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Bherulal Damor
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- Post by Bherulal Damor1
- डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बस्सी में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामवासी उपस्थित रहे। इस शिविर के दौरान, पूर्व MLA गोपीचंद मीणा ने सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला महामंत्री सुरमाल परमार ने सभी विभागों को सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुँचाने के लिए निर्देशित किया। देवसोमनाथ मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या ने भी सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। परिवहन विभाग ने विशेष रूप से 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए पास बनाने हेतु आवेदन स्वीकार किए। आसपुर विधायक उमेश मीणा ने शिविर में उपस्थित सभी विभागों को समय पर अपने कार्यों को पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए। कार्यक्रम में दोवड़ा तहसीलदार ईश्वरलाल पदवाल (जो शिविर प्रभारी भी थे), विकास अधिकारी मनोहर बिश्नोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी गिरीश कलाल, आसपुर विधायक उमेश मीणा, ग्राम पंचायत सरपंच उषा देवी, ग्राम विकास अधिकारी पंकज पाटीदार, JTA पंकज पंड्या, देव सोमनाथ मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या, भाजपा महामंत्री सुरमल परमार, भंवरलाल कटारा, लैंप्स अध्यक्ष केशव पंड्या, हरिदेव कटारा, पाल वसी सरपंच वासुदेव कटारा और तरुण पंड्या सहित समस्त मेट, मेंबर और ग्रामवासी उपस्थित रहे। शिविर में सार्वजनिक निर्माण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, ऊर्जा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, आयोजना विभाग, पशुपालन विभाग, श्रम विभाग, जल संसाधन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, वन विभाग, खाद्य विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग, सहकारिता विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, सैनिक कल्याण विभाग और आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग जैसे कुल 22 विभाग मौजूद थे।2
- डूंगरपुर के गैंजी में आज एक बार फिर बड़ा हादसा टल गया, जहाँ गैंजी से रेंटा सड़क मार्ग पर एक यात्रियों से भरी बस रपटे (पुलिया) की कम ऊंचाई के कारण उफनती नदी में गिरने से बाल-बाल बची। प्रशासन की घोर लापरवाही और बजट व कागजी स्वीकृतियों के फेर में निर्दोष ग्रामीणों व यात्रियों की जान दांव पर लग गई थी। बस इस नीची पुलिया को पार करते समय अनियंत्रित हो गई और सीधे नदी में गिरने की कगार पर पहुँच गई, लेकिन गनीमत रही कि बस समय रहते रुक गई। स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुँचकर ट्रैक्टर-क्रेन की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद बस को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बड़ी जनहानि होने से बच गई। यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी इसी रपटे पर दो से तीन बार बड़े हादसे होते-होते बचे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने पूर्व में भी इस समस्या को लेकर समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित करवाई थीं, लेकिन प्रशासन "कुंभकर्णी नींद" में सोया रहा और आज तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर आकर निरीक्षण करने या पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने को लेकर कोई गंभीर कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर भी बार-बार गुहार लगाई है। हालांकि, विभाग का कहना है कि उन्होंने फाइल आगे बढ़ा दी है, लेकिन जब तक उच्च स्तर से बजट पास और स्वीकृति नहीं मिलती, वे काम शुरू नहीं कर सकते। बार-बार शिकायत करने और लगातार हो रहे हादसों के बाद भी स्थानीय प्रशासन की इस निष्क्रियता से गैंजी और आसपास के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का तीखा सवाल है कि क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई बहुत बड़ा हादसा हो जाएगा और किसी मासूम की जान चली जाएगी? उनका कहना है कि बारिश का मौसम सिर पर है और नदी का जलस्तर बढ़ते ही इस रपटे पर आवागमन पूरी तरह बाधित और जानलेवा हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र ही पुलिया का निर्माण कर हादसों को रोकने तथा पुल को ऊंचा व चौड़ा करने की मांग की है, ताकि उफनते पानी से आवागमन बाधित न हो। उन्होंने पुल निर्माण की स्वीकृति और बजट पास करने की भी मांग की है।4
- उदयपुर जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने मंगलवार शाम वल्लभनगर क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत गोटिपा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया। कलक्टर अग्रवाल ने शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों की स्टाॅल्स पर पहुँचकर उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली और आमजन से प्राप्त होने वाली परिवेदनाओं के निस्तारण की पूरी प्रक्रिया को समझा। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सेवा शिविरों का उद्देश्य राज्य सरकार की मंशा के अनुसार आमजन के राजस्व सहित विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों का हाथों हाथ समाधान कर उन्हें राहत पहुँचाना है। जिला कलक्टर ने इस दौरान आमजन से सीधा संवाद भी किया और उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।1
