जिला महामंत्री विनोद डामोर, पूर्व मंडल अध्यक्ष खातुदास पारगी, नाहरपुरा मंडल अध्यक्ष मनीष मसार, मुंदरी सरपंच सोहन गरासिया, ललित पटेल, डॉक्टर सोरडिया साहब, हितपात सिंह, राजदीप सिंह, हिम्मतलाल गरासिया, पूर्व सरपंच मनोहर, देवा महाराज और समस्त भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया।

इस अवसर पर पंचायत राज चुनाव एवं पंचायत शिविरों में सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। भाजपा जनजाति मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष खेमराज गरासिया का आनंदपुरी में यह भव्य स्वागत पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्साह को दर्शाता है।
    user_स्वराज डोडियार संवाददाता दैनिक
    स्वराज डोडियार संवाददाता दैनिक
    Court reporter आनंदपुरी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • Post by Bherulal Damor
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    Post by Bherulal Damor
    user_Bherulal Damor
    Bherulal Damor
    सलूंबर, उदयपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • खेरवाड़ा तहसील के ग्राम पंचायत कातरवास कलां के राजस्व गांव काटवी में स्थानीय युवाओं ने जन-सहयोग के माध्यम से एक क्षतिग्रस्त तालाब की पाल का जीर्णोद्धार किया है। यह तालाब पिछले वर्ष हुई तेज बारिश के कारण टूट गया था, जिसके बाद प्रशासन और सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया था। ग्रामीणों ने बताया कि तालाब की पाल टूटने के बाद उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी थी, लेकिन किसी भी विभाग ने आकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। एक छोटी पक्की पाल बनाई भी गई थी, पर वह गलत जगह पर थी, जिससे न तो पानी रुकता और न ही मिट्टी। इस अनदेखी के बीच, ग्रामीणों और स्थानीय युवाओं ने 'हमारा तालाब, हमारी जिम्मेदारी' नामक एक मुहिम शुरू की। इसके तहत घर-घर जाकर चंदा इकट्ठा किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग दिया और युवाओं तथा स्थानीय लोगों ने श्रमदान सहित भरपूर सहयोग किया। इस मरम्मत कार्य से अब तालाब में बारिश का पानी व्यर्थ बहने से रुकेगा, जिससे क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा। साथ ही, यह तालाब पशु-पक्षियों के लिए पानी की समस्या को भी दूर करने में सहायक होगा। युवाओं की यह पहल सरकारी सहायता का इंतजार किए बिना आत्मनिर्भरता का मजबूत संदेश देती है। इस मुहिम में बाबू लाल डोडायार, कालू जाबला, लक्ष्मी लाल, संजय गरासिया, नाहर सिंह चौहान, ताजु गरासिया, गणेश गरासिया, गल्ला, राम लाल असारी, अजीत हगात, नाथु करोवा, मणिलाल मसार और कालू लाल गरासिया सहित कई ग्रामीण सक्रिय रूप से शामिल रहे।
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    खेरवाड़ा तहसील के ग्राम पंचायत कातरवास कलां के राजस्व गांव काटवी में स्थानीय युवाओं ने जन-सहयोग के माध्यम से एक क्षतिग्रस्त तालाब की पाल का जीर्णोद्धार किया है। यह तालाब पिछले वर्ष हुई तेज बारिश के कारण टूट गया था, जिसके बाद प्रशासन और सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया था।

ग्रामीणों ने बताया कि तालाब की पाल टूटने के बाद उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी थी, लेकिन किसी भी विभाग ने आकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। एक छोटी पक्की पाल बनाई भी गई थी, पर वह गलत जगह पर थी, जिससे न तो पानी रुकता और न ही मिट्टी। इस अनदेखी के बीच, ग्रामीणों और स्थानीय युवाओं ने 'हमारा तालाब, हमारी जिम्मेदारी' नामक एक मुहिम शुरू की। इसके तहत घर-घर जाकर चंदा इकट्ठा किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग दिया और युवाओं तथा स्थानीय लोगों ने श्रमदान सहित भरपूर सहयोग किया।