- राजस्थान में बीते दिनों कई महत्वपूर्ण घटनाएँ सामने आईं। उदयपुर में फतहसागर झील किनारे टूरिस्टों पर नकली सांप फेंककर प्रैंक वीडियो बनाने के आरोप में एक सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर सहित चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं गोगुंदा क्षेत्र के मजाम गांव में पानी भरने गई 46 वर्षीय एक महिला की 200 फीट गहरे कुएं में गिरने से मौत हो गई। इसके अलावा, बाघपुरा थाना पुलिस ने सरपंच पर जानलेवा हमले के मामले में कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से तलवार व लाठियां बरामद की हैं। सलूंबर में नगर परिषद के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक ठेला संचालक ने अपने केबिन का ताला तोड़कर पांच हजार रुपए गायब होने का आरोप लगाया है। डूंगरपुर के फावटा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में विधायक शंकरलाल डेचा ने ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं और अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। राजनीतिक खबरों में, कोटा में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने राहुल गांधी के दौरे को 'राजनीतिक ड्रामा' करार दिया और नीट मामले में सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का बचाव किया। अजमेर के मदार गेट चौराहे पर एक महिला होमगार्ड और एक महिला सफाईकर्मी के बीच सरेराह मारपीट का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसी बीच, राजस्थान-गुजरात सीमा पर DST ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात ले जाई जा रही अंग्रेजी शराब की 58 पेटियां जब्त की हैं, हालांकि इस दौरान तस्कर फरार हो गया। सबसे दुखद घटना बालोतरा जिले से सामने आई, जहाँ एक रोडवेज बस और एक कार की भीषण टक्कर में चार सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- खेरवाड़ा तहसील के ग्राम पंचायत कातरवास कलां के राजस्व गांव काटवी में स्थानीय युवाओं ने जन-सहयोग के माध्यम से एक क्षतिग्रस्त तालाब की पाल का जीर्णोद्धार किया है। यह तालाब पिछले वर्ष हुई तेज बारिश के कारण टूट गया था, जिसके बाद प्रशासन और सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया था। ग्रामीणों ने बताया कि तालाब की पाल टूटने के बाद उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी थी, लेकिन किसी भी विभाग ने आकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। एक छोटी पक्की पाल बनाई भी गई थी, पर वह गलत जगह पर थी, जिससे न तो पानी रुकता और न ही मिट्टी। इस अनदेखी के बीच, ग्रामीणों और स्थानीय युवाओं ने 'हमारा तालाब, हमारी जिम्मेदारी' नामक एक मुहिम शुरू की। इसके तहत घर-घर जाकर चंदा इकट्ठा किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग दिया और युवाओं तथा स्थानीय लोगों ने श्रमदान सहित भरपूर सहयोग किया। इस मरम्मत कार्य से अब तालाब में बारिश का पानी व्यर्थ बहने से रुकेगा, जिससे क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा। साथ ही, यह तालाब पशु-पक्षियों के लिए पानी की समस्या को भी दूर करने में सहायक होगा। युवाओं की यह पहल सरकारी सहायता का इंतजार किए बिना आत्मनिर्भरता का मजबूत संदेश देती है। इस मुहिम में बाबू लाल डोडायार, कालू जाबला, लक्ष्मी लाल, संजय गरासिया, नाहर सिंह चौहान, ताजु गरासिया, गणेश गरासिया, गल्ला, राम लाल असारी, अजीत हगात, नाथु करोवा, मणिलाल मसार और कालू लाल गरासिया सहित कई ग्रामीण सक्रिय रूप से शामिल रहे।2
- डूंगला में अरावली पर्वतमाला की ऐलागढ़ पहाड़ी पर स्थित प्राचीन ऐलवा माताजी मंदिर में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर, लोक न्यास ट्रस्ट एवं ऐलवा माता विकास समिति द्वारा मंदिर का भंडार विधिवत खोला गया। समिति के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में हुई गणना में भंडार से 1 लाख 52 हजार 360 रुपये की नकद राशि और श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए आभूषण प्राप्त हुए। यह मंदिर क्षेत्र के प्राचीनतम और प्रसिद्ध शक्ति पीठों में से एक है, जहाँ वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं। ग्रामीणों और भक्तों का अटूट विश्वास है कि माता के दरबार में सच्ची श्रद्धा से मांगी गई मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। इसी आस्था के चलते, मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालु माता को नकद, आभूषण और अन्य चढ़ावा अर्पित करने के साथ-साथ मंदिर परिसर में भोजन प्रसादी (भंडारे) का आयोजन भी करवाते हैं, जो यहाँ की वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, भंडार में प्राप्त हुई राशि का उपयोग मंदिर के विकास, धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा। प्राप्त आभूषणों को भी नियमानुसार सुरक्षित रखते हुए अभिलेखों में दर्ज कर लिया गया है। सोमवती अमावस्या पर मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष नारायण लाल व्यास, ओंकार लाल व्यास, पूरणमल अहीर, दुर्गाशंकर शर्मा सहित ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धालुओं के सहयोग और विश्वास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जनसहयोग से मंदिर की धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।2
- डूँगरपुर की बाल कवयित्री किम भारतीय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर विशेष विमान 'एअर इंडिया वन' के प्रवेश द्वार पर बने अशोक स्तंभ को उसकी पूर्ण आकृति में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का अनुरोध किया है। किम, जो तेरह वर्ष की हैं और कक्षा आठवीं की छात्रा हैं, ने भारतीय डाक और ईमेल के माध्यम से यह पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा है। किम ने बताया कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के समाचार देखते समय उनका ध्यान अक्सर विशेष विमान के खुले दरवाजे पर बने राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ पर जाता है, जो उन्हें विकृत और अस्पष्ट नजर आता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री के विमान में प्रवेश करते और बाहर निकलते समय, उनकी तस्वीरों के साथ राष्ट्रीय प्रतीक की तस्वीरें समाचार पत्रों, टेलीविजन और सोशल मीडिया पर देश-दुनिया में प्रचारित होती हैं। किम ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि राष्ट्रीय प्रतीक सभी भारतीयों के लिए गौरव का विषय है और इसका पूर्ण रूप में दिखना हर नागरिक को गौरव की अनुभूति कराता है। उन्होंने भारतीय कानून का हवाला देते हुए यह अनुरोध किया है कि राजकीय प्रतीक का प्रदर्शन पूर्ण, स्पष्ट और सम्मानजनक होना चाहिए।2