इस मरम्मत कार्य से अब तालाब में बारिश का पानी व्यर्थ बहने से रुकेगा, जिससे क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा। साथ ही, यह तालाब पशु-पक्षियों के लिए पानी की समस्या को भी दूर करने में सहायक होगा। युवाओं की यह पहल सरकारी सहायता का इंतजार किए बिना आत्मनिर्भरता का मजबूत संदेश देती है। इस मुहिम में बाबू लाल डोडायार, कालू जाबला, लक्ष्मी लाल, संजय गरासिया, नाहर सिंह चौहान, ताजु गरासिया, गणेश गरासिया, गल्ला, राम लाल असारी, अजीत हगात, नाथु करोवा, मणिलाल मसार और कालू लाल गरासिया सहित कई ग्रामीण सक्रिय रूप से शामिल रहे।
    user_Satveer singh Pahada
    Satveer singh Pahada
    नयागांव, उदयपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • सोमवार को गैंजी से रेंटा सड़क मार्ग पर स्थित एक नदी की नीची पुलिया (रपटे) पर बड़ा हादसा टल गया, जब यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर नदी में गिरने की कगार पर पहुंच गई। बस में सवार यात्रियों की चीख-पुकार के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सौभाग्य से चालक की सूझबूझ और अनिल जेन सहित स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से बस नदी में समाने से बच गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और ट्रैक्टर व क्रेन की सहायता से घंटों की मशक्कत कर बस को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बस कुछ फीट और आगे बढ़ जाती तो दर्जनों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। यह कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी इसी रपटे पर दो से तीन बार गंभीर हादसे होते-होते बचे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने हर बार प्रशासन को इस खतरे के बारे में चेताया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं, और आज तक किसी वरिष्ठ अधिकारी ने मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा नहीं लिया है। स्थानीय निवासी अनिल जेन ने बताया कि पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने और नए निर्माण की मांग को लेकर राजस्थान संपर्क पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव आगे भेज दिया गया है और बजट स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्वीकृति और बजट की प्रक्रिया पूरी होगी, तब तक किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहेगी। मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ते ही यह रपटा पूरी तरह पानी में डूब जाता है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है, और कई बार पानी के तेज बहाव के कारण मार्ग घंटों तक बंद रहता है। लगातार हो रही घटनाओं और प्रशासनिक उदासीनता से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि क्या विभाग किसी बड़े हादसे और जनहानि का इंतजार कर रहा है? ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से तत्काल प्रभाव से पुलिया निर्माण अथवा उसकी ऊंचाई बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बरसात के मौसम से पहले इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे, क्योंकि समय रहते पुलिया की ऊंचाई नहीं बढ़ाई गई या स्थायी पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा होना तय है।
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    सोमवार को गैंजी से रेंटा सड़क मार्ग पर स्थित एक नदी की नीची पुलिया (रपटे) पर बड़ा हादसा टल गया, जब यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर नदी में गिरने की कगार पर पहुंच गई। बस में सवार यात्रियों की चीख-पुकार के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सौभाग्य से चालक की सूझबूझ और अनिल जेन सहित स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से बस नदी में समाने से बच गई।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और ट्रैक्टर व क्रेन की सहायता से घंटों की मशक्कत कर बस को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बस कुछ फीट और आगे बढ़ जाती तो दर्जनों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। यह कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी इसी रपटे पर दो से तीन बार गंभीर हादसे होते-होते बचे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने हर बार प्रशासन को इस खतरे के बारे में चेताया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं, और आज तक किसी वरिष्ठ अधिकारी ने मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा नहीं लिया है। स्थानीय निवासी अनिल जेन ने बताया कि पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने और नए निर्माण की मांग को लेकर राजस्थान संपर्क पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव आगे भेज दिया गया है और बजट स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्वीकृति और बजट की प्रक्रिया पूरी होगी, तब तक किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहेगी। मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ते ही यह रपटा पूरी तरह पानी में डूब जाता है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है, और कई बार पानी के तेज बहाव के कारण मार्ग घंटों तक बंद रहता है। लगातार हो रही घटनाओं और प्रशासनिक उदासीनता से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि क्या विभाग किसी बड़े हादसे और जनहानि का इंतजार कर रहा है?

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से तत्काल प्रभाव से पुलिया निर्माण अथवा उसकी ऊंचाई बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बरसात के मौसम से पहले इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे, क्योंकि समय रहते पुलिया की ऊंचाई नहीं बढ़ाई गई या स्थायी पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा होना तय है।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • कुशलगढ़ में आदिवासियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उन्हें 'वनवासी' कहे जाने के विरोध में एक ज्ञापन सौंपा था। इस विरोध प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें भी साझा की गई हैं, जिसमें सांसद राजकुमार रोत के उस वक्त दिए गए बयान का भी जिक्र है।
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    कुशलगढ़ में आदिवासियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उन्हें 'वनवासी' कहे जाने के विरोध में एक ज्ञापन सौंपा था। इस विरोध प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें भी साझा की गई हैं, जिसमें सांसद राजकुमार रोत के उस वक्त दिए गए बयान का भी जिक्र है।
    user_Aadiwasi Manch news
    Aadiwasi Manch news
    Local News Reporter आनंदपुरी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • Kundan Bhai patelgfvv rfvvvvqrfghhehhjdhnnffghhhv. rgg limbodi Limbodia ko bahut samisa hai hhhjjghb gvvvvmfcc rdccfdqdg ghhhjnwfh eggbberggdx. efbbnbacb e rfvbn rfvbn have to go get 7ggh good 😊👍👍 have to do the time you got the time off 6
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    user_Kundan Dindor
    Kundan Dindor
    सुहागपुरा, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    18 hrs ago
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